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UPI के नियमों में बड़ा बदलाव, हर दिन कर सकेंगे 10 लाख का पेमेंट

21-Sep-2025
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) भुगतानों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लेनदेन सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। यह नई सीमा सोमवार से प्रभावी है।
 
इस बदलाव का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में बड़े भुगतानों को सुगम बनाना और उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में डिजिटल अपनाने को बढ़ावा देना है। हालांकि, एनपीसीआई ने पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) सीमा को 1 लाख रुपए प्रतिदिन पर बनाए रखा है।
 
इससे पहले बड़े लेनदेन करने वाले यूजर्स को लिमिट का सामना करना पड़ता था, जिससे उन्हें भुगतान तुकड़ों में या चेक एवं बैंक ट्रांसफर जैसे पारंपरिक तरीकों पर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
 
नए फ्रेमवर्क के तहत, कैपिटल मार्केट और इंश्योरेंस पेमेंट के लिए प्रति लेनदेन सीमा 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है, जबकि दैनिक सीमा 10 लाख रुपए है।
 
सरकारी ई-मार्केटप्लेस लेनदेन की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए प्रति लेनदेन कर दी गई है। यात्रा बुकिंग, ऋण चुकौती और ईएमआई संग्रह के लिए प्रति लेनदेन सीमा भी 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है।
 
क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए भी एक ही लेनदेन में 5 लाख रुपए तक की अनुमति है, हालांकि 24 घंटे की सीमा 6 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
 
ऋण और ईएमआई के लिए यूजर्स अब प्रति लेनदेन 5 लाख रुपए का भुगतान कर सकते हैं, जिससे प्रतिदिन कुल 10 लाख रुपये का भुगतान हो सकेगा।
 
इसके अलावा, आभूषणों की खरीदारी में भी मामूली वृद्धि हुई है, इसके लिए UPI सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए प्रति लेनदेन और 6 लाख रुपए प्रति दिन कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल ऑनबोर्डिंग के माध्यम से सावधि जमा जैसी बैंकिंग सेवाओं की सीमा अब प्रति लेनदेन और प्रति दिन 5 लाख रुपए तक सीमित है, जबकि पहले यह 2 लाख रुपए थी।

भारत के आईटी क्षेत्र में 2027 तक 6-7% की वृद्धि की संभावना, एआई से मिलेगी नई दिशा : एचएसबीसी रिपोर्ट

21-Sep-2025
नई दिल्ली। भारत के आईटी सेक्टर के लिए आने वाले साल उत्साहजनक माने जा रहे हैं। एचएसबीसी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में यह सेक्टर 6-7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स पर दबाव बना है, लेकिन कंपनियों की टेक्नोलॉजी पर बढ़ती खर्च की प्रवृत्ति इस चुनौती को संतुलित कर रही है।
 
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि अगले वित्त वर्ष (FY26) में आईटी सेक्टर की आय 5-6 प्रतिशत तक बढ़ेगी। हालांकि, प्रोजेक्ट वॉल्यूम यानी काम की मात्रा में यह बढ़ोतरी 8-10 प्रतिशत तक हो सकती है। इसकी बड़ी वजह यह है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और कई शीर्ष अमेरिकी कंपनियों ने वर्षों में अपने सबसे अच्छे तिमाही नतीजे दर्ज किए हैं। एचएसबीसी के विश्लेषकों का कहना है कि यह रुझान कंपनियों के भरोसे को बढ़ाएगा और 2025 तक तकनीकी खर्च में तेजी ला सकता है, जिससे एआई ऑटोमेशन के नकारात्मक असर को कम किया जा सकेगा।
 
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स “मल्टी-एजेंट सिस्टम” में बदलेंगे और कंपनियों को अपना सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर व इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा डिजाइन करना पड़ेगा, भारतीय आईटी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। हालांकि, उद्योग के अनुमान बताते हैं कि एआई अगले तीन से चार साल में आईटी सेवाओं के कॉन्ट्रैक्ट्स की कीमतों को 8-10 प्रतिशत तक कम कर सकता है। यह सालाना 3-4 प्रतिशत का असर 2025 से 2027 के बीच देखने को मिलेगा। अभी तक भारतीय आईटी कंपनियां इस दबाव की भरपाई अधिक प्रोजेक्ट वॉल्यूम से करती रही हैं, जिससे उनकी कुल आय स्थिर बनी हुई है।
 
एचएसबीसी ने यह भी साफ किया कि एडवांस “एजेंटिक एआई” सिस्टम्स आईटी सेवाओं को पूरी तरह खत्म नहीं करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, भले ही हाइपरस्केलर कंपनियां एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी बजट का बड़ा हिस्सा हासिल कर रही हों, लेकिन सेवाओं की पूरी तरह से जगह लेना अभी संभव नहीं है।
 
इसी बीच, भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अगस्त 2025 में अपने 80 प्रतिशत कर्मचारियों (मुख्यतः मिड और जूनियर लेवल) को वेतनवृद्धि देने का ऐलान किया। हालांकि, कंपनी 2025 में करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी भी करने जा रही है, जो इसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 2 प्रतिशत है। यह कदम कंपनी की पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा है।
 
टेक्नोलॉजी और एआई के बीच चल रही इस खींचतान के बावजूद, रिपोर्ट मानती है कि भारतीय आईटी सेक्टर आने वाले वर्षों में स्थिर वृद्धि बनाए रखेगा और एआई की चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है।
 

 


राष्ट्रपति मुर्मु पितृपक्ष में पहुंचीं गयाजी, पुरखों की आत्मा की शांति के लिए किया पिंडदान

21-Sep-2025
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को देश और दुनिया में मोक्ष स्थली के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंची। यहां उन्होंने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ पिंडदान किया।
राष्ट्रपति गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंची। इसके बाद सड़क मार्ग से विष्णुपद मंदिर पहुंची। गया हवाई अड्डा पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उनका स्वागत किया। पिंडदान के लिए जिला प्रशासन के जरिए विष्णुपद मंदिर परिसर में ही विशेष व्यवस्था की गई थी और सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
गयापाल पुरोहित राजेश लाल कटरियाल ने वैदिक क्रियाओं के साथ कर्मकांड कराया। उन्होंने पूरे विधि विधान के साथ पिंडदान किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर विष्णुपद मंदिर और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
प्रत्येक वर्ष पितृपक्ष में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार अपने पितरों के मोक्ष तथा शांति के लिए पिंडदान करने के लिए गयाजी आते हैं। यहां विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षय वट एवं अन्य कई पवित्र स्थानों पर स्थित वेदियों पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है।
मान्यता है कि मृत्यु के पश्चात मनुष्य की आत्मा इस भौतिक जगत में ही विचरण करती रहती है। केवल शरीर नष्ट होता है, आत्मा अमर रहती है। यदि व्यक्ति का परिवार पिंडदान करता है, तो उस आत्मा को इस लोक से मुक्ति मिलती है और वह सदैव के लिए बंधनों से मुक्त हो जाती है। पितृपक्ष में देश-विदेश से हजारों पिंडदानी अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए गयाजी पहुंचते हैं। पिंडदानियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से व्यापक तैयारी की गई है। पितृपक्ष मेला 21 सितंबर तक चलेगा।

पीएम मोदी सहित अनेक नेताओं ने महालया पर्व पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

21-Sep-2025
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले मनाए जाने वाले महालया के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आप सभी को महालया की शुभकामनाएं। जैसे-जैसे दुर्गा पूजा के पवित्र दिन नजदीक आ रहे हैं, हमारा जीवन प्रकाश और उद्देश्य से भर जाए। मां दुर्गा का दिव्य आशीर्वाद अटूट शक्ति, स्थायी आनंद और अद्भुत स्वास्थ्य प्रदान करे।”
 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, “महालया के पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मां दुर्गा का अपार स्नेह हर घर में आनंद, शक्ति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य के सभी दिव्य आशीर्वाद प्रदान करे।”
 
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोशल मीडिया पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। महालया के मौके पर ममता बनर्जी ने एक गीत भी शेयर किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “जागो दुर्गा, जागो, दस शस्त्रों की धारक। महालया के पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।”
 
महालया देवी पक्ष की शुरुआत करता है, जो देवी दुर्गा का दस दिवसीय उत्सव है और दुर्गा पूजा के साथ समाप्त होता है। यह राक्षस राजा महिषासुर का वध करने के लिए देवी दुर्गा के पृथ्वी पर आगमन का संकेत देता है। यह एक शुभ दिन है जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
 
पश्चिम बंगाल में, इस दिन को भोर से पहले ‘महिषासुर मर्दिनी’ के प्रसारण के लिए जाना जाता है, जो देवी का आह्वान करने वाले भजनों और मंत्रों का एक कार्यक्रम है, और इसे सुनना सभी के लिए एक प्रिय परंपरा है। महालया के दिन मूर्तिकार आमतौर पर ‘चोखू दान’ नामक अनुष्ठान में देवी दुर्गा की आंखों का चित्र बनाते हैं।
 
पश्चिम बंगाल में हजारों लोग ‘तर्पण’ करते हैं, जो दुर्गा पूजा के साथ त्योहारों के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन की शुरुआत हुगली नदी और राज्य भर के अन्य जलाशयों के तट पर लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की।
 

जीएसटी सुधार से पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की अपील, ग्राहकों तक पहुंचाएं टैक्स कटौती का फायदा

21-Sep-2025
नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से अपील की है कि 22 सितंबर से लागू होने जा रहे जीएसटी सुधारों का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिले। उन्होंने कहा कि टैक्स कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए, क्योंकि इससे उद्योगों को भी लंबे समय में लाभ होगा। नए जीएसटी फ्रेमवर्क के तहत अब मौजूदा चार टैक्स स्लैब-5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत घटकर सिर्फ दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रह जाएंगे।
 
इसके अलावा सरकार ने कई उत्पादों पर टैक्स कम किया है, जिसका सीधा फायदा आम लोगों को 22 सितंबर से मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं, सिन और लग्जरी गुड्स पर सरकार ने 40 प्रतिशत टैक्स तय किया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने कहा, “कृपया सुनिश्चित करें कि टैक्स कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को मिले। इससे उद्योग जगत को भी लाभ होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि सरकार व्यापार सुगमता और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। इसके तहत नई लॉजिस्टिक्स नीति, नए औद्योगिक शहरों का विकास, छोटे विवादों को अपराधमुक्त करना और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने जैसे कदम उठाए गए हैं।
 
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर जैसे कुछ उद्योग पहले ही टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि आज कई देश भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते करना चाहते हैं, जिससे व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने व्यवसायों को निर्देश दिया था कि वे कारों और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं जैसी चीजों की अस्थायी मूल्य सूची प्रदर्शित करें, ताकि ग्राहक समझ सकें कि जीएसटी सुधारों के बाद कीमतों में कितनी कमी आई है।
 
इसके साथ ही केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भी उद्योग संघों और मंत्रालयों के साथ बैठकें कीं, ताकि जीएसटी परिषद द्वारा घोषित दरों में कटौती को सुचारू रूप से लागू किया जा सके। उद्योगों के बीच इस बात पर सहमति बन गई है कि टैक्स कटौती का फायदा ग्राहकों तक जरूर पहुंचाया जाएगा। अनुमान है कि इस सुधार से उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की कीमतें करीब 10 प्रतिशत और ऑटोमोबाइल की कीमतें 12-15 प्रतिशत तक कम हो सकती हैं।

पीएम मोदी 22 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का करेंगे दौरा, 5,100 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की देंगे सौगात

21-Sep-2025
नई दिल्ली। धानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में 5,100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और एक सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर शहर में माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे और पूजा-अर्चना करेंगे
 
अरुणाचल प्रदेश में विकास कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
 
प्रधानमंत्री मोदी अरुणाचल प्रदेश की अपार जलविद्युत क्षमता का दोहन करने और सतत ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की दो प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें हीओ हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (240 मेगावाट) और टाटो-1 हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (186 मेगावाट) शामिल हैं, जिन्हें सियोम उप-बेसिन में विकसित किया जाएगा।
 
इसके साथ ही प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश के तवांग में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर की नींव रखेंगे। यह केंद्र समुद्र तल से 9,820 फीट की ऊंचाई पर स्थित होगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सांस्कृतिक उत्सव और प्रदर्शनियों की मेजबानी कर सकेगा। इसकी क्षमता 1,500 से अधिक प्रतिनिधियों की होगी और यह पर्यटन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
 
प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश में 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे, जिनमें कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा, कार्यरत महिलाओं के लिए छात्रावास सहित कई योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और लोगों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री स्थानीय करदाताओं, व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगे और हाल ही में किए गए जीएसटी दर सुधार के प्रभाव पर चर्चा करेंगे।
 
त्रिपुरा में धार्मिक और सांस्कृतिक विकास
 
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान त्रिपुरा के उदयपुर स्थित माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर के विकास कार्यों का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना पर्यटन मंत्रालय की पीआरएएसएडी (PRASAD) योजना के तहत पूरी की गई है। माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है और त्रिपुरा के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है।
 
नए स्वरूप में मंदिर परिसर का डिजाइन ऊपर से देखने पर कछुए की आकृति जैसा होगा। इसमें मंदिर प्रांगण का आधुनिकीकरण, नए मार्ग, नवीनीकृत प्रवेश द्वार, सुरक्षा घेराबंदी, जल निकासी प्रणाली और एक तीन मंजिला नया कॉम्प्लेक्स शामिल है। इस कॉम्प्लेक्स में दुकानों के लिए जगह, ध्यान कक्ष, अतिथि आवास और कार्यालय कक्ष बनाए गए हैं। इस परियोजना से त्रिपुरा में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार और व्यापार के नए अवसर बनेंगे और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।

केंद्र सरकार लक्षद्वीप में टूना और समुद्री शैवाल निर्यात बढ़ाने के लिए आयोजित करेगी इन्वेस्टर मीट

21-Sep-2025
नई दिल्ली। केंद्रीय मत्स्यपालन मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा है कि सरकार टूना मछली, समुद्री शैवाल की खेती और सजावटी मछलियों में निवेश और निर्यात बढ़ाने के लिए नवंबर में लक्षद्वीप में निवेशक और निर्यातक बैठक आयोजित करेगी। कोच्चि में आयोजित एक बैठक में मंत्री ने संपूर्ण टूना मछली वैल्यू चेन के विकास और समुद्री शैवाल तथा सजावटी मछलियों में उद्यमिता कार्यक्रमों को आवश्यक बताया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य द्वीप समूह में मत्स्यपालन क्षेत्र को मजबूत करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
 
केंद्रीय मंत्री ने पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ निर्यात सुनिश्चित करने के लिए प्रमाणन और ट्रेसेबिलिटी प्रणालियों की स्थापना की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने लक्षद्वीप की रणनीतिक स्थिति का उल्लेख किया, जो भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र का लगभग 20 प्रतिशत है और यहां विशाल गहरे समुद्री संसाधनों के साथ उच्च मूल्य वाली टूना मछली तक पहुंच संभव है। उन्होंने द्वीप की विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त पर्यावरण-अनुकूल पोल-एंड-लाइन और हैंडलाइन टूना मछली पकड़ने की तकनीकों पर भी प्रकाश डाला।
 
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि मछली पकड़ने में वृद्धि से लक्षद्वीप की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और यह देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान देगा, जो प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत विजन के अनुरूप है। उन्होंने लंबित प्रस्तावों में तेजी लाने के लिए भारत सरकार और लक्षद्वीप प्रशासन के बीच एक संयुक्त कार्य समूह बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
 
केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा कि आईटी क्षेत्र के बाद मत्स्य पालन भारत का दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है, इसलिए इस पर अधिक नीतिगत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र को आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी के लक्ष्यों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने स्थानीय मछुआरों को सशक्त बनाने के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोल्ड चेन प्रणालियों और मूल्यवर्धित प्रसंस्करण में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
 
लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि विभागीय योजनाओं में व्यापक हितधारक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संरचित आउटरीच योजना के साथ-साथ पोत प्रौद्योगिकी और मछली प्रसंस्करण पर प्रशिक्षण और जागरूकता की भी आवश्यकता है।
 

नया भारत, नई जीएसटी : पीएम मोदी की सौगात, समृद्धि की बरसात

21-Sep-2025
नई दिल्ली। 22 सितंबर 2025 से भारत एक नए आर्थिक युग में कदम रख रहा है, जहां वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) के अगली पीढ़ी के सुधार आम आदमी की जेब को राहत और अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों को “आम आदमी के लिए दीवाली का तोहफा” करार दिया था, और अब यह वादा हकीकत बनने जा रहा है। सरलीकृत दो-स्लैब कर संरचना, रोजमर्रा की जरूरतों पर करों में भारी कटौती, और व्यवसायों के लिए आसान अनुपालन-यह सब मिलकर भारत को समावेशी विकास की राह पर तेजी से ले जाएगा। यह कोई साधारण बदलाव नहीं, बल्कि एक ऐसा आर्थिक मास्टरस्ट्रोक है, जो हर घर, हर खेत, और हर कारोबार को नई उमंग देगा। ये ऐतिहासिक सुधार की कहानी भारत की आर्थिक तस्वीर को और चमकदार बनाएगी।

जीएसटी का नया स्वरूप : सरलता और समृद्धि का मंत्र

2017 में जीएसटी ने भारतीय कर व्यवस्था को एकजुट कर एक राष्ट्रीय बाजार की नींव रखी। 17 अलग-अलग करों और 13 उपकरों को खत्म कर इसने पारदर्शिता और अनुपालन को आसान बनाया। अब, आठ साल बाद, जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करते हुए दो-स्लैब संरचना (5% और 18%) को हरी झंडी दी। पुरानी 12% और 28% की दरें अब अतीत की बात हैं। तंबाकू, पान मसाला, और लग्जरी कारों जैसी वस्तुओं पर 40% की विशेष दर राजस्व संतुलन सुनिश्चित करेगी। रिफंड में तेजी, पंजीकरण प्रक्रिया में सरलता, और कम अनुपालन लागत ने व्यवसायों खासकर एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए राह आसान कर दी। यह ऐसा है, जैसे जीएसटी ने नया सूट पहन लिया हो-स्मार्ट, आधुनिक, और हर किसी के लिए फिट!

रोजमर्रा की जिंदगी में नई आसानी

आम आदमी के लिए सरकार ने खोला राहत का पिटारा! साबुन, टूथपेस्ट, शैंपू, और नमकीन, सॉस, पास्ता जैसे पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर GST अब सिर्फ 5%। यूएचटी दूध, छेना, और पनीर पर टैक्स पूरी तरह खत्म-अब खाने का स्वाद और बढ़ेगा! मध्यम वर्ग के लिए भी खुशखबरी: 32 इंच से बड़े टीवी, एयर कंडीशनर, और डिशवॉशर पर GST 28% से घटकर 18%। इस दीवाली, घर में नया टीवी लाने का सपना सच होगा! स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम 33 जीवन रक्षक दवाएं और डायग्नोस्टिक किट्स टैक्स-फ्री, आयुर्वेद-होम्योपैथी दवाएं, चश्मा, और सर्जिकल उपकरणों पर 5% GST। बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट से अब वित्तीय सुरक्षा हर घर की पहुंच में।

खेत-खलिहान और सपनों का जहान

किसानों के लिए ये सुधार किसी तोहफे से कम नहीं! ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, ड्रिप सिंचाई उपकरण, और जैव-कीटनाशकों पर GST 12-18% से घटकर 5%। उर्वरक की समस्याएँ सुलझाने से आत्मनिर्भर भारत का सपना और करीब। बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा-पेंसिल, क्रेयॉन, और अभ्यास पुस्तिकाएं टैक्स-फ्री, ज्यामिति बक्सों पर 5% GST। ऑटोमोबाइल सेक्टर में छोटी कार, बाइक, बस, और ऑटो पार्ट्स पर GST 28% से 18%। निर्माण क्षेत्र में सीमेंट पर 18% और संगमरमर-ग्रेनाइट पर 5% GST से घर और ढांचागत विकास अब और किफायती। हर कदम पर सरकार का साथ, हर घर में खुशहाली का अहसास!

हस्तशिल्प से कारोबार तक : विकास की नई लय

हस्तशिल्प और वस्त्र उद्योग को नई जान मिली है। हस्तशिल्प मूर्तियों, खिलौनों, और मानव निर्मित फाइबर पर जीएसटी 12% या 18% से 5%। इससे कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी और भारत की सांस्कृतिक धरोहर चमकेगी। होटल (7,500 रुपये प्रति दिन तक), जिम, सैलून, और योग सेवाओं पर जीएसटी 18% से 5% करने से सेवा क्षेत्र में नई रौनक आएगी। इन सुधारों से न केवल उपभोक्ता खुश हैं, बल्कि छोटे कारोबार और स्टार्टअप्स भी नए जोश के साथ आगे बढ़ेंगे।

पीएम मोदी का विजन : समृद्धि का नया भारत

प्रधानमंत्री मोदी का सपना है-ऐसा भारत जहां हर नागरिक सशक्त हो, और अर्थव्यवस्था वैश्विक मंच पर चमके। 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह इस बात का सबूत है कि सरल दरें और बेहतर अनुपालन राजस्व को बढ़ाते हैं। जीएसटी करदाता आधार 2017 में 66.5 लाख से बढ़कर 2025 में 1.51 करोड़ हो गया जो सरकार की नीतियों में भरोसे का प्रतीक है। कम कर दरों से मांग बढ़ेगी, उत्पादन को गति मिलेगी, और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यह सुधार भारत को न केवल आर्थिक महाशक्ति बनाएंगे, बल्कि हर घर में समृद्धि और खुशहाली लाएंगे। 22 सितंबर 2025 से शुरू होने वाला यह ‘दीवाली तोहफा’ भारत को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
 

त्रि-सेवा प्रशिक्षण संस्थान को मिला नया नेतृत्व

19-Sep-2025

 चेन्नई ।( शोर संदेश )  रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) वेलिंगटन की कमान गुरुवार को लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी ने संभाल ली। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम का स्थान लिया, जिन्होंने पिछले तीन सालों में इस प्रमुख त्रि-सेवा संस्थान में शैक्षणिक स्तर को बेहतर करने, संयुक्त प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

डीएसएससी की स्थापना 1905 में क्वेटा (अब पाकिस्तान में) में हुई थी और 1947 में इसे तमिलनाडु के नीलगिरी जिले के वेलिंगटन में शिफ्ट कर दिया गया। यह भारत का सबसे बड़ा त्रि-सेवा प्रशिक्षण केंद्र है, जो भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के चुने हुए अधिकारियों के साथ-साथ मित्र देशों के अधिकारियों को नेतृत्व, रणनीति, समन्वय और स्टाफ कार्यों की बारीकियां सिखाता है। हाल ही में अपने 77 साल के शानदार सफर को पूरा करने के बाद, यह कॉलेज भविष्य के सैन्य नेताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल मनीष एरी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं। उन्हें दिसंबर 1988 में 9वीं जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री में कमीशन मिला। वे डीएसएससी के भी पुराने छात्र हैं और अपने करियर में सभी पेशेवर कोर्स में शानदार प्रदर्शन किया है।
उनके पास भारतीय सेना में 37 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने उत्तरी ग्लेशियर, पूर्वी लद्दाख के चुशुल में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बटालियन की कमान संभाली, माउंटेन स्ट्राइक कोर के तहत इन्फैंट्री ब्रिगेड का गठन किया, माउंटेन डिवीजन और गजराज कोर की कमान संभाली।
उनकी प्रमुख स्टाफ नियुक्तियों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड में महानिरीक्षक (संचालन), दक्षिण पश्चिमी कमान में चीफ ऑफ स्टाफ और रक्षा मंत्रालय में सामरिक योजना महानिदेशक शामिल हैं। कमान संभालते वक्त लेफ्टिनेंट जनरल एरी ने डीएसएससी के असैन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कॉलेज को सहयोग दिया।
















 

आइजोल अब जुड़ा राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से, पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी

13-Sep-2025
मिजोरम।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मिजोरम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बेराबी-सैरांग नई रेलवे लाइन परियोजना का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना मिजोरम की राजधानी आइजोल को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। लगभग 51 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का निर्माण 8,000 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
इस परियोजना के पूर्ण होने के साथ आइजोल पूर्वोत्तर क्षेत्र की चौथी राजधानी बन जाएगी, जो राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगी। इससे पहले गुवाहाटी, अगरतला और ईटानगर रेलवे नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। रेल संपर्क के इस विस्तार से न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
दौरे से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर जानकारी साझा की और कहा, 'मैं 13 सितंबर को आइजोल में अपने भाइयों और बहनों के बीच होने के लिए उत्सुक हूं। यह यात्रा बेहद खास है, क्योंकि बेराबी-सैरांग नई रेल लाइन के उद्घाटन के साथ यह अद्भुत शहर पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। यह रेल लाइन बेहद चुनौतीपूर्ण भूभाग पर बनी है और इसमें कई बड़े और छोटे पुल शामिल हैं। रेल संपर्क के आने से वाणिज्य और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रमुख सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। अन्य परियोजनाओं में खेलो इंडिया मल्टीपर्पस इंडोर हॉल का शिलान्यास और कवर्था में एक आवासीय विद्यालय और त्लांगनुआम में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन शामिल है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इस परियोजना को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह बहुत गौरव की बात है कि मिजोरम का सपना प्रधानमंत्री मोदी के हाथों पूरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री शनिवार को तीन नई ट्रेनों का भी उद्घाटन करेंगे, जिनमें दिल्ली के लिए राजधानी एक्सप्रेस, कोलकाता के लिए एक ट्रेन और गुवाहाटी के लिए एक ट्रेन शामिल होगी।'उन्होंने आगे बताया कि मिजोरम में माल ढुलाई की सुविधा शुरू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है और जल्द ही गुड्स ट्रेन की व्यवस्था लागू होगी। इससे राज्य के व्यापार और उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
 


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