00 बी.1.617 हो सकता है भारत में तेजी से मामले बढ़ा रहे कोरोना वायरस का नया स्वरूप
कोरोना की दूसरी लहर देश में मौत व तेजी से फैले संक्रमण के भयावह आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। वैज्ञानिकों को आशंका है कि इसकी वजह वायरस का नया स्वरूप बी.1.617 हो सकता है, जिसमें दोहरा म्यूटेशन है। हालांकि पुष्टि के लिए अभी विस्तृत अध्ययन का इंतजार है, लेकिन इस वायरस के नए मामलों के पीछे होने का एक बड़ा संकेत महाराष्ट्र से जुटाए गए वायरस के जीनोम सीक्वेंस से मिला है। पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने इस वर्ष 361 सैंपलों के वायरस की जीनोम सीक्वेंसिंग की। बीते हफ्ते खुलासा हुआ कि इनमें से 220 सैंपलों में वायरस का यही बी.1.617 स्वरूप है। इसके अलावा दिल्ली, पश्चिम बंगाल, गुजरात, कर्नाटक और मध्यप्रदेश सहित 10 राज्यों से जुटाए सैंपल में इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
00 दोहरा म्यूटेशन
म्यूटेशन यानी वायरस में समय के साथ प्राकृतिक रुप से आया बदलाव। यह बदलाव उसे विभिन्न परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद करते हैं। यही वजह है कि इन बदलावों से वायरस ऐसा नया स्वरूप लेता है, जो कई बार पहले से ज्यादा खतरनाक होता है। दोहरे म्यूटेशन वाले वायरस में दो अलग अलग म्यूटेशन वाले वायरस में आए बदलाव एक साथ शामिल होते हैं। बी.1.617 में यही हुआ है।
00 अनुमान: 60 प्रतिशत इसे से प्रभावित
शुरुआती जीनोम सीक्वेंस डाटा और चिकित्सकों के अनुभव इशारा कर रहें हैं कि वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैल सकता है और फैल भी रहा है। यह एक संक्रमित सदस्य से पूरे परिवार को तेजी से चपेट में ले रहा है। लक्षण भी देरी से नजर आ रहे हैं। कई बार रोग बेहद गंभीर होने के बाद पता चल रहा है। यह सार दावे वैज्ञानिक शोध में प्रमाणित नहीं हुए हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह करीब 60 प्रतिशत मरीजों में मिल सकता है। एनआईवी के 360 सैंपलों में से भी यह प्रतिशत मे मिला था। वायरस की पहली लहर से बच्चे दुर्लभ मामलों में ही संक्रमित हो रहे थे। लेकिन दोहरे म्यूटेशन वाले इस वायरस की वजह से हर पांचवां संक्रमित इसी आयुवर्ग का है। खतरनाक बात यह है कि अधिकतर बच्चों में आरटी-पीसीआर टेस्ट भी संक्रमण की पुष्टि नहीं कर पा रहा। हरियाणा में पिछली बार 100 में से एक संक्रमित बच्चा था, आज आठ हैं। दिल्ली में आठ महीने से 12 साल के कई बच्चे अस्पताल में भर्ती हुए हैं। कर्नाटक में करीब 30 हजार बच्चों के संक्रमित होने का अनुमान है। गुजरात के सूरत में 10 साल के छोटे 280 बच्चे संक्रमित, 14 दिन के नवजात की मौत भी हो चुकी है।
00 भारत में पहली बार कोरोना वायरस में मिले दो म्यूटेशन...
कोरोन वायरस का बी.1.617 स्वरूप दो म्यूटेशन रखता है, ई484क्यू और एल452आर। दोनों म्युटेशन वायरस के उसी जानेमाने स्पाइक प्रोटीन में हुए हैं, जिनसे यह वायरस हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं को पकड़ता और पनपता है।
00 इंग्लैंड, द.अफ्रीका और अमेरिका से संबंधित
म्यूटेशन ई484क्यू: यह पहले यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण अफ्रीका में तबाही मचा चुके वायरस में मिले ई484क्यू नामक म्यूटेशन का करीबी है।
एल452आर: अमेरिका के कैलिफोर्निया वाले वायरस में मिला था। यह कोशिका से जुड़ने की क्षमता बढ़ाता है । यह वजह है कि यह तेजी से फैल रहा है।