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एनआईए बड़ी सफलता, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से 2 आतंकवादी गिरफ्तार*

22-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) राष्ट्रीय जांच एजेंसी को बड़ी सफलता मिली है। केरल के तिरुवनंतपुरम अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एजेंसी ने दो अतंकवादियों के गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक ये आतंकी सऊदी अरब से भारत आए थे इनमें से एक की पहचान गुल नवाज (उत्तर प्रदेश) और दूसरे की शुहैल (केरल) के रूप में हुई है।

लश्कर--तैयबा और इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े हैं आतंकी
इनमें से एक आतंकवादी लश्कर--तैयबा जबकि दूसरा इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ हैं। सऊदी अरब के रियाध से ये तिरुवनंतपुरम अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लौटे जिसके बाद खुफिया एजेंसी रॉ सहित अन्य जांच एजेंसियों ने इनसे करीब तीन घंटे पूछताछ की जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, इन दोनों आतंकवादियों को बेंगलुरु में हुए विस्फोट के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया जा चुका था।
00अलकायदा को लेकर नए मामलों में छापेमारी.
भारत-चीन सीमा विवाद के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी इन दिनों पाकिस्तान की गतिविधियों को लेकर अलर्ट मोड पर है।इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने केरल के एर्नाकुलम और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में अलकायदा के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था,यहां एजेंसी ने अलकायदा मॉड्यूल को लेकर इन इलाकों में एक बड़ी छापेमारी के दौरान 9 आतंकियों को हिरासत में लिया गया था।
दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में हमले की थी तैयारी
एनआईए से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी संगठन अल कायदा के आतंकियों द्वारा इन व्यक्तियों को सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी बनाया गया था साथ ही दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में हमले करने के लिए तैयार किया गया था। फिलहाल, एनआईए के मुताबिक इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।
00बड़ी मात्रा में हथियार बरामद.

एनआईए से मिली जानकारी के मुताबिक, ये ग्रुप धन उगाहने के काम लगा हुआ था, इसके अलावा के कई बड़े शहरों में हमले के उद्देश्य से इन आतंकियों के कुछ सदस्य हथियारों की खरीद फरोख्त के लिए दिल्ली जाने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान इनके पास से बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण दस्तावेज, जिहादी साहित्य और अन्य हथियार बरामद किए गए हैं। 


कृषि बिल के बाद अब इन विधेयकों पर सदन में हंगामें के आसार, विपक्ष ने रखी ये मांग*

22-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) संसद के मॉनसून सत्र में मोदी सरकार अहम बिल और अध्यादेश पास कराने में जुटी हुई है तो वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। ऐसे में अब विपक्ष श्रम सुधार कानूनों का विरोध करने की पूरी तैयारी में है। इनमें से एक औद्योगिक संबंध संहिता में एक प्रावधान जो 300 कर्मचारियों के साथ कंपनियों को संबंधित राज्य सरकार की सहमती के बिना लोगों की छंटनी करने की इजाजत देता है। अब तक ये इजाजत 100 लोगों को रोजगार देने वाली कंपनियों के लिए ही थी।

00विपक्ष ने की ये मांग.
इससे पहले केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और व्यावसायिक स्वास्थ्य सुरक्षा पर तीन कोड पेश किये थे। इसके अलावा चौथा कोड मजदूरी को लेकर है जो पहले ही पास किया जा चुका है। ऐसे में अब ये बिल पुराने श्रम कानूनों को कोड में बदल देगा। वहीं दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि एक नया बिल लाया जाए को मूल संस्करणओँ के स्थान पर हो और पैनल द्वारा नए सिरे से उसकी समीक्षा की जाए।
00कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कही ये बात.
दरअसल, विपक्ष लगातार श्रम सुधारों के मुद्दे पर भारी विरोध दर्जा करा चुका है। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी का कहना है कि नए कोड एक महीने के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखे जाएं ताकी उनपर समीक्षा की जा सके। उनका मानना है कि इनमें काफी बदलाव देखे गए हैं। इसके अलावा शशि थरूर ने मांग की है कि सरकार स्थायी समिति की सिफारिशों को पूरी तरह से स्वीकार कर ले। उन्होंने मंत्री से सवाल किया, `इसे अदालत में संवैधानिक चुनौती का सामना करना होगा। क्या आप फिर से न्यायिक जांच चाहते हैं?`

इसके अलावा केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने विधेयक को पेश करते हुए कहा, `सरकार ने कोडों के मसौदा चरण के दौरान नौ त्रिपक्षीय परामर्श और 10 अंतर-मंत्रालयी परामर्श आयोजित किए हैं। 


कोरोना संकट में अब यूपी-बिहार के लिए चलेंगी 166 बसें*

22-Sep-2020

नईदिल्ली(शोर सन्देश)।बिहार से उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है उत्तर प्रदेश रोडवेज और बिहार परिवहन मिलकर दोनों राज्यों के बीच बसे चलाने जा रहा है।

बिहार से 97 बसों का तो उत्तर प्रदेश से 69 बसों का संचालन होगा यह बसें उत्तर प्रदेश के 25 शहरों से बिहार के विभिन्न जनपदों के भी चलेगी सितंबर 2019 में हुए समझौते के मुताबिक मार्च 2020 में बिहार परिवहन निगम को पत्र भेजकर बस संचालन की तारीख तय करनी थी, लेकिन कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से बात नहीं हो सकी जिसे देखते हुए दोनों राज्यों के बीच बैठक की तारीख तय होनी है इसके लिए एक पत्र बिहार परिवहन को भेजा गया है. जल्द ही दोनों राज्यों के साथ बैठक करके अंतिम निर्णय लिया जाएगा बैठक में इस बात को लेकर फैसला लिया जाएगा कि दोनों राज्यों के बीच बस का किराया क्या होगा सीटों की संख्या के आधार पर परमिट दी जाएगी बस अड्डे पर पार्किंग शुल्क कितना वसूल किया जाएगा?लखनऊ परिवहन निगम मुख्यालय के मुख्य प्रबंधक ने बताया कि दिवाली के आसपास बसों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। 


अयोध्या में बड़ा हादसा ट्रक ने ऑटो को मारी टक्कर, चार की मौत, नौ घायल*

20-Sep-2020

अयोध्या(शोर सन्देश) अयोध्या जिले में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। जबकि नौ लोग घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहींइस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जल्द से जल्द घायल लोगों का इलाज कराया जाए, साथ ही घटना की रिपोर्ट दें।

घटना एनएच 28 हाइवे पर थाना रौनाही के सोहावल चौराहे के पास हुई। जुबेरगंज के पास रविवार की सुबह करीब पांच बजे टैंपो और ट्रक की टक्कर हुई में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि नौ लोग घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से दो लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 
बताया जा रहा है कि ऑटो गलत दिशा में था। हादसे का शिकार हुए लोग ऑटो से सरयू के ढेमवा घाट पर मछली पकड़ने जा रहे थे। मृतक घायल थाना पूराकलंदर के भदरसा के रहने वाले हैं। 

जानकारी मिली है कि ऑटो में कुल 13 लोग सवार थे। सुबह-सुबह ऑटो चालक रास्ता भटक गया था, जिसकी वजह से सभी ऑटो समेत गलत दिशा में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो और सामने से रहे तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर हो गई। 


ट्राई ने जारी किये दिशा-निर्देश दूरसंचार कंपनिया टैरिफ प्लान, शर्तों में पारदर्शिता की कमी को करे दूर*

20-Sep-2020

नईदिल्ली (शोर सन्देश) भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों के लिए टैरिफ प्लान के विज्ञापन और प्रकाशन से जुड़े नए दिशा-निर्देश शुक्रवार को जारी किए इसका मकसद उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल प्लानों को लेकर पारदर्शिता लाना और उन्हें सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करना है।

ट्राई ने अपने दिशा-निर्देशों में कहा, ``यह देखा गया है कि दूरसंचार कंपनियों की मौजूदा प्रक्रियाएं उतनी पारदर्शी नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए कुछ कंपनियां प्राय: अतिरिक्त नियम और शर्तों का प्रकाशन नहीं करती हैं. साथ ही कई बार विभिन्न प्लान के लिए एक ही वेब पेज पर सारे नियम शर्तें लिख देती हैं. ऐसे में यह जानकारी समझने में या तो ग्राहक सक्षम नहीं होते या जानकारियां कहीं खो जाती हैं``
15 दिन में देनी होगी प्लान की जानकारी
इस पूरी प्रक्रिया की नियामकीय अनिवार्यताओं में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए ट्राई ने कहा कि कंपनियों को 15 दिन के भीतर अपने सेवा क्षेत्र में पोस्टपेड और प्रीपेड के हर टैरिफ प्लान की पूरी जानकारी, किसी ऑफर की संपूर्ण जानकारी ग्राहकों, ग्राहक देखभाल केंद्रों, बिक्री केंद्रों, खुदरा केंद्रों, वेबसाइटों और एप पर देनी होगी
इसके तहत कंपनियों को प्लान के तहत कितने मिनट की कॉल, कितने एसएमएस, डेटा और उनके शुल्क, सीमा के बाद लगने वाले शुल्क और सीमा के बाद डेटा की स्पीड एवं शुल्क की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी

इसके अलावा कंपनियों को पोस्टपेड ग्राहकों को उनके कनेक्शन शुल्क, जमा, अतिरिक्त किराये इत्यादि की जानकारी भी देनी होगी. विशेष टैरिफ वाउचर्स, कॉम्बो प्लान या एड-ऑन प्लान की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से देनी होगी 


कृषि विधयकों से किसानों के जीवन में आएगा क्रांतिकारी बदलाव : नरेंद्र सिंह तोमर*

20-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) संसद के मॉनूसन सत्र का आज सातवां दिन। सरकार ने कृषि संबंधित विधयकों को राज्यसभा में पेश किया। कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक, 2020 और कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक,2020 राज्यसभा में पेश हो गया है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ये बिल किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले हैं। किसानों को अपनी फसल किसी भी स्थान से किसी भी स्थान पर मनचाही कीमत पर बेचने की स्वतंत्रता होगी। उन्होंने कहा कि बिलों के बारे में कई तरह की धारणाएं बनाई गई हैं। यह बिल एमएसपी से संबंधित नहीं है। प्रधानमंत्री ने भी ने कहा है कि एमएसपी जारी है और आगे भी जारी रहेगी। इन विधयको के माध्यम से किसानों के जीवन में बदलाव आएगा।
कांग्रेस के सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस बिल का विरोध करती है। पंजाब और हरियाणा के किसानों का मानना ​​है कि ये बिल उनकी आत्मा पर हमला है। इन विधेयकों पर सहमति किसानों के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर करने जैसा है। किसान एपीएमसी और एमएसपी में बदलाव के खिलाफ हैं।

बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा के सांसद भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले ये बताए कि पिछले 60 साल में किसानों की आय नीचे की ओर क्यों गई। कांग्रेस किसानों की बहुत बात करती है, लेकिन उनके लिए कुछ नहीं करती। 


एचडी देवगौड़ा ने राज्यसभा सदस्य के रूप में ली शपथ*

20-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-सेक्युलर के नेता एचडी देवगौड़ा ने आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उन्हें शपथ समारोह में शपथ दिलाई और उच्च सदन में उनका स्वागत किया। 13 जून को, एचडी गौड़ा को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया। एचडी गौड़ा ने 1994 से 1996 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह 1996 के आम चुनावों के बाद संयुक्त मोर्चा सरकार का नेतृत्व करने वाले देश के 11वें प्रधानमंत्री बने।

00निर्विरोध निर्वाचित हुए थे देवगौड़ा.

जून माह में चुनाव मैदान में कोई और प्रत्याशी होने के कारण जनता दल (एस.) के मुखिया एच.डी. देवगौड़ा, कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा के दोनी कार्यकर्ता अशोक गस्ती और इरन्ना कडाडी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। 


मिजोरम में आया तेज भूकंप, महसूस किए गए 4.6 तीव्रता के झटके*

20-Sep-2020

नईदिल्ली (शोर सन्देश) देश के विभिन् हिस्सों में पिछले कुछ सप्ताह में भूकंप के कई झटके महसूस किए गए हैं। रविवार को भी मिजोरम में भूकंप आया यह भूकंप मिजोरम के चंफाई इलाके में सुबह 7:29 बजे आया है इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई है भूकंप के तेज झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर गए हालांकि अभी भूकंप में जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
इससे पहले मिजोरम के चंफाई में 29 अगस् को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे उस समय रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 3.7 थी मिजोरम में 18 जून को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक 18 जून को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 मापी गई थी भूकंप का केंद्र मिजोरम के चंफई से 98 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में था। 


विरोध के बीच आज राज्यसभा में पेश होगा कृषि बिल*

20-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश)।मोदी सरकार आज कृषि बिल को राज्यसभा में पेश करेगी। माना जा रहा है कि सदन में विपक्षी दल इस बिल का भरपूर विरोध करेंगे। वहीं सरकार को उम्मीद है कि वो इस बिल को राज्यसभा में भी पास करवा लेगी। इस बिल को लोकसभा से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। बिल के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। वही सरकार का दावा है कि नया कानून खेतीबारी में `लाइसेंस राज` को समाप्त कर देगा और किसान अपनी पसंद के अनुसार अपनी कृषि उपज बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे।

कृषि विधेयकों पर जमकर विरोध जता रहे विपक्षी दल खासकर कांग्रेस की कोशिश इसे राज्यसभा में रुकवाने की है। विपक्षी दल विधेयक को किसान विरोधी ठहरा रही है। जबकि प्रधानमंत्री के साथ पूरी सरकार की कोशिश विधेयक को पास कराने और इसे किसानों का हितैषी बताने की है।
राज्यसभा में बहुमत का गणित सरकार के पक्ष में है लेकिन अकाली दल का मुखर विरोध दूसरे सहयोगियों पर असर डाल सकता है। वहीं, एनडीए से बाहर लेकिन आमतौर पर सरकार का साथ देने वाले दलों का रुख भी विधेयक को रोकने या पास कराने में भूमिका निभाएगा। बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप भी जारी कर दिया है। इसके साथ विपक्षी पार्टीयों को भी इस विधेयक के समर्थन में लाने के लिए केंद्र के बड़े मंत्री बातचीत में लग गए हैं। सूत्रों के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिवसेना और एनसीपी के नेताओ से फोन पर बात की और इन विधेयक के पक्ष में आने की अपील की है।

245 सदस्यों वाली राज्यसभा में बीजेपी अभी 86 सांसदों के साथ सबसे बड़ी जबकि 40 सदस्यों के साथ कांग्रेस दूसरी बड़ी पार्टी है। इस समय 9 स्थान रिक्त हैं। तीनों विधेयकों को पास करवाने के लिए सरकार को कम से कम 122 वोट की जरूरत पड़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि एनडीए से बाहर के बीजू जनता दल के 9, एआईएडीएमके के 9, टीआरएस के 7 और वाईएसआर कांग्रेस के 6, टीडीपी का एक और कुछ निर्दलीय सांसदों की मदद से तीनों विधेयकों को पास करा लेगी। विपक्षी दलों के साथ अकाली दल के तीन सदस्य भी जोड दिए जाएं तो संख्या सौ के पास पंहुचती है। हालांकि, कुछ छोटे दलों ने अपना स्टैंड साफ नहीं किया है इन पार्टियों के राज्यसभा में करीब दर्जनभर सांसद हैं। 


कोरोना से बिगड़ती हालात पर एक बार फिर 7 राज्यों के सीएम के साथ बैठक करेंगे पीएम मोदी*

20-Sep-2020

नईदिल्ली (शोर सन्देश) देश में कोरोना वायरस का मामला लगातार बढ़ रहे है। कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। हालांकि इलाज से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में भी भारी उछाल आया है जो भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। इस सबके बीच जानकारी सामने रही है कि पीएम मोदी जल्द ही देश के सात मुख्यमंत्रियों से कोरोना के मुद्दे पर एक बार फिर चर्चा करने वाले हैं।

बताया जा रहा है कि कोरोनो के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी और देश के 7 राज्यों के बीच होने वाली यह बैठक 23 सितंबर को आयोजित होने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी के साथ होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कुछ और मुख्यमंत्रियों के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नियमित रूप से देश भर में महामारी की स्थिति की समीक्षा करने के लिए बैठकें करते रहे हैं इसके साथ ही उनका फोकस उन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों पर भी रहता है जहां स्थिति अधिक गंभीर है। 




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