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विकास दुबे के अंतिम संस्कार में पत्नी ने खोया आपा कहा*

11-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कानपुर गोलीकांड के आरोपी और मास्टरमाइंड विकास दुबे के शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारे जाने के बाद शाम को भैरवा घाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। विकास दुबे के अंतिम संस्कार के दौरान उसकी पत्नी ऋचा ने जमकर गाली-गलौज की और कहा कि हां उसके पति के साथ सही हुआ। दरअसल अपने पति विकास दुबे के अंतिम संस्कार में शामिल होने आई पत्नी ऋचा से वहां मौजूद मीडिया कर्मियों ने सवाल पूछना शुरू किया तो उसने अपना आपा खो दिया और जोर जोर से चिल्ला चिल्ला कर कहने लगी कि जो हुआ सही हुआ, जब ऋचा से पूछा गया कि क्या पुलिस ने एनकाउंटर सही किया तो उसने कहा, जिसने गलती की उसे सजा मिलेगी। इसके बाद जब उससे पूछ सवाल किया गया कि क्या आप मानती हैं कि आपके पति ने गलती की थी इस पर रिचा ने चिल्लाते हुए 3 बार हां कहां ऋचा ने कहा, उसके साथ सही हुआ यहां से चले जाओ।
00 शवदाह के अंदर किसी भी मीडिया कर्मी को नहीं मिली इजाजत :
बता दें कि गैंगस्टर विकास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके कुछ करीबी लोगों को ही मंजूरी दी गई थी, जिसमें उसकी मां, पत्नी ऋचा और बेटा वहां मौजूद थे। इस दौरान अंतिम संस्कार वाले स्थान पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा शवदाह के अंदर किसी भी मीडिया कर्मी को जाने की इजाजत नहीं दी गई। मीडिया कर्मी कुछ दूरी से है विकास दुबे की पत्नी ऋचा से सवाल पूछते रहे।
00 पिता ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से किया इंकार :
इसके अलावा विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद उसके पिता से इस बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हां ठीक हुआ। विकास के पिता ने आगे कहा कि, हमें किसी ने बताया है कि हमारा बेटा मारा गया है हमने कहा ठीक किया गया। जब उनसे सवाल किया गया कि वह क्या वह अपने बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे तो उन्होंने मना कर दिया और कहा कि, मैं उसके अंतिम संस्कार पर क्यों जाऊं वह हमारा कहना नहीं मानता था अगर मानता होता तो आज ऐसा नहीं होता उसने हमारी कभी भी मदद नहीं की।
बता दें कि मोस्ट वांटेड 5 लाख इनामी गैंगस्टर विकास दुबे को उत्तर प्रदेश के उज्जैन से पकड़ा गया था और उत्तर प्रदेश लाते हुए शुक्रवार सुबह एनकाउंटर में मारा गया। विकास दुबे पर कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों को शहीद करने के आरोप के साथ ही कई अन्य आरोप थे।


मोदी सरकार के मंत्रिपरिषद का विस्तार जल्द, जाने किन नामों पर चल रहा मंथन*

11-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिपरिषद विस्तार सावन खत्म होने के बाद हो सकता है। छह जुलाई से शुरू हुआ सावन का महीना, तीन अगस्त को खत्म होगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अगस्त के दूसरे सप्ताह में मंत्रिपरिषद विस्तार करने की तैयारी है। दरअसल, सावन मास में शुभ कार्य करने से लोग बचते हैं। भाजपा में मुहूर्त आदि का खास ख्याल रखा जाता है। ऐसे में पार्टी सूत्रों का कहना है कि सावन मास खत्म होने के बाद लंबित चल रहा मंत्रिपरिषद विस्तार किया जा सकता है। इससे पहले भाजपा की राष्ट्रीय टीम घोषित होगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बीते दिनों अनौपचारिक बातचीत में यह संकेत दिए थे कि पहले राष्ट्रीय टीम घोषित होगी, उसके बाद कैबिनेट फेरबदल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को 57 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। नियमों के मुताबिक लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 मंत्री बनाए जा सकते हैं। पिछली सरकार में मोदी सरकार में 70 मंत्री थे। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी पिछली बार के आंकड़े पर प्रधानमंत्री मोदी ने अमल किया तो कम से कम 13 नए मंत्रियों को सरकार में जगह मिल सकती है। हरियाणा से मोदी सरकार में शामिल केंद्रीय सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर को पद मुक्त कर प्रदेश भाजपा की कमान देने की तैयारी चल रही है।  पार्टी सूत्रों का कहना है कि आरएसएस के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष की जून में प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस मसले पर बैठक हो चुकी है। डॉ. कृष्णगोपाल ही आरएसएस भाजपा के बीच कोआर्डिनेशन देखते हैं।
भाजपा के एक नेता ने कहा, `राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की लिस्ट तैयार है, इसका साफ मतलब है कि कौन संगठन से सरकार में सरकार से संगठन में आएगा। किस राज्य से संगठन सरकार में कितने लोग आएंगे, इसका खाका तय हो चुका है।सूत्रों का कहना है कि संगठन से राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव, डॉ. अनिल जैन, अनिल बलूनी का नाम मंत्री बनने के संभावितों में है। सरकार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय को भी राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिल सकती है। राजस्थान से जुड़े एक मंत्री को ड्राप किया जा सकता है। आठ कैबिनेट मंत्रियों के पास से दो से तीन मंत्रालय हैं। कुछ स्वतंभ प्रभार वाले मंत्रियों के पास भी एक से अधिक मंत्रालय हैं। ऐसे में इन मंत्रियों का भार कम किया जा सकता है।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य बने ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी मोदी सरकार के संभावित मंत्रियों में चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि एस जयशंकर की तर्ज पर कुछ विशेषज्ञों को भी मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है। नवंबर में संभावित बिहार चुनाव के कारण जदयू को भी सरकार में हिस्सेदारी दी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार में मिडिल आर्डर में परिवर्तन होने की ज्यादा संभावना है। अगर कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो एक मंत्री को हटाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रिपरिषद विस्तार की कवायदें पिछले साल दिसंबर में ही प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू कर दीं थी, जब 21 दिसंबर को उन्होंने मंत्रिपरिषद की मैराथन समीक्षा बैठक की थी, उसके बाद ही मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट तैयार हुई थी, लेकिन बाद में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव फिर कोरोना की चुनौती के कारण मामला लटक गया। मगर, अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को पूरा किए एक साल से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में मंत्रिपरिषद विस्तार अब होना तय है। 2014 में बनी सरकार के दौरान छह महीने के अंदर पहला मंत्रिपरिषद विस्तार हो गया था। जून में मंत्रिपरिषद को लेकर संघ पदाधिकारियों भाजपा नेताओं के बीच हुई बैठक से साफ है कि अगस्त से सितंबर के बीच में मोदी सरकार मंत्रिपरिषद का विस्तार करेगी। इस बात को इसलिए भी बल मिल रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्य प्रदेश में 24 सीटों के सितंबर में संभावित उपचुनाव से पहले उन्हें केंद्र सरकार में जिम्मेदारी मिलने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उपचुनाव में भाजपा को फायदा होगा।


यौन उत्पीड़न के शिकार 8 बच्चे छुड़ाए गए *

10-Jul-2020

00 संचालक पॉक्सो में गिरफ्तार

लखनऊ (शोर सन्देश) पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शुक्रताल आश्रम पर छापा मारकर पूर्वोत्तर के बच्चों को छुड़ाया है। आश्रम में इन बच्चों का यौन शोषण हो रहा था। पुलिस ने आश्रम के संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ है। आश्रम नगरी कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर जनपद के तीर्थस्थल शुक्रताल के एक आश्रम में बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां आश्रम के संचालक अनाथ बच्चों का यौन शोषण कर रहे थे। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने छापा मारकर बच्चों को छुड़ाया है। मेडिकल जांच में चार बच्चों के यौन शोषण की पुष्टि हुई है। इन सभी बच्चों की उम्र दस साल से कम है। पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर आश्रम के मुख्य संचालक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस शर्मनाक कांड का खुलासा एक बच्चे की हिम्मत और समझदारी से हुआ। आश्रम में रहने वाले मिजोरम के 9 साल के इस बच्चें ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर बच्चों पर हो रहे जुल्म की जानकारी दी थी। इसके बाद टीम वहां पहुंची और जांच पड़ताल शुरु की। इस आश्रम का नाम गौड़िया मठ है और यह जनपद के फिरोजपुर रोड स्थित शुक्रताल में है जो फिरोजपुर थाना क्षेत्र में हैं। पुलिस ने जांच के दौरान हुए खुलासे और बच्चों की मेडिकल जांच के आधार पर आश्रम संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक इस आश्रम में मिज़ोरम, त्रिपुरा और मणिपुर के यह मासूम बच्चें धार्मिक शिक्षा ग्रहण करने आए थे। बुधवार को मुज़फ्फरनगर में 1098 पर आई शिकायत के आधार पर चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने तीर्थ नगरी के नाम से विख्यात शुकतीर्थ स्थित इस आश्रम पर छापा मारा। टीम को जानकारी मिली थी कि गोड़िया मठ आश्रम में मिजोरम और त्रिपुरा को 10 बच्चो को बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे आश्रम में चिनाई के काम के साथ साथ पशुओं का चारा भी जंगल से मंगाया जाता था। टीम को बच्चों ने बताया कि काम करने पर उनकी पिटाई की जाती थी।
चाइल्ड हेल्प लाइन की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने बताया किहमारे पास 1098 से रजिस्टर्ड होकर सूचना आई थी कि यहां पर जो गोडिया मठ आश्रम है इसमें बच्चों को बंधक बना रखा है। हमने वहां जाकर देखा तो वहां 8 - 10 बच्चे थे उन्होंने बच्चों को इतना डरा रखा था कि सब बच्चे महंत जी की तरफ से ही बोल रहे थे लेकिन बच्चों की घबराहट को देखकर हमें शक हुआ कि कुछ तो गड़बड़ है, जिसके बाद हमने बच्चों को विश्वास में लेकर उनसे बात की। इसके बाद बच्चों ने सबकुछ बताना शुरू कर दिया।“ पूनम शर्मा ने बताया कि आश्रम के लोगों ने टीम को शुरु में बच्चों से बात करने से रोका और बच्चों को छिपाने की भी कोशिश की। उन्होने बताया कि जब उन्होंने आश्रम के लोगों को बताया कि वे कोई कार्यवाही नहीं करेंगे बल्कि सिर्फ पूछताछ करेंगे तब कहीं जाकर उन्होंने बच्चों सामने किया। पूनम शर्मा का कहना है कि आश्रम के लोगों ने दो बच्चों को कहीं छिपा दिया है, और टीम 8 बच्चों को ही मुक्त कराकर लाई है। उन्होंने बताया कि एक बच्चे की उम्र करीब 12 साल है, उससे आश्रम में खाना बनाने का काम लिया जाता था और बर्तन भी धुलवाए जाते थे। पूनम शर्मा के मुताबिक बच्चों के शरीर पर उत्पीड़न के निशान मिले हैं। पुलिस ने आश्रम के संचालक के खिलाफ धारा 323, 504, 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इलाके के पुलिस सीओ राजेश द्विवेदी ने बताया कि मेडिकल जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद अप्राकृतिक यौन शोषण का मामला भी दायर किया गया है।


(बड़ी खबर) पुलिस एनकाउंटर में गैंगस्टर ढेर, जाने पूरी कहानी*

10-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे आज देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। पुलिस का कहना है कि उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी पलट गई। इस दौरान विकास दुबे ने पुलिसकर्मी का पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इसके बाद मुठभेड़ में विकास दुबे को पुलिस ने ढेर कर दिया। पुलिस ने बताया कि जो गाड़ी पलटी थी, विकास दुबे उसी में सवार था. पुलिस ने कहा कि विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीना था और 2-3 किलोमीटर भागा भी था। इसके बाद पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए भी कहा, लेकिन उसने सरेंडर नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में उसे मार गिराया।  उल्लेकनिय है कि एक दिन पहले ही विकास दुबे को मध्य प्रदेश की पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ टीम रात में उसे मध्य प्रदेश से कानपुर ला रही थी। विकास दुबे के लाते समय रास्ते में भारी बारिश हो रही थी। पुलिस का कहना है कि इसकी वजह से गाड़ी फिसल गई थी। यह हादसा कानपुर के पहले भौती के पास हुआ।  पुलिस के अनुसार, विकास दुबे को लेकर रही गाड़ियों में सबसे आगे चल रही एक गाड़ी ने टोल प्लाजा के स्टॉपर पर टक्कर मारी थी। इसके बाद पीछे काफिले में चल रही अन्य गाड़ियों ने अचानक ब्रेक लगाए और पानी बरसने की वजह से स्लीप होने के कारण सभी गाड़ियां असंतुलित होने लगी थीं।
वहीं इस एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, `दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई है।`


कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने केंद्र सरकार को घेरा. `क्या यही सपनों का भारत है`*

09-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) उत्तर प्रदेश के चित्रकूट की खदानों में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि `क्या यही हमारे सपनों का भारत है।दरअसल, खबरों के मुताबिक चित्रकूट की खदानों में कुछ रुपयों के लिए नाबालिग लड़कियों को अपने जिस्म का सौदा करना पड़ता है। राहुल ने ट्वीट किया, ``अनियोजित लॉकडाउन में भूख से मरता परिवार। इन बच्चियों ने ज़िंदा रहने की ये भयावह क़ीमत चुकाई है। क्या यही हमारे सपनों का भारत है?``  कांग्रेस नेता ने जिस खबर का हवाला दिया उसके मुताबिक, चित्रकूट में खदानों में काम करने को मजबूर गरीब परिवारों की नाबालिग लड़कियों के साथ कथित रूप से यौन शोषण किया जा रहा है। 


फिल्म अभिनेता सैय्यद इश्तियाक अहमद जाफरी का निधन, ‘सूरमा भोपाली’ के नाम से थे मशहूर*

09-Jul-2020

रायपुर/मुम्बई (शोर सन्देश) बॉलीवुड के लेजेंडरी एक्टर और कॉमेडियन जगदीप का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। कल देर रात 8.40 पर उनका निधन मुंबई स्थित अपने घर पर ही हुआ, उनका असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। उनका जन्म 29 मार्च 1939 को हुआ था। जगदीप ने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। वे साल 1975 में आई मशहूर फिल्म शोले में सूरमा भोपाली के किरदार से काफी चर्चा बटोरने में कामयाब रहे थे। इसके अलावा फिल्मपुराना मंदिरमें मच्छर के किरदार और फिल्मअंदाज अपना अपनामें सलमान खान के पिता के रोल में भी उन्होंने दर्शकों का जबरदस्त मनोरंजन किया था। उन्होंने एक फिल्म का निर्देशन किया था, जिसका नाम सूरमा भोपाली था। इस फिल्म में लीड किरदार भी उन्होंने खुद निभाया था। जगदीप ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत 1951 में बी आर चोपड़ा की फिल्मअफसानासे की थी। इस फिल्म में जगदीप ने बतौर बाल कलाकार काम किया था। इसके बाद भी उन्होंने कई फिल्मों में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया, जिनमें गुरू दत्त की आर पार, बिमल रॉय की दो बीघा जमीन जैसी बेहतरीन फिल्में शामिल हैं।
00 तीन महीनों में बॉलीवुड की पांच हस्तियों ने कहा दुनिया को अलविदा :
पिछले तीन महीनों में बॉलीवुड के पांच बड़ी हस्तियां इस दुनिया को अलविदा कह चुकी हैं। अप्रैल महीने में इरफान खान और ऋषि कपूर ने अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद जून के महीने में सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की थी वही इसी महीने कुछ दिनों पहले सरोज खान का निधन हो गया था।


भारतीय रुपया आज मजबूत, डॉलर के मुकाबले बढ़कर खुला भाव*

09-Jul-2020

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश) शुरुआती कारोबार में आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में मजबूती के साथ कारोबार हो रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 8 पैसे की बढ़त के साथ खुला है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 74.94 प्रति डॉलर के भाव पर खुला है। बीते सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 75.02 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। पृथ्वी फिनमार्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर (कमोडिटी एंड करेंसी) मनोज कुमार जैन के मुताबिक डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव होने की वजह से रुपये में उठापटक दिखाई पड़ सकती है। उनका कहना है कि रुपया अगर 75.20 के स्तर के ऊपर बंद होता है तभी कमजोरी दिखाई पड़ेगी। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो 74.85-74.70 के सपोर्ट लेवल को छू सकता है।  मोतीलाल ओसवाल के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अमित सजेजा के मुताबिक रुपया जुलाई वायदा में 75.35 के लक्ष्य के लिए 75.10 के भाव पर खरीदारी की जा सकती है। इस सौदे के लिए 74.95 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है। आज के कारोबार में स्पॉट रुपये में 74.80-75.10 के दायरे में कारोबार की संभावना है।
एंजेल ब्रोकिंग डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (एनर्जी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता के मुताबिक इंट्राडे में रुपया वायदा में 75 के भाव पर खरीदारी करके 75.40 का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रुपये के इस कॉन्ट्रैक्ट में 74.70 का स्टॉपलॉस लगा सकते हैं।  केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक आज के कारोबार में रुपये में 75.24-75.4 के लक्ष्य के लिए 75.1 के भाव पर खरीदारी फायदेमंद है। इस सौदे के लिए 74.95 का स्टॉपलॉस लगाया जा सकता है। कार्वी कॉमट्रेड के हेड रिसर्च वीरेश हीरेमथ के मुताबिक इंट्राडे में 75 के भाव पर खरीदारी करके 75.30 का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। इस सौदे के लिए 74.85 का स्टॉपलॉस लगा सकते हैं।


कानपुर कांड: विकास का 100 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं*

07-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसवालों को मारकर भागा विकास दुबे अबतक फरार है। उत्तर प्रदेश की पुलिस पिछले सौ घंटे से विकास दुबे का कोई सुराग नहीं ढूंढ पाई है। बता दें कि पुलिस ने उसे ढूंढने के लिए नेपाल से लेकर चंबल तक नजरें टिका रखी हैं। इस बीच विकास दुबे के घर के बगल में बने कुएं से भी गुनाहों के सबूत तलाशे जा रहे हैं। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है विकास दुबे की हैवानियत के चश्मदीद हिम्मत जुटा रहे हैं और कानपुर के बिकरु गांव की उस खौफनाक रात की कई कहानियां सामने रही हैं, लेकिन सवाल ये कि इतने बड़े अपराध को अंजाम देने वाला कानपुर का सबसे बड़ा क्रिमिनल आखिर गया कहां? ये वो सवाल है जो यूपी पुलिस को इस वक्त सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। क्योंकि दाग खाकी वर्दी पर भी है. अगर पुलिसवालों की शह ना होती तो विकास दुबे गैंगस्टर ना बना होता और अगर भेदिए का रंग खाकी ना होता तो शायद आठ पुलिसवाले शहीद ना होते।


स्कूल फीस मामला : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से किया इनकार*

07-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) देश के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस के मामले में हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के छात्रों को कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद की अवधि के दौरान फीस का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को उन अभिभावकों से ट्यूशन फीस मांगने से रोक दिया था, जो अपने बच्चों को ऑनलाइन क्लास दिलाने में असमर्थ थे। इसके बाद स्कूलों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया। प्रधान न्यायाधीश एस. . बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वे इस स्तर पर मामले पर विचार करने के लिए उत्सुक नहीं हैं। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन और सेंट जूड्स, देहरादून द्वारा दायर की गई थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि ट्यूशन फीस का भुगतान केवल उन छात्रों को करना चाहिए, जो कि इसका भुगतान करना चाहते हैं और साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा पेश किए जा रहे ऑनलाइन पाठ्यक्रम का उपयोग करने में सक्षम हैं। इसके आलावा जिन छात्रों के पास ऑनलाइन पाठ्यक्रम तक पहुंच नहीं है, उन्हें ट्यूशन फीस का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा था कि जो बच्चे ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग नहीं लेते हैं, उन्हें ट्यूशन शुल्क का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील जोहेब हुसैन ने दलील दी कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों को शुल्क लेने से रोका नहीं जाना चाहिए और अदालत से ऑनलाइन शिक्षा में शामिल खचरें को ध्यान में रखने के लिए कहा। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति 100 प्रतिशत है, लेकिन केवल 10 प्रतिशत छात्र ही फीस दे रहे हैं। राज्य सरकार के आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान जिन निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं या अन्य संचार मोड शुरू किए हैं, उन्हें केवल शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि एक छात्र को शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उसे हटाया नहीं जा सकता है।


चीन विवाद : भारत के साथ खड़ी है अमेरिका सेना *

07-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) अमेरिकी सेना भारत और चीन के बीच या कहीं और भी संघर्ष के संबंध में उसके साथ ``मजबूती से खड़ी रहेगी।`` नौसेना क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए दक्षिण चीन सागर में दो विमान वाहक पोत तैनात किये जाने के बाद अधिकारी का यह बयान आया है। ये बातें व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने कही। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ मार्क मीडोज ने एक सवाल के जवाब में बताया, ``संदेश स्पष्ट है। हम खड़े होकर चीन को या किसी और को सबसे शक्तिशाली या प्रभावी बल होने के संदर्भ में कमान नहीं थामने दे सकते, फिर चाहे वह उस क्षेत्र में हो या यहां।`` उन्हें बताया गया कि भारत ने पिछले महीने चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद कई चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया।
भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ सप्ताह से गतिरोध जारी है। हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के ``तेजी से`` पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए।मीडोज ने कहा कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपने दो विमान वाहक पोत भेजे है।
उन्होंने कहा, ``हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया यह जाने कि हमारे पास अब भी दुनिया का उत्कृष्ट बल है।``चीन, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों में लिप्त है। चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है। वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के भी क्षेत्र को लेकर उसके दावे हैं।



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