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राज्य-केन्द्र सरकार के समन्वय से छत्तीसगढ़ का होगा तेजी से विकास : मनोहर लाल

10-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  केन्द्रीय विद्युत तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को अपने रायपुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ में ऊर्जा तथा शहरों में आवास व जनसुविधाएं विकसित करने किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित बैठक में कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास होगा। छत्तीसगढ़ में बिजली और आवास से संबंधित सभी आवश्यकताएं पूर्ण करने के लिए भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनेक सुधारवादी कदम उठाएं जा रहे हैं। जनआकांक्षाओं के अनुरूप काम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरूण साव, केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और मुख्य सचिव अमिताभ जैन भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में कहा कि लोगों को सस्ती और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने केन्द्र सरकार द्वारा अनेक अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं हैं। उन्होंने राज्य सरकार को भारत सरकार द्वारा दी जा रही सभी निधियों और अनुदानों का पूर्ण उपयोग करने को कहा। राज्य में जिस तेजी से काम होंगे, उसी तेजी से भारत सरकार द्वारा राशि जारी की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में विकास योजनाओं को लेकर केन्द्र सरकार की ओर से कोई कठिनाई नही आएगी। दोनों बेहतर समन्वय से काम करेंगे।
केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में सुझाव दिया कि क्लिीन सिटी के तहत रायपुर को मिली 100 बसों का उपयोग नया रायपुर और रायपुर के बीच चलाने के लिए भी कर सकते हैं। उन्होंने विद्युत विभाग के अंतर्गत लाइन-लॉस को कम करने के लिए किए जा रहे कार्यों, स्मार्ट मीटर की स्थापना, विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में विद्युतीकरण और बिजली उत्पादन के लिए कोयला की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने आवासन एवं शहरी कार्यों के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम ई-बस सेवा, स्मार्ट सिटी मिशन और राष्ट्रीय शहरी विकास मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि कार्यभार सम्भालने के एक माह के भीतर ही वे यहां विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उनके सहयोग से राज्य में विकास की गति को तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य में तेजी से काम हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ जल्दी ही ’पॉवर सरप्लस स्टेट’ का दर्जा वापस पा लेगा। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश में पिछले छह महीनों में किसानों और छोटे कामगारों के लिए बिजली की उपलब्धता में सुधार आया है। किसानों को तीन एचपी तक कि सिंचाई पंपों में सालाना छह हजार यूनिट तक और तीन से पांच एचपी के पंपों में साढ़े सात हजार यूनिट तक के बिजली बिल में छूट दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृति के लिए लंबित 19 हजार 906 आवास एवं विकसित भारत संकल्प यात्रा में एकत्रित आवेदनों के अनुरूप राज्य को पुनरीक्षित केन्द्रांश के साथ करीब 50 हजार आवासों को प्राथमिकता से स्वीकृत करने का अनुरोध किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज की यह बैठक राज्य में ऊर्जा और शहरी विकास को नई गति प्रदान करेगी।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरूण साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के लिए भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हम लगातार काम कर रहे हैं। राज्य में स्वच्छता, आवास, आजीविका, पेयजल इत्यादि के लिए तेजी से काम हो रहे हैं। इन कार्यों में प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार के सहयोग से इन कार्यों में आगे और भी तेजी आएगी। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा, विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की निदेशक अनिता मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक कुंदन कुमार, क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा और एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक प्रदीप्ता कुमार मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
 

सीएम साय की उपस्थिति में जैव विविधता पार्क में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान 11 को

09-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 11 जुलाई को अटल नगर नवा रायपुर स्थित जैव विविधता पार्क में एक पेड़ मां के नाम अभियान का आयोजन संध्या 4 बजे से होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित समस्त अतिथिगणों द्वारा पौधों का रोपण किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप करेंगे।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा एवं मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद बृजमोहन अग्रवाल,  विधायक अभनपुर इंद्र कुमार साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन,  अपर मुख्य वन सचिव ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव एवं अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारियों, वनप्रबंधन समिति के सदस्यों, छात्रों एवं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी अपनी मां के नाम वृक्षारोपण किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ प्रारंभ किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत देश में सितम्बर 2024 तक 80 करोड़ एवं मार्च 2025 तक 140 करोड़ वृक्षों का रोपण किए जाने का लक्ष्य है।
‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग द्वारा वन एवं वनेत्तर क्षेत्रों में 03 करोड़ 85 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के तहत वृक्षारोपण स्थलों का नामकरण स्थानीय देवी-देवताओं के नाम से करने का आह्वान किया है। सभी जिलों में ग्राम एवं पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होगा। इस अभियान के तहत आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बेर, तेन्दू, गंगाईमली जैसे फलदार पौधे तथा लघु वनोपज एवं औषधीय प्रजाति के पौधों जैसे- हर्रा, बहेड़ा, आंवला, नीम, पुत्रन्जीवा, काला सिरस, रीठा, चित्रक आदि प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में छायादार प्रजातियां बरगद, पीपल, मौलश्री, कदम, पेल्ट्राफार्म, गुलमोहर, करंज, अशोक, अर्जुन के साथ अन्य प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है। अभियान अंतर्गत सभी स्कूलों, छात्रावासों, आंगनवाड़ी केन्द्र, पुलिस चैकी, अस्पताल, शासकीय परिसर, शासकीय एवं अशासकीय भूमि, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की रिक्त भूमि पर इस महावृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि एक पेड़ मां के नाम महावृक्षारोपण अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक-से-अधिक पौधे रोपित कर छत्तीसगढ़ को हरा-भरा बनाकर पर्यावरण संतुलन बनाये रखना है। इस कार्य में समस्त शासकीय विभाग, गैर सरकारी संगठन, स्वयं सेवी संस्थान, सभी स्तर के पंचायत संस्थान, विद्यालय, स्कूल, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाकर उनकी भागीदारी से वृक्षारोपण कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
 

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्कूल जतन योजना अंतर्गत स्वीकृत-निर्माणाधीन कार्यों की जांच शुरू

09-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत वर्ष 2022-23 में मरम्मत योग्य शालाओं के जीर्णोद्धार एवं अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत कार्याें की जांच शुरू कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने सभी कलेक्टरों को उक्त योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के औचित्य, आवश्यकता, पूर्णता तथा निर्माणाधीन कार्याें की स्थिति की विशेषज्ञ समिति से जांच कराकर निर्धारित प्रपत्र में 15 दिवस के भीतर जानकारी लोक शिक्षण संचालनालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने इस संबंध में कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि योजना के तहत स्वीकृत कार्याें के लिए विभाग द्वारा पूर्व में राशि जारी की गई थी। निर्माण कार्याें की गुणवत्ता को लेकर शासन को शिकायतें मिली है। उन्होंने कलेक्टरों को सभी कार्याें की अद्यतन स्थिति की जांच कराने के निर्देश तथा गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्धारित प्रारूप में शाला का नाम, स्वीकृत कार्य, स्वीकृत राशि, कार्य की भौतिक स्थिति, लागत, औचित्य एवं आवश्यकता, गुणवत्ता के संबंध में रिपोर्ट देने को कहा है। 
 
 

मुख्यमंत्री की पहल: लोगों को मिली एक और नई सुविधा,भूमि-मकान आदि के पंजीयन के समय ऑनलाईन पेमेंट की सुविधा

09-Jul-2024
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर लोगों को एक और नई सुविधा मिलने जा रही है। राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में लोगों को अपने भूमि-मकान आदि के एनजीडीआरएस प्रणाली में पंजीयन के समय ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेने के पूर्व ही नेटबैंकिंग अथवा यूपीआई दोनों तरीके से भुगतान करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। 
वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक द्वारा लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पंजीयन विभाग द्वारा ऑनलाईन शुल्क भुगतान की सुविधा को एनजीडीआरएस प्रणाली में जुलाई 2024 से लाईव किया गया है। पक्षकार रजिस्ट्री कराने हेतु ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेने के पूर्व ही नेटबैंकिंग अथवा यूपीआई दोनों तरीके से भुगतान कर सकते हैं।
गौरतलब है कि राज्य के सभी पंजीयन कार्यालयों में एनआईसी द्वारा निर्मित एनजीडीआरएस प्रणाली से दस्तावेजों के पंजीयन का कार्य हो रहा है। ऑनलाईन पेमेंट की सुविधा न होने से पंजीयन शुल्क नगद, चेक तथा डीडी के माध्यम से जमा किया जाता रहा हैं। ऑनलाईन शुल्क भुगतान की सुविधा होने से विभाग कैशलेस के साथ पेपरलेस एवं फेसलेस पंजीयन की दिशा में अग्रसर हो सकेगा, जिसमें आधार आधारित वेरिफिकेशन किया जाकर पक्षकारों को घर बैठे ही संपत्ति के क्रय-विक्रय संबंधी विलेखों के पंजीयन की सुविधा प्रदान की जा सकेगी।
पंजीयन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में आम जनता को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े इसके लिए वर्तमान में ऑनलाईन शुल्क भुगतान के साथ नगद अथवा चेक के माध्यम से फीस लिये जाने की व्यवस्था आगामी आदेश तक जारी रहेगी। ऑनलाईन भुगतान होने से पक्षकारों को सुविधा के साथ-साथ पंजीयन कार्यालय के कर्मचारियों को भी कैश हैंडलिंग की समस्या से राहत होगी।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं एवं पंजीयन कार्य से जुडे व्यक्तियों को ऑनलाईन भुगतान के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रशिक्षण प्रदाय किया गया है तथा विभाग द्वारा कैशलेश प्रणाली के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए अधीनस्थ पंजीयन कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। विभाग द्वारा ऑनलाईन पेमेंट गेटवे के अतिरिक्त पंजीयन कार्यालयों में स्वाईप मशीनों की स्थापना भी की जा रही है। इससे दस्तावेजों का पंजीयन कराने वाले पक्षकारों को सुविधा होगी।
 

मुख्यमंत्री साय से भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

09-Jul-2024
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां उनके निवास कार्यालय में "भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश" के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर विचार कर उचित कार्यवाही करने आश्वस्त किया।
प्रतिनिधिमंडल में  वीरेंद्र नामदेव, जे.पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, बी.एस. दसमेर, आर.एन. ताटी, आर. जी. बोहरे, किशोर कुमार जाधव, एस.पी. ठाकुर,दिनेश कुमार सतमन, सुश्री मिता मुखर्जी, सुश्री जयमनी ठाकुर, सुश्री सरोज साहू, पी. एस. ठाकुर, धरमसिंग ठाकुर एवं आर.के. दीक्षित शामिल थे।
 

रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल हरिचंदन

07-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन रविवार को गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की एवं भगवान के प्रथम सेवक के रूप में छेरा-पहरा की रस्म निभाई। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, उत्तर रायपुर क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री से सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

07-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहां उनके निवास कार्यालय में सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने कबीर संस्थान एवं यथार्थ फाउंडेशन के तत्त्वावधान में गुरु पूर्णिमा पर आयोजित किये जा रहे सन्त सम्मेलन व स्नेह मिलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस समारोह में छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से भी संतगण हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री साय ने गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आमन्त्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार जताया।
इस अवसर पर सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन संस्थान के अध्यक्ष संत रविकर साहेब, सचिव घनश्याम साहेब, बलवान साहेब,  विजय साहेब, क्षेमेंद्र साहेब, रतन साहेब, भूमेश्वर साहेब,  रेमन दास जी , गणराज जी, रमाकांत जी, हेमप्रकाश जी, पुष्कर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

आपकी उपलब्धियां कठिन परिश्रम, समर्पण, शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण : राज्यपाल हरिचंदन

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में विभिन्न सत्रों की परीक्षाओं में छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, पात्रोपधि के लिए उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर राम प्रताप सिंह एवं सुरभा देश पांडे को विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि दी गई। समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएचडी छात्रों को उपाधि प्रदान की गई एवं इस उपाधि के आचार एवं गौरव की रक्षा करने के संदेश दिए गए। अतिथियों ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को अग्रिम भविष्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल हरिचंदन ने समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि मुझे छठवें दीक्षांत समारोह में शामिल होते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी और उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के परिवारजनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सहयोग त्याग एवं मार्गदर्शन में आपने ये महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आपकी महत्वपूर्ण उपलब्धियां आपके कठिन परिश्रम, समर्पण, आपकी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय 21 मार्च 2005 को स्थापित हुआ। पंडित सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ में जन जागरूकता एवं सामाजिक प्रगति लाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह विश्वविद्यालय पंडित सुंदरलाल शर्मा जी के सपनों को गढ़ने एवं साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उच्च शिक्षण गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड दिए जाने के लिए भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल हरिचंदन ने कहा कि विकसित भारत, समृद्ध भारत की संकल्पना पर आधारित है। विकसित भारत संकल्पना के जरिए क्षेत्र के सभी नागरिकों को अपनी क्षमता के अनुसार विकास करने के अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजाति क्षेत्र में रहने वाले अति पिछड़े समुदायों तथा कॉविड-19 से प्रभावित  लोगों को शिक्षा का अवसर प्रदान कर अपने सामाजिक सरोकारों के उद्देश्य को भी पूरा कर रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए स्वर्ण पदक एवं उपाधि हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे प्रसन्नता है कि हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का एकमात्र यह मुक्त विश्वविद्यालय अपने अकादमिक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है। दूरस्थ अंचलों में बसे ऐसे शिक्षार्थियों के लिए जो किसी कारणवश उच्च शिक्षा से वंचित रह गए हैं या नौकरी पेशा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो अपने भावी सपनों को साकार करना चाहते हैं उनके लिए यह विश्वविद्यालय शिक्षा के अवसर प्रदान करने का प्रमुख केंद्र बन गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, मुझे खुशी है कि यह विश्वविद्यालय अपने ध्येय वाक्य ‘‘उच्च शिक्षा आपके द्वार‘‘ के अनुरूप अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, शिक्षा का मूल उद्देश्य सर्वे भवंतु सुखिनः के ध्येय वाक्य के साथ एक दूसरे की मदद करना है। हमारे राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किए जाने से युवाओं में तार्किक क्षमता के संवर्धन के साथ ही उनका सर्वांगीण विकास होगा। इस विश्वविद्यालय को यूजीसी के 235 विश्वविद्यालय की उस सूची में शामिल किया गया है जो संयुक्त अथवा दोहरी डिग्री दे सकता है। अब यह विश्वविद्यालय विदेशी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री के लिए कार्यक्रम शुरू कर सकता है यह खुशी की बात है कि हमारे छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी विदेशी विश्वविद्यालय से जुड़ सकेंगे।
विश्वविद्यालय परिवार की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, मेरा सुझाव है कि विश्व के लोगों का छत्तीसगढ़ की भाषा और संस्कृति से परिचय कराया जाए, इस दिशा में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम की शुरुआत इस विश्वविद्यालय ने की है यह सराहनीय कदम है। इस विश्वविद्यालय का अध्ययन-अध्यापन के साथ यह भी दायित्व बनता है कि छत्तीसगढ़ अंचल के भाषा संस्कृति को समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री साय ने समारोह में उपस्थित जनों से एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि अपने आसपास सुलभ जगह देखकर आप सभी एक पेड़ माँ के नाम जरुर लगाएं और उसकी देखरेख करें।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा की विश्वविद्यालय परिवार द्वारा पूरे मनोयोग से विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। रामचरितमानस के पाठ्यक्रम संचालित कर यहां पर आध्यात्म से जुड़ी शिक्षा दी जा रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए पाठ्यक्रम में आमूल चूल परिवर्तन किया गया है और विषयों के बंधन से मुक्त किया गया है। योग्यता, गुणवत्ता एवं आवश्यकता पर आधारित विषयों को समाहित कर पाठ्यक्रम को वर्तमान उद्देश्यों के अनुरूप बनाया गया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दीक्षांत समारोह में अपना उद्बोधन देते हुए स्वर्ण पदक, उपाधि प्राप्तकर्ताओं एवं स्वर्ण पदक पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा की व्यक्ति के लिए शिक्षा एवं संस्कार महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, शिक्षा जहां मनुष्य को अपने कार्य क्षेत्र से संबंधित कौशल प्रदान करता है वहीं संस्कार मनुष्य को समाज में श्रेष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है। मानव जीवन में शिक्षा महत्वपूर्ण स्थान रखता है शिक्षित व्यक्ति अपना समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कुलपति बंशगोपाल सिंह ने कहा कि यह विश्वविद्यालय अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया,  विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर सीएम साय ने किया नमन

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्र की अखंडता और समाज की उन्नति के लिए आजीवन कार्य करने वाले महान चिंतक  डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सीएम साय ने कहा कि देश की एकता को और अधिक मजबूत करने की दिशा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘‘अद्वितीय प्रयासों’’ के लिए प्रत्येक भारतीय उनका ऋणी है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की और एक मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र का सपना देखा। हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. मुखर्जी ने भारतीय राजनीति और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रवाद और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत किया। उनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते हैं। उनके आदर्शों पर चलते हुए हम एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।
 

सभ्य-सुसंस्कृत समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : बृजमोहन अग्रवाल

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  एक सभ्य और सुसंस्कृत समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ज्ञान और सिविक सेंस इन दो स्तंभों पर ही एक मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण संभव है। यह बात रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शुक्रवार को राजधानी स्थित अंजनेय विश्वविद्यालय में 3 दिवसीय सिविक यूथ कॉन्क्लेव में कही। उन्होंने ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, ज्ञान युवाओं को सशक्त बनाता है। शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से वे अपने आसपास की दुनिया को समझते हैं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर राय बनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित होते हैं। ज्ञानवान युवा न केवल बेहतर नागरिक बनते हैं, बल्कि वे देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। जबकि सामाजिक भावना हमको जिम्मेदार नागरिक बनाती है। इसमें हम अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता लाने के साथ ही सामाजिक न्याय, समानता और कानून के शासन का सम्मान करना सीखते है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान जिसमे  सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। सिविक सेंस न केवल हम अपने हितों के लिए, बल्कि समाज के समग्र हित के लिए भी काम करते हैं। इससे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाते हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण में योगदान करते हैं।
विशेष अतिथि जस्टिस गौतम चौरडिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं से समाज और राष्ट्र हित में ईमानदारी से काम करने की सलाह दी। सिविक यूथ कॉन्क्लेव में देश भर से आए सैकड़ों युवा शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में विशेष अंजनेय विश्वद्यालय के चांसलर अभिषेक अग्रवाल, वाइस चांसलर टी रामाराव, सिविक यूथ कॉन्क्लेव के सचिव आर्यन सिन्हा, डीजी अहसान राजा उपस्थित रहे।
 



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