नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस महामारी के बीच पिछले सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। मार्च के बाद से यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में आगे तेजी को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस बीच डॉलर में भी तेजी देखने को मिल रही है। यही कारण है कि अब सोने की मांग में कमी आई है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों की वजह से आर्थिक रिकवरी का अनुमान कमजोर हो रहा है, खासकर यूरोप में।
00 आगे भी डॉलर में तेजी का अनुमान
पिछले सप्ताह सोने के दाम में 4.6 फीसदी की गिरावट आई है. जबकि चांदी भी 15 फीसदी तक लुढ़की है। जानकारों का मानना है कि डॉलर में मजबूती से सोने पर दबाव बढ़ा है। अनुमान है कि अगले सप्ताह अन्य करंसी के मुकाबले डॉलर में बीते 6 महीने की सबसे बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है।
दरअसल, सोने की कीमतों में तेजी से महंगाई को मात देने में मदद मिलती है। लेकिन उपभोक्ता मूल्यों में वृद्धि की वजह से अब सोने के भाव को झटका लग रहा है। अमेरिका के फेडरल रिज़र्व अधिकारियों का कहना है कि केवल केंद्रीय बैंक ही अकेले अर्थव्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर सकता है। कोरोना के आंकड़ों में इजाफा होने से महंगाई का डर बढ़ गया है। लिहाजा इसका असर अब सोने के दाम पर भी पड़ रहा है।
00 घरेलू बाजार में भी लुढ़के दाम
घरेलू बाजार की बात करें तो मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को सोने का वायदा भाव 238 रुपये लुढ़कर 49,666 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गोल्ड के साथ-साथ चांदी में भी गिरावट देखने को मिली। चांदी करीब 1 फीसदी लुढ़ककर 59,018 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। साप्ताहिक आधार पर देखें तो सोने के भाव में करीब 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट रही। जबकि, चांदी करीब 9,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हुई है।