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बिलासपुर पहुंचे सीएम साय, हेलीपैड पर हुआ स्वागत

06-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। सीएम साय यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। 
हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। 
 

राज्यपाल हरिचंदन का बिलासपुर हेलीपैड पर स्वागत

06-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का बिलासपुर पहुंचने पर हेलीपैड पर आत्मीय स्वागत किया गया। राज्यपाल हरिचंदन यहां पंडित सुंदरलाल शर्मा ओपन विश्व विद्यालय के छठें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।
हेलीपैड पर प्रमुख रूप से केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कुलपति वंशगोपाल सिंह, कुलपति एबीएन बाजपेई सहित विधायक अमर अग्रवाल, विधायक धरमलाल कौशिक, विधायक धरमजीत सिंह,  विधायक सुशांत शुक्ला और आईजी संजीव शुक्ला ,कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह ने स्वागत किया। 

अपने स्कूल पहुंचकर मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों को किया याद, कहा - घर से गोबर लाकर करते थे स्कूल की लिपाई

05-Jul-2024
रायपुर, ( शोर संदेश )  राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ग्राम बगिया के उसी स्कूल कैंपस में पहुंचे जहां कई बरस पहले उन्होंने अपनी पांचवी कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि स्कूल को साफसुथरा रखने हम लोग घर से गोबर लाकर लिपाई करते थे। स्कूल के रखरखाव की पूरा गांव चिंता करता था और छत की मरम्मत गांव वाले मिलकर करते थे। टाटपट्टी भी नहीं थी, घर से बोरी लेकर आते थे, सीसी रोड भी नहीं था। पांचवी बोर्ड का सेंटर भी नहीं था और सेरामोंगरा जाना पड़ता था। अब शिक्षा के लिए इतनी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं तो अच्छा लगता है। चूंकि शिक्षा हमारे विकास का मूलमंत्र है अतएव इसकी बेहतरी के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर में दिव्यांग आदर्श आवासीय विद्यालय की घोषणा के साथ ही ग्राम बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने फरसाबहार में हायरसेकेंडरी स्कूल की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे और बगिया वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मैंने बगिया में पांचवीं तक की पढ़ाई की है। शिक्षा मात्र डिग्री या नौकरी हासिल करने के लिए नहीं है। यह जीवन बदलता है। आप शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन स्तर को देखकर स्वयं भी अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षा का जीवन में कितना महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारा देश शिक्षा के  क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। नालंदा और तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त कर बहुत से लोग आगे बढ़े। 
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाया है। इससे अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी दक्षता सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान को विकसित करने किताबों में उनकी स्थानीय भाषाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने राज्य में 211 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समर कैंप का आयोजन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी को बताया कि 6 अगस्त को सभी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों के अभिभावकों को शिक्षक बताएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ाई करते हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। कोई भी अपने जन्मदिन और अन्य विशेष दिन में स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोज दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पदमश्री जागेश्वर यादव को मंच पर अपने पास बुलाकर कहा कि इन्होंने हॉफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल पहने विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जनजाति समाज की निरंतर सेवा की। उनकी सेवा के बदौलत उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति चाहे तो दूसरों की भलाई करके भी बहुत आगे बढ़ सकता है। आप भी इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। 
शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और विशिष्टता होती है। इसे ध्यान देकर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें।
इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चे संकल्प के साथ किये गये प्रयत्न से मुख्यमंत्री जी ने निश्चित ही सफलता मिलती है। आज जिस स्कूल में खड़े हैं इसी स्कूल से अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की है और प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे समय भी संसाधन कम थे लेकिन मेरी मां ने मुझे हमेशा पढ़ने के लिए प्रेरित किया। समाज को बदलने का एकमात्र माध्यम शिक्षा है। इस मौके पर सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सभी सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। आप खूब पढ़े और आगे बढ़ें। विधायक जशपुर रायमुनी भगत ने कहा कि शिक्षकों के साथ अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए मेहनत करें, इससे निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। विधायक पत्थलगांव गोमती साय ने कहा कि सबसे बड़ा धन विद्या धन है। हमें शिक्षा को बेहतर करने के लिए लगातार काम करना है। इस मौके पर विधायक आरंग  गुरु खुशवंत साहेब, जिला पंचायत अध्यक्ष जशपुर शांति भगत, उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। साथ ही स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी, संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा, संचालक डीपीआई दिव्या उमेश मिश्रा, संभागायुक्त जीआर चुरेंद्र, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टररवि मित्तल एसपी शशिमोहन सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
छात्राओं को मुख्यमंत्री ने दी साइकिल
 इस मौके पर हाईस्कूल छात्राओं को मुख्यमंत्री साय ने साइकिल वितरित की। छात्राओं ने घंटी बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। साथ ही उन्होंने मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया। यही नहीं होनहार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों का भी सम्मान किया। साथ ही विनोबा एप के माध्यम से बेहतर शिक्षण कर रहे शिक्षकों का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उनकी बनाई सामग्री देखी। 
एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत माँ के सम्मान में रूद्राक्ष का पौधा रोपा
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत मां के सम्मान में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। साथ ही उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के आग्रह पर एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कोई अपनी मां के सम्मान में पेड़ लगाएगा तो भारत की जनसंख्या के बराबर पेड़ लग जाएंगे, इससे हरियाली का दायरा बहुत बढ़ जाएगा।

जहरीली गैस हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख की घोषणा

05-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच - पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।
गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई।
 

सीएम साय ने 5 ग्रामीणों की मौत पर जताया दुःख

05-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम किकिरदा में कुएं में हुए हादसे से 5 ग्रामीणों की मौत हो गई है। इस दुःखद  घटना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

माँ के सम्मान में सीएम साय ने बगिया में रोपा रुद्राक्ष का पौधा

05-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अपनी जन्मभूमि बगिया में अपनी माताजी के सम्मान में पौधरोपण किया। उन्होंने शासकीय हाईस्कूल बगिया परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि इस अभियान अंतर्गत लगे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को एक नई पहचान देंगे। मुख्यमंत्री साय राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल होने यहां पहुंचे थे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने भी रुद्राक्ष का पौधा लगाया। वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री ओ पी चौधरी ने आंवले का पौधा लगाया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मां के साथ रिश्ता अनमोल होता है। जिस प्रकार मां हमे जीवन देती है, हमारा पालन पोषण करती है, वैसे ही प्रकृति भी हमारे लिए जीवनदायिनी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से हम सभी को जुड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी से  "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पेड़ लगाने आग्रह किया। साथ ही सभी से पौधों का संरक्षण हेतु संकल्प लेने कहा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें। अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। इस अवसर पर रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव गोमती साय, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 

मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

04-Jul-2024
रायपुर । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 4 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में युग प्रवर्तक और युवाओं के प्ररेणास्रोत स्वामी विवेकानंद के पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा है कि स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और आध्यात्म से पूरी दुनिया का परिचय कराया और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। छत्तीसगढ़ ने स्वामी जी के उदार, व्यवहारिक और सुधारवादी सिद्धांतों को अपनाया है। स्वामी जी के बचपन का कुछ समय रायपुर में बीता, यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आज छत्तीसगढ़ स्वामी जी के दिखाए मार्ग और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी। वे महान संत श्री रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे।
 

जनदर्शन : मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से एक सप्ताह के भीतर 5 वर्षीय नूतन की आंख का हुआ इलाज

03-Jul-2024
रायपुर (शोर संदेश ) ।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता से पांच वर्षीय नूतन ठाकुर की आंख का इलाज एक सप्ताह के भीतर हो गया है। नूतन की आंख में खेल-खेल में चोट लग गई थी जिससे उसका रेटिना खराब हो गया था। उसके पिता काशी ठाकुर मुख्यमंत्री निवास में 27 जून को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उनसे नूतन की आंख का इलाज करने के लिए सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नूतन का बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए ।
काशी ठाकुर आज अपनी बेटी को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने नूतन को  दुलार, नाम पूछा और नूतन को अपना आशीर्वाद प्रदान किए। उन्होंने नूतन से कहा अच्छे से पढ़ाई करना। नूतन ने मुख्यमंत्री को बाल सुलभ सहजता के साथ गुलाब का फूल भेंट किया। काशी ठाकुर भी बेटी के इलाज के लिए मिली त्वरित सहायता के लिए मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देते नहीं थकते। 
गौरतलब है कि नूतन के पिता दुर्ग के बोरसीभाटा में रहते हैं, वे माली का काम करते हैं। नूतन का इलाज दुर्गा के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में चल रहा था । आंख की स्थिति देखकर डॉक्टरों ने बताया की आंख में कोई इंप्लांट नहीं हो सकता, इसलिए नकली आंख लगानी पड़ेगी। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर सरकारी खर्च पर नूतन की दाई आंख में पत्थर की आंख लगाइए गई है। नूतन के इलाज के लिए दुर्ग सीएमएचओ द्वारा 25000 रुपए की राशि रायपुर के जीईरोड स्थित आर्ट आई सेंटर को उपलब्ध कराई गई। यह प्रोस्थेटिक सेंटर है, जहां कृत्रिम अंग बनाए जाते हैं। यहां नूतन की दाईं आंख में पत्थर की आंख लगाई गई है।
 

सीएम विष्णुदेव साय ने कथावाचक जया किशोरी से की सौजन्य भेंट

03-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश ) रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में कथावाचक और भजन गायिका जया किशोरी से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी है। उन्होंने पोस्ट में लिखा- विदुषी कथावाचक और भजन गायिका जया किशोरी से भेंज की। कार्यक्रम में उनके प्रेरणादायी उद्बोधन को सुना। धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान, उनकी सेवा अनुकरणीय है। वे युवाओं की प्रेरणस्त्रोत हैं।
 

उप मुख्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक

03-Jul-2024
कवर्धा।  ( शोर संदेश ) उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने जिला हास्पिटल के सभाकक्ष में कबीरधाम जिले के लिए ग्राम घोठिया में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज स्थापना एवं मॉडल हॉस्पिटल के कार्ययोजना के लिए अधिकारियों की बैठक ली। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज स्थापना एवं मॉडल हॉस्पिटल के कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर जनमेजय महोबे, राज्य शासन के सीजीएमएससी के एमडी  पदमनी भोई साहू विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल एवं मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण के लिए तैयार की गई ड्राइंग-डिजाईनिंग नक्शा का अवलोकन किया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान में जिला चिकित्सालय में 100 बिस्तरीय सेट-अप स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि एम.सी.आई. के मापदण्ड अनुसार मेडिकल कॉलेज के लिए 220 बिस्तरीय सेट-अप की आवश्यकता है। उन्होंनें सीएमएचओं को जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तरीय सेट-अप को बढ़ाकर 220 बिस्तर करने के लिए संचालक, स्वास्थ्य सेवायें छत्तीसगढ़ को प्रस्ताव प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया। उपमुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय कबीरधाम अंतर्गत पूर्व में संचालित कोविड केयर हास्पिटल बिल्डिंग, जो वर्तमान में आयुष पॉलिक्लिनिक के कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। लेकिन 220 बिस्तरीय नवीन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के अनुरूप चिकित्सा संबंधी सुविधा कार्यों एवं अन्य कार्यों की आवश्यकता होने पर उक्त बिल्डिंग एवं परिसर को उपयोग किया जाना प्रस्तावित है जिसके लिए शासन को पत्र प्रेषित करने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया। बैठक में जिला चिकित्सालय के चिकित्सा विशेषज्ञों एवं चिकित्सा अधिकारियों से चर्चा अनुसार विभिन्न चिकित्सा उपकरणों की आवश्यकता बताई गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सिविल सर्जन को मॉडल हॉस्पिटल प्रस्ताव में सम्मिलित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजी विभाग के लिए रेडियोलॉजिस्ट (पी.जी.बॉन्ड) की पदस्थापना के लिए संचालक, स्वास्थ्य सेवायें छत्तीसगढ़ को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सी.सी.एच.बी. निर्माण के लिए स्थल चयन हेतु प्रबंध संचालक, सी.जी.एम.एस.सी. से चर्चा की गई एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में ऑक्सीजन प्लांट सर्विसिंग एवं मेंटनेंस के लिए प्रबंध संचालक, सी.जी.एम.एस.सी. से चर्चा की गई। जिस पर उनके द्वारा आगामी सप्ताह में टेंडर प्रक्रिया किए जाने उपरांत कार्य करने की जानकारी दी गई। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जिला चिकित्सालय कबीरधाम में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरण एवं अन्य उपकरणों का आवश्यकतानुसार ए.एम.सी., सी.एम.सी. करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत समस्त केस का तुंरत रजिस्ट्रेशन कर ब्लॉक करने एवं लंबित केस को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यकतानुसार कम्प्यूटर ऑपरेटर रखने, समस्त आपरेटर को प्रशिक्षित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीएल राज, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय डॉ. केशव धु्रव, डिप्टी डायरेक्टर अस्पताल प्रशासन डीएचएस, अधीक्षक अभियंता, सीजीएमएससी, नोडल अधिकारी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
 



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