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गणेश उत्सव: गाजे-बाजे के साथ पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता

07-Sep-2024
बिलासपुर।   ( शोर संदेश )   विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश जी का आगमन शुक्रवार को हुआ। गाजे-बाजे के साथ शाम व देर रात तक पंडालों में बप्पा विराजे। स्वागत में भक्तों ने जमकर आतिशबाजी की। रंग-गुलाल उड़ाए। भक्तों के चेहरे पर खुशी देखते बन रही थी। गणपति बप्पा मोरया की गूंज चहूं ओर सुनाई दी। न्यायधानी में गणेश उत्सव की तैयारी शुक्रवार को पूरा हुआ। अब सभी को सात सितंबर की सुबह का इंतजार है। आगमन के बाद अब कल से बप्पा के दिव्य दर्शन होंगे। बच्चे हों या बड़े सभी ने अपने-अपने तरीके से बप्पा की पूजा-अर्चना में लीन रहेंगे। 11 दिनों तक भक्तिमय माहौल बना रहेगा।
श्री सुमुख गणेश मंदिर रेलवे कंस्ट्रक्शन कालोनी में गणेश चतुर्थी का महोत्सव शुक्रवार को प्रारंभ हुआ। तीन दिवसीय आयोजन छह से आठ सितंबर तक चलेगा। प्रथम दिवस सुबह गणपति हवन हुआ। इसके बाद अभिषेकम, सहस्त्र नाम अर्चना, महादीप आराधना के साथ सुबह 9:30 बजे भक्तों ने दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। शाम को अभिषेकम, सहस्त्र नाम अर्चना, महादीप आराधना के बाद भोग वितरण हुआ। कल भी यही परंपरा से पूजा होगी।
रतनपुर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालू भक्त पहुंचेंगे। यहां हर साल चतुर्थी पर दूर-दूर से भक्त आते हैं। मान्यता है कि यहां पहुंचने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। यही कारण है कि सालभर से यहां भक्तों को इंतजार रहता है।

एक टन फूलों से सजा इस्कॉन मंदिर

26-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  इस्कॉ  न मंदिर टाटीबंध में भगवान के सिंहासन की सजावट एक टन फूलों से की गई है और समता कॉलोनी के खाटू श्याम मंदिर में डेढ़ क्विंटल और राधाकृष्ण मंदिर में एक क्विंटल अनेक प्रकार के पुष्पों से सजाया है। कोलकाता के कारीगर दो-तीन दिन पहले से इस काम में लगे हुए थे। बता दें कि जिस तरह मथुरा-वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास भक्तों में होता है, वैसी ही तैयारियां शहर के दर्जनभर राधाकृष्ण मंदिरों में की गई है।
रंग-बिरंगी बिजली की झालरों भगवान के जन्म से जुड़े प्रसंगों की झांकियां सजाई गई है। 
 

तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आज से

25-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  25 अगस्त से तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में परिसर में मनाया जाएगा। मंदिर प्रांगण को कलकत्ता से मंगाए गए फूलों से सजाया जा रहा है। वहीं, मुंबई और वृंदावन से भगवान के लिए वस्त्र मंगाए गए है। 
महोत्सव के दूसरे दिन 26 अगस्त, सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दिन सुबह 4.30 बजे से मंदिर में पूजन-अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे जो रात्रि 1 बजे तक चलेंगे। सुबह से मंदिर में मंगल आरती, तुलसी आरती, गुरू पूजा, परम पूज्य सिद्धार्थ स्वामी जी द्वारा श्री कृष्ण बाल लीला गुणगान, भजन-कीर्तन, राजभोग अर्पण, राजभोग आरती, उस्थापन आरती, भजन संध्या, संध्या आरती, प्रसाद वितरण, कलश अभिषेकम, महाअभिषेकम, छप्पन भोग अर्पण और रात्रि 1 बजे महाआरती होगी। 
 

इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 25 से

23-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में 25, 26 और 27 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन नये मंदिर होगा। महोत्सव के पहले दिन 25 अगस्त, रविवार को बाल महोत्सव फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता एवं भक्ति नृत्य होगा। बाल उत्सव प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कंचन सिंघानिया 9893000101, सुलोचना बांका 9425501634 और कांता सिंघानिया से 9302419222 पर संपर्क किया जा सकता है। 
महोत्सव के दूसरे दिन 26 अगस्त, सोमवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा महोत्सव एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस दिन सुबह 4.30 बजे से मंदिर में पूजन-अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे जो रात्रि 1 बजे तक चलेंगे। सुबह से मंदिर में मंगल आरती, तुलसी आरती, गुरू पूजा, परम पूज्य सिद्धार्थ स्वामी जी द्वारा श्री कृष्ण बाल लीला गुणगान, भजन-कीर्तन, राजभोग अर्पण, राजभोग आरती, उस्थापन आरती, भजन संध्या, संध्या आरती, प्रसाद वितरण, कलश अभिषेकम, महाअभिषेकम, छप्पन भोग अर्पण और रात्रि 1 बजे महाआरती होगी। कलश अभिषेकम के लिए सुलोचन कृष्ण प्रभु से 7710838538 पर संपर्क किया जा सकता है। इस दिन के लिए आजीवन सदस्यों से अपील की गई है कि वे अपना मेंबरशिप कार्ड साथ में लावें। श्री भगवान का विशेष दर्शन सुबह 9 बजे से रात्रि 2 बजे तक होंगे और शाम 7 बजे से रात्रि 1 बजे तक प्रति घंटे भगवान की आरती होगी। साथ ही राजनांदगांव के निखिल-श्याम द्वारा भजन कीर्तन का संगीतमयी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जो महोत्सव में आकर्षण का केंद्र होगा।
महोत्सव के तीसरे दिन 27 अगस्त, मंगलवार को श्रील प्रभुपाद व्यास पूजा महा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दिन मंदिर में सुबह 4.30 बजे से रात 8.30 बजे तक मंगल आरती, तुलसी आरती, गुरू पूजा, श्रृंगार दर्शन एवं धूप आरती, श्रील प्रभुपाद गुणगान, श्रील प्रभुपाद महाभिषेक, राजभोग आरती, प्रसादम, उस्थापन आरती, संध्या आरती और शयन आरती होगी। 
श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के क्रम में 11 सितंबर को मंदिर में श्री राधाष्टमी महा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन मंदिर में सुबह 4.30 बजे से रात्रि 9 बजे तक पूजन और अनुष्ठान होंगे, जिनमें मंगल आरती, तुलसी आरती, गुरू पूजा, श्रृंगार दर्शन एवं धूप आरती, राधारानी बाललीला गुणगान, हरिनाम संकीर्तन, महाभिषेक, छप्पन भोग अर्पण, राजभोग आरती, प्रसादम, उस्थापन आरती, संध्या आरती, शयन आरती होगी। मंदिर में सुबह 8.30 बजे से रात्रि 9 बजे तक श्री राधारानी चरणदर्शन होंगे।
प्रचार प्रसार समिति के दिलीप केडिया और राजेंद्र पारख ने बताया कि रायपुर के इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय श्री श्री राधा रासबिहारी महा महोत्सव भव्यता के साथ संपन्न हो चुकी है। 25, 26 और 27 अगस्त को इस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें बाल महोत्सव फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता एवं भक्ति नृत्य, श्री कृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव एवं भजन संध्या, शील प्रभुपाद व्यास पूजा महा-महोत्सव और श्री राधाष्टमी महामहोत्सव जैसे अनेक अनुष्ठान और कार्यक्रम होंगे। 
श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव 2024 फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, वाइस चेयरमैन शुभम् सिंघल और सदस्य राजेश किंगर, पवन सचदेव, पंकज मिश्रा, विकास मोदी आदि सदस्य मौजूद रहेंगे। इस्कॉन मंदिर अध्यक्ष एच एच सिद्धार्थ स्वामी और जनार्दन दास ने सभी से इस्कॉन के नए मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर आयोजित समस्त पावन कार्यक्रमों में सम्मिलित होने सादर आमंत्रित किया है।

आरंग का बागेश्वर महादेव, सीएम विष्णुदेव साय ने शेयर किया वीडियो

16-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर  संदेश ) आरंग के बागेश्वर महादेव का वीडियो सीएम विष्णुदेव साय ने शेयर किया है. X पर सीएम ने लिखा, पवित्र सावन मास के छब्बीसवें दिवस पर आइए दर्शन करते हैं रायपुर जिले के आरंग में स्थित बागेश्वर महादेव के…बागेश्वर महादेव की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे. सावन में छत्तीसगढ़ में मंदिरों के शहर के नाम से प्रसिद्ध धर्मनगरी आरंग शिवमय हो गई है. यहां के शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रहती है. यहां के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक बाबा बागेश्वरनाथ मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रहती है. यहां पूरे सावन माह के दौरान रोजाना रुद्राभिषेक किया जा रहा है. कहा जाता है कि वनवास के समय भगवान श्री राम ने बाबा बागेश्वर नाथ मंदिर में रुक कर भोलेनाथ की पूजा की थी. इस कारण यह लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है.
 

तुर्री धाम का वीडियो सीएम साय ने किया शेयर

02-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  तुर्री धाम का वीडियो सीएम विष्णुदेव साय ने शेयर किया है. X पोस्ट में सीएम ने लिखा, पवित्र सावन मास के बारहवें दिवस पर आइए सक्ती जिले के पावन धरा तुर्री धाम में स्थित भगवान भोलेनाथ के करते हैं दर्शन. भगवान भोलेनाथ की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे। ॐ नमः शिवाय. सक्ती के पावन धरा तुर्रीधाम शिवभक्तों के लिए अत्यंत ही पूजनीय है. यहां श्रद्धालु बारहों मास आते हैं, लेकिन सावन महीने में अधिक संख्या में शिव भक्त अपनी मनोकामना लेकर तुर्रीधाम पहुंचते है. स्थानीय दृष्टिकोण से यहाँ उपस्थित शिवलिंग, प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के समान ही वंदनीय है.मंदिर के निर्माण संबंधित जानकारी देते हुए पुजारी ने बताया की इसका निर्माण स्थानीय राजा-रानी द्वारा कराया गया था. यह किस राजा के शासन में निर्मित हुआ यह अज्ञात है. इसका जीर्णोद्धार 3-4 पीढ़ियों से किया जा रहा है. 
वर्तमान में यह मंदिर का पूर्णतः आधुनिक स्वरूप में आ गया है. इस मंदिर का स्थापत्य अनोखा है. यह शिवलिंग पूर्वाभिमुख है. इसके चारों ओर मंडप बनाया गया है.गर्भगृह मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से 8 फीट की गहराई पर है. गर्भगृह पहुँचने हेतु नीचे की ओर होती हुई सीढ़ियाँ बनी हुई है. इस तुर्रीधाम की प्रमुख विशेषता यह है कि इसके गर्भगृह में एक प्राकृतिक जलस्त्रोत जो निरंतर शिवलिंग पर गिरते रहता है. जिसे स्थानीय भाषा में तुर्री (निरंतर)कहते है. विद्यमान है. यह जल स्त्रोत अनादि काल से अनवरत बहता हुआ आ रहा है. इसी जलस्रोत के नीचे ही प्राचीन शिवलिंग स्थापित है. जिस पर सदैव ही प्राकृतिक रूप से शिवलिंग पर जल अभिषेक होता रहता है.
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूतेश्वर महादेव का वीडियो किया शेयर

29-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  भूतेश्वर महादेव का वीडियो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शेयर किया है। X पर में सीएम साय ने पोस्ट किया है। पवित्र सावन मास के आठवें दिवस, द्वितीय सोमवार पर गरियाबंद जिले के भूतेश्वर महादेव का वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान भोलेनाथ को किया नमन। बता दें कि आज सावन का दूसरा सोमवार है। छत्तीसगढ़ के शिवालयों में सुबह से ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी लाइन लगी है। श्रद्धालु जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, भस्म आदि से पूजा कर रहे हैं। रायपुर के प्राचीन हटकेश्नवरनाथ महादेव में विशेष श्रृंगार किया गया है।

हटकेश्नवरनाथ महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया

29-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  सावन का दूसरा सोमवार को छत्तीसगढ़ के शिवालयों में सुबह से ही महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी लाइन लगी है। श्रद्धालु जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, भस्म आदि से पूजा कर रहे हैं। रायपुर के प्राचीन हटकेश्नवरनाथ महादेव में विशेष श्रृंगार किया गया है। शिवालयों में महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी लाइन लगी है। श्रद्धालु जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, भस्म आदि से पूजा कर रहे हैं।
 

भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक पर बड़ा मंदिर जिनालय में गूंजे जयकारे

14-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   जैन धर्म के बाइसवें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव आषाढ़ शुक्ल सप्तमी 13 जुलाई आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर मालवीय रोड में पार्श्वनाथ बेदी के समक्ष आध्यात्मिक प्रयोगशाला में भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर राजधानी के सभी दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किया गया।
मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष श्रेयश जैन बालू ने बताया की आज जैन धर्म के बाइसवें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव है आज के दिन भगवान नेमीनाथ को मोक्ष पद की प्राप्ति हुई थी। इस मौके पर राजधानी के दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष अभिषेक शांति धारा एवम पूजन का आयोजन किया गया। बड़ा मंदिर में सुबह 8.30 बजे सर्वप्रथम मंगलाष्ठक पाठ का प्रारंभ कर अभिषेक प्रारंभ किया गया। जल शुद्धि मंत्र पढ़ कर प्रासुक जल शुद्ध किया गया। सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने अभिषेक पाठ प्रारंभ कर श्रीजी की खगासन प्रतिमा को पांडुकक्षिला में चंदन केसर से श्रीकार लेखनम कर विराजमान किया गया। और सभी ने रजत कलशो के माध्यम से श्रीजी का अभिषेक किया। इसके बाद विश्व में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए मंत्रोच्चार के साथ लघु शांतिधारा की गई। शांति धारा का सौभाग्य महेंद्र कुमार जैन चूड़ी वाला परिवार को प्राप्त हुआ। शांति धारा का शुद्ध वाचन राशु जैन द्वारा किया गया। शांति धारा उपरांत सभी ने समता भाव पूर्वक श्रीजी की संगीतमय आरती की। तत्पश्चात अष्ट द्रव्य से देव शास्त्र गुरु पूजन उपरांत भगवान नेमीनाथ जी की पूजा निर्वाण कांड पढ़ कर निर्वाणोत्सव मनाया गया।
पूजा के साथ ही भगवान नेमिनाथ का निर्वाणोत्सव निर्वाण काण्ड भाषा के वाचन के बाद मोक्ष कल्याणक का अर्घ्य एवं निर्वाण लाडू गोला चढ़ाया गया। मंदिरों में भगवान नेमिनाथ के जयकारे गूंजते रहे। अंत में सभी उपस्थित धर्म प्रेमी बंधुओ ने महा अर्घ्य समर्पित कर विसर्जन पाठ पढ़ कर विसर्जन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ विशेष रूप से श्रेयश जैन बालू,महेंद्र कुमार जैन,प्रवीण जैन, राशु जैन, धीरज गोधा,प्रणीत जैन,कुमुद जैन आदि उपस्थित थे।
 

आज महास्नान कर बीमार हो जाएंगे महाप्रभु जगन्नाथ

22-Jun-2024
बिलासपुर। (  शोर संदेश  )  रेलवे परिक्षेत्र स्थित श्रीश्री जगन्नाथ मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर 22 जून को महाप्रभु भगवान जगन्नाथ को 108 कलश जल, गंगाजल और पंचामृत से महास्नान कराया जाएगा। स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाएंगे और 15 दिनों तक विश्राम करेंगे।
इसी कड़ी में रथयात्रा का आयोजन सात जुलाई को होगा। रथ प्रतिष्ठा छह जुलाई को की जाएगी। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के साथ रथयात्रा पर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे।
रथयात्रा रेलवे क्षेत्र के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर तितली चौक, रेलवे स्टेशन, तारबाहर, गांधी चौक, तोरवा थाना काली मंदिर होते हुए गुडिचा मंदिर पहुंचेगी। नौ दिनों तक भगवान गुडिचा मंदिर में रहेंगे, जहां विभित्र धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 15 जुलाई को बहुणा यात्रा के साथ भगवान वापस मंदिर लौटेंगे।
रेलवे क्षेत्र में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि इसकी स्थापना और परंपराओं का ऐतिहासिक महत्व भी है। इस मंदिर की स्थापना 26 नवंबर 1996 को की गई थी और तभी से यह क्षेत्रीय और धार्मिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। मंदिर की स्थापना के बाद से ही हर साल यहां रथयात्रा का आयोजन होता है, जो भक्तों के लिए एक विशेष धार्मिक उत्सव है।
मंदिर की स्थापना के बाद रथयात्रा की परंपरा शुरू हुई, जो अब अपने 28वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। रथयात्रा के आयोजन के पीछे का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष आरके पात्रा ने बताया कि 27 साल पहले पुरी जगन्नाथ मंदिर के कारीगर कुणना चंद्रा दास ने एक लाख रुपये की कम लागत से सरई की लकड़ी से 16 फीट लंबा, 17 फीट ऊंचा और 12 फीट चौड़ा रथ तैयार किया था। इस रथ को 101 फुट लंबी रस्सी से भक्त खींचते हैं। पिछले 20 सालों तक पुरी के कारीगर दास इस रथ का निर्माण करते थे, लेकिन पिछले 6 सालों से उनके सहयोगी राजकुमार इस कार्य को संभाल रहे हैं। आज के समय में रथ निर्माण में एक लाख से अधिक का खर्च आता है और हर साल रथ के कपड़े और झंडे बदलते हैं।
मंदिर में स्थापित महाप्रभु को महाबाहु के रूप में पूजा जाता है। महाप्रभु का विग्रह नीम की लकड़ी से बना है और इसका निर्माण पुरी के कारीगर गजेंद्र महाराणा द्वारा किया गया था। महाप्रभु के साथ बलभद्र का ढाई फीट ऊंचा और देवी सुभद्रा का दो फीट ऊंचा विग्रह भी स्थापित है। वर्ष 2015 में नवकलेवर के समय पुरी से ही भगवान का नया विग्रह लाया गया था।
महाप्रभु जगन्नाथ स्नान-दान पूर्णिमा के अवसर पर महास्नान करते हैं। इस दिन उन्हें 108 कलश जल और 64 प्रकार की जड़ी-बूटियों से स्नान कराया जाता है। इसके बाद भगवान बीमार हो जाते हैं और मंदिर के पट 15 दिनों के लिए बंद हो जाते हैं। इस दौरान भगवान का उपचार जड़ी-बूटियों से किया जाता है और भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर पुनः खोला जाता है।



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