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26 अप्रैल से लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक, इन संस्थानों की भी रहेगी छुट्टी

24-Apr-2024
नई दिल्ली :  (  शोर सन्देश )  26 अप्रैल को देश में 89 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है. इसलिए शुक्रवार से लगातार तीन दिनों तक छत्सतीसगढ़ सहित देश के कई हिस्सों में सिर्फ बैंक ही नहीं बल्कि सभी सरकारी संस्थान व कुछ प्राइवेट सेक्टर भी बंद रहेगा.  चूंकि 26 अप्रैल को शुक्रवार उसके बाद माह चौथा शनिवार और फिर रविवार है. इसलिए लगातार तीन दिनों तक बैंक की छुट्टी रहने वाली है. यदि आपका बैंक संबंधी कोई काम है तो आज और कल में संपादित कर लें. अन्य लटकने पूरे चांस हैं. हालांकि आजकल बैंक संबंधी ज्यादातर काम ऑनलाइन मोड में हो जाते हैं.  इसके  बावजूद भी कई ऐसे काम होते हैं जिन्हें बिना बैंक जाए पूरा नहीं किया जा सकता है. 

स्कूल-कॉलेजों की भी छुट्टी
आपको बता दें कि शुक्रवार यानि 26 अप्रैल को सिर्फ बैंक ही बंद नहीं रहेंगे. बल्कि देश के जिन भी हिस्सों में मतदा है, वहां सभी जगह स्कूल कॅालेजों की भी छुट्टी रहेगी. इसके अलावा ज्यादातर सरकारी संस्थाओं को बंद रखने के आदेश दिये गये हैं. पास्टपोर्ट कार्यालय को भी तीन दिन तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा कई ऐसे निजी संस्थान भी हैं, जहां वोटिंग वाले दिन छुट्टी निर्धारित की गई है. ताकि सभी लोग अपने मत का उपयोग कर सकें. वेस्ट यूपी की मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, आदि सभी सीटों पर दूसरे फेज में वोटिंग है.  जिसके चलते यहां सभी सरकारी संस्थान व बैंक तीन दिन तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है. 
26 अप्रैल को यहां बंद रहेंगे बैंक
लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण की वोटिंग के चलते वेस्ट यूपी की वेस्ट यूपी के मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर में तीन दिनों तक बैंक बंद  रहेंगे. इसके अलावा  असम की करीमगंज, सिलचर, मंगलदोई, नवगोंग, कलियाबोर, बिहार के किशनगंज, छत्तीसगढ़ के कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, बांका, राजनांदगांव, महासमुंद , कांकेर, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक के उडुपी, चिकमंगलूर, हासन, दक्षिण कन्नड़, चित्रदुर्ग, तुमकुर, मांड्या, मैसूर, चामराजनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु उत्तर, बेंगलुरु सेंट्रल, बेंगलुरु दक्षिण, चिकबल्लापुर, कोलार में बैंक बंद रहेंगे. पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, रायगंज, बालुरघाट में भी छुट्टी रहेगी.
 

24 हजार शिक्षकों की नौकरी बचाने ममता सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट

24-Apr-2024
नई दिल्ली: (  शोर सन्देश )  पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाला केस में एक बड़ा अपडेट आया है. 24 हजार शिक्षकों की नौकरी बचाने के लिए बंगाल की ममता सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है और कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. ममता सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले से स्कूलों में एक बड़ा शून्य पैदा हो जाएगा.
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साल 2016 में की गई शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की लगभग 24,000 नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को चुनौती है. शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका में राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट ने मौखिक दलीले के आधार पर, साथ ही रिकॉर्ड पर किसी भी हलफनामे के अभाव में मनमाने ढंग से नियुक्तियां रद्द कर दी. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की है. सरकार ने कहा है कि यह फैसला तथ्य की ‘पूरी तरह से उपेक्षा’ करते हुए दिया गया. इससे स्कूलों में एक बड़ा शून्य पैदा हो जाएगा.

दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा संचालित और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा-2016 (एसएलएसटी) की चयन प्रक्रिया के जरिए हुई सभी नियुक्तियों को रद्द करते हुए सोमवार को इसे ‘अमान्य’ करार दिया था. हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती को अवैध ठहराते हुए 24000 उम्मीदवारों को अवैध भर्ती के बाद प्राप्त वेतन वापस करने का आदेश दिया था.

बता दें कि इससे पहले खुद ममता बनर्जी ने कहा था कि हाईकोर्ट का फैसला अवैध है और उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देगी. वहीं, पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के अध्यक्ष सिद्धार्थ मजूमदार ने भी सोमवार को कहा था कि वह 2016 में शिक्षक भर्ती परीक्षा के जरिए हुई सभी नियुक्तियों को रद्द करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देंगे. उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल विद्यालय सेवा आयोग (एसएससी) को नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया.

जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी! मात्र 20 रुपये में मिलेगा भरपेट खाना

24-Apr-2024
नई दिल्ली। (  शोर सन्देश )  छुट्टियों का सीजन शुरू हो गया है और इस समय ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ हो रही है. आलम यह है कि बड़े स्टेशनों पर भी स्टॉपेज के दौरान भीड़ के चलते यात्री प्लेटफार्म पर उतर नहीं पा रहे हैं और खाने-पीने के सामान के लिए उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में रेलवे ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत ट्रेन के जनरल डिब्बो में यात्रा करने वाले यात्रियों तक किफायती दर पर भोजन पहुंचाने की कवायत शुरू की गई है.
सिर्फ 20 रुपये में मिलेगा भरपेट भोजन
इस भोजन को ‘इकोनामी मील’ नाम दिया गया है. इसकी कीमत ‘20 और 50 रखी गई है. दरअसल, ट्रेनों के एसी और स्लीपर क्लास के यात्रियों तक तो खाने पीने का सामान चलती ट्रेन में भी उपलब्ध हो जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत जनरल कोच के यात्रियों को होती है. ऐसे में उन तक सस्ते दर पर भोजन पहुंचाने की दिशा में रेलवे की यह पहल सराहनीय है. रेलवे द्वारा ग्रीष्मकाल में यात्रियों को किफायती दर पर भोजन (इकोनॉमी मील) उपलब्ध कराया जा रहा है. यात्रियों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ये भोजन प्लेटफार्मों पर सामान्य श्रेणी के कोचों के निकट स्थित काउंटरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि यात्रियों को यह सुविधा बिना किसी परेशानी के आसानी से उपलब्ध हो सके.
रेलवे प्रशासन ने दी जानकारी
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए पूर्व सीपीआर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय रेल, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी.) के साथ मिलकर यात्रियों विशेषकर अनारक्षित कोचों में यात्रियों की सेवा के लिए एक नई पहल शुरू की है, जिसमें किफायती दर पर 20 रूपए में इकोनॉमी मील (किफायती भोजन) और 50 रूपए में स्नैक्स मील (कॉम्बो भोजन) उपलब्ध कराया जा रहा है.

राजस्थान में कांग्रेस पर बरसे पीएम मोदी- ‘मैंने सत्य देश को बताया तो मिर्ची क्यों...’

23-Apr-2024
जयपुर। (  शोर सन्देश )  लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए स्थायी सरकार जरूरी है. देश में एक बार फिर मोदी सरकार बनेगी. लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है, जब भी हम बंटे हैं दुश्मन को फायदा हुआ है. कांग्रेस का राज होता तो आए दिन ब्लास्ट होते, ह्रक्रह्रक्क लागू नहीं होता. कांग्रेस के राज में आस्था का पालन मुश्किल है. कांग्रेस ने रामनवमी पर रोक लगा दी. कर्नाटक में हनुमान चालीसा पढऩे पर पीटा गया.
हनुमान जयंती की दी शुभकामनाएं
बता दें कि राजस्थान के टोंक में पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘आप सभी का प्यार, आशीर्वाद और उत्साह मुझे प्राप्त हुआ. आज रामभक्त हनुमान जी की जयंती का पवित्र दिन है, पूरे देश को हनुमान जयंती की बहुत-बहुत शुभकामनाएं...’
लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है- पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि एकता ही राजस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है. जब-जब हम बंटे हैं तब-तब देश के दुश्मनों ने फायदा उठाया है. अब भी राजस्थान और यहां के लोगों को बांटने की पूरी कोशिश हो रही है, इससे राजस्थान को सावधान रहने की जरूरत है.
कांग्रेस होती देश के कोने-कोने में बम धमाके हो रहे होते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में आपने मोदी को दिल्ली में सेवा का अवसर दिया तो देश ने वह फैसले लिए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी लेकिन अगर कांग्रेस 2014 के बाद भी और आज भी अगर दिल्ली में होती तो क्या-क्या हुआ होता... कांग्रेस होती तो जम्मू-कश्मीर में आज भी हमारी सेनाओं पर पत्थर चल रहे होते, कांग्रेस होती तो सीमा पार से आकर दुश्मन आज भी हमारे जवानों के सिर काटकर ले जाते और कांग्रेस सरकार कुछ न करती, हमारे सैनिकों के लिए वन रैंक-वन पेंशन लागू नहीं होता, देश के कोने-कोने में बम धमाके होते ही रहते... कांग्रेस होती तो अपने लिए भ्रष्टाचार के नए रास्ते तलाशती...’

रामदेव और बालकृष्ण से सुप्रीम कोर्ट का सवाल- क्या माफ़ीनामा भी विज्ञापन जितना बड़ा ही छपवाया?

23-Apr-2024
नई दिल्ली। (  शोर सन्देश ) भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े मामले में योग गुरु रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर बालकृष्ण ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उन्होंने अख़बारों में माफ़ीनामा छपवाया है.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से सवाल किया कि कल के अख़बारों में छपे ये माफ़ीनामे क्या उतने ही बड़े थे, जितने उनके उत्पादों के विज्ञापन थे?
पिछली सुनवाई में रामदेव और बालकृष्ण दोनों ने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगी थी और सार्वजनिक रूप से माफ़ीनामा छापने का भी प्रस्ताव दिया था.
जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच पतंजलि आयुर्वेद, इसके मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण और सह-संस्थापक रामदेव के ख़िलाफ़ भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े केस की सुनवाई कर रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रामदेव और बालकृष्ण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि सोमवार को 67 अख़बारों में माफ़ीनामा छपवाया गया था. इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल तक के लिए टल गई है. जस्टिस कोहली ने इसके बाद पतंजलि आयुर्वेद को आदेश दिया है कि वे अख़बारों में छपे विज्ञापन को काटकर रिकॉर्ड पर रखें. अगर इसकी फ़ोटोकॉपी कर के, इसे बड़ा कर के दिखाया गया तो ये सुप्रीम कोर्ट को अच्छा नहीं लगेगा.
जस्टिस कोहली ने कहा कि वह ये देखना चाहती हैं कि विज्ञापन कितना बड़ा छपा था.-
कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में हुई सुनवाई में रामदेव, बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद की बिना शर्त वाली माफ़ी को ये कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि माफ़ी ‘गलती पकड़े जाने पर’ मांगी गई है.
 

सीएम केजरीवाल को तिहाड़ जेल के अंदर दी गई इंसुलिन, लगातार बढ़ रहा है शुगर

23-Apr-2024
नई दिल्ली. (  शोर सन्देश )  दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को शुगर लेवल बढऩे के बाद इंसुलिन दी गई है। केजरीवाल का शुगर लेवल लगातार हाई हो रहा था और यह 320 पहुंच गया था। श्वष्ठ की गिरफ्तारी के बाद पहली बार केजरीवाल को जेल में इंसुलिन दी गई है। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने तिहाल जेल प्रशासन पर बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें इंसुलिन उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया था। केजरीवाल को इंसुलिन सोमवार शाम दिया गया था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ब्लड में शुगर की मात्रा बढऩे के बाद उन्हें इंसुलिन दी गई है। तिहाड़ के एक अधिकारी ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सकों की सलाह पर केजरीवाल को सोमवार शाम को कम डोज वाली इंसुलिन की दो यूनिट दी गईं थीं। अधिकारी ने बताया कि शाम करीब सात बजे उनके शुगर लेवल 217 पाई गई थी, जिसके बाद तिहाड़ में उनकी देखभाल कर रहे चिकित्सकों ने उन्हें इंसुलिन देने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि एम्स के विशेषज्ञों ने 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान तिहाड़ के चिकित्सकों को सलाह दी थी कि अगर केजरीवाल के रक्त में शर्करा की मात्रा एक निश्चित स्तर से ऊपर चली जाती है तो उन्हें इंसुलिन दिया जा सकता है।
सीएम अरविंद केजरीवाल को इंसुलिन देने के मुद्दे पर आप और तिहाड़ जेल प्रशासन आमने-सामने है। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर भी उन्हें जान से मारने की साजिश का आरोप लगाया है। एक दिन पहरे खुद सीएम केजरीवाल ने भी तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने इंसुलिन का मुद्दा उठाया था।
 

विपक्ष की रैली में ‘केजरीवाल’ और ‘हेमंत सोरेन’ के लिए छोड़ी गई खाली कुर्सियां

22-Apr-2024
रांची। (  शोर सन्देश )  झारखंड की राजधानी रांची में आज रविवार को विपक्षी दलों के द्वारा एक संयुक्त रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में विपक्ष के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। वहीं रांची की इस ‘इंडिया’ गठबंधन वाली रैली के दौरान मंच पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए दो कुर्सियां खाली रखी गईं। बता दें कि केजरीवाल और सोरेन अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं। ‘उलगुलान न्याय महारैली’ का आयोजन मुख्य रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता सोरेन का ‘मास्क’ लगाए नजर आए। 
दरअसल हेमंत सोरेन को कथित भूमि धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 31 जनवरी की रात को गिरफ्तार किया था। वहीं ईडी ने 21 मार्च को केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। मंच पर झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन और आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल के लिए कुर्सियां खाली रखी गई थीं। रैली के दौरान हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन और अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी मंच पर बैठी थीं। वहीं रैली में उपस्थित लोगों ने ‘‘जेल के ताले टूटेंगे, हेमंत सोरेन छूटेंगे’’ जैसे नारे लगाये। वहीं आम आदमी पार्टी के एक्स अकाउंट से एक पोस्ट करके लिखा गया कि  इंडिया परिवार ने अपने वरिष्ठ नेताओं के प्रति दिखाया सम्मान। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के लिए मंच पर आरक्षित रखी कुर्सियां।’
 

ममता सरकार को बड़ा झटका, 24 हजार शिक्षकों की नौकरी गई, सैलरी तक लौटाएंगे

22-Apr-2024
नई दिल्ली। (  शोर सन्देश )   कलकत्ता हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सोमवार को अहम फैसला सुनाया। अदालत ने बंगाल सरकार की ओर से प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दीं। 2016, राज्य स्तरीय परीक्षा के जरिए ये सभी भर्तियां हुईं जिसमें घोटाले के आरोप लगे। इस फैसले का असर ग्रुप सी, डी और ढ्ढङ्ग, ङ्ग, ङ्गढ्ढ, ङ्गढ्ढढ्ढ कैटेगरी के तहत भर्ती किए गए सभी शिक्षकों पर पड़ेगा। आज के फैसले से करीब 24,000 शिक्षकों की नौकरियां चली गईं। 
जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की खंडपीठ ने इस मामले पर आज सुनवाई की। अदालत ने नियुक्त लोगों को 6 हफ्ते के भीतर अपना वेतन लौटाने का आदेश दिया। साथ ही, राज्य सरकार को नई भर्ती अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। यह भी कहा गया कि सीबीआई मामले में अपनी जांच आगे जारी रखेगी। इसके अलावा, उसे तीन महीनों में एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।
शिक्षक भर्ती में घोटाले के आरोप, कई गिरफ्तारियां
हाई कोर्ट का यह आदेश राज्य सरकार प्रायोजित और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति पर भी लागू होगा। ये वो भर्तियां हैं जो पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की ओर से आयोजित 2016, राज्य स्तरीय परीक्षा से की गईं। मालूम हो कि एचसी के आदेश पर ष्टक्चढ्ढ ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी इस मामले में राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और डब्ल्यूबी एसएससी में पदों पर रहे कुछ पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है।  गौरतलब है कि 24,640 रिक्त पदों के लिए 23 लाख से अधिक अभ्यथिर्यों ने 2016 एसएलएसटी परीक्षा दी थी। इस भर्ती को लेकर 5 से 15 रुपये तक के घूस देने के आरोप लगे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और एससी के आदेश पर हाई कोर्ट ने खंडपीठ का गठन किया। जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस मोहम्मद शब्बर रशीदी की डिवीजन बेंच ने आज इस पर सुनवाई की, जो कि स्स्ष्ट की ओर से विभिन्न श्रेणियों में नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के चयन से संबंधित कई याचिकाओं और अपीलों को लेकर हुई।
 

सीजेआई चंद्रचूड़ ने की सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कानूनों की तारीफ, ‘भारत महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार...’

21-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )   भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को रिप्लेस करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की ओर से लाए गए तीन नए कानूनों की तारीफ की है. उन्होंने विधि एवं न्?याय मंत्रालय की तरफ से नए कानूनों को लेकर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों नए कानून समाज के लिए बेहद जरूरी हैं और भारत अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव के लिए तैयार है. 
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘नए कानूनों ने आपराधिक न्याय पर भारत के कानूनी ढांचे को एक नए युग में बदल दिया है. नए कानून जरूर सफल होंगे यदि हम नागरिक के रूप में उन्हें अपनाएंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि पीडि़तों के हितों की रक्षा करने और अपराधों की जांच और मुकदमों को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए इन तीनों कानूनों में बहुत जरूरी सुधार पेश किए गए हैं. 
सीजेआई ने कहा, ‘संसद से इन कानूनों का पास होना एक स्पष्ट संकेत है कि भारत बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है, और मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए नए कानूनी जरूरतों को अपना रहा है.’ कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता भी मौजूद थे. तीनों नए कानून- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1 जुलाई, 2024 से लागू होंगे. इनके लागू होने के साथ ही देश की आपराधिक न्याय प्रणाली पूरी तरह से बदल जाएगी. हालांकि, हिट-एंड-रन के मामलों से संबंधित प्रावधान तुरंत लागू नहीं किया जाएगा.
सीजेआई ने कहा, ‘पुराने कानूनों की सबसे बड़ी खामी उनका बहुत पुराना होना था. ये कानून क्रमश: 1860, 1873 से चले आ रहे थे. नए कानून संसद से पारित होना इस बात का साफ संदेश है कि भारत बदल रहा है और हमें मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए नए तरीके चाहिए, जो नए कानूनों से हमें मिलने जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि नए कानूनों के अनुसार छापेमारी के दौरान साक्ष्यों की ऑडियो विजुअल रिकॉर्डिंग होगी, जो अभियोजन पक्ष के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में ट्रायल और फैसले के लिए टाइमलाइन तय होना एक सुखद बदलाव है. उन्होंने कहा, ‘लेकिन न्यायालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर भी होना चाहिए वरना नए कानूनों के तहत जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं उन्हें हासिल करना मुश्किल हो जाएगा. हाल ही में मैंने देश के सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को चि_ी लिखकर जजों, पुलिस, वकीलों समेत सभी स्टेक होल्डर्स को नए कानूनों के लिए ट्रेनिंग दी जाए. हमारे पुराने क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की खामी यह रही है कि गंभीर और छोटे-मोटे अपराधों को एक ही नजरिए से देखा जाता है. नए कानूनों में इसमें बदलाव किया गया है.’
सीजेआई ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में कहा गया है कि ट्रायल 3 साल में पूरा होना चाहिए और फैसला सुरक्षित रखे जाने के 45 दिनों के भीतर सुनाया जाना चाहिए. लंबित मामलों को सुलझाने के लिए यह एक अच्छी पहल है.

‘राहुल गांधी अगर पीएम बनना चाहते हैं तो...’, इंडिया गठबंधन पर संजय राउत ने कह दी बड़ी बात

21-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )   शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस देश के नेता हैं और अगर वह पीएम बनना चाहते हैं तो उनका स्वागत है। 
प्रधानमंत्री पद को लेकर सवाल पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे और मल्लिकार्जुन खडग़े जैसे कई अन्य चेहरे भी हैं। इसलिए अगर हम अपनी पार्टी के नेता का नाम ले रहे हैं तो इसमें गलत क्या है?’  उन्होंने कहा कि आखिर इसमें किसी को मिर्ची लगने की क्या जरूरत है। हालांकि, राउत ने यह भी कहा कि यह पीएम पद की लड़ाई नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम क्या बोलते हैं... यह कांग्रेस को समझ नहीं आ रहा है।’ संजय राउत का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब इंडिया के घटक दलों की आज रांची में मेगा रैली होनी है।  
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना रैली को संबोधित कर सकती हैं। प्रभात तारा मैदान में होने वाली इस रैली में कुल 14 राजनीतिक दल भाग लेंगे। मालूम हो कि भाजपा ने इस रैली को विशाल पारिवारिक मिलन समारोह बताया है।



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