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*लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं : टीएस सिंहदेव*

30-Mar-2021

०० कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर स्वास्थ्य मंत्री ने जताई चिंता
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दुर्ग समेत राज्य के अन्य जिलों में बढ़ रहे कोरोना के संक्रमण पर चिंता जताई है। पर उन्होंने स्पष्ट किया है कि लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं है। दुर्ग के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रत्येक दो में से एक व्यक्ति कोरेाना संक्रमित हो रहा है। यह स्थिति अंत्यंत गंभीर है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने दुर्ग में आ रहे नए मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने टेस्टिंग की संख्या व पॉजिटिव आ रहे मरीजों के आंकड़ों पर भी विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने लॉकडाउन के विकल्प पर कहा कि राज्य और देश ने पहले भी स्थिति के अनुरूप इस विकल्प को चुना है और अब भी परिस्थिति को देखकर इसे चुना जा सकता है लेकिन लॉकडाउन संक्रमण को रोकने का समाधान नहीं है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने अन्य जिलों के बढ़ते मामलों पर गंभीरता व्यक्त की है। ०० प्रतिदिन 2 लाख व्यक्तियों के टीकाकरण का लक्ष्य
एक अप्रैल से प्रारंभ हो रहे 45 वर्ष से अधिक आयु सीमा के व्यक्तियों के कोरोना टीकाकरण पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने भी प्रयास किया था कि हम 1 लाख व्यक्तियों टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त करें, जिसमें 27 मार्च को 1 लाख 14 हज़ार 805 नागरिकों के टीकाकरण में हम सफल रहे हैं। इस लक्ष्य कि प्राप्ति से हमें सन्तोष हुआ है कि हम अपनी क्षमता को समझ रहे हैं और लक्ष्य पूरा करने में सफल भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हमने प्रतिदिन 2 लाख व्यक्तियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है जिसमें हम आने वाले दिनों में कम से कम 2 लाख लोगों का वैक्सीनेशन हो सके यह व्यवस्था विभाग द्वारा बनाई जा रही है। ०० टीकाकरण पर विपक्ष खुलकर जानकारियां साझा करें : बाबा
कोरोना टीकाकरण के विषय में विपक्ष की भूमिका पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि विपक्ष भी समाज का एक हिस्सा है, यदि सरकार की कोई कमियां हैं तो विपक्ष को अवश्य ही उन्हें सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिखावा करने और सकारात्मक सहयोग व सहभागिता करने में अंतर होता है, सकारात्मक सहयोग के लिए हमेशा दरवाजे खुले हुए रहते हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि कोरोना टीकाकरण कोई सरकार अथवा पार्टी का विषय नहीं है बल्कि समाज का विषय है, जिसके हिस्से हम सभी हैं। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी एक माध्यम है जिसके जरिए हमको काम करने का मंच मिलता है, सरकार जो कार्य करती है वह किसी पार्टी के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए होता है। वैक्सीनेशन किसी दल की नहीं बल्कि समाज के लिए होती है इसलिए विपक्ष को खुलकर जानकारियां साझा करनी चाहिए और आपसी सहयोग से टीकाकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिये।
०० बढ़ते कोरोना संक्रमण टी एस सिंहदेव ने जताई चिंता
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने राज्य में कोरोना संक्रमण के प्रसार पर कहा कि मार्च माह के पहले सप्ताह में राज्य की पॉजिटिविटी रेट 0.99 प्रतिशत पर था, जिसके उपरांत दूसरे सप्ताह में यह थोड़ा बढ़कर 1.6 प्रतिशत पर पहुंचा एवं तीसरे सप्ताह तक यह 1.8 प्रतिशत और चौथे सप्ताह में यह 6 प्रतिशत पर चला गया है। उन्होंने कहा कि 1 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक यह बढ़ते संक्रमण की दर बड़ी चिंता का विषय है।


45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों का 1 से होगा टीकाकरण 115 चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रों में कोरोना के टीकाकरण की सुविधा

30-Mar-2021

 रायपुर (शोर सन्देश)। पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत जिला सलाहकार समिति की बैठक गत दिवस कलेक्टर की प्रतिनिधि के रूप में डिप्टी कलेक्टर पूनम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत अब सभी सोनोग्राफी संस्थाओं का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है, जिसमें नर्सिग होम का परमानेंट लाइसेंस जरूरी है। नर्सिंग होम एक्ट का टेम्परेरी आई-डी की अवधि के सम्बन्ध में स्वास्थ्य सेवायें से दिशा-निर्देश मांगा गया हैं। इसी तरह सोनोग्राफी स्केन एवं अन्य सुविधा हेतु शुल्क निर्धारण करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश मांगा गया है। बैठक में पी.सी.पी.एन.डी.टी एक्ट के तहत 19 नये सोनोग्राफी संस्थाओं का पंजीयन और 5 नवीनीकरण आवेदनों का अनुमोदन किया गया। 2 सोनोग्राफी संस्थाओं के निरस्तीकरण आवेदन का अनुमोदन लिया गया। 2 संस्थाओं के आई वी एफ पंजीयन को पी.सी.पी.एन.डी.टी. पंजीयन में विलय का अनुमोदन किया गया। एक आवेदन को अस्पष्टता के कारण अनुमोदन नहीं किया गया। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए समिति के यह बैठक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ. मीरा बघेल तथा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में समिति के सभी सदस्यों को पर्यावरण को बढ़ावा देने के दृष्टि से पौधा भी प्रदाय किया गया।

 
 

*रायपुर शहर के 57 निजी अस्पतालों में लग रहा कोविड-19 का टीका*

24-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर के 57 निजी अस्पतालों को कोविड-19 का टीका लगाये जाने के लिए अनुमन्य किया गया है। राज्य में 16 फरवरी 2021 से टीकाकरण की शुरूआत हुई थी। पहले चरण में कोरोना वारियर्स को टीका लगाया गया था। इसके बाद 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के लोगों के लिए टीका लगाया जा रहा है। 1 अप्रैल से 45 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा। जिन निजी अस्पतालों को रायपुर शहर में अनुमन्य किया गया है उनकी सूची देंखे--


*निःशुल्क जांच शिविर 26 को*

22-Mar-2021

अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। मेडिकल काॅलेज के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्ष ने बताया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में 26 मार्च को डायबिटीज, ब्लड प्रेसर और मोटापा जैसे बिमारियों के लिए निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। 


*कोरोना वैक्सीनेशन : टीकाकरण में आई तेजी दो दिन में 50 लाख को लगा टीका*

18-Mar-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना संक्रमण के साथ-साथ टीकाकरण में भी तेजी आने लगी है। बीते दो दिन में देश में 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लेकर अपना बचाव किया है। इसी के साथ ही कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 3.50 करोड़ से भी आगे निकल चुका है। पिछले एक दिन में 21 लाख से भी अधिक लोगों ने वैक्सीन ली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को देश में 45 से 59 वर्ष के पहले से बीमार 13,20,076 ने पहली डोज ली है। वहीं 60 या उससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों ने सर्वाधिक वैक्सीन प्राप्त की। 17,82,553 बुजुर्गों को पहली खुराक दी गई। हालांकि इस दौरान 3.34 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और फ्रंटलाइन वर्करों को भी वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई है। टीकाकरण के 60वें दिन 16 मार्च को देश में 21,17,104 लोगों को वैक्सीन दिया है। अब तक 96 में से 75 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन दी जा चुकी है। वहीं दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्करों में से 76 लाख को वैक्सीन मिल चुकी है। 


*कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आये 26 हजार से अधिक मामले 118 की गई जान*

15-Mar-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पिछले एक साल से देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में कोरोना महामारी ने इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल सोमवार सुबह बीते 24 घंटे में पहली बार रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। वहीं तीन माह बाद सक्रिय मामले पहली बार सक्रिय मामलों की संख्या दो लाख के पार चली गई है। केंद्रीय मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 26,291 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,13,85,339 पहुंच गए हैं। बता दें कि इससे पहले, कोरोना संक्रमण के 26 हजार से अधिक मामले पिछले साल 19 दिसंबर को दर्ज किए गए थे। वहीं पिछले 24 घंटे में इस जानलेवा संक्रमण से 118 लोगों की जान चली गई है, इसी के साथ मरने वालों की संख्या 1,58,725 पहुंच गई है। 
00 तीन माह बाद सक्रिय मामले दो लाख के पार 
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 17,455 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। इसी के साथ देश में अब तक 1,10,07,352 मरीज कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहे हैं। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में बेहद कमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले तीन महीने बाद कोरोना के सक्रिय मामले दो लाख के पार पहुंच गए हैं, जबकि इससे पहले सक्रिय मामले दो लाख से नीचे बने हुए थे।
00 टीकाकरण : अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर भारत 
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। भारत 2,99,08,038 लोगों को कोरोना का टीका लगाकर सबसे तेज टीकाकरण करने वाले देशों की सूची में दूसरे पायदान पर आ गया है, जबकि पहले नंबर पर अमेरिका है। 
00 मध्यप्रदेश में सख्ती और बढ़ी 
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने टीम को नाइट कर्फ्यू समेत कोरोना प्रसार को रोकने वाले अन्य जरूरी कदमों पर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कल एक बैठक आयोजित की जाएगी, अगर आवश्यक हुआ, तो कुछ और जरूर कदम उठाए जाएंगे।   


*बुजुर्ग भी उत्साह से लगवा रहे कोरोना का टीका*

14-Mar-2021

00 राजनांदगांव में वृद्धाश्रम निवासियों ने भी लगवाया टीका
रायपुर  (शोर सन्देश)। प्रदेश में कोविड 19 टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। बुजुर्गों में वैक्सीन लगाने की जैसी होड़ मची है। बुजुर्ग माता- पिता, दादा-दादी, नाना -नानी को उनके बच्चे, नाती-पोते बकायदा स्वास्थ्य केन्द्र ले कर आ रहे हैं और वे भी उत्साह से आकर टीका लगवा रहे हैं। कोविड 19 महामारी को फैले हुए 1 साल से अधिक हो गया है और बुजुर्ग साल भर से अपने घर में ही रहकर परेशान हो गए हैं इसलिए जब 1 मार्च से उन्हे वैक्सीन लगने लगी तब वे उत्साह से लगवा रहे हैं। कई तो निःशक्त होने के बाद भी व्हील चेयर में आ रहे हैं। यह एक सुखद संकेत है जब बच्चे अपनी जिम्मेदारी निभा कर बुजुर्गाें को टीका लगाने ला रहे हैं और वे स्वयं भी प्रेरित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ मिथिलेश चैधरी ने बताया कि डोंगरगढ़ के वृद्धाश्रम के 10 बुजुर्ग निवासियों ने आज वैक्सीन लगवाई । इसके अलावा राजनांदगांव के आशानगर के कुष्ठ मुक्त 12 बुजुर्गाें ने भी टीका लगवाया। राजनांदगांव में महिला स्वसहायता समूहों एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के सदस्यों द्वारा भी टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
सभी को यह समझाया भी जा रहा है कि टीका लगने के बाद भी मास्क लगाना, सुरक्षित दूरी रखना और हाथों की सफाई अनिवार्य है। एक टीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता नही बढ़ती है, 28 दिनों बाद दूसरा टीका लगाना जरूरी है। उसके 15 दिन बाद शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता आती है । दोनों डोज लगने के बाद भी कोविड अनुकूल व्यवहार नही भूलना हैं।  


*जिले के शासकीय व निजी अस्पतालों में लगाया जा रहा टीका*

10-Mar-2021

00 अब तक 22 हजार से अधिक को लगाया कोवि-शील्ड का टीका
धमतरी (शोर सन्देश)। जिले में कोविड 19 से सुरक्षा और बचाव के लिए कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा रहा है। अब तक जिले के 22 हजार 128 लोगों को कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा चुका है। इनमें हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाईन वर्कर्स, 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 6 हजार 43 हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रथम डोज और तीन हजार 714 को दूसरे डोज का टीका लगाया जा चुका है। इसी तरह पहले डोज के तौर पर तीन हजार 257 फ्रंट लाईन वर्कर्स ने टीका लगवाया। शनिवार से दूसरे डोज का टीका लगाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक 158 फ्रंट लाईन वर्कर्स का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च से अब तक वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से अधिक आयु वर्ग के और 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले आठ हजार 956 लोगों को प्रथम डोज का कोवि-शील्ड का टीका लगाया गया है। इसमें 45 से 60 साल तक की आयु के एक हजार 998 और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के 6 हजार 958 वरिष्ठ नागरिक शमिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिला स्तर पर शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आमदी, अकलाडोंगरी, भटगांव, कंडेल, खरेंगा, चटौद, परखंदा, सिर्री, नारी, भखारा, जामगांव, कोर्रा, मेघा, हसदा, करेली बड़ी, सिंगपुर, बेलरगांव, बोरई, दुगली, कुकरेल, केरेगांव, सांकरा, सिहावा, गट्टासिल्ली में टीकाकरण किया जा रहा है। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुजरा, कुरूद, मगरलोड और नगरी, धमतरी स्थित निजी अस्पताल बठेना, खालसा नर्सिंग होम, ओजस्वी नर्सिंग होम, उपाध्याय नर्सिंग होम, चटर्जी अस्पताल, लुंकड़ अस्पताल और कुरूद स्थित प्रदीप अस्पताल में सोमवार से शनिवार तक टीकाकरण किया जा रहा है। शासकीय अस्पतालों में यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में टीका लगाने के लिए ढाई सौ रूपए का शुल्क तय किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए बताया कि कोवि-शील्ड का टीका अत्यंत सुरक्षित है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराना जरूरी है। अतः टीकाकरण जरूर कराएं। ज्ञात हो कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 104 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कोरोना संबंधी किसी भी संशय को दूर करने के लिए जिला नोडल अधिकारी डाॅ.बी.के.साहू के मोबाईल नंबर 94252-08617 पर काॅल किया जा सकता है।


*ज्यादा होने चाहिए ऐसे अस्पताल *

08-Mar-2021

संपादकीय कोई भी समृद्ध समाज सरकार से ज्यादा सशक्त होता है। सरकार जो नहीं कर सकती,वह समृद्ध समाज कर सकता है। सरकार कितना भी बड़ा अस्पताल खोल ले, वहां किसी न रूप में लोगों के पैसा वहां के लोग वसूल ही लेते हैं। कहा जाता है कि सरकारी अस्पताल में मुप्त इलाज होता है लेकिन वहां पैसा खर्च करना ही पड़ता है। इससे समाज के गरीब लोगों को वह सुविधा नहीं मिल पाती है जिसकी उन्हें जरूरत रहती है। अस्पताल कैसे होने चाहिए यह दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी से सरकारों की सीखना चाहिए। कमेटी ने सराय काले खां स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में विश्वस्तरीय सुविधा वाली किडनी डायलिसिस अस्पताल शुरू किया है।वर्तमान में इस अस्पताल मेंं 100 बेड हैं।सबसे अच्छी बात यह है कि यहां कोई बिलिंग काउंटर नहीं होगा। यानी यहां कहीं भी किसी को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।सब जानते हैं कि डायलिसिस कितना महंगा होता है, इसे कराने में कितनी परेशानी होती है।सरकारी अस्पताल में भी इसका बहत पैसा लगता है। इस अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के साथ दवाई मुफ्त मिलेगी। मरीज के परिजनों को खाना गुरुद्वारा के लंगर में मुफ्त मिलेगा। देश में ऐसे अस्पतालों की जरूरत ज्यादा है जहां अमीर व गरीब का भेद नहीं किया जाता है।जहां पीड़ित लोगों की पीड़ा दूर करना ही सबसे बड़ा काम माना जाता है।देश व राज्यों के ज्यादातर सरकारी व निजी अस्पताल लोगों की परेशानी दूर करने की जगह परेशानी बढ़ाने वाले होते हैं। हर काम के पैसे लिए जाते हैं। ज्यादा से ज्यादा पैसे वसूलने की कोशिश होती है। इससे ऐसे अस्पताल लोककल्याण का केंद्र नहीं बन पाते हैं। वैसे तो कई समाज सिख समाज से भी संपन्न होंगे लेकिन समाज के संपन्न होने भर से कुछ नहीं होता है जब तक समाज में लोककल्याण की भावना न हो, लोककल्याण के लिए कोई तंत्र विकिसत न हो ।सिख समाज संपन्न समाज होने के साथ लोककल्याण के लिए सबसे आगे रहने वाला समाज है। इससे वह समाज देश व दुनिया के लिए ज्यादा कल्याणकारी है। इसके लिए उसकी सराहना तो की ही जानी चाहिए।


*विश्व कर्ण दिवस पर अस्पतालों में 3 से 10 मार्च तक निःशुल्क जांच शिविर*

02-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के अंतर्गत 3 से 10 मार्च तक विश्व श्रवण दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व श्रवण दिवस की थीम “ हिअरिंग केयर फॉर ऑल– जाँच, पुनर्वासऔर संवाद” पर आधारित है। इस सप्ताह के दौरानसभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में लोगों को कर्ण रोग के बारे में बताया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान कान की देखभाल के प्रति जागरूकता लाने शिविर भी लगाए जाएंगे। कर्ण रोग से बचाव एवं इसके उपचार की जानकारी को जनसामान्य तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला अस्पतालों में निःशुल्क कर्ण जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। एनपीपीसीडी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया,“लोगों को कानों से संबंधित बीमारियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में 3 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले की सभी मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को भी ट्रेनिंग दी गई है। ये अपने क्षेत्र के कानों की समस्या से पीड़ित लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में लेकर जाएंगी और उपचार कराएंगी। ताकि लोग अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ ले सकें। शिविर में नाक, कान, गला रोग चिकित्सक अधिकारी, ऑडियोलाजिस्ट के मरीजों की जांच की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे अनुसार भारत में लगभग 6.3 करोड़ लोग बधिरता रोग से पीड़ित है। देश की कुल जनसंख्या के अनुरुप प्रभावित दर 6.3 प्रतिशत है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संख्या के सर्वे 2001 के अनुसार प्रति लाख आबादी पर 291 व्यक्ति ऐसे है जो कि बधिरता रोग से पीड़ित है जिसमें शून्य से 14 बच्चे अधिक प्रभावित हैं। इन आंकड़ों पर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो मानवीय विकास के साथ साथ प्रदेश के विकास में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है। 



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