ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

31-Jan-2026
रायपुर, । ( शोर संदेश ) .मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण, संवर्धन एवं उसकी पारंपरिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई की परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक बस्तर की धरती से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया गया है, जो अब साकार होने की दिशा में है। 
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवाद के उन्मूलन के साथ-साथ उसकी विचारधारा को समाप्त करना भी आवश्यक है, जिसके लिए सतत संपर्क और सतत विकास की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को समान रूप से आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में पर्यटन एवं लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि धुड़मारास जैसे ग्रामों ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाई है। क्षेत्र में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त कमरे निर्माण हेतु सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं नजूल पट्टा प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है तथा गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण से प्रदेश में वनों का रकबा बढ़ा है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार, वरिष्ठ नागरिक बृजमोहन देवांगन सहित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न, 1536 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

30-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश )  दाऊ वासुदेव चन्द्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय दुर्ग का चतुर्थ दीक्षांत समारोह आज विश्वविद्यालय परिसर में राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह में 1536 छात्रों को पशुचिकित्सा एवं पशुपालन, दुग्ध प्रौद्योगिकी एवं मात्स्यिकी संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर तथा पीएचडी उपाधि प्रदान की गई। 45 उपाधि धारकों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक तथा पशुचिकित्सा एवं पशुपालन में 08 स्नातक उपाधि धारकों को पंडित तीरथ प्रसाद मिश्रा मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। 
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल डेका ने अपने करकमलों से विद्यार्थियों को उपाधि पत्रक एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया। समारोह में प्रदेश के पशुधन विकास, मछली पालन, कृषि विकास एवं किसान कल्याण एवं जैव प्रौद्योगिकी तथा आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। छ.ग. राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा भी मौजूद थे। 
समारोह को सम्बोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल पढ़ाई पूरी होने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जीवन की एक नई जिम्मेदारियों भरी यात्रा की शुरुआत है। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा किसी एक दिन समाप्त नहीं होती और सीखने की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं और छोटे किसानों की आय का प्रमुख साधन है। राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन और मत्स्य पालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज पशुधन क्षेत्र को केवल संख्या बढ़ाने के बजाय आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों से मजबूत करने की आवश्यकता है। 
राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय द्वारा संक्रामक रोगों की रोकथाम और नस्ल सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने डेयरी प्रौद्योगिकी के छात्रों को मिलावट की समस्या के प्रति सचेत करते हुए गुणवत्ता पर ध्यान देने कहा, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद बन सकें। राज्यपाल ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उन्होंने कांकेर जिले की सफलता से प्रेरणा लेने और आधुनिक तरीकों को अपनाने की बातें कही।
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी ढूंढने वाले न बनें, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा और डेयरी जैसे विषय केवल पढ़ाई नहीं बल्कि मानवता की सेवा के माध्यम हैं। राज्यपाल ने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की सराहना करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़े स्टार्टअप को प्रोत्साहन, अनुदान और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। 
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.आर.बी. सिंह ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.पी. राठिया ने समारोह का संचालन किया। 
इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी.के. दत्ता, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि आर सक्सेना सहित विश्वविद्यालय के उपाधिधारित विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन के लिए दी अग्रिम शुभकामनाएँ

30-Jan-2026
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को  मंत्रालय महानदी भवन में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने जिले के ऐतिहासिक महत्व के स्थल सिरपुर में 1 से 3 फरवरी के मध्य आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव में सम्मिलित होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत को संरक्षित करने और उसे जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष भव्य एवं गरिमामय स्वरूप में आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि उसे राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने सिरपुर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है तथा स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होते हैं। उन्होंने सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को अग्रिम शुभकामनाएँ दी।
इस अवसर पर महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी धम्मशील गणवीर तथा धर्मेंद्र महोबिया भी उपस्थित थे।
  
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय महाअधिवेशन का शुभारंभ

29-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के दो दिवसीय राज्य स्तरीय महाअधिवेशन का शुभारंभ आज नवागांव, अभनपुर में भव्य रूप से हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर कुम्भकार समाज की परंपरागत कला, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। साय ने समाज के विकास हेतु सर्व सुविधायुक्त भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय को प्रतीक चिन्ह के रूप में कुम्हार समाज की कला एवं संस्कृति को दर्शाता हुआ चाक गढ़ता कुम्हार भेंट किया गया, जो कुम्भकारी कला की पहचान और श्रम-साधना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के महाअधिवेशन, युवक-युवती परिचय सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। 
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन की शुरुआत महाराष्ट्र के दिवंगत उप राष्ट्रपति स्वर्गीय अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की और ईश्वर से उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने परिचय सम्मेलन में शामिल युवक-युवतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मेलन समाज के बेटा-बेटियों को योग्य जीवन-साथी चुनने का सशक्त मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने समाजजनों से अपील की कि वे अपने समाज के प्रत्येक बेटा-बेटी को शिक्षा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक सफल, संस्कारित और जिम्मेदार मानव जीवन जीने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है और इन 25 वर्षों में प्रदेश ने सड़क, बिजली, पानी, खाद्यान्न, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव को डामर सड़कों से जोड़ा गया है। प्रदेश में महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि हुई है तथा मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों की उपलब्धता भी अब व्यापक स्तर पर हो गई है, जिससे युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा कर दिया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ तेज़ी से किया जा रहा है और किसानों को बोनस राशि चार किश्तों में नहीं, बल्कि एकमुश्त उनके खातों में अंतरित की जा रही है। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते दो वर्षों में सुरक्षाबलों ने साहस और दृढ़ता के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है और 31 मार्च 2026 तक देश से इसके पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब विकास की नई यात्रा शुरू हो चुकी है और सुरक्षा कैंपों की स्थापना से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना है।
मुख्यमंत्री साय ने नई उद्योग नीति की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और नया रायपुर में कई उद्योगों की शुरुआत भी हो चुकी है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
 महाअधिवेशन के अंतर्गत आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में समाज के लगभग 300 युवक-युवतियों का पंजीयन किया गया। इसके साथ ही समाज की आंतरिक गतिविधियों से संबंधित बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिनमें सामाजिक संगठन, शिक्षा, रोजगार, कला संरक्षण और भविष्य की योजनाओं पर विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय को समाज के युवा, कुमारी अंकिता प्रजापति एवं  दुर्गेश चक्रधारी ने, उनकी पेंटिंग भेंट की।कार्यक्रम में विधायक इंद्रकुमार साहू, छत्तीसगढ़ कुम्भकार समाज के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चक्रधारी, उपाध्यक्ष आत्माराम प्रजापति, महामंत्री हेमलाल कौशिक,सूरज कुम्भकार सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

विमान हादसे में मृतकों पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जताया गहरा शोक

28-Jan-2026
रायपुर ( शोर संदेश )। 28 जनवरी 2026/ सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार निधन पर शोक जताया है। 
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार जी के निधन का समाचार अत्यंत ही दुखद, पीड़ादायक एवं स्तब्ध करने वाला है। उनका असमय जाना न केवल महाराष्ट्र की राजनीति बल्कि पूरे देश के सार्वजनिक जीवन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अजित पवार जी एक अनुभवी, कर्मठ एवं जनसेवा के प्रति समर्पित जननेता थे। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व सरल, स्पष्ट एवं निर्णयक्षम था, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा।
उन्होंने इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवारजनों, समर्थकों एवं सहयोगियों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।





 

जशपुर के बच्चों को मिला स्मार्ट शिक्षा का तोहफा, मुख्यमंत्री साय ने किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ

26-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश )  जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  
अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल

22-Jan-2026
रायपुर( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के श्रीराम बिजनेस पार्क में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में निरंतर विकास के लिए प्रयासरत है। राज्य में आम नागरिकों की परचेसिंग पावर बढ़ी है, जिसके चलते बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान यामाहा एक्सएसआर-155, टाटा सिएरा तथा महिंद्रा 7 एक्सओ वाहनों की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही उन्होंने “मनी मैटर्स” पुस्तक का भी विमोचन किया।
राडा ऑटो एक्सपो-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य के किसानों को धान का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में किए गए सुधारों से कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर लोगों से चर्चा के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जीएसटी दरों में कमी से बाइक की कीमत में लगभग 15 से 25 हजार रुपए तक का लाभ हो रहा है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि हार्वेस्टर की कीमत में करीब 2 लाख रुपए तक की कमी आई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। पिछले एक वर्ष में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्हें ऑटो एक्सपो में आने का अवसर मिला था, उस समय भी सरकार द्वारा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका व्यापक लाभ मिला। उस दौरान 25 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लगभग 29 हजार वाहनों का विक्रय हुआ। इससे सरकार को करीब 800 करोड़ रुपए का जीएसटी तथा परिवहन विभाग को 129 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। आम नागरिकों को भी ऑटो एक्सपो का प्रत्यक्ष लाभ मिला।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन और अधिक वृहद स्तर पर किया गया है। एक्सपो का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है तथा इसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। पूरे प्रदेश से उद्यमी और विभिन्न कंपनियां इसमें सहभागिता कर रही हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले ही दिन लगभग 2000 वाहनों का पंजीयन हो चुका है और उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष 50 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य भी अवश्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रतिवर्ष इसी तरह किया जाना चाहिए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राडा ऑटो एक्सपो का यह नौवां संस्करण केवल वाहनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन और ऑटो सेक्टर की प्रगति का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रोड टैक्स में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट से ग्राहकों के साथ-साथ प्रदेश के छोटे और मध्यम व्यवसायियों को भी लाभ मिल रहा है। राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे कनेक्टिविटी बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ में ऑटो सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिपरिषद द्वारा राजधानी रायपुर में 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के पश्चात पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। इस निर्णय का लाभ पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को मिलेगा, इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा शपथ पर हस्ताक्षर किए और आमजन से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने आगामी महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली नारी मैराथन के पोस्टर का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर परिवहन सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, कैट के वाइस चेयरमैन अमर परवानी, राजकुमार सिंघानिया, रविन्द्र भसीन, विवेक गर्ग सहित बड़ी संख्या में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यगण उपस्थित थे।

नवा रायपुर में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना को मंत्रिपरिषद की मंजूरी

22-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ( Centres of Entrepreneurship )  की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एमओयू के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
मंत्रिपरिषद का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को आईटी-आईटीईएस, स्टार्ट-अप, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश में आईटी-आईटीईएस उद्योग एवं तकनीकी स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। वर्तमान में  एसटीपीआई के देशभर में 68 परिचालित केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में स्थित हैं। 
एसटीपीआई द्वारा पूरे भारत में 24 डोमेन-विशिष्ट उद्यमिता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो स्टार्ट-अप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाजार से जुड़ने में सहयोग प्रदान करते हैं।
नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित यह नगर थीम-आधारित सेक्टरों, अत्याधुनिक अधोसंरचना एवं शासकीय-शैक्षणिक संस्थानों से युक्त है।
यहाँ महानदी भवन, इंद्रावती भवन, विधानसभा, आईआईआईटी, हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा आगामी भारत का प्रथम निजी एआई आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थित है। ऐसे में  एसटीपीआई के सहयोग से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना नवा रायपुर को एक राष्ट्रीय तकनीकी हब के रूप में विकसित करेगी।
मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के पश्चात  एसटीपीआई राज्य शासन एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से नवा रायपुर अटल नगर में कुल चार नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित सेंटर, स्मार्ट सिटी सेंटर, स्मार्ट एग्री सेंटर की स्थापना करेगा। ये चारों आगामी 3 से 5 वर्षों में लगभग 135 डोमेन-विशिष्ट स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं नवाचारियों को बड़ा मंच मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र राज्य में हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से एसटीपीआई  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को सहयोग देगा। 
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। 04 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप  की स्थापना एवं संचालन हेतु कुल 105.30 करोड़ रूपए, जिसमें से 51.50 करोड़ रूपए राज्य बजट से, शेष राशि एसटीपीआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त की जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु कुल 78 करोड़, जिसमें से 35 करोड़ राज्य बजट से वहन किए जाएंगे। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-21 में 2 एकड़ भूमि अथवा 50 से 60 हजार वर्गफुट निर्मित स्थान एसटीपीआई को निःशुल्क लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा।
नए आईटी-आईटीईएस टॉवर के निर्माण तक टॉवर-सी, सीबीडी, सेक्टर-21 में 25,000 वर्गफुट स्थान अस्थायी रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। एसटीपीआई द्वारा एमओयू की तिथि से 12 माह के भीतर सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में आईटी निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्टार्ट-अप एवं नवाचार का मंच मिलेगा। छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। हमारी यह पहल राज्य को डिजिटल, नवाचार एवं उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
 

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की अमर गाथा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

22-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, शिक्षा, आईटी और स्वास्थ्य से जुड़े अहम फैसले

21-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश )  21 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। 
2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। 
एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।  
3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। 
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।  
4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। 


 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account