
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जमीन से जुडे हुए नेता है, वह जब कोई बात कहते हैं तो उससे जनसरोकार जुड़ा हुआ होता है। वे देश के विभिन्न वर्ग के लोगों से मिलते रहते हैं , उनसे उनकी समस्या पूछते हैं तथा यह भी जानने का प्रयास करते हैं कि उसका सबसे अच्छा व सरल समाधान क्या हो सकता है। हाल ही में वे मजदूरों के साथ ही टैक्सी चालकों से मिले थे। उ्न्होंने यह जानने की कोशिश की लाकडाउन के दौरान उन्हें क्या परेशानी है। तत्काल राहत के लिए क्या किया जाना चाहिए। हर जरूरतमंद के खाते में 7500 रुपए पहुंचाने की उनकी मांग वास्तव में जरूरतमंद लोगों की ही मांग थी। लाकडाउऩ लगने के बाद से वह गरीब, मजदूर लोगों की तकलीफ दूर करने तीन माह तक उनके खाते में 7500 रुपए भेजने की मांग कर रहे हैं तो यह कोई उनकी मांग नहीं है, यह तो उन गरीब मजदूरों की मांग है जो वाकई तकलीफ में है,उनके पास नगदी नहीं है, इस कारण कई तरह की परेशानी होती है। देश व अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कई अर्थशास्त्रियों ने यह सुझाव दिया है कि देश की गरीब आबादी को नगदी सहायता दी जानी चाहिए। यही तो लाकडाउन में राहुल गांधी भी चाहते हैं कि संकट के समय गरीबों, मजदूरों के हाथ में नगदी होना चाहिए। इससे उनकी दिक्कते तो कम होंगी ही,देश की दिक्कतें भी कम होंगी। केंद्र सरकार ने इस जनहितकारी सुझाव को नजरअंदाज कर दिया लेकिन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पर अमल कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए राज्य के किसानों को चार किश्तों में से पहली किश्त दे दी है। इससे किसानों के हाथों में नगदी पहुंची है। इससे किसान अपनी खेती बाड़ी की जरूरतों सहित अन्य काम आसानी से कर सकते हैं। राहुल गांधी की तरह भूपेश बघेल भी चाहते हैं कि किसानों के हाथ में नगदी रहनी चाहिए। वह चाहते तो न्याय योजना के तहत पैसा एक ही किश्त में भी दे सकते थे लेकिन उन्होंने चार किश्तों मेें देने का फैसला इसलिए किया कि चार बार किसान के हाथ में नगदी देने से चार बार उसके पास नगदी पहुंचेगी। वह चार बार उसे पैसे का सदुपयोग कर सकेगा। कांग्रेस ने बरसों शासन किया है, वह जानती है कि अलग अलग वर्गों की तकलीफ क्या है, उसे दूर कैसे किया जा सकता है। वह निरंतर नई योजनाएं बनाकर जनता के हित में काम करती रही है,केंद्र सरकार को सुझाव देती रही है। कांग्रेस का काम विपक्ष के नाते केंद् सरकार को सुझाव देना है,वह अपना काम करती रही है, करती रहेगी। यह केंद्र सरकार की मर्जी है कि उसे माने या न माने। जनता सब देख रही है, जनता सब समझ रही है। सही वक्त पर जनता यह बताएंगी कि लाकडाउन के समय कौन सही था और कौन गलत था।

रायपुर, महापौर एजाज ढेबर महंत लक्ष्मीनारायण दास वार्ड क्र. 43 पहुंचे और पुरे वार्ड का दौरा किया। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य जीतेन्द्र अग्रवाल भी उपस्थित रहें। वार्डवासियों ने अपनी समस्या बताई, जिस पर महापौर ने समस्याओं के तत्काल समाधान करने अधिकारियों को निर्देशित किए।
वार्ड के खो-खो पारा स्थित शासकीय शाला के जर्जर भवन के पुनर्निमाण एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूके हुए अधूरे कार्य को जल्द पूरा करने, पटेल समाज के भवन में अतिरिक्त भवन का निर्माण, गोवर्धन चौक में गार्डन के सौंदर्यीकरण, लिलि चौक स्थित मिश्रा नााला के निर्माण की बात भी जितेन्द्र अग्रवाल एवं ब्लाक अध्यक्ष सुनीता शर्मा ने रखी।
इसके अलावा तालाब साफ-सफाई, नाले का निर्माण, पानी की पाईप को लूप लाईन से जोडऩे, लिली चौक, सरस्वती चौक, बनियापारा, गोवर्धन चौक, ढीमरपारा, पटेलपारा, पंकज गार्डन के नवनिर्माण कराये जाने की ओर इंगित कराते हुए वार्ड पार्षद जितेन्द्र अग्रवाल ने महापौर के समक्ष अपनी बात रखी। इस अवसर पर राहुल ठाकुर, मोनू शर्मा, नवनीत यदु, मोनू राजपूत, जितेन्द्र मिश्रा, प्रवीण अग्रवाल, सुनीता शर्मा,वैभव बीबे,अविनाश शर्मा ,बंशी कनौजे एवं वार्डवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

पंचायती राज एक्ट के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने एक बैठक आयोजित की। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर जिला मुख्यालय में ढोल नगाड़ों के साथ धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।मंगलवार को दंडी क्षेत्र आश्रम में जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। जिसमें उन्होंने पंचायती राज एक्ट संशोधन विधेयक पर आपति