
एक्टिव केस के मुकाबले 10 गुना ज्यादा रिकवरी
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में कोरोना वायरस का संकट जारी है और लगातार बढ़ रहा है. कोरोना संक्रमण के दुनिया में अब तक सामने आए कुल मामलों में 18 फीसदी मामले भारत में हैं। अच्छी बात ये है कि भारत में हर दिन संक्रमण के जितने मामले आ रहे हैं, उससे करीब 25-30 फीसदी ज्यादा संक्रमित मरीज ठीक भी हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 50,129 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए और 578 कोरोना संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं बीते दिन 62,077 मरीज ठीक भी हुए हैं। देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 70 लाख 78 हजार के पार पहुंच गई है। एक्टिव केस भी घटकर 6 लाख 68 हजार पर आ गए हैं। हालांकि देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 78 लाख 64 हजार पहुंच गई। इनमें से एक लाख 18 हजार 534 मरीजों की मौत हो चुकी है।
संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या की तुलना में रिकवर हुए लोगों की संख्या करीब 10 गुना ज्यादा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना वायरस के एक्टिव केस, मृत्यु दर और रिकवरी रेट का प्रतिशत सबसे ज्यादा है।
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मृत्यु दर गिरकर 1.50% हो गई। इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी 9 फीसदी से कम है। इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 90 फीसदी है। भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है।
00 सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में एक्टिव केस
देश के आधे से ज्यादा राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 से कम एक्टिव केस हैं. केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में 50,000 से ज्यादा एक्टिव मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं। एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है। कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश है। रिकवरी दुनिया में सबसे ज्यादा भारत में हुई है. मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर है।
ICMR के मुताबिक, 24 अक्टूबर तक कोरोना वायरस के कुल 10 करोड़ 25 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 11.40 लाख सैंपल की टेस्टिंग कल की गई। कोरोना वायरस का कुल पॉजिटिविटी रेट 8 फीसदी से कम है और दैनिक पॉजिटिविटी रेट 4 फीसदी से कम है। कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का पॉजिटिविटी रेट राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने भी देशवासियों को दशहरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, `विजय अंततः सत्य की ही होती है। आप सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं।`
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, `अधर्म पर धर्म की जीत, अन्याय पर न्याय की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक, दशहरा के इस पावन अवसर पर आपको एवं आपके पूरे परिवार को हार्दिक शुभकामनाएँ!`

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस महामारी के बीच देश आज दशहरा का पर्व मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दशहरा की बधाई दी। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, `देशवासियों को महानवमी की हार्दिक शुभकामनाएं। नवरात्रि के इस पावन दिवस पर मां दुर्गा की नौवीं शक्ति देवी सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से हर किसी को अपने कार्यों में सिद्धि प्राप्त हो।`
अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, `समस्त देशवासियों को `महा नवमी` के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

सिक्किम में LAC के पास की शस्त्र पूजा
सिक्किम (शोर सन्देश)। देश में हर साल विजयादशमी का पर्व बड़ी धूमधाम से बनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना काल के कारण दशहरे पर पहले की तरह रौनक नहीं रहने वाली है। तो वहीं, विजयादशमी के दिन `शस्त्र पूजन` का विधान है, ये प्रथा का सनातन धर्म से ही इस परंपरा का पालन किया जाता है। इसी कड़ी में आज रविवार (25 अक्टूबर) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक में `शस्त्र पूजा` की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिक्किम के नाथुला क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक में मंत्रोच्चारण के बीच `शस्त्र पूजा` की, उनके साथ आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद और कई सैनिक भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने हथियार, उपकरण और बख्तरबंद गाड़ियों की पूजा की है।
00 शस्त्र पूजा के बाद राजनाथ सिंह का संदेश :
राजनाथ सिंह ने सुकना में `शस्त्र पूजा` के बाद अपने संदेश में कहा- मुझे भरोसा, हमारे जवान एक भी इंच जमीन नहीं जाने देंगे भारत चाहता है कि चीन और भारत के बीच बॉर्डर पर शांति होनी चाहिए और तनाव खत्म होना चाहिए, लेकिन मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि हमारी सेना किसी को भी देश की एक इंच जमीन पर भी कब्जा नहीं करने देगी।
गलवान में चीन के विश्वासघात का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, ``हाल-फिलहाल में भारत चीन के बॉर्डर पर जो हुआ है उसके बारे में निश्चित जानकारी के आधार पर मैं कह सकता हूं कि हमारे देश के जवानों ने जिस प्रकार की भूमिका का निर्वाह किया है आगे जब इतिहास लिखा जाएगा तो उनके शौर्य और बहादुरी की चर्चा स्वर्णाक्षरों में की जाएगी।``
रक्षा मंत्री ने अपने शस्त्र पूजा समारोह से पहले पहले ट्वीट कर सभी देशवासियों को विजयदशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी और बताया कि, ``आज के इस शुभ अवसर पर मैं सिक्किम के नाथुला क्षेत्र का दौरा करूंगा और भारतीय सेना के जवानों से मिलूंगा और शास्त्री पूजन समारोह में भी उपस्थित रहूंगा।`

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को दशहरा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को दशहरा की बधाई देते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाला पर्व है।
राष्ट्रपति कोविंद ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि दशहरा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है और पूरे भारत में इसे अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाला यह पर्व हमें एक दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहने, सदाचार के मार्ग पर चलने और बुराइयों से बचने का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि यह पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन से भी जुड़ा है। उनके जीवन से हमें नैतिकता और मर्यादा के पालन का संदेश भी मिलता है। मेरी कामना है कि हर्ष और उल्लास का पर्व दशहरा, देशवासियों को महामारी के प्रभाव से बचाकर देश में खुशहाली और समृद्धि लाए।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन-आईएलओ के बीच 100 वर्षों के उपयोगी संबंधों के एक नए अध्याय को चिह्नित करते हुए, भारत ने 35 वर्षों बाद अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के शाषी निकाय की अध्यक्षता ग्रहण की है। श्रम और रोजगार सचिव अपूर्व चंद्रा को अक्टूबर 2020 से जून 2021 तक की अवधि के लिए अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन-आईएलओ के शाषी निकाय के अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। आईएलओ के शाषी निकाय काअध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर का जाना माना पद है। शाषी निकाय (जीबी) आईएलओ का शीर्ष कार्यकारी निकाय है जो नीतियों, कार्यक्रमों, एजेंडे, बजट का निर्धारण करता है और महानिदेशक का चुनाव का कार्य भी करता है। वर्तमान समय में आईएलओ के 187 सदस्य हैं। अपूर्व चन्द्रा नवंबर 2020 में होने वाली शाषी निकाय की आगामी बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिनेवा में, उनके पास सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और सामाजिक भागीदारों के साथ बातचीत करने का अवसर होगा। यह संगठित या असंगठित क्षेत्र में सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के सार्वभौमिकरण के बारे में मंशा स्पष्ट करने के अलावा श्रम बाजार की कठोरता को दूर करने के लिए सरकार द्वारा की गई परिवर्तनकारी पहलों के प्रतिभागियों को भी एक मंच प्रदान करेगा।
अपूर्व चंद्रा 1988 बैच के महाराष्ट्र कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। श्री चंद्रा ने भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सात साल से अधिक समय व्यतीत किया है। श्री चंद्रा ने महाराष्ट्र सरकार में प्रधान सचिव (उद्योग) के रूप में 2013 से 2017 के बीच चार वर्षों तक काम किया है। श्री अपूर्व चंद्रा रक्षा मंत्रालय में महानिदेशक (अधिग्रहण) के रूप में 01.12.2017 को शामिल हुए थे। उन्होने अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाकर भारतीय सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लिये कार्य किया था। उन्होंने नई रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया का मसौदा तैयार करने के लिए समिति की अध्यक्षता की। 1 अक्टूबर 2020 से रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 प्रभावी हो गई है और इसी दिन उन्होने श्रम और रोज़गार मंत्रालय के सचिव के रूप में पद भार संभाला है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। लेफ्टिनेंट जनरल नंद किशोर साहू, वीएसएम ने 12 अक्टूबर 2020 को दंत चिकित्सा सेवा के महानिदेशक और आर्मी डेंटल कोर के कर्नल कमांडेंट का कार्यभार संभाला। 37 वर्षों के अपने प्रतिष्ठित सैन्य करियर के दौरान, उन्होंने कश्मीर घाटी में एक यूनिट की कमान, पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी कमान के कमान सलाहकार सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर अपना योगदान दिया है।
यह जनरल ऑफिसर किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की विशेषज्ञता में मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। उन्हें पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज और दिल्ली स्थित सेना अस्पताल (अनुसंधान और रेफरल) में दंत चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं प्रमुख होने का अनूठा गौरव प्राप्त है। लेफ्टिनेंट जनरल एन. के. साहू एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त लेखक, शिक्षक और के एस मास्टर रजत पदक के विजेता हैं। इस जनरल ऑफिसर को उनकी एक उच्च स्तर की असाधारण सेवाओं के लिए पांच प्रशस्तियां और राष्ट्रपति पुरस्कार, विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) प्राप्त है। पदभार ग्रहण करने के बाद, लेफ्टिनेंट जनरल एन. के. साहू ने सभी सैनिकों से पूरी लगन और उत्साह के साथ काम करना जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने उनसे उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और अपने सभी प्रयासों में `राष्ट्र प्रथम` के लक्ष्य को बनाए रखने के मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने राष्ट्रीय ताप बिजली निगम को मध्य प्रदेश स्थित विंध्याचल उच्च ताप बिजली केन्द्र और गदरवाड़ा उच्च ताप बिजली संयंत्र के अलावा छत्तीसगढ़ स्थित सिपत उच्च ताप बिजली परियोजनाओं में अनुसंधान और निरीक्षण गतिविधियों के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर दूरस्थ पायलट विमान प्रणाली की तैनाती करने की सशर्त छूट प्रदान की है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने कहा, एनटीपीसी ड्रोन का उपयोग तीन एनटीपीसी स्थलों पर इलाके की मैपिंग, भंडार के व्यापक विश्लेषण, हवाई निरीक्षण और अन्य उपयोगों के लिए करेगी। इससे एनटीपीसी को बहुत कम लागत पर उच्च सटीकता के साथ उत्कृष्ट डेटा मिलेगा। यह भारत सरकार के बुनियादी ढांचे, खनन, कृषि और आपदा राहत आदि में औद्योगिक ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के अनुरूप है। यह सशर्त छूट 31 दिसंबर 2020 तक या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के पूर्ण परिचालन तक या इसमें जो भी पहले हो, मिलेगी। राष्ट्रीय ताप बिजली निगम को अपने मध्य प्रदेश स्थित विंध्याचल उच्च ताप बिजली केन्द्र और गदरवाड़ा उच्च ताप बिजली संयंत्र के अलावा छत्तीसगढ़ स्थित सिपत उच्च ताप बिजली परियोजनाओं में अनुसंधान और निरीक्षण गतिविधियों के लिए इस ड्रोन को तैनात करने के संबंध में शर्ते और सीमाएं :-
1- सीएआर सेक्शन 3, सीरीज X, पार्ट I के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत एनटीपीसी को मिली यह छूट, नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा विमानन नियम, 1937 के नियम 15A से छूट के अधीन है।
2 - एनटीपीसी को आरपीएएस के संचालन से पहले (क) स्थानीय प्रशासन (ख) रक्षा मंत्रालय (ग) गृह मंत्रालय (घ) भारतीय वायु सेना से वायु रक्षा मंजूरी और (ड.) भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी लेनी होगी।
३ - एनटीपीसी केवल आरपीएएस का संचालन करेगा। इस बात को उसने स्वेच्छा से भारत सरकार को सूचित किया है और उसे एक वैध ड्रोन अभिस्वीकृति संख्या (डीएएन) जारी की गई है (यानी मेसर्स आइडिया फोर्ज टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से D1DXOOS1T और D1DXOOS24 के लिए एनईटीआरए पीआरओ)।
4 - एनटीपीसी परिचालन के दायरे और उड़ान मानक निदेशालय की एसओपी की प्रति (एफएसडी), डीजीसीए के पास जमा करेगा। एसओपी से वेटिंग / अनुमोदन के बाद ही रिमोटली पॉयलट एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) का संचालन किया जाएगा।
5 - एनटीपीसी हवाई फोटोग्राफी के बारे में, यदि जरूरत हो तो, डीजीसीए के नियामक एवं सूचना निदेशालय से आवश्यक अनुमति लेगा।
6 - आरपीएएस के माध्यम से ली गई तस्वीरों / वीडियो-ग्राफ का उपयोग केवल एनटीपीसी द्वारा किया जाएगा। एनटीपीसी आरपीएएस की सुरक्षा और उसके द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा।
7 - आरपीएएस का संचालन केवल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) में विजुअल लाइन ऑफ साइट के भीतर तक सीमित रखा जाएगा।
8 - एनटीपीसी इन कार्यों के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी कानूनी अथवा अन्य समस्या पर डीजीसीए को क्षतिपूर्ति करेगा।
9 - एनटीपीसी यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस काम करने की स्थिति में है और उपकरणों की खराबी के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति के लिए जिम्मेदार होगा।
10 - उपकरणों के संपर्क में आने के कारण किसी भी व्यक्ति को यदि कोई चोट लगती है तो भी एनटीपीसी मेडिको-कानूनी मुद्दों के लिए जिम्मेदार होगा।
11 - एनटीपीसी के पास आरपीएएस के परिचालन के दौरान किसी तरह की घटना/दुर्घटना होने पर तीसरे पक्ष को होने वाली क्षति को कवर करने के लिए पर्याप्त बीमा कवर होगा।
12 - एनटीपीसी को यह सुनिश्चित करना होगा कि आरपीएएस के इस्तेमाल के दौरान किसी भी हालत में उसमें कोई खतरनाक सामग्री या अलग किस्म की सामग्री नहीं ले जाई जाएगी।
13 - एनटीपीसी को जनता, सार्वजनिक संपत्ति, ऑपरेटर आदि की सुरक्षा, संरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करनी होगी, किसी भी घटना के मामले में डीजीसीए जिम्मेदार नहीं होगा।
14 - एनटीपीसी संबद्ध मंत्रालयों/ प्राधिकरणों की अनुमति के बिना सीएआर की धारा3, सीरीज X, पार्ट I के पैरा 13.1 में निर्दिष्ट नो-फ्लाई जोन में आरपीएएस को संचालित नहीं करेगा।
15 - सीएआर के प्रावधानों के अनुसार आरपीएएस को हवाई अड्डों के आसपास के क्षेत्र में संचालित नहीं किया जाएगा। यदि हवाई अड्डे के पास संचालित किया जाता है, तो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से आरपीएएस के संचालन के समय और क्षेत्र के बारे में अग्रिम अनुमोदन लिया जाएगा।
16 - एनटीपीसी यह सुनिश्चित करेगा कि केवल प्रशिक्षित/अनुभवी योग्य कर्मी ही आरपीएएस का संचालन करें।
17 - यह पत्र अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा आरपीएएस सिस्टम के संबंध में लागू प्रतिबंधों/एसओपी का उल्लंघन नहीं करेगा।
18 - संचालन के किसी भी चरण के दौरान घटना/दुर्घटना होने पर डीजीसीए के हवाई सुरक्षा निदेशालय को रिपोर्ट किया जाएगा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। एयर इंडिया में विनिवेश को देख रहे मंत्रियों के शीर्ष समूह की आज यानि शनिवार को बैठक होने की संभावना है, जिसमें कर्ज के रिस्ट्रक्चर के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। ये मुख्य निर्णय ऐसे समय में आ सकते हैं जब विनिवेश की 31 अक्टूबर 2020 की समय सीमा तेजी से खत्म होने के करीब है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एआईएसएएम (एयर इंडिया स्पेसिफिक ऑल्टरनेटिव मैकेनिज्म) की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को आयोजित की जाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सहित अन्य इसमें भाग लेंगे। सूत्रों के अनुसार, दिसंबर तक प्रारंभिक बोली या `एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट` (ईओआई) जमा करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। एक महत्वपूर्ण बदलाव जो एआईएसएएम की मंजूरी के लिए रखा जा सकता है, वह सौदे के वित्तीय ढांचे के संबंध में होगा, जिसमें बदलाव हो सकता है, विशेष रूप से एयरलाइन के कर्ज के संबंध में। एयर इंडिया 2007 के बाद से सरकारी स्वामित्व वाली घरेलू ऑपरेटर इंडियन एयरलाइंस लिमिटेड के साथ विलय के बाद से घाटे में चल रही है, तब से केंद्रीय संसाधनों पर दबाव डालते हुए सरकारी बजटीय सहायता पर उड़ान भर रही है।
00 सरकार 15 दिसंबर तक बढ़ा सकती है एयर इंडिया की बोली की तारीख
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संभावित बोलीदाताओं को आकर्षित करने के लिए एयर इंडिया के परिसंपत्ति मूल्यांकन नियमों को आसान बनाते हुए बोलीदाताओं को उद्यम मूल्य के आधार पर पेशकश करने की इजाजात देगी। एक सूत्र ने यह जानकारी साझी की है। इस क्रम में सरकार घाटे में चल रही इस सार्वजनिक विमानन कंपनी के लिए आरंभिक अभिरुचि पत्र दाखिल करने की तारीख को 15 दिसंबर तक बढ़ा सकती है। सूत्र ने कहा कि उद्यम मूल्य के आधार पर बोली आमंत्रित की जाएगी, जो अधिग्रहण सौदों के लिए एक लोकप्रिय मूल्यांकन पद्धति है। उद्यम मूल्य (ईवी) कंपनी की कुल कीमत का मूल्यांकन करने का तरीका है, जिसका इस्तेमाल अक्सर इक्विटी बाजार पूंजीकरण के अधिक व्यापक विकल्प के रूप में किया जाता है।
ईवी की गणना में कंपनी का बाजार पूंजीकरण शामिल होता है, लेकिन साथ ही इसमें छोटी या लंबी अवधि के किसी ऋण के साथ ही कंपनी के बहीखातों में नकदी को भी शामिल किया जाता है। सूत्रों ने कहा कि सरकार प्रारंभिक सूचना ज्ञापन (पीआईएम) से बोलीदाता द्वारा एक निश्चत ऋण राशि का दायित्व लेन करने की शर्त को हटा देगी।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कभी अरबपतियों में गिने जाने वाले स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के छोटे भाई प्रमोद मित्तल ब्रिटेन में दिवालिया हो गए हैं। उन्होंने हाल ही में जानकारी दी है कि उनके ऊपर 254 करोड़ पाउंड का कर्ज है। वह पत्नी के खर्चों पर पल रहे हैं। अब वह ब्रिटेन के सबसे बड़े दिवालिया हो गए हैं।
प्रमोद मित्तल को इस साल लंदन की इनसॉल्वेंसी और कंपनीज कोर्ट ने दिवालिया घोषित किया है। 64 साल के प्रमोद पर 17 करोड़ पाउंड का कर्ज भी शामिल हैं। यह राशि उन्होंने अपने 94 साल के पिता से लिया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी पत्नी संगीता से 11 लाख पाउंड, बेटे दिव्येश से 24 लाख पाउंड और एक रिश्तेदार अमित लोहिया से 11 लाख पाउंड भी उधार लिए हैं।
उनका कहना है कि उनके पास सिर्फ 1.10 लाख पाउंड का एसेट बचा है और उनकी कोई आमदनी नहीं रह गई है। उन्हें उम्मीद है कि वह इस समस्या से जल्द ही उबर जाएंगे। उन्होंने सबसे ज्यादा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड की कंपनी डायरेक्ट इनवेस्टमेंट लिमिटेड से उधार लिया है, जिसका उन्हें करीब 100 करोड़ पाउंड चुकाना है।
प्रमोद मित्तल साल 2013 में तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अपनी बेटी सृष्टि की शादी एक इनवेस्टमेंट बैंकर गुलराज बहल के साथ की थी। इसमें उन्होंने करीब 485 करोड़ रुपये खर्च किए थे। ये राशि उनके भाई लक्ष्मी मित्तल की बेटी वनिशा की शादी में खर्च की गई राशि से भी ज्यादा थी।
कोर्ट में मित्तल ने कहा, मेरी अब कोई आमदनी नहीं रह गई है। मेरी पत्नी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं। हमारे बैंक खाते अलग हैं। पत्नी की आमदनी के बारे में भी बहुत सीमित जानकारी है। मेरा हर महीने का करीब 2 हजार से 3 हजार पाउंड का खर्च है, जिसे पत्नी और परिवार के दूसरे सदस्य चला रहे हैं। मेरे दिवालिया प्रक्रिया का कानूनी खर्च भी कोई और वहन कर रहा है।