
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में स्वामी विवेकानंद की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रहे इस अनावरण कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित हैं। लेफ्ट का गढ़ कहे जाने वाले जेएनयू में इस कार्यक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। कई छात्र संगठनों ने परिसर में विवेकानंद की मूर्ति लगाने का विरोध करते हुए नारेबाजी की।
इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत और संदेश आज भी देश के युवाओं को राह दिखाते हैं और भारत को गर्व है कि यहां पैदा हुई उनकी जैसी महान शख्सियत आज भी दुनिया भर के करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।
बयान के मुताबिक, ``प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते रहे हैं कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श जितने उनके जीवनकाल में प्रासंगिक थे वह आज भी हैं। प्रधानमंत्री ने हमेशा जोर दिया है कि लोगों की सेवा करने और युवाओं को सशक्त बनाने से देश शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनता है और इससे देश की वैश्विक साख भी बढ़ती है। भारत की समृद्धि और शक्ति यहां के लोगों में निहित है और सभी को सशक्त करने से ही देश आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल कर सकेगा।``

नई दिल्ली (वीएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया का बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बिहार चुनाव में मिली कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि तारिक अनवर का कहना सही है। ज्यादा सीटो पर लड़ने का फैसला गलत था, 70 सीटो पर लड़ना और कम सीट जीतना नुकसान देह रहा।
उन्होंने कहा कि पिछली बार 40 मे से 27 सीट कांग्रेस ने जीती थी। इस बार क्यों 70 सीटों पर लड़े, इसे नुकसान हुआ।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे। पीएमओ की ओर से कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत और संदेश आज भी देश के युवाओं को राह दिखाते हैं। भारत को गर्व है कि यहां पैदा हुई उनकी जैसी महान शख्सियत आज भी दुनियाभर के करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।
यूनिवर्सिटी के कुलपति एम जगदीश कुमार ने बताया था कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को शाम 6:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का (वीडियो-कॉफ्रेंस से) अनावरण करेंगे। प्रतिमा के अनावरण से पहले स्वामी विवेकानंद पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
00 जेएनयू के किसी कार्यक्रम में पीएम मोदी की पहली सहभागिता
गौरतलब है कि पीएम मोदी कई मंचों से स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं और उपदेश बताते रहे हैं, मगर जेएनयू के किसी कार्यक्रम में यह उनकी पहली सहभागिता होगी। जेएनयू के कई छात्र व छात्रनेता खुलकर पीएम मोदी के विरोध में सामने आते रहे हैं। पिछले कुछ सालों में जेएनयू कई बार विवादों के घेरे में रहा है। ऐसे में पीएम मोदी के इस कार्यक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।
बता दें कि स्वामी विवेकानंद की इस मूर्ति का निर्माण तीन साल पहले शुरू हुआ था। 2018 में काम पूरा हो गया था और तब से मूर्ति ढकी रखी है। जेएनयू छात्रों ने लगातार मूर्ति के निर्माण को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हमले किए हैं।
मूर्ति के लिए पैसा कहां से आया, इसको लेकर जेएनयू के कई छात्रों ने कई बार सवाल उठाए। प्रशासन ने बार-बार कहा कि फंड्स पूर्व छात्रों से मिले, जेएनयू ने अपनी तरफ से कुछ नहीं लगाया।

वैक्सीन को लेकर टेड्रोस एडनोम ने की प्रधानमंत्री मोदी से बात
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना का कहर जारी है। भारत में कोरोना वायरस से अब तक 86 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 28 हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है। कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी देश में कई तरह के शोध चल रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द की हमें इस दिशा में कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिलेगी। भारत में कोरोना की कई वैक्सीन परीक्षण के अलग-अलग दौर में हैं। कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद इसे देश के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए भी सरकार की तरफ से तैयारी की गई है।
उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्रयासस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को Covax के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और कोरोना वैक्सीन बन जाने पर दुनिया भर के लिए उसकी उपलब्धता की बात करने को लेकर धन्यवाद दिया।
उन्होंने हिंदी में ट्वीट कर लिखा, ‘धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, COVAX के प्रति आपकी मजबूत प्रतिबद्धता और कोविड-19 वैक्सीन को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने पर ज़ोर देने के लिए। महामारी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है, और हम इसे समाप्त करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
डब्लूएचओ प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘नमस्ते, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, आपसे ट्रेडिशनल मेडिसिन के संदर्भ में ज्ञान, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सहयोग और मजबूत करने पर बातचीत हुई। डब्लूएचओ वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य में और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज में भारत के नेतृत्व का स्वागत करता है!
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया, जिसमें पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी में दुनिया भर के बीच समन्वय बनाने को लेकर डब्लूएचओ के अहम योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस दौरान दूसरी बीमारियों की लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है और विकासशील देशों में स्वास्थ्य व्यवस्था में सहयोग के अहम का उल्लेख किया। रिलीज में बताया गया कि पीएम मोदी ने डब्लूएचओ प्रमुख को 13 नवंबर को आर्युवेद दिवस पर ‘Ayurveda for COVID-19’ की थीम के तहत किए जा रहे आयोजन की भी बात की।

पटना (शोर सन्देश)। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। इस चुनाव में एनडीए को महागठबंधन ने कड़ी चुनौती दी, मगर वह बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह गया। इस पराजय के बाद आज लालू प्रसाद यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर मंथन बैठक आयोजित की गई है। बैठक में महागठबंधन के सभी बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।
महागठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों की ये बैठक आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हो रही है, जिसमें कांग्रेस और वामदलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। बैठक सुबह 11 बजे से राबड़ी आवास पर हो रही है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो सकती है।
वहीं, जेडीयू के विधायक दल की बैठक भी आज हो सकती है। बता दें कि महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सबसे अधिक 75 सीटें हासिल की हैं। वहीं वामदलों को गठबंधन का सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। इस बार विधानसभा चुनाव में वामदलों को कुल 16 सीटें मिली हैं। सीपीआई को 2 सीट, सीपीएम को 2 सीट और कम्युनिस्ट पार्टी (माले-लिबरेशन) को 12 सीटें मिली हैं।
महागठबंधन की अगुवाई करने करने वाली आरजेडी को 75 सीटें मिली हैं। हालांकि पिछले चुनाव के मुकाबले उसे पांच सीटों का घाटा हुआ है। वहीं कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 27 सीटें जीती थीं, मगर इस बार उसे 19 सीट ही मिल पाई हैं।

बीएसएफ जवानों को सौंपेंगे स्पेशल ऑपरेशन मेडल
कच्छ (शोर सन्देश)। विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुजरात यात्रा पर हैं। गुरुवार को वह कच्छ के धोरडो शहर में कच्छ, पाटण और बनासकांठा जिले के सरपंचों से मिलेंगे। शाह इस दौरान एक बैठक आयोजित कर सरपंचों को संबोधित भी करेंगे। शाह के पहुंचने से पहले ही कच्छ के रण टेंट सिटी में काफी जोर-शोर से तैयारियां की गईं। गृह मंत्री शाह आज कच्छ टेंट सिटी के रण में 3 सीमावर्ती जिलों-कच्छ, बनासकांठा और पाटण के ग्राम प्रधानों की सभा संबोधित करेंगे। उनके संबोधन से पहले, उन्हें बीएसएफ गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले काम के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि, वे यहां अब बीएसएफ के जवानों को स्पेशल ऑपरेशन मेडल से सम्मानित करेंगे।
अमित शाह के इस कार्यक्रम में 158 गांवों के सरपंच हिस्सा ले रहे हैं। जिनमें कच्छ के 106, पाटण के 35 और बनासकांठा के 17 सरपंच शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि, टेंट सिटी में विशेष तौर पर 1500 लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए यहां बीएडीपी के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य से जुड़े विकासात्मक कार्यों पर चर्चा होगी। इस मर्तबा इस बात का ध्यान जरूर रखा जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग भंग न हो। इसीलिए केंद्र सरकार की ओर से कोरोना से बचाव के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया है। इस दौरान कुछ सरपंच भी अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
कच्छ के रण में कार्यक्रम के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उनके अलावा केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण और पंचायत मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, गुजरात राज्य मंत्री (गृह) प्रदीप सिंह जडेजा और गुजरात पर्यटन राज्यमंत्री वसनभाई अहीर भी शरीक होने आए।
अतिरिक्त कलक्टर कुलदीपसिंह झाला ने बताया कि, प्रशासन की ओर से गृह मंत्री शाह की यात्रा के लिए तैयारियां की गईं हैं। उन्होंने कहा कि, गृहमंत्री यहां केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान के उपयोग के बारे में सरपंचों से जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री के कच्छ स्थित माता आशापुरा के मंदिर में जाने की भी संभावना है। फिर वह दिल्ली लौटेंगे।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री धनतेरस के मौके पर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। भारत अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इस हफ्ते कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये के ताजा प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य शीर्ष अधिकारी नए प्रोत्साहन पैकेज से जुड़ी योजना को गुरुवार को अंतिम रूप दे सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक संकुचन से बाहर निकालने के लिए भारत सरकार इस दिशा में कदम उठा सकती है।
गौरतलब है कि बुधवार को मंत्रिमंडल ने करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (PLI) की घोषणा की थी। यह घोषणा 10 सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरर्स के लिए पांच साल के लिए हुई है। इन सेक्टर्स में ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जे, दूरसंचार, दवा, विशेष रसायन, पूंजीगत सामान, प्रौद्योगिकी उत्पाद, सफेद वस्तुएं, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्किंग उत्पाद, टेक्सटाइल्स, एसी व एलईडी और उन्नत बैटरी सेल शामिल हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसद का जबरदस्त संकुचन देखने को मिला था। वहीं, कई सर्वेक्षणों में चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 10 फीसद से ज्यादा के संकुचन का अनुमान जताया गया है। इसी के चलते नए प्रोत्साहन पैकेज की मांग हो रही है।

नई दिल्ली(शोर सन्देश) देश में कोविड-19 के दैनिक मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 47,905 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, बुधवार को 44,281 मामले सामने आए थे। देश में संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की संख्या 80 लाख को पार कर गई है। वहीं, कोविड-19 के सक्रिय मामले पांच लाख से नीचे बने हुए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 47,905 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान देश में कोविड-19 से 550 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 86,83,917 हो गई है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना से संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 80,66,502 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 52,718 मरीज उपचार के बाद ठीक हुए हैं और अस्पताल से घर लौटे हैं। देश में सक्रिय मामलों की संख्या पांच लाख से नीचे है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 4,89,294 है। इसमें पिछले 24 घंटे में 5,363 की कमी हुई है। वहीं, कोरोना के चलते जान गंवाने वाले मरीजों की संख्या 1,28,121 है।

पटना (शोर सन्देश)। बिहार विधानसभा का रिजल्ट आने के बाद यह रोज चर्चा हो रही है की नीतीश कुमार कब सीएम पद की एक बार फिर से शपथ लेंगे। सूत्रों के हवाले से खबरें आ रही है उसमें 16 नवंबर बताया जा रहा है। इस दिन ही नीतीश कुमार बिहार के सातवीं बार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को 74, जेडीयू को 43, हम को 4, वीआईपी को 4 सीटें मिली है। जेडीयू में विधायकों की संख्या कम होने के बाद ही नीतीश कुमार की सीएम बनेंगे। क्योंकि बीजेपी ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी। उसकी घोषणा खुद पीएम मोदी कई बार कर चुके हैं।
00 कब-कब बने नीतीश कुमार सीएम
नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को पहली बार सीएम बने थे, लेकिन बहुमत के अभाव में 7 दिन में उनकी सरकार गिर गई। 24 नवंबर 2005 में दूसरी बार सीएम बने। 26 नवंबर 2010 में तीसरी बार सीएम बने, लेकिन 2014 में सीएम पद से इस्तीफा दिया। फिर 22 फरवरी 2015 को चौथी बार सीएम बने। 20 नवंबर 2015 को 5वीं बार और महागठबंधन से अलग होकर 27 जुलाई 2017 को 6वीं बार सीएम बने। अब सातवीं बार सीएम बनने की तैयारी हो चुकी है।

संवेदनशील स्थानों की यूएवी के जरिए होगी निगरानी
लद्दाख (शोर सन्देश)। पिछले आठ महीनों से लद्दाख में एलएसी पर डटी हुई चीनी फौज तीन चरणों में पीछे हटने को राजी हो गई है। अगले एक हफ्ते में वह 30 परसेंट जवानों को पीछे ले जाने पर सहमति जता चुकी है।
पर भारतीय पक्ष अभी भी आशंकित है। यह वापसी मई 2021 तक पूरी होने की संभावना है। दोनों पक्षों द्वारा फौज हटाने की सहमति 6 नवंबर को कोर कमांडर स्तर पर चुशूल में बातचीत के दौरान हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, पहले दौर में दोनो देशों की आर्म्ड व्हीकल यानी कि तोप और टैंक एलओसी से पीछे जाएंगे।
दूसरे दौर में पेंगांग लेक के उत्तरी किनारे से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। चीन अपनी सेना को फिंगर 8 के पीछे यानी अपनी पुरानी जगह पर ले जाएगा और भारत अपनी सेना को धान सिंह थापा पोस्ट तक लेकर आएगा।
तीसरे स्टेप में पैंगांग के दक्षिणी इलाके से दोनों देशों की सेनाएं भी पीछे हटेगी। इस एरिया में भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले रणनीतिक पोजीशन पर कब्जा कर रखा है और चीन ने अपनी पोजीशन मजबूत कर ली थी। हालांकि दोनों पक्षों ने यह भी तय किया है वो मिलकर यूएवी के जरिए इसकी निगरानी करेंगे। पर भारतीय पक्ष आशंका से इसलिए भरा हुआ है क्योंकि चीनी सेना की कथनी और करनी हमेशा पाक सेना की तरह अलग रही है। इसलिए भारतीय पक्ष इसको लेकर काफी सतर्क है।
दोनों पक्षों इसलिए भी इस योजना पर तैयार हुए हैं कि फिलहाल पूर्वी लद्दाख में चोटियों पर भारी बर्फबारी हो रही है। करीब 15-16 हज़ार की ऊंचाई पर तापमान माइनस 45 डिग्री तक चला जाता है। इससे दोनों देशों की सैनिको की परेशानी बढ़ सकती है अगर कुछ समाधान निकल जाता है तो सेना पहले की तरह अप्रैल -मई वाली अपनी पुरानी जगह पर चली जायेगी
अगर यह सहमति लागू होती है तो दोनों ओर की सेनाएं अप्रैल-मई वाली अपनी पुरानी स्थिति में वापस अपनी-अपनी जगहों पर लौट जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक, मई 2021 तक यथास्थिति बहाल हो जाएगी और चीन सीमा के अग्रिम मोर्चों पर तैनात अपने 400 टैंकों को वापस ले लेगा।
दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते 6 नवंबर को चुशुल में 8वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी। इसी बैठक में तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर चर्चा की गई थी। सूत्रों ने बताया कि योजना को पैंगांग झील इलाके में हुई बातचीत से एक हफ्ते में पूरा किया जाएगा। इस योजना को तीन चरणों में बांटा गया है।
अधिकारियों की मानें तो योजना के पहले चरण में दोनों देशों की आर्म्ड वीकल यानी टैंक, तोपों और हथियारों से लैस सैन्य वाहनों को सीमा पर तैनाती से एलएसी से एक महत्वपूर्ण दूरी पर वापस ले जाया जाएगा। दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के अनुसार, टैंक और सैन्य वाहन एक दिन के अंदर-अंदर वापस अपने स्थानों को भेजे जाएंगे। दोनों देशों के बीच 6 नवंबर को बैठक हुई थी जिसमें विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और सैन्य संचालन महानिदेशालय के ब्रिगेडियर घई ने हिस्सा लिया था।
दूसरे चरण के तहत, पैंगांग झील के उत्तरी किनारे पर दोनों ओर की सेनाएं वापस अपने स्थानों पर लौटेंगी। इसमें तीन दिनों तक रोजाना अपनी-अपनी सैन्य टुकड़ियों को 30 फीसदी तक हटाएंगी। इस चरण में भारतीय सेना धान सिंह थापा के प्रशासनिक पोस्ट के नजदीक वापस आ जाएगी जबकि चीनी सेना फिंगर 8 से पीछे अपनी पोजिशन पर वापस लौटने को राजी हुई है।
तीसरे और अंतिम चरण के अनुसार, दोनों ओर की सेनाएं चुशुल और रेजांग ला क्षेत्र के आसपास के इलाकों समेत पंगोंग झील क्षेत्र के दक्षिणी किनारे से अपनी वर्तमान स्थिति से वापस लौट जाएंगी। इस इलाके में भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले इलाकों में कब्जा किया है जबकि चीन ने भी अपनी पोजिशन यहां मजबूत बना ली थी।
फिलहाल इस वापसी प्लान की सेना ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन इतना जरूर बताया जा रहा है कि इस योजना को लेकर चीनी सेना की मानसिकता को लेकर बहुत ही सावधानी बरती जा रही है। दरअसल चीनी सेना अभी तक पहले आप पहले आप पर ही अटकी हुई थी।