
देश में चिकनपॉक्स का एक नया वेरिएंट सामने आया है। पहला मामला केरल के कोझिकोड जिले में सामने आया था। क्लैड 1 से 5 वैरिएंट पहले भारतीय वयस्कों और बच्चों में आम थे। पर अब चिकनपॉक्स के इस नए वेरिएंट क्लैड 9 के बारे में पता चला है जिसकी खोज इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने की है। दरअसल, चिकनपॉक्स का ये वेरिएंट बहुत संक्रामक हैं और ये तेजी से फैल सकता है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉ. एलएच हीरानंदानी अस्पताल, पवई के जनरल मेडिसिन और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार तुलारा से बात की है।
चिकनपॉक्स का ये नया वेरिएंट है क्या
दरअसल, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक मंकीपॉक्स पर रिसर्च कर रहे थे और तब उन्होंने चिकनपॉक्स के इस नए वेरिएंट की खोज की। चिकनपॉक्स के इस वेरिएंट को क्लैड 9 कहते हैं। ये वैरीकेला जोस्टर वायरस के जरिए फैलता है और अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में इसके मामले ज्यादा हैं।
चिकनपॉक्स क्लैड 9 के लक्षण
चिकनपॉक्स का ये वायरस खांसने और छींकने से भी फैल सकता है। इसके अलावा ये संक्रमित लोगों के संपर्क में आकर भी फैल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप इसके तमाम लक्षमों पर नजर बनाए रखें। जैसे कि
-खुजली
-लाल धब्बे जो बाद में तरल पदार्थ से भरे फफोले में बदल जाते हैं।
-ये त्वचा की जलन अक्सर बुखार
-सिरदर्द
-भूख न लगना
-शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
चिकनपॉक्स से बचाव के लिए आपको इन बातों का रखें ध्यान रखना चाहिए जैसे कि
-पर्सनल हाइजीन का खास ख्याल रखें।
-भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
-छींकने और खांसने के दौरान मुंह और नाक को ढक कर रखें।
-संक्रामक एयर ड्राप्लेट्स के संपर्क में आने से बचें।
-लक्षण देखते ही डॉक्टर के पास जाएं।
इसके अलावा बचाव के लिए चिकनपॉक्स का टीकाकरण करवाएं। साथ ही शरीर में हाइड्रेशन बनाएं रखें, लक्षण दिखते हुए डॉक्टर के पास जाएं और इस बीमारी से अपना बचाव करें।
(ये लेख सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशन में राज्य शासन द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने हेतु 'छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020' का राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 18 अप्रैल 2020 से कर इसे 5 वर्ष के लिए लागू किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यटन नीति 2020 में स्थानीय उद्यमियों एवं निजी निवेशकों हेतु पर्यटन प्रोत्साहन, पी.पी.पी. मॉडल पर पर्यटन विकास के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए हैं साथ ही राज्य के समस्त जिलों में चिन्हांकित पर्यटन स्थलों में से प्राथमिकता के आधार पर पर्यटन स्थलों का विकास कर उससे सुगम बनाने की कार्ययोजना है।
जल पर्यटन
प्रदेश में जल पर्यटन की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश के 09 जलाशयों यथा मुरूमसिल्ली, गंगरेल डैम धमतरी, हसदेव बांगो जलाशय कोरबा, संजय गांधी जलाशय (खूटाघाट) रतनपुर, सरोधा जलाशय कबीरधाम, समोधा बैराज, कोडार जलाशय रायपुर मनालिया जलाशय गौरेला और दुधावा जलाशय कांकेर का चयन किया गया है।
राम वनगमन पथ
छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ में आने वाले 75 स्थलों का चयन किया गया है । प्रथम चरण में 10 स्थानों सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, चंपारण्य, तुरतुरिया, चन्दरखुरी, राजिम, सिहावा सप्तऋषि आश्रम, जगदलपुर एवं रामाराम के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए 162 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। चंदखुरी, शिवरीनारायण ,राजिम और चंपारण्य में शुरूआती चरणों के कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं।
ट्रायबल टूरिज्म सर्किट
प्रदेश में "ट्रायबल टूरिज्म सर्किट' के अन्तर्गत ईको रिसॉर्ट कुरदर जिला बिलासपुर, बैगा एथनिक रिसॉर्ट सरोधादादर जिला कबीरधाम, धनकुल एथनिक रिसॉर्ट जिला कोण्डागांव, सरना एथनिक रिसॉर्ट बालाछापर जिला जशपुर, कोईनार हाईवे ट्रीट कुनकुरी जिला जशपुर, हिल मैना हाईवे ट्रीट नथियानवागांव जिला कांकेर, सतरेंगा बोट क्लब एण्ड रिसॉर्ट जिला कोरबा और साइट अमेनिटी महेशपुर जिला सरगुजा का लोकार्पण किया जा चुका है।
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रायपुर (शोर सन्देश) । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल के विभिन्न विभागों में कार्यरत 21 रेल परिवार के सदस्य (10 सामान्य एवं 11 असामान्य) अगस्त 2023 में अपनी रेल सेवा पूर्ण करने के पश्चात् सेवानिवृत हुए।
इस समारोह में सहायक मंडल कार्मिक अधिकारी-III(श्रीमतीनिकिता अग्रवाल), सहायक मंडल वित्त प्रबंधक निरंजन गुनीराम बडगे, सेवानिवृत्त कर्मी व उनके परिजन, कल्याण निरीक्षक तथा बंदोबस्त अनुभाग के कर्मचारी उपस्थित थे|मंडल के सेवानिवृत्त होने वाले 21 रेलकर्मी में परिचालन विभाग से 4, कार्मिक विभाग से 1, यांत्रिकी विभाग से 9, विद्युत विभाग से 3, संकेत एवं दूरसंचार विभाग से 1, इंजीनियरिंग विभाग से 1 व चिकित्सा विभाग से 2 कर्मचारी शामिल है।

रायपुर (शोर सन्देश)। उपाध्याय प्रवर प्रवीण ऋषि ने कहा कि दुश्मन दो प्रकार के होते हैं, एक बाहरी और एक अंदरूनी। आप समर्थ हैं तो बाहर का दुश्मन आपका बाल भी बांका नहीं कर सकता। लेकिन अंतर्मन का, अंदर का दुश्मन खतरनाक है। उन्होंने कहा कि शत्रु का मारना तो आसान है, लेकिन अगर आपको समाप्त करना है तो शत्रुता को समाप्त करिये। भगवान महावीर शत्रुता को बदलने की बात करते हैं। धर्म वही है जो शत्रुता को मित्रता में बदले। संसार उसी को कहते हैं जो शत्रुता को मित्रता में बदले। उक्ताशय की जानकारी रायपुर श्रमण संघ के अध्यक्ष ललित पटवा ने दी है।
शैलेन्द्र नगर स्थित लालगंगा पटवा भवन में महावीर गाथा के 46वें दिन गुरुवार को को प्रवीण ऋषि ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं। उन्होंने महावीर गाथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मुनि विश्वभूति आहार चर्या के लिए संभूति विजय संग नगर की ओर चला। पहले तो संकोच हुआ कि जिन गलियों में मैं एक राजकुमार बनकर घूमता था अब वहां एक मुनि बन भिक्षा कैसे मांगूंगा? लेकिन विजय संभूति ने उसे समझाया, और वह चल पड़ा। जब वह नगर पहुंचा तो जो लोग उसे राजकुमार समझकर आदर देते थे, वो झुककर प्रणाम करने लगे। पहले जो प्रणाम था वो शक्ति को था, आज जो प्रणाम था वो भक्ति को था। विश्वभूती को एक अलग अहसास हुआ। अगर वह गुरु की बात नहीं मानता तो इस अहसास से वंचित रह जाता।
प्रवीण ऋषि ने कहा कि एक प्रणाम किसी को बदल कर रख देता है। कोई प्रणाम करता है तो अंदर की धारा बदल जाती है। किसी का वंदन किसी को बदल कर रख देता है। उन्होंने कहा कि तुम्हारी आस्था किसी को भगवन बना देती है, वहीं अनास्था किसी को शैतान। लोगों की आस्था ने विश्वभूति को बदल दिया। उसे लगा कि वह आज सम्माननीय बन गया है। इतने समय तक वह अहंकार का विषय था, आज लोगों की नज़रों में भगवन बन गया। आहार चर्या के लिए एक घर में प्रवेश किया,तो मानो वह घर धन्य हो गया। विश्वभूति को भोजन मिला, मानो प्रसाद मिल गया। संभूति विजय विश्वभूति को आहार की विधि सिखाने लगे। उन्होंने कहा कि जो जैसा मिले वैसे खाने वाला पशु होता है। जैसा मिला वैसे ही नहीं खाना चाहिए। इसकी कला जिसके पास है उसे साधु कहते हैं। संभूति विजय विश्वभूति को यह कला सीखा रहे हैं। विश्वभूति धन्य हो गया। वह मस्ती में है, विशाख नंदी याद भी नहीं आ रहा है। सोने का समय हुआ, संभूति विजय ने कहा कि विशाख नंदी के साथ मत सोना, प्रभु के साथ सो। विश्वभूती सोया, और अंदर का विशाख नंदी जाग गया। उसके वचन याद आने लगे। सुबह संभूति ने कहा, फिर तू विशाख नंदी के साथ सोया? विश्वभूति ने तय किया कि जब तक इस नगर की सीमा में रहेगा, विशाख याद आता रहेगा। उसके आज्ञा मांगी मासखमण की, और चल पड़ा। कई साल बीत गए, सालों की तपस्या से ऐसी शक्ति मिली की अंतर्मन बलवान हो गया। शरीर दुर्बल हुआ, लेकिन मन बलवान हो गया।

रायपुर (शोर सन्देश)। भाजपा जिला उपाध्यक्ष आशु चंद्रवंशी के नेतृत्व में युवा मोर्चा के साथियो द्वारा चंद्रयान की सफल लैंडिंग के लिये

रायपुर (शोर सन्देश)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके जन्मदिन के अवसर पर छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष व मध्य ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अलताफ अहमद ने मुख्यमंत्री निवास में उनसे भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं| उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को दीर्घायु होने की दुआऐं भी दी| इस अवसर पर युवक कांग्रेस मीडिया विभाग के पूर्व प्रदेश संयोजक इस्माईल अहमद, दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस दुर्ग के अध्यक्ष अजय मिश्रा, पूर्वी ब्लॉक कांग्रेस दुर्ग के अध्यक्ष राजकुमार पाली, उत्तर ब्लॉक कांग्रेस दु्र्ग के अध्यक्ष महीप सिंह भुवाल, पश्चिम ब्लॉक कांग्रेस दुर्ग के अध्यक्ष राजकुमार साहू, एल्डरमैन जगमोहन ढीमर ने स्मृति चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए उनकी दीर्घायु की कामना की एवं छत्तीसगढ़ के चौमुखी विकास के लिए उनका आभार माना।

गरियाबंद (शोर संदेश) जिला प्रशासन गरियाबंद की विशेष पहल से पैरी बंधन के तहत व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत जिले की महिला समूहों की ओर से धान, गोबर, मोती, बीज, बांस व रत्नजड़ित कलात्मक राखियों का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों में बड़े व बच्चों की कलात्मक पैरी राखियां का विविध कलाकृतियों के माध्यम से बड़े स्तर पर राखी का निर्माण किया जा रहा है। महिला समूहों की और से निर्मित राखियों के बिक्री के लिए संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में भी स्टॉल लगाया गया है। स्टॉल के माध्यम से कलेक्ट्रेट कार्यालय आने वाले लोग आसानी से राखियों की खरीदी कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ रीता यादव ने राखियों के स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने महिला समूहों द्वारा बनाई जा रही देशी राखियों की प्रशंसा करते हुए लोगों से राखी खरीदने की अपील की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ यादव ने धान और गोबर से निर्मित देशी राखियों की खरीदी भी की। उल्लेखनीय है कि महिला स्व-सहायाता समूह की दीदियां की ओर से राखी तैयार करने में अनाज, धान, चावल, दालों के अलावा कुमकुम, मौली धागा का उपयोग किया जा रहा है। समूह की दीदियों द्वारा बड़े पैमाने पर रत्नजड़ित, मोती, गोबर, बांस से भी राखी बनाई जा रही है। इन राखियों की जिला कार्यालय गरियाबंद व राजधानी रायपुर तक काफी मांग है। दीदियों ने इस साल लगभग 40 हजार राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है। रक्षाबंधन के बाद भाई चाहें तो बीजों से बनी राखियों को गमले में लगा सकते है। इन बीजों से निकलने वाले पौधे लंबे समय तक भाई बहन के स्नेह के प्रतीक के रूप में दिखते रहेंगे। महिला स्व-सहायता समूहों को राखी तैयार करने से लेकर बाजार उपलब्ध कराने तक में जिला प्रशासन मदद कर रहा है। इन इको फ्रेंडली राखियों की कीमत 30 रुपए से लेकर 250 रुपए तक है। जिला प्रशासन गरियाबंद की विशेष पहल पैरी बंधन :
पैरी बंधन के नाम से हजारों की संख्या में राखियां बना रही समूह की दीदियों को जिला प्रशासन की ओर से स्वावलंबी बनाने की दिशा में सशक्त प्रयास किया जा रहा है। बंधन नेह का, बहनों के स्नेह का, पुनीत बंधन, बढ़ेगा गौधन, आओ बच्चों बांधे, पैरी का पवित्र रक्षा सूत्र, बच्चों का हाथ, पैरी बन्धन के साथ, मोतियों से बंधा, पैरी का अटूट बंधन, रत्नों से जड़ा, पैरी का अटूट बंधन जैसे स्लोगन के साथ इस पैरी बंधन अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन समस्त राखियों को बिक्री के लिए गरियाबंद के सी-मार्ट में भी उपलब्ध कराया गया है। समूह की ओर से निर्मित राखियों के विक्रय के लिए अन्य जगहों पर भी स्टॉल लगाया जा रहा है।

रायपुर (शोर सन्देश)।पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा के मुख्य आतिथ्य में सोमवार को पुलिस मुख्यालय नवा-रायपुर में 2 दिवसीय गूगल और पेटीएम साईबर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस मुख्यालय और वित्तीय कारोबार संचालित करने वाली गूगल एवं पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा सभी जिलों से आये साईबर नोडल पुलिस अधिकारी (अतिरिक्त-उप पुलिस अधीक्षक स्तर) एवं जिला साईबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों एवं रेंज स्तर से साईबर थाने में पदस्थ पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को साईबर ठगी की रोकथाम और त्वरित कार्यवाही के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा। पुलिस महानिदेशक जुनेजा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से आये साईबर नोडल पुलिस अधिकारी एवं जिला साईबर सेल के प्रभारी पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि साईबर अपराध ठगी और ब्लेकमेलिंग जैसी अपराधों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधिकारियों को और अधिक सर्तक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट के अलावा डॉटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 भी लागू हो गया है। इसमें साईबर ठगी के बढ़ते मामलों से निपटने और अपराधियों को पकड़ने तथा न्यायालय से दण्डित कराने के प्रावधान किये गये हैं, इन प्रावधानों से साईबर अपराधियों को दण्ड दिलाने में मदद मिलेगी। डीजीपी जुनेजा ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि साईबर ठगी के मामलों में अपडेट जानकारी हार्ड एवं साफ्ट कॉपी दोनों उपलब्ध होनी चाहिए जिससे प्रार्थी या शिकायतकर्ता के शिकायत का समाधान यथाशीघ्र किया जा सके। उन्होंने साइबर अपराधियों द्वारा अन्य राज्यों में बैठकर किये जाने वालों अपराधों पर अंकुश एवं अपराधियों को पकड़ने के लिए अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों से समन्वय बनाकर शीघ्रतापूर्वक कार्य करना चाहिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अपराधी को पकड़ना साक्ष्य एकत्रित करना एवं अपराधी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसे दण्ड दिलाना पुलिस के लिए बहुत बढ़ी चुनौती है, इसलिए पुलिस को आधुनिकतम रूप से प्रशिक्षित होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि गूगल और पेटीएम जैसे वित्तीय कार्य संपादित करने वाली संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा दिया जाने वाला प्रशिक्षण पुलिस अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में गूगल और पेटीएम के प्रशिक्षित अधिकारियों की टीम द्वारा LERS (ला इन्फोर्समेंट रिक्वेस्ट सिस्टम) पोर्टल, फ्राड, इमरजेंसी रिक्वेस्ट, फ्राड ट्रेंड, बिजनेस, ट्रान्जेक्शन, मानिटरिंग संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अपरान्ह् में पेटीएम की टीम द्वारा ऑनलाईन बैंकिंग की कार्यप्रणाली एवं पेटीएम द्वारा साईबर क्राईम को रोकने की दिशा में उठाये गये कदम के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक साईबर क्राईम कवि गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसआरपी कल्लूरी, हिमांशु गुप्ता सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।

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दंतेवाडा (शोर संदेश)। जिले में पूरे उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और स्थानीय खेलों का आयोजन किया जा रहा है। शुरुआत से युवा, बुजुर्ग सहित महिला प्रतिभागी भी उत्साह के साथ पारंपरिक खेलों में शामिल हो रहे हैं। पिछले साल की भांति इस साल भी जिले में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, फुगड़ी, गेड़ी और रस्सी कूद के साथ पारंपरिक खेलों का आनंद लिया जा रहा हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के खिलाडि़यों को पारंपरिक खेलों से जोड़ने के लिए छत्तीसगढि़या ओलंपिक खेल की शुरुआत की है। ग्राम स्तर से लेकर सेक्टर, ब्लाक जिला, संभाग और राज्य स्तर पर खेलों का आयोजन होना है। तिथि में संशोधित करते हुए विकासखंड, नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन 18 से 23 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 4 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 से 20 सितंबर तक होगा। अंत में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसका आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।