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सितंबर में रेलवे संचालित करेगा 40 स्पेशल क्लोन ट्रेनें, जानें- कहां से चलेगी और कितना है किराया*

17-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) कोरोनावायरस के कारण लंबी-लंबी रेल यात्रा अब धीरे-धीरे वापस ट्रैक पर रही है। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए, भारतीय रेलवे ने कुछ रेल मार्गों के लिए 40 और ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इसमें से 19 जोड़ी विशेष क्लोन ट्रेनें होंगी, जबकि एक जोड़ी जन शताब्दी ट्रेनें चलेंगी। इन ट्रेनों का संचालन अगले सोमवार यानि 21 सितंबर से शुरू होगा। रेलवे के अनुसार, 21 सितंबर से चलने वाली 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनों में से अधिकांश बिहार जा रही हैं और वहां से वापस रही हैं।

ट्रेनों को चलाने की सबसे अधिक माँग उन क्षेत्रों से रही है जहाँ से प्रवासी श्रमिक अपने रोजगार के लिए औद्योगिक शहरों में लौटना चाहते हैं। इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली और दक्षिण के राज्य शामिल हैं, जिनके बीच क्लोन ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। रेलवे के अनुसार, इन सभी ट्रेनों में वही किराया लिया जाएगा जो उनकी मूल ट्रेनों में लिया गया है। जन शताब्दी ट्रेन लखनऊ से दिल्ली के बीच चलेगी। इन सभी ट्रेनों में अग्रिम आरक्षण और टिकटों की बुकिंग शुरू होने से 10 दिन पहले शुरू हो जाएगी।
प्रस्तावित क्लोन ट्रेनें बिहार के सहरसा, राजगीर, दरभंगा, मुज़फ़्फ़रपुर, राजेंद्र नगर और कटिहार से चलकर दिल्ली के लिए चलेंगी, जबकि पटना से अहमदाबाद, छपरा से सूरत, दरभंगा से अहमदाबाद, दानापुर से सिकंदराबाद और बिहार से बैंगलोर तक। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में बनारस, बलिया और लखनऊ से दिल्ली के बीच कई ट्रेनें चलेंगी, जो मध्य स्टेशनों से होकर चलेंगी जबकि क्लोन ट्रेनें अमृतसर से जयनगर, जलपाईगुड़ी और बांद्रा के बीच चलेंगी।
00 रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली ट्रेनों की सूची
पूर्व मध्य रेलवे के तहत बिहार और दिल्ली के बीच 10 ट्रेनें संचालित होंगी। ये ट्रेनें बिहार के सहरसा, राजेंद्र नगर, राजगीर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में चलेंगी और समाप्त होंगी।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तहत चलने वाली दो ट्रेनें बिहार से भी हैं। कटिहार से दिल्ली और दिल्ली से कटिहार।
उत्तर रेलवे के तहत 10 ट्रेनें चलेंगी जो दिल्ली और बिहार के बीच चलेंगी। यह पश्चिम बंगाल से दिल्ली, पंजाब से पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश से दिल्ली के बीच ट्रेनों का संचालन करेगा।
क्लोन ट्रेनों` में से 19 जोड़े हमसफर एक्सप्रेस की रैक चलाएंगे, जिसमें हर एक में 18 कोच होंगे, जबकि एक जोड़ी 22 कोचों के साथ यह दिल्ली-लखनऊ रूट पर चलेगी। यात्रियों को इन ट्रेनों में रिजर्वेशन 10 दिनों के भीतर करना होगा।
00 हमसफर की तरह लगेगा किराया

हमसफर ट्रेन रैक के साथ क्लोन ट्रेनों का किराया हमसफर एक्सप्रेस ट्रेनों जितना वसूला जाएगा, जबकि दिल्ली-लखनऊ रूट पर क्लोन ट्रेन का किराया जनशताब्दी एक्सप्रेस के किराए जितना लिया जाएगा। ये ट्रेनें वर्तमान में चल रहीं 310 जोड़ी ट्रेनों के अलावा होंगी। 


विनोद दुआ को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर आगामी आदेश तक रोक*

17-Sep-2020

नई दिल्ली (नई दिल्ली (वीएनएस) सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ की गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी है और कहा है कि 18 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले में अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि उन्हें मामले में अगली सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा, `विनोद दुआ पर अपने यूट्यूब कार्यक्रम` विनोद दुआ शो `में कुछ बयान देने का आरोप है, जो कथित तौर पर सांप्रदायिक घृणा को उकसाने और शांति और सांप्रदायिक घृणा के उल्लंघन के कारण हो सकता है। `
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पहले पत्रकार पर राजद्रोह के आरोप की जांच के संबंध में शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट सील कर दी थी। वरिष्ठ वकील और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) विकास सिंह ने दुआ की अपील करते हुए शीर्ष अदालत से कहा था कि एक पत्रकार होने के नाते अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सभी अधिकार हैं और सरकार की आलोचना करने का वैध अधिकार भी है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देशद्रोह के आरोपों के खिलाफ विनोद दुआ की याचिका और शिमला में उनके यूट्यूब वीडियो के लिए उनके खिलाफ दायर एफआईआर और केंद्र के खिलाफ सुनवाई कर रही थी।) सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार विनोद दुआ की गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी है और कहा है कि 18 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह मामले में अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि उन्हें मामले में अगली सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा, `विनोद दुआ पर अपने यूट्यूब कार्यक्रम` विनोद दुआ शो `में कुछ बयान देने का आरोप है, जो कथित तौर पर सांप्रदायिक घृणा को उकसाने और शांति और सांप्रदायिक घृणा के उल्लंघन के कारण हो सकता है। `
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पहले पत्रकार पर राजद्रोह के आरोप की जांच के संबंध में शीर्ष अदालत के समक्ष अपनी रिपोर्ट सील कर दी थी। वरिष्ठ वकील और पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) विकास सिंह ने दुआ की अपील करते हुए शीर्ष अदालत से कहा था कि एक पत्रकार होने के नाते अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सभी अधिकार हैं और सरकार की आलोचना करने का वैध अधिकार भी है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने देशद्रोह के आरोपों के खिलाफ विनोद दुआ की याचिका और शिमला में उनके यूट्यूब वीडियो के लिए उनके खिलाफ दायर एफआईआर और केंद्र के खिलाफ सुनवाई कर रही थी। 


किसान विधेयक बहुत ही क्रांतिकारी, कांग्रेस का विरोध गुमराह करने वाला:जेपी नड्डा*

16-Sep-2020

नयी दिल्ली (शोर सन्देश) भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि किसानों से संबंधित जिन तीन विधेयकों को केंद्र सरकार संसद में लेकर आई है वे बहुत ही क्रांतिकारी हैं, जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने वाले हैं और किसानों की तस्वीर बदलने वाले हैं और तीनों विधेयकों का कांग्रेस का विरोध उसके दोहरे चरित्र को उजागर करता है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र में किसानों से संबंधित कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा प्रदान करना) विधेयक,, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 लेकर आई है। आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक मंगलवार को लोकसभा से पारित हो गया।
नड्डा ने भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि ये तीनों विधेयक बहुत दूरदृष्टि रखते हैं और कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने में ये तीनों बिल बहुत महत्वपूर्ण और लाभकारी हैं तथा किसानों के उत्पाद का दाम बहुत तीव्र गति से आगे बढ़ाने वाले साबित होंगे।
उन्होंने कहा, ``तीनों ही विधेयक किसानों को नई आजाद हवा देने का काम करेंगे। इसके बाद किसान को आजादी होगी अपना उत्पाद बेचने की। यह तीनों विधेयक बहुत ही क्रांतिकारी हैं और जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने वाले हैं। इससे किसानों की तस्वीर बदलेगी, तकदीर बदलेगी, उनके हालात में मूलभूत परिवर्तन होगा। उत्पाद का उसका उचित मूल्य मिलेगा।``
उन्होंने आरोप लगाया, ``विधेयकों को ले कर कांग्रेस का विरोध राजनीति के सिवाय कुछ नहीं। यह उसका दोहरा चेहरा है। हर चीज में इनका काम राजनीति करना है। कांग्रेस को सिवाय राजनीति के कुछ नहीं आता। मोदी सरकार इन विधेयकों के माध्यम से जो कर रही है, उसका वादा कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किया गया था।``

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक का लोकसभा और राज्यसभा में विरोध कर रही है और किसानों को लुभाने के लिए इसे अपने घोषणा पत्र में डालती है। 


कोरोना महामारी की महाभारत छिड़ी है और सरकार गायब है : रणदीप सुरजेवाला*

16-Sep-2020

नयी दिल्ली(शोर सन्देश) कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या 50 लाख के पार चले जाने के बाद बुधवार कोंग्रेस

ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब महामारी की महाभारत छिड़ी है तो सरकार गायब है।
पार्टी महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह सवाल भी किया कि आखिर कोरोना पर नियंत्रण कैसे होगा
उन्होंने ट्वीट कर कहा ``देश में कोरोना के मामले आज 50 लाख हुए पार! कोरोना महामारी की महाभारत छिड़ी है,पर मोदी सरकार ग़ायब है।``
सुरजेवाला ने कहा, ``प्रतिदिन कुल कोरोना संक्रमण में दुनिया में भारत पहले नंबर पर (90,123 संक्रमण) प्रतिदिन कोरोना मृत्यु दर में दुनिया में भारत पहले नंबर पर 1,290 मृत्यु प्रतिदिन कोरोना संक्रमण दोगुना होने की दर में में भी दुनिया में भारत पहले नंबर पर 31 दिन में दोगुना
उन्होंने कहा, `` कुल कोरोना संक्रमित मामलों में दुनिया में भारत दूसरे नंबर पर 50,20,360 संक्रमण। सक्रिय कोरोना संक्रमण मामलों में दुनिया में भारत दूसरे नंबर पर (9,95,933 संक्रमण) कोरोना से हुई कुल मौतों में दुनिया में भारत तीसरे नंबर पर 82,066 मृत्यु।``
सुरजेवाला ने सवाल किया, `` प्रधानमंत्री देश को बताएं की कोरोना पर नियंत्रण कैसे होगा? या फिर भगवान पर इल्ज़ाम लगा पीछा छुड़ा लेंगे?``

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कोविड-19 के 90,123 नए मामले सामने आने के बाद बुधवार को देश में संक्रमितों की कुल संख्या 50,20,359 हो गई है। वहीं, पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक 1,290 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 82,066 हो गई। 


दिल्ली दंगे : दायर हुई 15 हजार पेज की चार्जशीट, 15 लोगों को बनाया गया आरोपी*

16-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली हिंसा मामले में अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट यानी यूएपीए के तहत आज दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस मामले में पुलिस ने सफूरा जरगर ताहिर हुसैन सहित कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया है। इस चाजर्शीट में पुलिस ने ये खुलासा किया है को कैसे पूरी दिल्ली को दंगो की आग में धकेलने की प्लानिंग की गई थी। 15 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने बताया है कि CAA-NRC के लिए देश भर में जो प्रोटेस्ट चल रहा था उस प्रोटेस्ट को खूनी रंग देने के लिए एक बड़ी साजिश थी। इस साजिश का हिस्सा कई बडे लोग भी है।

सेल के सूत्रों का कहना है कि अभी जो चार्जशीट दाखिल की गयी वो , वह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। क्योंकि इतने पन्नों की चार्जशीट कभी दाखिल नहीं हुई। यह अलग बात है कि पहली चार्जशीट के बाद भी साजिश से जुड़े खुलासे होते रहेंगे, उसके लिए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल होगी।
दिल्ली हिंसा के मामले की जांच के लिए स्पेशल सेल ने 6 मार्च को एक एफआईआर दर्ज की थी। उसी के तहत ये चार्जशीट दाखिल की गई है। इस केस की जांच के चलते स्पेशल सेल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें सरजील इमाम, देवांगना, सफूरा जरगर, नताशा, इशरत जहां, सफा उर रहमान, फातिमा, मीरन हैदर शामिल हैं।
लेकिन इन सब में उमर खालिद की गिरफ्तारी सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि जेएनयू का ये पूर्व छात्र नेता उमर खालिद अभी तक की पूरी साजिश में अहम कड़ी बनकर उभरा है। जो ना सिर्फ अलग अलग मंचों से भड़काऊ भाषण दे रहा था, बल्कि दिल्ली में सीए एनआरसी विरोधी धरना प्रदर्शन आयोजित करने वाले जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी, पिंजरा तोड़ ग्रुप अन्य संगठनों के संपर्क में भी लगातार बना हुआ था। हालांकि इस चार्जशीट में उमर खालिद का नाम अभी शामिल नहीं किया गया है। उसके लिए इसमे सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच में ऐसी कई सनसनीखेज जानकारियां भी सामने आई है, जिनका बिना सबूत अभी खुलासा करना ठीक नहीं होगा। उन्हीं सबूतों को जुटाने के लिए उमर खालिद से भी गहन पूछताछ जारी है। दिल्ली में सीएए के नाम पर भारत सरकार विरोधी धरना प्रदर्शन फिर दंगे फसाद के पीछे बहुत गहरी साजिश थी।
दिल्ली दंगों में अब तक कुल 751 एफआईआर दर्ज हुई है, 250 चार्जशीट दाखिल की गई है, 53 लोगों की मौत हुई है, कुल 571 हिंदू आरोपी है जबकि 582 मुस्लिम आरोपी हैं, घायलों की कुल संख्या 581 है, दंगों में 108 पुलिसवाले भी घायल हुए, आईबी अधिकारी समेत दो पुलिसवालों की मौत हुई थी। 

स्पेशल सेल की सबसे बड़ी जांच में जिन 15 लोगों को फिलहाल यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया है उनके नाम है, अब्दुल खलोड सैफ़ी, ताहिर हुसैन, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलिशा, सफूरा जरगर, शफ़ा उर रहमान, आसिफ इक़बाल तन्हा, शादाब अहमद, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, तस्लीम अहमद, सलीम मालिक, सलीम खान अतहर खान शामिल है। 


मोदी के नेतृत्व में भारत अपने 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करेगा : गोयल*

16-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) रेल और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सेवाओं के निर्यात के लिए 500 अरब डॉलर का लक्ष्य रखने का आह्वान किया है। श्री गोयल ने सीआईआई के भारत- ब्रिटेन वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा आसानी से किया जा सकता है। उन्होंने कहा, हम सब आश्वस्त हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करेगा और यह समय हमारे लिए उसका लाभ उठाने का है। मंत्री ने कहा कि 8 से 14 सितंबर के सप्ताह में निर्यात का मूल्य 6.88 अरब डॉलर रहा जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 10.73 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि भारत सुधार की राह पर लौट रहा है। साथ ही इससे हमारा लचीलापन, हमारा आत्मविश्वास और हमारी इच्छाशक्ति इन आंकड़ों में परिलक्षित होती है।

श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समय भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार समझौता करने के लिए बिल्कुल उपयुक् है। उन्होंने कहा, हमें एफटीए पर तालमेल शुरू करना चाहिए। यह समय की जरूरत है। हमें तरजीही व्यापार समझौते पर गौर करना चाहिए ताकि हम दुनिया के सामने तत्परता और ब्रिटेन एवं भारत के बीच तालमेल की गंभीरता को प्रदर्शित कर सकें। दो देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते के तहत हम कुछ देते हैं और कुछ प्राप्त करते हैं। हम दोनों देशों में कारोबारियों को लाभान्वित करने और रोजगार पैदा करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि हमें इसे शीघ्रता से आगे ले जाना चाहिए। जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने संबंधी पहल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसे हम ब्रिटेन, यूरोप, अमेरिका और कुछ लैटिन अमेरिकी एवं अफ्रीकी देशों के साथ आगे बढ़ा सकते हैं। मंत्री ने कहा कि कई उद्योगों के लिए ब्रिटेन के कारोबारियों के साथ काम करने की काफी संभावनाएं हैं जहां ब्रिटेन एक बड़ा आयातक है और जहां भारत को ब्रिटेन की आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रतिस्पर्धी एवं तुलनात्मक लाभ प्राप् है। उन्होंने कहा, ब्रिटेन के साथ तालमेल को अगले स्तर पर ले जाने के मामले में पर गौर करने और जनवरी से पहले की अपनी तैयारी पर विचार करने के संदर्भ में हमने अच्छी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन निश्चित रूप से भारत की स्वास्थ्य सेवा पेशकश से काफी लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा कम कीमत पर तेजी से गुणवत्तायुक् चिकित्सा सहायता प्रदान करने में काफी संभावना है जो उन्हें ब्रिटेन में नहीं मिलेगा। मंत्री ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से उबरने में भारत की क्षमता के संदर्भ में सीआईआई ने जो आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया है वह वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा, हम तेजी से सुधार दर्ज करेंगे, यह सुनिश्चित करेंगे कि कारोबार पटरी पर लौट आए और हम विकास के पथ पर वापस लौट आएं। उन्होंने कहा, हमें विश्वास है कि हमारा विनिर्माण क्षेत्र अगले 5 वर्षों में 300 अरब डॉलर का विकास करेगा। घरेलू खपत और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हम 24 उद्योग उप-क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

श्री गोयल ने कहा कि भारत ने सुनिश्चित किया कि महामारी के दौरान उसकी सभी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं पूरी हों। उन्होंने कहा, `भारत ने विश्व के लिए एक विश्वसनीय साझेदारी की पेश्कश की है जिसे दुनिया ने मान्यता दी है। मौजूदा वैश्विक महामारी के बीच हमारी सेवाओं का निर्यात पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 90 प्रतिशत के स्तर पर था। इससे दुनिया भर में एक विश्वस्त साझेदार के रूप में भारत की विश्वसनीयता बढी है। श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विश्व के नेताओं और देशों की सद्भावना, मित्रता, विश्वास अर्जित करने में सक्षम हैं।`



भारत में तेजी से हो रहे वित्तीय सुधार पर खुशी जताते हुए श्री गोयल ने कहा कि अगस्त 2020 में रेलवे माल लदान में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सितंबर के पहले 13 दिनों में रेलवे ने पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक माल ढुलाई की।



डिजिटलीकरण के बारे में बात करते हुए श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अगले 1,000 दिनों में देश के हर कोने और हर गांव में वाई फाई ले जाने का काम दिया गया है। मंत्री ने कहा, `हमने सरकार और उद्योग के बीच कुछ साझेदारी की है ताकि हम इसे जबरदस् सफल बना सकें। यह कोविड के बाद की दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को इस तरह की कई पहलों में पिछले 6 वर्षों में किए गए भारी निवेश का लाभ मिल रहा है। इन सब ने भारत को कोविड वैश्विक महामारी के दौरान अच्छी स्थिति में रखा है।` उन्होंने कहा कि वास्तव में भारत ने खुलासा किया है कि कैसे कुछ देश बहुत सारे डेटा प्रबंधन, डेटा क्रंचिंग में लिप्त हैं जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा हित में नहीं है। 


कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने आयुर्वेद के व्यापक ज्ञान का उपयोग करें : उपराष्ट्रपति*

16-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए सुरक्षात्मक देखभाल पर आधारित आयुर्वेद के व्यापक ज्ञान का उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में निर्धारित प्राकृतिक उपचार से हमें अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करके वायरस से लड़ने में सहायता प्राप्त हो सकती है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयुर्वेद फॉर इम्युनिटी विषय की थीम पर आयोजित ऑनलाइन वैश्विक आयुर्वेद शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि जीवन का एक दर्शन भी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आयुर्वेद में मनुष्यों को प्रकृति का अभिन्न अंग माना गया है और यह जीवन के एक समग्र व्यवहार पर बल देता है, जहां पर लोग आपस में और उस दुनिया के साथ सद्भाव से जीते हैं जिससे वे घिरे हुए हैं। आयुर्वेद के चिकित्सकीय सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह स्वस्थ जीवन के लिए प्राकृतिक तत्वों और मानव शरीर के त्रिदोषों के बीच एक परिपूर्ण संतुलन बनाए रखने में विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद का मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी एक अनूठी शरीरावस्था होती है और वह उपचार और दवा के प्रति अलग-अलग तरीकों से प्रतिक्रिया देता है। श्री नायडू ने प्राचीन ग्रंथों जैसे अथर्ववेद, चरक संहिता और सुश्रुत संहिता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही रोगों का उपचार करने के लिए बहुत ही व्यवस्थित, वैज्ञानिक और तर्कसंगत दृष्टिकोण मौजूद रहा है। उपराष्ट्रपति ने आयुर्वेद की प्रशंसा की, जिसने भारत की विशाल जनसंख्या को प्राचीन काल से ही प्राथमिक और यहां तक कि तृतीय श्रेणी की स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान की है। श्री नायडू ने सटीक रूप से प्रलेखित वैज्ञानिक साक्ष्यों के माध्यम से आयुर्वेदिक दवाओं के गुणों का और ज्यादा अन्वेषण करने की आवश्यकता के संदर्भ में बताया और उन्होंने आयुर्वेद का लाभ भारत और पूरी दुनिया के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक दवाएं सस्ती होती हैं और इसे आम लोग आसानी से खरीद सकते हैं। उन्होंने कहा किभारत पहले से ही दुनिया के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का स्रोत बना हुआ है। यह दुनिया के लिए कल्याणकारी और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर्यटन क्षेत्र का सबसे पसंदीदा गंतव्य भी बन सकता है। उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच बहुविषयक अंतःक्रिया का भी आह्वान किया जिससे वे एक-दूसरे से ज्ञान प्राप्त करें और समग्र कल्याण के लिए एक-दूसरे का समर्थन करें।


आयुर्वेद का विकास करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने आयुर्वेद के दिग्गजों से राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन जैसी निकायों के साथ सहयोग करने और वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद को लोकप्रिय बनाने की दिशा में कार्य करने की भी सलाह दी।
श्री नायडू ने हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में और ज्यादा संसाधनों का निवेश करने की भी बात की, विशेष रूप से ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन और बढ़ावा देकर। भारत में गैर-संचारी और अव्यवस्थित जीवनशैली के कारण उत्पन्न होने वाले रोगों की बढ़ती संख्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, श्री नायडू ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में आयुर्वेद विशेष रूप से प्रासंगिक साबित हो जाता है। उन्होंने सभी लोगों से स्वस्थ जीवनशैली को बनाए रखने और स्वस्थ खान-पान अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा निर्धारित किए गए खानपान हमारी शारीरिक आवश्यकताओं और जलवायु परिस्थितियों के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि बीमारी के प्रति चिंता और डर, बीमारी से ज्यादा घातक साबित हो सकते हैं और इस प्रकार की चिंताओं को दूर करने के लिए उन्होंने ध्यान और अध्यात्म का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने सभी लोगों से आयुर्वेद का लाभ प्राप्त करने के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारा बीमा क्षेत्र आयुर्वेद को अपना समर्थन प्रदान करे। आयुर्वेद उद्योग में रोजगार का अवसर उत्पन्न करने की क्षमता को स्वीकार करते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस क्षेश्र में कौशल विकास कार्यक्रमों को डिजाइन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे सेवाओं के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस ऑनलाइन कार्यक्रम में वी. मुरलीधरन, विदेश राज्य मंत्री एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री, थॉमस जॉन मुथूट, अध्यक्ष, सीआईआई, बेबी मैथ्यू, सह-संयोजक, सीआईआई आयुर्वेद पैनलों, आयुर्वेद उद्योग प्रमुखों, आयुर्वेद चिकित्सक सदस्यों, आयुर्वेद चिकित्सकों और छात्रों ने हिस्सा लिया। 


होम्योपैथी की चिकित्सा शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार लाया जाएगा*

16-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) आयुष मंत्रालय के दो महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पारित होने के साथ ही देश में भारतीय चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी की चिकित्सा शिक्षा में क्रांतिकारी सुधार करने के लिए देश पूरी तरह तैयार है। भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 तथा होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 लोक सभा में 14 सितम्बर, 2020 को पारित कर दिए गए थे। ये दोनों विधेयक मौजूदा भारतीय चिकित्सा केन्द्रीय परिषद अधिनियम, 1970 और होम्योपैथी केन्द्रीय परिषद अधिनियम, 1973 का स्थान लेंगे। राज् सभा पहले ही इन दोनों विधेयकों को 18 मार्च, 2020 को पारित कर चुकी है। इन विधेयकों के लिए संसद का अनुमोदन प्राप् करना आयुष के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उक् विधेयकों के अधिनियमन से मौजूदा केन्द्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद (सीसीआईएम) और केन्द्रीय होम्योपैथी परिषद को संशोधित किया जाएगा।


यह उम्मीद है कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग और होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग का उद्देश् भारतीय चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी में सुधार लाना होगा। भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2019 और होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2019 राज् सभा में 7 जनवरी, 2019 को प्रस्तुत किए गए थे। बाद में दोनों विधेयक स्वास्थ् और परिवार कल्याण से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के पास भेजे गए थे।

समिति ने इन विधेयकों की जांच करने के बाद इनमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के अनुरूप कुछ संशोधन करने का सुझाव दिया था। तदनुसार मंत्रालय ने प्रमुख सुझावों पर विचार किया और उक् विधेयकों में आधिकारिक संशोधनों को पेश किया। उसके बाद ये विधेयक 18 मार्च, 2020 को राज् सभा में भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 और होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक, 2020 के रूप में पारित कर दिए गए। 


चंबल नदी में 30 लोगों से भरी नाव पलटी, छह की मौत*

16-Sep-2020

जयपुर (शोर सन्देश)राजस्थान में नदी पार करने के दौरान एक ही नाव पर पलटने से उसमें सवार 30 से ज्यादा डूब गए थे। इसमें से 24 लोगों को नदी से सुरक्षित निकला लिया गया है, जबकि 6 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि ये सभी कमलेश्वर धाम जाने के लिए नाव में बैठकर चंबल नदी पार कर रहे थे। कलेक्टर एसपी मौके पर पहुंचे गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और गोताखोरों की मदद से शव निकाले जा रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने दुःख जताया है। वहीं लोकसभा सचिवालय कोटा जिला कार्यालय से घटना की जानकारी ले रहा है। मंत्री शांति धारीवाल ने जिला कलेक्टर एसपी को रेस्क्यू ऑपरेशन त्वरित रूप से चलाने का निर्देश दिया है। 


न कोई भाषा थोपी जाए न ही किसी भाषा का विरोध होना चाहिए : उपराष्ट्रपति*

15-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि हमें अपनी भाषाई विविधता पर गर्व होना चाहिए। हमारी भाषाएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और उनका समृद्ध साहित्यिक इतिहास रहा है। वे आज अपने निवास से मधुबन एजुकेशनल बुक्स द्वारा आयोजित समारोह को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने 1946 में हरिजन में गांधीजी के लेख को उद्धृत करते हुए कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं की नींव पर ही राष्ट्रभाषा की भव्य इमारत खड़ी होगी। राष्ट्रभाषा और क्षेत्रीय भाषाएं एक दूसरे की पूरक है विरोधी नहीं।


श्री नायडू ने कहा कि महात्मा गांधी और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा सुझाया मार्ग ही हमारी भाषाई एकता को सुदृढ़ कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी हर भाषा वंदनीय है। कोई भी भाषा हमारे संस्कारों की तरह शुद्ध और हमारी आस्थाओं की तरह पवित्र होती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कोई भाषा थोपी जानी चाहिए किसी भाषा का कोई विरोध होना चाहिए। उन्होंने बल दिया कि समावेशी और स्थायी विकास के लिए शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी ही चाहिए इससे बच्चों को स्वयं अभिव्यक्त करने में और विषय को समझने में आसानी हो। पढ़ने में रुचि पैदा हो। इस संदर्भ में उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की कि नयी शिक्षा नीति 2020 में भारतीय भाषाओं और संस्कृति के महत्व को स्वीकार किया गया है।

श्री नायडू जी ने कहा कि इसके लिए हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में अच्छी पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करानी होंगी और इसमे प्रकाशकों की भी अहम भूमिका रहेगी। उपराष्ट्रपति महामारी के कारण बन्दी के दौरान लोगों से अधिक से अधिक भारतीय भाषाओं को सीखने का आग्रह करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय भाषाओं का विकास साथ ही हो सकता है। हम अन्य भारतीय भाषाओं के कुछ कुछ मुहावरे, शब्द या गिनती जरूर सीखें। साथ ही उन्होंने सलाह दी कि हिन्दी में भी छात्रों को अन्य भारतीय भाषाओं के साहित्य और प्रख्यात साहित्यकारों से परिचित कराया जाय तथा हिंदी के साहित्यकारों, उनकी कृतियों से अन्य भाषाई क्षेत्रों को परिचित कराया जाय।

उन्होंने ज़ोर दे कर कहा कि हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं को सीखना आसान होगा क्योंकि राष्ट्र के संस्कार, विचार तो समान ही हैं। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों से कहा से कहा कि वे अपनी मातृभाषा का सम्मान करें, रोजमर्रा के कामों में उसका प्रयोग करें। हिन्दी और देश की भाषाओं का साहित्य पढ़े, उसमें लिखे। तभी हमारी भाषाओं का विकास होगा, वे समृद्ध होगीं। 




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