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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में बड़ी ताकत के रूप में उभरा भारत

27-Jul-2024
रायपुर,  ( शोर  संदेश  )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को लगातार तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि नरेन्द्र मोदी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हमारे प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्वक तरीके से हटा दिया। उन्होंने भारत को आर्थिक रूप से दुनिया की पांचवी सबसे बड़ा ताकत के रूप में खड़ा किया है और 2047 तक इस देश को विकसित भारत के रूप में खड़ा करने का उन्होंने संकल्प लिया है। 
विधानसभा में यह प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अत्यधिक उंचाईयां प्राप्त की हैं, उनके नेतृत्व में हमारा देश विकसित देशों की श्रेणी में अपना स्थान बना पाएगा। उन्हीं के नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य भी उत्तरोत्तर प्रगति की ओर अग्रसर होगा। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में मोदी जी के साथ प्रथम कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में मुझे काम करने का अवसर मिला ।  मैं साक्षी हूं जिस दिन मोदी ने पार्लियामेंट में प्रवेश किया उस  दिन झुक कर इस देश की सबसे बड़ी पंचायत (संसद) को प्रणाम करके संसद में प्रवेश किया था और पहले ही दिन के अपने भाषण में उन्होंने कहा था कि गरीबों का हित चिंतक बने रहेंगे और उन्हें गरीबी रेखा से उपर उठाने सतत प्रयास करेंगे। सरकार गरीबों के लिए समर्पित रहेगी, मेरी यह सरकार गरीबों के लिए काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 2014 को जब नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की, तो कुछ लोग उपहास करते थे। यह सफाई और शौचालय निर्माण का काम क्या कोई प्रधानमंत्री सोच सकता है। आज हम सब लोगों को इस बात का पता चल रहा है कि यह योजना कितनी महत्वपूर्ण है। उनके स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा के बाद आज हम लोग साफसफाई का महत्व समझे। हमारे प्रधानमंत्री ने करोड़ों परिवारों के घरों में शौचालय का निर्माण कराया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मुझे बताते हुए गौरव होता है जब 2014 में नरेन्द्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने तब आजादी के 65 वर्षों के बाद भी इस देश के 14 हजार से ज्यादा जिन गांवों में बिजली नहीं पहुंची थी, उन घरों में बिजली पहुंचायी गई। 45 करोड़ से ज्यादा गरीबों का जनधन का खाता खोलने का काम पहली बार मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद किया। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने स्वीकारा था कि हम दिल्ली से 100 रूपए भेजते हैं तो गांव तक 15 रूपए पहुंचता है, किन्तु आज प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में डीबीटी से सीधे राशि पहुंचाई जा रही है। उन्हें सफल प्रधानमंत्री के रूप में गांव, गरीब, किसान का आशीर्वाद मिल रहा है, जिससे देश और राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रथम कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में देश की सत्ता का नेतृत्व किया, लेकिन अपने कुशल नेतृत्व के कारण परिस्थितियों को अपने अनुकूल भी बना लिया। उन्होंने भारत को विश्व में एक अलग पहचान दिलाई। मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्रों में विकास करते हुए आगे बढ़ रहा है, जिसका लाभ देश की जनता को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सूझबूझ से 140 करोड़ आबादी वाले भारत में कोरोना को कंट्रोल किया और कोरोना से बचाव के लिए 200 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने संकल्प के साथ मोदी जी की गारंटी को पूरा कर दिखाया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रथम कार्यकाल में शपथ लेते हुए कहा था कि मेरी सरकार गरीबों के लिए समर्पित सरकार रहेगी, मेरी यह सरकार गरीबों के लिए काम करेगी। उनका पहला कार्यकाल गरीबों के लिए काम करते हुए बीता, जो आज एक मिसाल है। उन्होंने निचले तबके के लोगों को सम्मान के साथ जीवन बिताने के योग्य बनाया, जिससे आज निचले तबके के लोग सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। 
प्रस्ताव पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अन्य विधायकों ने भी अपने विचार रखे।
 

राष्ट्रपति भवन पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय

27-Jul-2024
रायपुर  ( शोर  संदेश  ) । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को सुबह 9 बजे नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुँचे। मुख्यमंत्री की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में दोपहर दो बजे उद्बोधन और 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा मे शासन की योजनाओं पर प्रजेंटेशन हुआ। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री साय बैठक में छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं, चुनौतियों और विकास योजनाओं पर चर्चा करेंगे। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और डिजिटल अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा, वे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे।
 

Olympics 2024: CM विष्णुदेव साय ने भारतीय प्रतिभागियों को दी बधाई

27-Jul-2024
रायपुर। ( शोर  संदेश  ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओलंपिक में शामिल भारतीय प्रतिभागियों को बधाई दी है। एक्स में सीएम ने लिखा, पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए भारतीय दल के सभी प्रतिभागियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। आप सभी मां भारती के लिए गर्व हैं, जो अपने मेहनत और समर्पण से समूचे भारतवासी को गौरवान्वित करते हैं। आप सभी के साथ 140 करोड़ भारतवासियों की आशाएं, प्रेम और आशीर्वाद है। निश्चित ही आप सभी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और ओलंपिक में भारत की विजय पताका फहराकर समूचे विश्व में देश का मान-सम्मान बढ़ाएंगे। स्वर्णिम प्रदर्शन के लिए आप सभी को मेरी पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।

मुख्यमंत्री ने शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा के निधन पर जताया शोक

26-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शत्रुघ्न प्रसाद शर्मा के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया हैं। वे वरिष्ठ पत्रकार तथा देशबंधु और हाईवे चैनल के पूर्व संपादक और दैनिक समाचार पचीसा के प्रधान संपादक शशांक शर्मा के पिता थे। मुख्यमंत्री ने मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है तथा शोकाकुल परिवारजनों के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में हुए शामिल

26-Jul-2024
रायपुर ( शोर संदेश ) ,क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई  देते हुए कहा  कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं।

ग्रीन स्टील से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ खुलेंगे आर्थिक संभावनाओं के द्वार : विष्णुदेव साय

25-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई  देते हुए कहा  कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है। उन्होंने केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की सराहना की और राज्य में सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई का यह समिट भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आज हम इस समिट में ग्रीन स्टील जैसे रोचक विषय पर बात कर रहे हैं। इस शब्द में खूबसूरती तो है ही, साथ ही साथ जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने समिट में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से ग्रीन स्टील उत्पादन की नई तकनीक को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया और कहा कि हमारी एकजुटता से हम स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण का निर्माण करते हुए मिलजुलकर विकास करेंगे।
इस समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने ग्रीन स्टील उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों और नई तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर सीआईआई के पदाधिकारी और उद्योगपति आशीष सराफ, सिद्धार्थ अग्रवाल, सुवेन्द्र बेहरा, संजय जैन, पी वी किरण अनंत उपस्थित थे।
 

सीएम साय की पहल पर नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजनों को मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति

25-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  नक्सली हिंसा में मृतक के परिजनों को छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी वर्गाें के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन कर लाभांवित किया जा रहा है। गुरुवार को बीजापुर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों के 58 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कुल 58 पात्र आवेदकों को प्रथम चरण में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पूर्व में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 19 जुलाई तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई थी, बाद में इस तिथि में वृद्धि करते हुए 24 जुलाई 2024 को निर्धारित की गई। उक्त तिथियों में प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण करते हुए समिति के निर्णय के आधार पर विभिन्न विभागों में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अंतिम रूप से 58 आवेदक प्रथम चरण में पात्र पाए गए हैं, जिन्हें यह नियुक्ति दी जाएगी।
 

सीएम विष्णुदेव साय 27 को दिल्ली दौरे पर

25-Jul-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )  राष्ट्रीय नीति आयोग के अध्यक्ष और पीएम नरेंद्र मोदी ने 27 जुलाई को बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सीएम विष्णु देव साय, दोनों डिप्टी सीएम, मुख्य सचिव अमिताभ जैन और कुछ वरिष्ठ सचिव भी शामिल होंगे। इसमें सीएम साय, विजन छत्तीसगढ़ 2047 के लिए बनी योजनाओं के लिए आर्थिक मदद मांगेगे। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 2-3 अगस्त को गवर्नर कांफ्रेंस बुलाया है। राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यकाल का दूसरा और कई राज्यपालों के कार्यकाल का अंतिम कांफ्रेंस होगा। इसमें आदिवासी बहुल राज्यों के विकास पर चर्चा होगी। इस कांफ्रेंस में शामिल होने राज्यपाल हरिचंदन 31 अगस्त को चार दिनों के लिए दिल्ली दौरे पर रहेंगे। उनके साथ सचिव यशवंत कुमार भी शामिल होंगे।

सीएम साय सीआईआई द्वारा आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में हुए शामिल

25-Jul-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  क्लाइमेट चेंज की चुनौती से निपटने के लिए पूरी दुनिया ग्रीन स्टील की ओर रुख कर रही है। स्टील के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक होने के नाते ग्रीन स्टील छत्तीसगढ़ के लिए भी बड़ी संभावनाएं लेकर आया है। इससे न केवल कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में हमें मदद मिलेगी, अपितु इस क्षेत्र में नवीन पहल कर हम बड़ी आर्थिक उपलब्धियों की संभावनाओं का द्वार खोल सकते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित मेफेयर लेक रिसार्ट में आयोजित ग्रीन स्टील समिट 2024 में शामिल होने के अवसर पर कही। इस समिट का आयोजन भारतीय इस्पात उद्योग को कार्बन रहित बनाने के उद्देश्य से किया गया है। समिट में देश भर के प्रमुख उद्योगपति, व्यापारी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में सीआईआई को आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश भारत का सबसे प्रमुख स्टील निर्माता है। हमारे यहां सार्वजनिक क्षेत्र के भिलाई स्टील प्लांट और नगरनार स्टील प्लांट जैसी बड़ी इकाईयां तो संचालित है ही, इसके साथ-साथ निजी क्षेत्र के अनेक छोटे-बड़े इस्पात संयंत्र संचालित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है और छत्तीसगढ़ में लोहे के विशाल भंडार हैं, जिनमें बैलाडीला, रावघाट और दल्लीराजहरा प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ का देश में कुल उत्पादित स्टील में लगभग 20 प्रतिशत तक का योगदान है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की भागीदारी 53.50 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने इस्पात उद्योग से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला और कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने का दृष्टिकोण सामने रखा है।

मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर की तर्ज पर 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी की दी सौगात

25-Jul-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी निर्माण के प्रस्ताव को वित्त विभाग से हरी झंडी मिल गई है। लाइब्रेरी को “नॉलेज बेस्ड सोसायटी” यानी “ज्ञान आधारित समाज’’ के प्रतीक के रूप में प्रदेश के अलग-अलग स्थानों में स्थापित किया जाएगा। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारी के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने संकल्पित है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लाइब्रेरी की सौगात दी है, जिसका लाभ युवाओं को मिलेगा। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के युवाओं को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वित्त विभाग ने रायपुर के नालंदा परिसर की तर्ज पर प्रदेश के 13 नगरीय निकायों में लाइब्रेरी के लिए 85 करोड़ 42 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। प्रदेश के 4 नगरीय निकायों में 500 सीटर और 9 नगरीय निकायों में 200 सीटर लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा। 
उल्लेखनीय है कि यह उन विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगा, जो छोटे शहरों में रहकर उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करना चाहते हैं या फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। लाइब्रेरी निर्माण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करना है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने मुख्य बजट भाषण में भी इसका जिक्र करते हुए कहा था कि युवाओं के अध्ययन के लिए नालंदा परिसर की तर्ज पर लाइब्रेरी निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इन केंद्रों को ‘‘नॉलेज बेस्ड सोसायटी’’ यानी ज्ञान आधारित समाज के प्रतीक के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि ये युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत और सरकार के लिए एक आदर्श बन सके।
 


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