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देश-विदेश

देश के 64 विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव का आज होगा ऐलान*

29-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) देश के विभिन्न राज्यों की रिक्त 64 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग मंगलवार को रिव्यू मीटिंग करेगा इसके बाद उपचुनाव तारीखों का ऐलान किया जाएगा मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान के दौरान कहा था कि उपचुनाव की घोषणा 29 सितंबर को की जाएगी. माना जा रहा है कि देश भर में उपचुनाव एक ही दिन कराए जा सकते हैं  


वडोदरा में निर्माणाधीन इमारत गिरने से तीन की मौत, कई अन्य घायल*

29-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) गुजरात के वडोदरा में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक 3 मंजिला निर्माणाधीन इमारत भरभराकर गिर गई। इस हादसें में अबतक 3 लोगों की मौत की पुष्टी हुई है जबकि कई लोगों के घायल है।

हादसे में घायल हुए लोगों को शहर के एसएसजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। फिलहाल मलबे को हटाने का काम जारी है।
वडोदरा के बावामनपुरा इलाके का है। बताया जा रहा है कि यह इमारत करीब 80 साल पुरानी थी और इन दिनों इसके जीर्णोद्धार का काम चल रहा था। यहां 4 से 5 परिवार रह रहे थे। 

ये हादसा देर रात हुई। हादसे के तुरंत बाद आस पास के लोग मौके पर पहुंचे और मदद की। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के मलबे में अभी भी छह लोगों के फंसे हो सकते हैं। मलबे में फंस लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है। 


प्रधानमंत्री आज उत्तराखंड को देंगे तोहफा, 6 मेगा प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन*

29-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तराखंड में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत तैयार परियोजनाओं का ऑनलाइन लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा और 11.25 बजे तक चलेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहेंगे।

वहीं कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और मदन कौशिक के अलावा विधायक हरिद्वार (ग्रामीण) स्वामी यतीश्वरांद और बीएचईएल रानीपुर के विधायक आदेश चौहान को भी कार्यक्रम का आमंत्रण दिया गया है। वे सभी अलग-अलग परियोजना स्थलों पर मौजूद रहेंगे।
00 इन छह परियोजनाओं का होगा लोकार्पण.
कार्यक्रम को लेकर परियोजना निदेशक उदय राज सिंह ने बतया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पीएम जिन छह परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, उनमें हरिद्वार जिले के जगजीतपुर में 68 एमएलडी एसटीपी, 27 एमएलडी का अपग्रेडेशन एसटीपी और सराय में 18 एमएलडी का एसटीपी, शामिल है।

वहीं प्रधानमंत्री चंडीघाट पर गंगा अवलोकन म्यूजियम, ऋषिकेश में लक्कड़घाट पर 26 एमएलडी के एसटीपी, चंद्रेश्वर नगर में 7.5 एमएलडी और मुनि की रेती चोर पानी में पांच एमएलडी एसटीपी, बदरीनाथ में एक एमएलडी और 0.01 एमएलडी एसटीपी शामिल हैं। 


आयुर्वेदिक औषधि के क्लीनिकल ट्रायल में कोरोना इलाज के मिले बेहतर नतीजे*

29-Sep-2020

नईदिल्ली (शोर सन्देश) आयुर्वेदिक पद्धति से कोरोना संक्रमण के इलाज के क्लीनिकल ट्रायल के नतीजे बेहतर मिले हैं। तीन अस्पतालों में चल रहे क्लीनिकल ट्रायल की अंतरिम रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। कोरोना संक्रमण के इलाज में इम्युनोफ्री और रेजिनम्युन नामक आयुर्वेदिक दवाओं के मिश्रण के प्रभाव का पता लगाने के लिए क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक इस मिश्रण को सरकार द्वारा निर्धारित कोरोना के पारंपरिक इलाज के मुकाबले बहुत कारगर पाया गया है। इम्युनोफ्री कोरिवल लाइफ साइंसेज की दवा है जबकि रेजिनम्युन बायोगेटिका की।
इसके अलावा, कोरोना वायरस के लिए कई परीक्षण जैसे सी रिएक्टिव प्रोटीन, प्रोक्लेसिटोनिन, डी डायमर और आरटी-पीसीआर में भी पारंपरिक उपचार की तुलना में प्राकृतिक इलाज से 20 से 60 फीसद तक सुधार देखने को मिले हैं। प्राकृतिक इलाज से शरीर में दर्द और थकान में भी कमी आई है।
कोरोना मरीजों का प्राकृतिक और पारंपरिक तरीके से उपचार किया गया। जिन मरीजों का प्राकृतिक उपचार किया गया, पांच दिन के भीतर ही उनमें से 86.66 फीसद मरीजों के टेस्ट निगेटिव आए, जबकि पारंपरिक उपचार वाले 60 फीसद मरीजों के ही नतीजे निगेटिव मिले।


पाकिस्तान के करांची में सड़क हादसा, 13 की मौत*

27-Sep-2020

00 यात्री वैन पलटने के बाद लगी आग
कराची (शोर सन्देश) पाकिस्तान में कराची-हैदराबाद मोटरवे पर एक यात्री वैन के पलटने और उसमें आग लग जाने के कारण कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। शनिवार की रात जब यह हादसा हुआ उस समय वैन में कम से कम 20 लोग सवार थे। मोटरवे पुलिस के अतिरिक्त आईजी डॉ.आफताब पठान ने बताया कि जीवित बचे 7 लोगों में से 5 को अस्पताल ले जाया गया है। शवों को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। बचे हुए लोगों में वैन चालक और एक बच्चा शामिल है। पीड़ितों की तुरंत पहचान नहीं हो सकी है। नूरीबाद के पुलिस अधीक्षक नजर दीशक ने कहा कि वैन हैदराबाद से कराची जा रही थी। रास्ते में वैन पलट गई और सड़क पर कई पलटियां खाने के बाद उसमें आग लग गई। उन्होंने कहा कि यात्रियों के शरीर पूरी तरह से जले हुए थे। दुर्घटना के बाद मोटरवे पर वाहनों का आना-जाना रोक दिया गया था। 


गरीबी को मात देकर : लगन मेहनत और जूनून से पहले ही प्रयास में आईपीएस बनी इल्मा अफरोज*

27-Sep-2020

लखनऊ (शोर सन्देश) इल्मा अफरोज उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के कुंदरकी गांव की रहने वाली हैं। वह एक किसान की बेटी हैं। उनका एक भाई भी है। इल्मा की प्रारम्भिक शिक्षा गृह जनपद से ही हुई। लेकिन गरीबी और परेशानी ने इल्मा को बड़ा करने की ताकत दी और आईपीएस आज वो हैं। इल्मा को पढ़ाई की प्रेरणा उनके पिता से ही मिली थी। इल्मा बताती हैं वह जब भी मंडी से अनाज बेंचकर आते थे सबसे पहले मुझे किताबें खरीदने के लिए पैसे देते थे। पिता के इसी जज्बे की कद्र करते हुए इल्मा भी खूब दिल लगाकर पढ़ती थी।
इल्मा जब सिर्फ 14 साल की थीं उसी समय उनके पिता की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद इस परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ सा टूट पड़ा। गरीबी और तंगहाली में दिन कटने लगे। फिर इल्मा की मां ने खुद परिवार चलाने का बीड़ा उठाया। वह खेतों में काम करने लगी। मां के साथ इल्मा भी खेतों में काम करने जाने लगी। लेकिन इसके बावजूद भी इल्मा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। मां ने भी इल्मा का पूरा सपोर्ट किया।
इंटरमीडिएट के बाद ग्रैजुएशन के लिए इल्मा दिल्ली यूनिवर्सिटी चली गईं। वहां पढ़ाई में ज्यादा पैसा खर्च हो इसलिए उन्होंने दर्शनशास्त्र से B.A. किया। उसी दौरान उनका चयन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप के लिए हो गया। इल्मा बताती हैं कि स्कॉलरशिप पढ़ाई और वहां रहने के लिए थी। लेकिन उनके पास तो वहां जाने के लिए किराया भी नहीं था।
इल्मा के पड़ोसी चौधरी हरभजन सिंह ने उनके परिवार की काफी मदद की थी। शुरू से ही उन्होंने इल्मा उनके भाई की परवरिश एक परिवार की तरह की थी। इल्मा बताती हैं कि मै चौधरी काका खेतों में गेंहूं काट रहे थे। मैं उनके पास गई और उनसे बताया कि मेरा चयन विदेश पढ़ाई के लिए हो गया है। लेकिन मेरे पास जाने का किराया नहीं है। उन्होंने मेरे किराए के लिए कहीं से रूपयों की व्यवस्था की तब मै ऑक्सफोर्ड पहुंच सकी।
इल्मा तो पढ़ने के लिए विदेश चली गई लेकिन गांव में बहुत से लोग उनकी मां को ताना मारते थे। वो कहते थे लड़की है बहुत पढ़ लिख कर क्या कर लेगी करना तो चूल्हा-चौका ही है। लेकिन उनकी मां सभी की बातों का जवाब केवल शांत रहकर देतीं थीं। उन्हें उस दिन का इन्तजार था जब उनकी बेटी पढ़ लिखकर कुछ बने और सभी की बोलती बंद हो जाए।
विदेश में पढ़ाई के दौरान उन्हें कई देशों में स्कॉलरशिप मिलती गई और उन्होंने , इंग्लैंड, न्यूयॉर्क और इंडोनेशिया जैसे देशों में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की। लेकिन हर उनके जहन में अपने गांव,मां और उनका सपोर्ट करने वाले हर व्यक्ति की सोच रहती। इसी लिए वह वापस इंडिया लौट आईं और सिविल सर्विस की तैयारी में लग गईं। उन्होंने बिना किसी कोचिंग का सहारा लिए साल 2017 में सिविल सर्विस की परीक्षा दी। साल 2018 में जब रिजल्ट आया तो इल्मा ने पहले ही प्रयास में सिविल सर्विस एग्जाम पास कर लिया था। उन्हें 217वीं रैंक मिली थी। वह IPS बन गईं। 


रवि किशन को मिल रहीं ड्रग्स माफियाओं से धमकी, सुरक्षा को लेकर मिलेंगे मुख्यमंत्री योगी से*

26-Sep-2020

गोरखपुर (शोर सन्देश) फिल्म अभिनेता गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन अचानक दिल्ली से गोरखपुर रवाना हो गए हैं। वे आज यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शाम 4 बजे मुलाकात करेंगे। मुलाकात के दौरान रवि किशन ड्रग्स माफिया द्वारा दी जा रही लगातार धमकी के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। यूपी के मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नई फिल्म सिटी के बारे में भी विस्तार से चर्चा होगी। इसके साथ ही रवि किशन अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। उनका परिवार जौनपुर में रहता है। रवि किशन ने जबसे ड्रग्स माफ़िया का मुद्दा संसद में उठाया है, तब से मूवी माफिया उनके खिलाफ एक्टिव हो गया है उनको कई फिल्मों से अब तक बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
भोजपुरी सिनेमा जगत के बादशाह गोरखपुर सांसद रवि किशन ने बीते दिनों संसद में बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाया था। जिसके बाद से रवि किशन लगातार सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां रवि किशन के पक्ष में कई लोग अपनी आवाज उठा चुके हैं, वहीं कई सेलेब्स रवि किशन की बात का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब मूवी माफिया रवि किशन को तोड़ने में जुटे हुए हैं. रवि किशन को कई बड़े प्रोजेक्ट से बाहर निकाल दिया गया हैरवि किशन को लेकर खबर यह भी है कि उन्हें बॉलीवुड की एक बड़ी फिल्म से नेटफिलक्स की वेब सीरीज भी दो दिन पहले ही हटाया गया है। लॉकडाउन से पहले रवि किशन ने जो फ़िल्म साइन की थी, वहां से भी मूवी माफिया के दबाव में रवि किशन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। रवि किशन के बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाने के एक सप्ताह के अंदर यह सब हुआ है। जानकारी ये भी मिली है की एक लॉबी रवि किशन को हर प्रोजेक्ट से बाहर निकलवाने पर तुली हुई है। वहीं इस पूरे मामले पर रवि किशन पहले ही ये कह चुके हैं की उनकी लड़ाई ड्रग्स माफिया के खिलाफ जारी रहेगी। 


रवि किशन को मिल रहीं ड्रग्स माफियाओं से धमकी, सुरक्षा को लेकर मिलेंगे मुख्यमंत्री योगी से*

26-Sep-2020

गोरखपुर (शोर सन्देश) फिल्म अभिनेता गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन अचानक दिल्ली से गोरखपुर रवाना हो गए हैं। वे आज यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शाम 4 बजे मुलाकात करेंगे। मुलाकात के दौरान रवि किशन ड्रग्स माफिया द्वारा दी जा रही लगातार धमकी के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे। यूपी के मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान नई फिल्म सिटी के बारे में भी विस्तार से चर्चा होगी।

इसके साथ ही रवि किशन अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे। उनका परिवार जौनपुर में रहता है। रवि किशन ने जबसे ड्रग्स माफ़िया का मुद्दा संसद में उठाया है, तब से मूवी माफिया उनके खिलाफ एक्टिव हो गया है उनको कई फिल्मों से अब तक बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
भोजपुरी सिनेमा जगत के बादशाह गोरखपुर सांसद रवि किशन ने बीते दिनों संसद में बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाया था। जिसके बाद से रवि किशन लगातार सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां रवि किशन के पक्ष में कई लोग अपनी आवाज उठा चुके हैं, वहीं कई सेलेब्स रवि किशन की बात का विरोध कर रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब मूवी माफिया रवि किशन को तोड़ने में जुटे हुए हैं. रवि किशन को कई बड़े प्रोजेक्ट से बाहर निकाल दिया गया है.

रवि किशन को लेकर खबर यह भी है कि उन्हें बॉलीवुड की एक बड़ी फिल्म से नेटफिलक्स की वेब सीरीज भी दो दिन पहले ही हटाया गया है। लॉकडाउन से पहले रवि किशन ने जो फ़िल्म साइन की थी, वहां से भी मूवी माफिया के दबाव में रवि किशन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। रवि किशन के बॉलीवुड में ड्रग्स का मामला उठाने के एक सप्ताह के अंदर यह सब हुआ है। जानकारी ये भी मिली है की एक लॉबी रवि किशन को हर प्रोजेक्ट से बाहर निकलवाने पर तुली हुई है। वहीं इस पूरे मामले पर रवि किशन पहले ही ये कह चुके हैं की उनकी लड़ाई ड्रग्स माफिया के खिलाफ जारी रहेगी। 


जीएसटी के पहले दो साल में क्षतिपूर्ति राशि का हुआ अन्यत्र इस्तेमाल : कैग*

26-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्र सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के कार्यान्वयन के पहले दो साल में जीएसटी मुआवजे की 47,272 करोड़ रुपये की राशि को गलत तरीके से रोककर कानून का उल्लंघन किया है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने जीएसटी मुआवजा उपकर का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए किया, जो जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर कानून का उल्लंघन है। इस राशि का इस्तेमाल राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए ही किया जाना था। सरकारी खातों पर जारी अपनी ऑडिट रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि इस राशि को सतत् जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर संग्रह कोष में डाला जाना था। वर्ष 2017 से जीएसटी लागू किए जाने के बाद राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिये यह कोर्ष बनाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने ऐसा नहीं किया, जो जीएसटी कानून का उल्लंघन है। कैग ने कहा, जीएसटी मुआवजा उपकर कानून, 2017 के तहत उपकर लगाने का प्रावधान है, जिससे राज्यों को जीएसटी के कार्यान्वयन से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई की जाती है। कानून और लेखा प्रक्रिया के तहत किसी वर्ष के दौरान उपकर के रूप में जुटाई गई राशि को जीएसटी मुआवजा उपकर कोष में जमा कराना होता है। यह लोक खाते का हिस्सा होता है। कैग ने कहा कि 2017-18 में 62,612 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में जुटाई गई। इसमें से 56,146 करोड़ रुपये की राशि ही उपकर कोष में स्थानांतरित की गई। इसी तरह 2018-19 में उपकर से 95,081 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई, जबकि 54,275 करोड़ रुपये की राशि ही क्षतिपूर्ति कोष में स्थानांतरित की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017-18 में क्षतिपूर्ति उपकर कोष में 6,466 करोड़ रुपये कम स्थानांतरित किए गए। इसके अलावा 2018-19 में 40,806 करोड़ रुपये की राशि कोष में जमा नहीं कराई गई। कैग ने कहा है कि केंद्र ने इस राशि का इस्तेमालअन्य उद्देश्योंके लिए किया, जिससे साल के दौरान राजस्व प्राप्तियां बढ़ गईं, जबकि राजकोषीय घाटे को कम कर दिखाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपकर की पूरी राशि को कोष में जमा नहीं कराना जीएसटी क्षतिपूर्ति कानून, 2017 का उल्लंघन है। जीएसटी परिषद में चालू वित्त वर्ष के दौरान राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा केंद्र और राज्यों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। जीएसटी में उत्पाद शुल्क और मूल्यवर्धित कर (वैट) सहित 17 विभिन्न केंद्रीय और राज्य कर समाहित किए गए हैं। केंद्र का कहना है कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में अधिक राशि नहीं जुटाई जा सकी है। यह क्षतिपूर्ति उपकर विलासिता वाली और अहितकर वस्तुओं पर लगाया जाता है। केंद्र ने राज्यों से राजस्व में कमी की भरपाई को पूरा करने के लिए कर्ज लेने को कहा है। कांग्रेस, वामदल, तृणमूल और आप शासित राज्यों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि केंद्र को खुद कर्ज लेकर राज्यों को भुगतान करना चाहिए। कैग के ये निष्कर्ष वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिछले सप्ताह संसद में दिए गए वक्तव्य के उलट हैं। वित्त मंत्री ने भारत के अटॉर्नी जनरल की राय के हवाले से कहा है कि राज्यों को राजस्व में कमी की भरपाई भारत के समेकित कोष (सीएफआई) से नहीं की जा सकती। अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि कानून में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि उपकर के संग्रहण और उसके जीएसटी मुआवजा उपकर में स्थानांतरण से संबंधित वक्तव्य 8, 9 और 13 की ऑडिट जांच से पता चलता है कि 2017-18 और 2018-19 में कुल 47,272 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति उपकर कोष में स्थानांतरित नहीं की गई। यह जीएसअी मुआवजा उपकर कानून, 2017 का उल्लंघन है। 


भारत ने नेपाल की आर्थिक सहायता की, दिए 1.54 अरब*

26-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) भारत ने फिर दरियादिली दिखाते हुए अपने पड़ोसी नेपाल को 1.54 अरब नेपाली रुपए (करीब 96 करोड़ भारतीय रुपए) की आर्थिक मदद दी। हालांकि चीन के उकसावे में आकर भारत विरोधी करवाई को अंजाम दे रहा है इसके बावजूद काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास में नेपाल मिशन की उप प्रमुख नामग्याल खंपा ने भारत सरकार की ओर से जारी धनराशि का चेक नेपाल वित्त मंत्रालय के सचिव शिशिर कुमार ढुंगना को सौंपा। यह राशि नेपाल के नुवाकोट और गोरखा जिलों में भूकंप के कारण तबाह हुए मकान और स्कूलों के पुनर्निमाण के काम में लाई जाएगी

गौरतलब है कि अप्रैल 2015 में नेपाल में आए भूकंप में नौ हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और करीब आठ हजार घर तबाह हुए थे। भूकंप प्रभावित नुवाकोट और गोरखा जिलों में तबाह हुए घर और स्कूल भवनों को फिर से बनवाने के लिए भारत सरकार ने नेपाल को डेढ़ अरब डॉलर अनुदान राशि देने की घोषणा की थी।

इसी क्रम में भारत ने नेपाल सरकार को सहायता राशि भेजी। इस मद में भारत अब तक नेपाल को 72 करोड़ डॉलर राशि दान कर चुका है। 




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