
कोरबा (शोर सन्देश)। कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड के सीपत गांव में रहने वाले किसान वीर सिंह की जिंदगी पानी की रानियों ने बदल दी है। कभी कर्जे में डूबे वीर सिंह ने राज्य शासन के मछली पालन विभाग की सरकारी योजनाओं और तकनीकी सलाह से मछलियों की खेती कर पहले अपना कर्जा चुकाया, फिर नई बाइक खरीदी। अपनी बेटियों को डोंगातराई के डीएव्ही स्कूल में दाखिल कराया और अब मछली पालन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने की योजना बनाई हैं। मछली पालन से मिली आय ने वीर सिंह और उसके परिवार की जिंदगी में यू-टर्न ला दिया है। मछली पालन के साथ-साथ सब्जी की खेती, मुर्गी पालन भी वीर सिंह ने शुरू किया है। अब इस व्यवसाय को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के लिए पोल्ट्री और बतख पालन की भी बड़ी योजना वीर सिंह ने बना ली है। अपनी जुबानी वीर सिंह बताते हैं कि उनके पास अपने पुर्खों का 0.4 हेक्टेयर पुश्तैनी तालाब था जिस पर वे मछली पालन किया करते थे। इसके साथ ही सात एकड़ की जमीन थी जिस पर मानसून आधारित खेती भी होती थी। उत्पादन कम होने से आर्थिक तंगी थी। दो बेटों और दो बेटियों के परिवार की जरूरतें पूरी करने कई बार कर्जा लेना पड़ता था। ऐसे में मछली पालन विभाग के अधिकारियों से सलाह के बाद शासकीय अनुदान पर 0.5 हेक्टेयर का तालाब और तीन पोखर बनाकर वीर सिंह मछली पालन से जुड़ गये। विभागीय अधिकारियों ने तकनीकी सलाह दी और मछली पालन तथा मछली बीज उत्पादन से वीर सिंह का व्यवसाय चल निकला। पिछले दो सालों में वीर सिंह ने केवल मछलियों से ही लगभग तीन लाख रूपये की आय अर्जित कर ली है। वीर सिंह बताते हैं कि मछली पालन का व्यवसाय मेरे और मेरे परिवार के लिए वरदान साबित हुआ है। पिछले तीन सालों से चढ़े कर्जे को वीर सिंह ने इस आय से अब चुका दिया है। पिछले वर्ष ही 75 हजार रूपए की नई मोटर साइकिल और कुंए से पानी निकालने के लिए नया पंप भी खरीदा है। मोटर साइकिल व पम्प से मछली पालन के व्यवसाय में अच्छी मदद हो जा रही है। वीर सिंह ने अपनी दो बेटियों को डोंगातरई के डीएव्ही स्कूल में पढ़ाने के लिए कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं में दाखिल भी कर दिया है। इस वर्ष उन्होंने अपने खेत के पोखर के आसपास गोभी व टमाटर की खेती कर 30-40 हजार रूपये की अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त की है। वीर सिंह की योजना अब इस व्यवसाय को समन्वित खेती के रूप में विकसित करने की है। उन्हांेने इस दिशा में कदम भी बढ़ा दिये हैं। 500 मुर्गी-चुजे से वीर सिंह ने मछली पालन के साथ-साथ कुक्कुट पालन का व्यवसाय भी शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में पोल्ट्री और बतख पालन को भी मछली पालन से जोड़कर प्रति हेक्टेयर मछली उत्पादन बढ़ाने की वीर सिंह की योजना है। वीर सिंह के अनुसार इस वर्ष उन्होंने अपने तालाबों में मछली पालन विभाग द्वारा मिली मेजर काॅर्प, काॅमन काॅर्प, ग्रास काॅर्प, पंगेशियस, मांगुर आदि मछलियों के बीज संवर्धन और पालन किया है। इस वर्ष मछली बीजों को बेचकर ही अभी तक वे 40 हजार रूपए कमा चुके हैं। कोरोना संक्रमण के कारण लाॅकडाउन के चलते मछली बीज बेचना प्रभावित हुआ है, तो वीर सिंह ने अब लगभग 10 हजार बीज को बड़ा कर टेबल फिश तैयार कर तीन लाख रूपये तक की आय प्राप्त करने की योजना पर भी अमल शुरू कर दिया है। उनकी इस योजना से अगले तीन वर्षों तक तीन-तीन लाख रूपए की आय की संभावना है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेतों और रुपये की विनिमय दर में सुधार के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना मंगलवार को 1,049 रुपये की गिरावट के साथ 48,569 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में सोने का भाव 49,618 रुपये प्रति 10 ग्राम था। बिकवाली दबाव के कारण चांदी भी 1,588 रुपये की गिरावट के साथ 59,301 रुपये प्रति किलो ग्राम पर आ गयी। पिछले सत्र में इका बंद भाव 60,889 रुपये प्रति किग्रा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव हानि के साथ 1,830 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 23.42 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। कोविड-19 के टीके के संदर्भ में उम्मीद बढ़ने और बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभाव संभालने की तैयारियों के मद्देनजर सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई।`

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अगले 10 दिनों में यानी दिसंबर से कैश ट्रांसफर से जुड़े बैंकों के नियम बदल जाएंगे। दरअसल, आरबीआई ने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) को लेकर नियम में बदलाव किया है। अब लोग 24 घंटे आरटीजीएस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। ये व्यवस्था आरबीआई को दिसंबर से लागू करनी है। अभी ये सर्विस 24 घंटे काम नहीं करती। आरबीआई के इस फैसले से बड़ी ट्रांजेक्शन या फंड ट्रांसफर करने वाले लोगों और कारोबारियों को फायदा होगा। आरबीआई आरटीजीएस की 24 घंटे की सर्विस दिसंबर से शुरू करेगा। अभी आरटीजीएस की सर्विस सुबह 8 बजे से शाम 7:55 बजे तक ही मिलती है। आरबीआई ने अपनी पिछली मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय पहली बैठक के बाद जारी समीक्षा में कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर ऐसे गिने चुने देशों में होगा जहां 24 घंटे, सातों दिन, बारह महीने बड़े मूल्य के भुगतानों के तत्काल निपटान की प्रणाली होगी। आरटीजीएस फंड ट्रांसफर करने की एक तेज प्रक्रिया है। इस सिस्टम के जरिए आप एक बैंक अकाउंट से दूसरे में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। आरटीजीएस में न्यूनतम 2 लाख रुपये फंड ट्रासफर कर सकते हैं। इसमें अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। आरटीजीएस के जरिए तुरंत पैसा पहुंच जाता है। ये लगते हैं चार्जेस सुबह 8 बजे से 11 बजे तक आरटीजीएस करने पर कोई चार्ज नहीं लगता। 11 से 2 बजे तक 2 रुपये और शाम 6 बजे के बाद 10 रुपये चार्ज लगता है।

00 फिक्की और सीआईआई की चुप्पी पर भी कैट ने उठाये सवाल
रायपुर (शोर सन्देश)। भारतीय कम्पनी फ्यूचर ग्रुप पर अमेजन के अनैतिक कब्जे की कोशिश पर कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने कहा की बेशक भारतीय कम्पनी फ्यूचर ग्रुप से व्यापारियों के मतभेद हैं लेकिन राष्ट्र हित में विदेशी कम्पनी और भारतीय कम्पनी की इस लड़ाई में कैट खुल कर भारतीय कम्पनी का साथ देगा। कैट ने इस मामले पर फिक्की और सीआईआई जैसे उद्योग संगठनों की चुप्पी पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा की ये संगठन अभी तक इस मामले पर क्यों नहीं बोले। ऐसा प्रतीत होता है की इसके पीछे कहीं इन संगठनों का निहित स्वार्थ तो नहीं छुपा हुआ है। कैट ने कहा की भारतीय कम्पनी के साथ हमारे मतभेद देश का अंदुरनी मामला है। इसे हम सुलझा लेंगे, किन्तु कोई विदेशी कम्पनी यदि भारतीय कम्पनी का अनैतिक तरीके से अधिग्रहण करेगी तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कैट ने 4 नवम्बर को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीथारमन एवं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल को सबूती दस्तावेज के साथ एक ज्ञापन भेजकर अमेजन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है। कैट ने अपने ज्ञापन में अमेजन पर भारत सरकार की एफडीआई पालिसी एवं विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के उल्लंघनों में शामिल होने के लिए अमेजन पर सीधे आरोप लगाए थे और भारत में मल्टी ब्रांड रिटेल गतिविधियों चलाने के लिए सरकार की अनिवार्य अनुमति नहीं लेने का आरोप भी लगाया था।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने कहा की भारत के व्यापारी अमेजन द्वारा उनके व्यापार को नष्ट किये जाने को लेकर बेहद चिंतित हैं क्योंकि अमेजन उनका व्यापार नष्ट करने पर तुला है। इसीलिए अमेजन हर रास्ता अपना कर भारत के रिटेल कारोबार पर अपना कब्जा जमाने के लिए कुछ भी अधिकृत अथवा अनधिकृत रास्ता अपना कर मनमानी व्यापारिक गतिविधियां कर रहा है। यह तो फ्यूचर समूह और अमेजॅन के बीच लड़ाई है जिसके चलते अमेजॅन द्वारा सिंगापुर में स्तिथि आर्बिट्रेशन पैनल में जिरह के दौरान अमेजन ने इस बात को स्वीकार किया की वो फ्यूचर रिटेल जो की एक मल्टी ब्रांड रिटेल कम्पनी है को भी नियंत्रित कर रहा है जो सरकार की एफडीआई नीति के खिलाफ है दी गई।
श्री पारवानी ने कहा की अमेजॅन फ्यूचर ग्रुप में निवेश (एफसीएल के माध्यम से) फेमा 1999 अधिनियम की धारा 13 का उल्लंघन है। यह फेमा के नियम 23 के स्पष्टीकरण (डी) का भी उल्लंघन करता है, फेमा के अनुसूची -1 के तहत निर्धारित प्रवेश मार्ग का उल्लंघन करता है, अनुसूची -1 के खंड 15.4 का भी यह स्पष्ट उल्लंघन है। यह एफडीआई नीति के प्रेस नोट नंबर 2 के तहत निर्धारित शर्तों का भी घोर उल्लंघन करता है। अमेजन द्वारा फेमा का ऐसा उल्लंघन फेमा अधिनियम की धारा 13 में निर्दिष्ट जुर्माना लगाने के लिए एक प्रमाणित मामला है जिसके अनुसार मौद्रिक जुर्माना उल्लंघन में शामिल राशि का तीन गुना तक है जिसका अर्थ है कि अमेजन 1 लाख 20,000 करोड़ रुपये के मौद्रिक दंड के लिए उत्तरदायी है। इसके अतिरिक्त, प्रवर्तन निदेशालय यह निर्देश दे सकता है कि ष्किसी भी मुद्रा, सुरक्षा या अन्य धन या संपत्ति जिसके संबंध में उल्लंघन हुआ हैष् केंद्र सरकार जब्त कर सकती है। अंत में, सिंगापुर आर्बिट्रेटर द्वारा पारित अंतरिम पुरस्कार ने कथित तौर पर यह स्थापित किया है कि अमेजॅन के स्वयं के प्रवेश पर भी, इसका पूरा निवेश एफआरएल में अपने विशिष्ट नियंत्रण अधिकारों की ओर है। श्री पारवानी ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मुद्दे पर सरकार के कानूनों और नियमों में व्यापारियों का विश्वास बहाल करने के लिए कैट ने संबंधित अधिनियम और नियमों के तहत आरबीआई, सेबी और प्रवर्तन निदेशालय से अमेजॅन के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने की भी मांग की है।

मुंबई (शोर सन्देश)। घरेलू शेयर बाजार के सकारात्मक रुख और अमेरिकी मुद्रा की कमजोरी के चलते रुपया शुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे मजबूत होकर 74.15 के स्तर पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.15 पर खुला, जो पिछले बंद के मुकाबले 12 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.27 पर बंद हुआ था।
कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी कोषों की लगातार आवक से स्थानीय मुद्रा को भी मदद मिली।
रिलायंस सिक्योरिटीज ने एक शोध टिप्पणी में कहा कि घरेलू इक्विटी और ऋण बाजार में इस महीने अभी तक छह अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश हो चुका है, जबकि महीने में अभी एक सप्ताह का कारोबार बाकी है। शोध टिप्पणी में आगे कहा गया कि केंद्रीय बैंक इस आवक को लगातार काबू में करने की कोशिश कर रहा है, जो रुपये की बढ़त को सीमित कर सकता है। बाजार का अनुमान है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व दिसंबर में मौद्रिक नीति में राहत दे सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्ब की अगली बैठक 15 और 16 दिसंबर को होनी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। घरेलू सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने के हाजिर भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार को सोने के हाजिर भाव में 694 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट से दिल्ली में सोने का भाव 51,215 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। सिक्युरिटीज के अनुसार, भारतीय रुपये में मजबूती के चलते सोने के भाव में यह गिरावट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि इससे पिछले सत्र में मंगलवार को सोना 51,909 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।हालांकि, घरेलू सर्राफा बाजार में बुधवार को चांदी की कीमत में इजाफा हुआ है। सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में 126 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोत्तरी हुई है। इस बढ़त से सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत बढ़कर 63,427 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सत्र में मंगलवार को चांदी का भाव 63,301 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्युरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (कमोडिटीज) तपन पटेल ने बताया कि दिल्ली में 24 कैरेट सोने के हाजिर भाव में भी बुधवार को भारतीय रुपये में मजबूती के चलते 694 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रुपया बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों के सकारात्मक रहने और विदेशी फंड की आवक के चलते एक डॉलर के मुकाबले 13 पैसे की मजबूती के साथ 73.33 पर बंद हुआ है। वहीं, अतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो बुधवार को सोना बढ़त के साथ और चांदी स्थिर ट्रेंड करती दिखी। सोना बुधवार को 1892 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करता दिखाई दिया। उधर चांदी 23.73 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करती देखी गई।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। मार्च के बाद से यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में आगे तेजी को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस बीच डॉलर में भी तेजी देखने को मिल रही है। यही कारण है कि अब सोने की मांग में कमी आई है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से आर्थिक रिकवरी का अनुमान कमजोर हो रहा है, खासकर यूरोप में।
00 आगे भी डॉलर में तेजी का अनुमान
पिछले सप्ताह सोने के दाम में 4.6 फीसदी की गिरावट आई है. जबकि चांदी भी 15 फीसदी तक लुढ़की है। जानकारों का मानना है कि डॉलर में मजबूती से सोने पर दबाव बढ़ा है। अनुमान है कि अगले सप्ताह अन्य करंसी के मुकाबले डॉलर में बीते 6 महीने की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
दरअसल, सोने की कीमतों में तेजी से महंगाई को मात देने में मदद मिलती है। लेकिन उपभोक्ता मूल्यों में वृद्धि की वजह से अब सोने के भाव को झटका लग रहा है। अमेरिका के फेडरल रिज़र्व अधिकारियों का कहना है कि केवल केंद्रीय बैंक ही अकेले अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर सकता है। कोरोना के आंकड़ों में इजाफा होने से महंगाई का डर बढ़ गया है। लिहाजा इसका असर अब सोने के दाम पर भी पड़ रहा है।
00 घरेलू बाजार में भी लुढ़के दाम
घरेलू बाजार की बात करें तो मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को सोने का वायदा भाव 238 रुपये लुढ़कर 49,666 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गोल्ड के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट देखने को मिली। चांदी करीब 1 फीसदी लुढ़ककर 59,018 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। साप्ताहिक आधार पर देखें तो सोने के भाव में करीब 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट रही। जबकि, चांदी करीब 9,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हुई है।

रायपुर. (शोर सन्देश). आईसीआईसीआई बैंक छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के कोविड अस्पतालों के लिए 100 ऑटोमेटिक सेनिटाइजर डिस्पेंसर दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव को बैंक के अधिकारियों ने आज सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में ये डिस्पेंसर सौंपे। स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आयुक्त डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं श्री नीरज बंसोड़ भी इस दौरान मौजूद थे। प्रदेश के विभिन्न कोविड अस्पतालों में बैंक द्वारा ये ऑटोमेटिक सेनिटाइजर डिस्पेंसर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही बैंक द्वारा 500 लीटर सेनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया है।
कोविड-19 के संभावित मरीजों से जांच के लिए सैंपल संकलित करने आईसीआईसीआई बैंक द्वारा रायगढ़ जिला प्रशासन को सैंपल कलेक्शन वैन भी दिया गया है। बार-बार पीपीई किट बदले बिना इस वैन से दो लैब तकनीशियनों द्वारा सुरक्षित तरीके से सैंपल संकलित किए जा सकते हैं। प्रदेश भर के विभिन्न शासकीय कार्यालयों के लिए भी बैंक द्वारा 100 ऑटोमेटिक सेनिटाइजर डिस्पेंसर और 250 लीटर सेनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कोविड-19 से लड़ाई में इस सहयोग के लिए आईसीआईसीआई बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश )। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने आपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने मिनिमम बैलेंस रखने का चार्ज और एसएमएस चार्जेज अब बचत खाता वाले ग्राहकों से नहीं लेगा। बैंक ने अब ये शुल्क माफ कर दिया है। हमारे सहयोगी लाइव मिंट की खबर के मुताबिक SBI ने ट्वीट कर कहा है कि एसबीआई बचत खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। अब आपको एसएमएस सेवा और मासिक न्यूनतम राशि नहीं रखने पर भी शुल्क नहीं लेगा। एसबीआई के 44 करोड़ से अधिक बचत खाताधारकों ये सुविधा मिलेगी।

00 कीमत की नहीं किया खुलासा
नई दिल्ली/रायपुर (शोर सन्देश)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर महिंद्रा कंपनी अपनी नई महिंद्रा थार 2020 पेश की है। महिंद्रा की इस नई थार में कई नए फीचर्स शामिल किए गए हैं। बहुत से लोग इसके फीचर्स को लेकर उत्सुक थे। इसमें नए डिजाइन, मॉडर्न इंटीरियर और नया पेट्रोल का इंजन दिया गया है। इसमें पहले के मुकाबले अंदर कैबिन में ज्यादा स्पेस दिखाई पड़ता है। साथ ही इसके लुक को कंपनी ट्रडिशनल ही रखा है। भारतीय बाजार में इसके दो वेरिएंट उपलब्ध होंगे. इसमें एक वेरिएंट एलएक्स तो दूसरा एएक्स होगा।
महिंद्रा ने पहली बार थार में पेट्रोल इंजन लेकर आई है। यह इंजन 2 लीटर का टब्रोचाजर्ड एमस्टालियन का होगा। इसमें 150 बीचपी की मैक्सिम पॉवर होगी और यह 320 एनएम की पीक टॉर्क जनरेट करेगा।
इसके साथ ही थार के डीजल मॉडल में के लिए बीएस6 कंप्लाएंट वाला 2.2-लीटर का एमहॉक डीजल इंजन दिया गया है। इसके डीजल इंजन में 130 बीएचपी की अधिकतम पॉवर क्षमता होगी. इसके साथ ही यह 300 एनएम की पीक टॉर्क जेनरेट कर सकेगा।
महिंद्रा ने अपनी नई जेनरेशन की थार कीमत का अभी खुलासा नहीं किया है। कंपनी के अनुसार इसकी कीमतों का खुलासा 2 अक्टूबर को किया जाएगा। इसकी कीमत के खुलासे के साथ ही 2 अक्टूबर से इसकी बुकिंग शुरू की जाएगी। अपनी इस नई जेनरेशन की थार में महिंद्रा ने 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ-साथ 6-स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कनवर्टर का विकल्प दिया है।