
जयपुर (शोर सन्देश)। राजस्थान के पुलिस प्रमुख भूपेंद्र सिंह ने बुधवार को स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया है। राजस्थान के एक शीर्ष नौकरशाह ने इसकी पुष्टि की। अधिकारी ने कहा, पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। उनकी जगह अब डीजीपी अपराध एमएल लाठर को नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह राजस्थान उप्र लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में दीपक उप्रेती की जगह ले सकते हैं या अजमेर में एमडीएस विश्वविद्यालय के नए कुलपति हो सकते हैं। उप्रेती का रिटायरमेंट अगले सप्ताह होने वाला है। पिछले साल अगस्त में उन्हें जून 2021 तक विस्तार दिया गया था। भूपेंद्र सिंह 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी, जिन्हें 30 जून, 2019 को पुलिस महानिदेशक बनाया गया था और माना गया था कि वह दो साल के लिए इस पद को संभालेंगे। सेवा विस्तार का निर्णय संघ लोक सेवा आयोग द्वारा गठित समिति की सिफारिश और राज्य सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश पर आधारित था। भूपेंद्र सिंह और एसीबी डीजी आलोक त्रिपाठी राज्य के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में गुरुवार को एक आतंकवादी मारा गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह मुठभेड़ जिले के त्राल क्षेत्र के मगहमा में उस वक्त हुई जब सुरक्षा बल यहां घेराबंदी कर तलाश अभियान चला रहे थे। वहीं, बडगाम जिले में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमले में एक जवान शहीद हुआ है। अधिकारी की मानें तो पुलवामा में एक आतंकवादी मारा गया है। अधिकारी ने बताया कि आतंकवादी की पहचान और उसके संगठन के बारे में पता लगाने की कोशिश की जारी है। इसके अलावा, बडगाम के चदूरा इलाके में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमले में सीआरपीएफ का एक सहायक उपनिरीक्षक घायल हुआ था, जिसे तुरंत अस्पताल भर्ती कराया गया। मगर बाद में इलाज के दौरान जवान शहीद हो गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने बडगाम जिले के कैसरमुल्ला में सीआरपीएफ की 117वीं बटालियन के सहायक उप निरीक्षक को गोली मार दी थी।
उन्होंने बताया कि आतंकवादी एएसआई एन. सी. बडोले की सर्विस राइफल (ए.के.राइफल) भी अपने साथ ले गए। अधिकारी ने बताया कि बादामी बाग स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में इलाज के दौरान जवान की मौत हो गई।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ने अंबाला में राफेल की `गोल्डन एरो` स्क्वाड्रन में शामिल होने वाली पहली महिला पायलट बनकर इतिहास रच दिया है। शिवांगी उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली हैं। शिवांगी की मां ने इसपर खुशी जताई है और कहा है कि उनकी बेटी हमेशा एक लड़ाकू विमान पायलट बनना चाहती थी।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी को 2017 में भारतीय वायु सेना में महिला लड़ाकू पायलटों के दूसरे बैच के रूप में कमीशन किया गया था और वह वर्तमान में प्रशिक्षण से गुजर रही है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी वर्तमान में राजस्थान एयर बेस पर तैनात है।
वाराणसी में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट शिवांगी ने प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से पढ़ाई की, जहां वह राष्ट्रीय कैडेट कोर में 7वीं यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा थीं। 2016 में वह प्रशिक्षण के लिए वायु सेना अकादमी में शामिल हुई।
बीएचयू में राष्ट्रीय कैडेट कोर में 7वीं यूपी एयर स्क्वाड्रन का हिस्सा भी लेफ्टिनेंट शिवांगी थी। वह 2013 से 2015 तक बीएचयू से एनसीसी कैडेट थी और भगवानपुर के सनबीम से बीएससी किया। 2013 में शिवांगी ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
16 दिसंबर 2017 को, शिवांगी को हैदराबाद में वायु सेना अकादमी में लड़ाकू पायलट का खिताब मिला। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी वर्तमान में मिग-21 के फाइटर पायलट हैं।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी की मां सीमा सिंह गृहिणी हैं और भाई मयंक वाराणसी में 12वीं कक्षा में पढ़ता है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने का सिलसिला जारी है। वहीं संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना के 86,508 नए मामले सामने आए हैं.
जबकि 1,129 लोगों की जान चली गई है। यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा दी गई है।मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान देश में 86,508 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 1,129 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही भारत में कुल मामलों की संख्या 57 लाख के ऊपर पहुंच गई है। देश में कुल कोविड मामले 5,732,519 हो गए हैं।
इसमें सक्रिय मामलों की संख्या 9,66,382 है जबकि 46,74,988 मरीज ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है या फिर देश छोड़कर चले गए हैं। वहीं 91,149 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। हर खास मौके पर या किसी खास शख्सियत को याद करने के लिए गूगल अपना स्पेशल डूडल बनाता है। आज भी गूगल ने खास डूडल बनाकर एक मशहूर हस्ती को याद किया है। दरअसल आज लंबी दूरी की तैराक आरती साहा का 80वां जन्मदिन है और गूगल ने उनके सम्मान में ही आज का डूडल बनाया है। आरती साहा इंग्लिश चैनल के पार तैरने वाली पहली एशियाई महिला थीं। ये एक ऐसा कारनामा था जिसे माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के समान माना जाता है। साहा ने केप ग्रिस नेज, फ्रांस से सैंडगेट, इंग्लैंड तक 42 मील की दूरी तय की थी।
00 ओलंपिक में किया था भारत का प्रतिनिधित्व :
आरती साहा ने अपना पहला तैराकी गोल्ड मेडल पांच साल की उम्र में जीता था। 11 साल की उम्र में साहा फिनलैंड की हेलसिंकी में 1952 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में नए स्वतंत्र भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली सबसे कम उम्र की सदस्य बन गईं और 19 साल की कम उम्र में उन्होंने इंग्लिश चैनल को पार करके दुनिया को हैरानी में डाल दिया।
00 नहीं मानी हार :
आरती साहा ने 18 साल की उम्र में इंग्लिश चैनल को पार करने की कोशिश की लेकिन उनके हाथ कामयाबी नहीं लगी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उसके एक महीने बाद उन्होंने इसे पूरा करने के लिए कई मील की लहरों और धाराओं को पीछे छोड़ दिया और जीत हासिल की। ये जीत भारत की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी। साहा 1960 में पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली महिला भी बनीं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत ने सेना के अभ्यास परीक्षण के तहत बुधवार को देश में विकसित पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के एक केंद्र से सफल रात्रिकालीन प्रायोगिक परीक्षण किया। सतह से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम है।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से इस अत्याधुनिक मिसाइल को अंधेरे में दागा गया और परीक्षण सफल रहा जिसने सभी मानकों को प्राप्त कर लिया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक अधिकारी ने बताया कि 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली इस मिसाइल को आईटीआर के प्रक्षेपण परिसर-3 से एक मोबाइल लॉंचर से दागा गया।
परीक्षण को नियमित अभ्यास करार देते हुए उन्होंने कहा कि मिसाइल के प्रक्षेपण पथ पर रडारों, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल ट्रैकिंग प्रणाली और टेलीमेट्री केंद्रों से नजर रखी गई जिसने सभी मानकों को प्राप्त कर लिया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना की वैक्सीन बनाने की दिशा में एक और उपलब्धि हासिल कर ली है। अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने ऐलान किया, एक स्वयंसेवक जिसे टीका लगाया गया था, वह अब नैदानिक परीक्षणों के अंतिम चरण में पहुंच गया है।
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी कहा, जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ऐलान किया है कि उनका स्वयंसेवक टीके के नैदानिक परीक्षणों के अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह यूएस में चौथा स्वयंसेवक है जो अंतिम चरण के ट्रायल में पहुंचा है। ट्रंप ने अमेरिकावासियों से अपील की है कि वे वैक्सीन परीक्षणों के नामांकन के लिए आगे आएं।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह भी कहा, हमने अमेरिका के इतिहास में सबसे तेज आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया है। हमारा जो दृष्टिकोण है वह विज्ञान का समर्थक है। लेकिन जो बिडेन का दृष्टिकोण विज्ञान विरोधी है। मैं नहीं जानता उनका दृष्टिकोण क्या है? हालांकि, इसमें से बहुत कुछ कॉपी किया गया है जो हमने किया है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली इंटरनेशनल मैगजीन ‘टाइम’ ने इस साल दुनिया के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची जारी कर दी है। टाइम की इस साल की 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से जगह दी गई है। पीएम मोदी के अलावा, इस लिस्ट में अभिनेता आयुष्मान खुराना, शाहीन बाग आंदोलन से सुर्खियों में आईं बिलकिस दादी और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई शामिल हैं। यहां खास बात यह है कि टाइम मैगजीन ने शाहीन बाग आंदोलन के दौरान `दादी` के नाम से मशहूर हुईं बिलकिस को भी दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया है। 82 वर्षीय दादी बिलकिस उस वक्त सुर्खियों में आईं थीं जब उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग आंदोलन में धरना पर बैठकर ध्यान आकर्षित किया था। सीएए प्रोटेस्ट का चेहरा बनकर उभरीं बिलकिस के उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की रहने वाली हैं। उनके पति करीब दस-ग्यारह साल पहले गुजर चुके हैं, जो खेती-मजदूरी करते थे। बिलकीस फिलहाल दिल्ली में अपने बहू-बेटों के साथ रहती हैं। टाइम मैगजीन ने पिछले साल लंदन में एक मरीज को एचआईवी से मुक्ति दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रफेसर रविंद्र गुप्ता को भी इस सूची में शामिल किया है। लंदन का वह मरीज दुनिया का केवल दूसरा मरीज है जो एचआईवी मुक्त हुआ है। इसके अलावा, टाइम ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भी लिस्ट में जगह दी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देशa)। केरल में शीघ्र ही देश का पहला चिकित्सकीय उपकरण पार्क स्थापित किया जाएगा, जो उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास, परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराना होगा। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के चित्रा तिरूनाल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) और केरल सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन एजेंसी केरल राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (केएसआईडीसी) की संयुक्त पहल पर परिकल्पित मैड्स पार्क, यानी चिकित्सकीय उपकरण पार्क, तिरूवनंतपुरम जिले के थोनक्कल स्थित लाइफ साइंस पार्क में स्थापित किया जाएगा । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होने के कारण विशिष्ट होगा । इन बिंदुओं पर महारत होने के कारण एससीटीआईएएसटी की भी विशिष्ट पहचान है । यह चिकित्सकीय उपकरण पार्क, चिकित्सकीय उपकरण उद्योग को अनुसंधान एवं विकास , परीक्षण और मूल्यांकन जैसी सेवाओं, विनिर्माण सहायता, प्रौद्योगिकी संबंधी नवोन्मेष की एक पूर्ण श्रृंखला उपलब्ध कराने के साथ साथ ज्ञान का प्रसार करेगा। यही वे सारी चीजें हैं जिनकी चिकित्सा उपकरण उद्योग को जरूरत है। इन सेवाओं का उपयोग इस मैड्स पार्क के भीतर अवस्थित और भारत के अन्य हिस्सों में स्थित कोई भी चिकित्सा उपकरण उद्योग कर सकेगा । इससे इस क्षेत्र के छोटे और मंझोले उद्योगों को लाभ होगा ।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन गुरूवार, 24 सितंबर, 2020 को इस चिकित्सा उपकरण पार्क का शिलान्यास करेंगे । नीति आयोग के सदस्य और एससीटीआईएमएसटी के अध्यक्ष डा. वी के सारस्वत ने कहा , श्री चित्रा ने पिछले तीस साल से भी अधिक समय से जैव चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के विकास में महती योगदान दिया है और खुद को इस क्षेत्र के अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित किया है। जैव चिकित्सा उपकरण उद्योग के क्षेत्र में देश के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा और यह प्रधानमंत्री की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के पूरी तरह अनुरूप है। डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा, इस चिकित्कीय उपकरण पार्क को देश के अन्य हिस्सों में प्रस्तावित इसी तरह की परियोजनाओं से जो तत्व अलग करता है ,वह है कि यह पार्क चिकित्सकीय रोपण एवं शरीरेतर उपकरणों समेत उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरणों पर केंद्रित होगा और इन बिंदुओं पर एससीटीआईएमएसटी की को भी पर्याप्त अनुभव और महारत हासिल है। एससीटीआईएमएसटी की निदेशक, डा. आशा किशोर ने कहा, यह पार्क डीएसटी के जैव चिकित्सकीय उपकरण कार्यक्रम के तकनीकी अनुसंधान केंद्र के अंतर्गत केरल सरकार के केएसआईडीसी के साथ भागीदारी में स्थापित किया जा रहा है। यह कार्य राज्य में उपलब्ध पारिस्थितिकीय व्यवस्था के अलावा विभिन्न अनुसंधान और अकादमिक संस्थानों तथा स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के सहयोग से किया जा रहा है और यह केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और नीति आयोग के सहयोग से संभव हो सका है । यह चिकित्सकीय पार्क, केरल राज्य के उच्च जोखिम वाले चिकित्सकीय उपकरण निर्माण के मौजूदा ढांचे का उन्नयन करेगा और भारत के चिकित्सकीय उपकरण निर्माण उद्योग के लिए एक बेहद आकर्षक गंतव्य के तौर पर विकसित होगा ।
चिकित्सकीय पार्क में ये सुविधाएं होंगी
- अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मान्यताप्राप्त चिकित्सकीय उपकरण परीक्षण एवं मूल्यांकन केंद्र
एक अनुसंधान एवं विकास संसाधन केंद्र जो चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्राधिकार को तय करेगा और इसकी सेवा इस पार्क के भीतर स्थित उद्योग ले सकेंगे
- कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए एक केंद्रीयकृत ज्ञान केंद्र जहां प्रशिक्षण और नियमन के मुद्दों तथा क्लीनिकल ट्रायल आदि के लिए सहायता मिल सकेगी
- स्टार्ट-अप और प्रारंभिक अवस्था वाली कंपनियों के विकास के लिए एक तकनीकी व्यावसायिक इन्क्यूबेशन सेंटर
पार्क में आने वाले उद्योगों द्वारा लीज़ पर मोडुलर विनिर्माण इकाई का सैट या विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लैंड मोड्यूल बनाए जाएंगे। इस चिकित्सकीय पार्क का व्यावसायिक माडल स्व निर्भर है जिसमे इसका परिचालन व्यय खुद इसकी आय से आएगा। इसका परिचालन व्यय इसके राजस्व स्रोतों से प्राप्त किया जाएगा । प्रारंभिक चरण में केंद्र और राज्य सरकारों (केंद्र और केरल सरकारों) की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पूंजीगत खर्च की फंडिंग तथा व्यय के मुकाबले आय में होने वाली कमी की पूर्ति की जाएगी ।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। आज विपक्ष दलों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। कृषि बिल को लागू ना करने का आग्रह करेंगे और वापस राज्यसभा में भेजने के लिए अपील करेंगे।
कृषि बिल को वापस संसद भेजने को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से विपक्ष दल मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार की चेतावनी दी है। कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वो कृषि बिल और निलंबित सांसदों को लेकर सदन का बहिष्कार करेंगी। साथ ही अन्य विपक्षी दलों की भी बहिष्कार के लिए कहेगी।
मिली जानकारी के मुताबिक , कांग्रेस, एनसीपी, डीएमके, एसपी, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी दलों और राजद समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में मामले में उनका हस्तक्षेप करने और उनसे विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने के लिए कहा है।
बता दें कि अगर राष्ट्रपति द्वारा सहमति देने के बाद ही विधेयक कानून बनेगा। इससे पहले विपक्ष राष्ट्रपति से मिलकर इस कानून का विरोध करेगा। सरकार द्वारा कृषि में सबसे बड़े सुधार के लिए दो प्रमुख कृषि बिलों और निलंबित सांसदों को वापस सदन की कार्यवाही में आने के लिए विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन संसद में जारी है।
उपसभापति हरिवंश ने आरोप लगाया था कि राज्यसभा में कार्यवाही के दौरान कुछ सांसदों ने नियम पुस्तिका को फाड़ दिया और आधिकारिक पत्रों को फाड़ दिया। माइक्रोफोन से छेड़छाड़ की गई थी।