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बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश – मुख्यमंत्री साय

28-Aug-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) 28 अगस्त 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया  कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने  कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। 
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें  शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।
इसके उपरान्त मुख्यमंत्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। 
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।


























 

एलजी सैमसंग हुंडई जैसी कंपनियों की तरह नए निवेशक भी आएं छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

28-Aug-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रितमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रित मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं। 
मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने भारत के राजदूत अमित कुमार  से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है। 
मुख्यमंत्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।






























 

बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश

28-Aug-2025
रायपुर शोर संदेश  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे ।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए।
उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहाँ क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 
राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें  दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है। बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना एवं एस.डी.आर.आफ के द्वारा राहत बचाव कार्य किया जा रहा है एवं राहत शिविर में ठहराये गये लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग जिलों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतत संपर्क बनाये हुए है एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिला सुकमा में आपदा मित्रों के द्वारा बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिला प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनहानि और नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी और पुनर्वास कार्य प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत दल लगातार सक्रिय रहें, हर जरूरतमंद तक तुरंत मदद पहुँचे और राहत सामग्री समय पर मिले। 
मुख्यमंत्री साय ने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आवश्यकता की स्थिति में तुरंत स्थानीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सामूहिक सहयोग से हम इस आपदा पर शीघ्र काबू पाएंगे और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन जल्द बहाल होगा।















 

सियोल में ATCA प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री साय की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में निवेश पर चर्चा

27-Aug-2025
रायपुर,शोर संदेश   27 अगस्त 2025/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर एसोसिएशन (ATCA) के चेयरमैन ली जे जेंग एवं वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। ATCA एक सशक्त औद्योगिक नेटवर्क है, जिसमें आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल क्षेत्र की 60 से अधिक प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री साय ने ATCA प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेशकों के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ली जे जेंग और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों को आमंत्रित किया कि वे अपने आगामी भारत दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ अवश्य आएँ और राज्य में उपलब्ध निवेश व सहयोग की संभावनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करें।
ATCA ने छत्तीसगढ़ की कंपनियों के साथ बी2बी साझेदारी में रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थान मौजूद हैं, जो विश्वस्तरीय प्रतिभा उपलब्ध कराते हैं। राज्य का ‘प्लग एंड प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर और सशक्त लॉजिस्टिक्स नेटवर्क छत्तीसगढ़ को ATCA के अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और भारत में उनके विस्तार का स्वाभाविक हब बनाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है और यहाँ उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन तथा मज़बूत बुनियादी ढाँचा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में ATCA कंपनियाँ यहाँ आकर निवेश करें और साझेदारी के नए आयाम स्थापित करें। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई ताक़त मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका आयोजन इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (ICCK) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए असीम संभावनाओं की धरती है। उन्होंने उल्लेख किया कि दक्षिण कोरिया भारत के शीर्ष तीन इस्पात निर्यात गंतव्यों में शामिल है और छत्तीसगढ़, देश का अग्रणी इस्पात उत्पादक राज्य होने के नाते, इस सहयोग को और गहरा करने तथा निवेश के नए अवसर प्रदान करने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जो ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।  राज्य में प्रचुर मात्रा में लिथियम उपलब्ध है, जो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) क्रांति और नई पीढ़ी के उद्योगों को गति देने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का स्वाभाविक केंद्र बन सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ICCK को नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल करने की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024–30 के तहत तकनीक, स्किलिंग और वैश्विक सहयोग को एक नई दिशा दी जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कोरिया की नवाचार क्षमता और छत्तीसगढ़ के संसाधनों के मिलन से विकास का एक नया युग लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रत्येक निवेशक को “सिंगल विंडो क्लियरेंस” से लेकर भूमि आवंटन, आवश्यक अनुमतियों और सहयोगी नीतियों तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दक्षिण कोरिया कंपनियों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य में नए अवसरों का सृजन होगा और दक्षिण कोरिया-भारत औद्योगिक सहयोग को एक नई ऊँचाई मिलेगी।

जापान प्रवास से भी बस्तर की बाढ़ पर नज़र: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सक्रिय

27-Aug-2025

 रायपुर। शोर संदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हुई अतिवृष्टि से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राजस्व सचिव एवं आपदा राहत आयुक्त रीना बाबासाहेब कंगाले और बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राजस्व सचिव कंगाले ने मुख्यमंत्री को बताया कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा, दरभा और तोकापाल विकासखंडों में प्रशासन लगातार राहत कार्य संचालित कर रहा है। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के ग्राम  मांदर से 21 ग्रामीणों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में हेलीकॉप्टर और नाव की सहायता से ग्रामीणों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। बीते 24 घंटों में 68 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने संभाग के सभी कलेक्टरों को निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क करने और सुरक्षित स्थानों पर शीघ्र पहुँचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने राहत कार्यों में जुटे प्रशासनिक अमले, एसडीआरएफ और पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार आम जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यकता अनुरूप प्रभावितों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।










 

विष्णु देव साय की पहल : अब ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान

27-Aug-2025
रायपुर। शोर संदेश रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है। 
ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा
ग्राम पंचायत संकरी के युवा उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई  जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था। 
67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण
सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 
गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप
किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है।
प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में 
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया।
प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है। 
नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जापान यात्रा से और मजबूत होंगे भारत-जापान संबंध: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

26-Aug-2025
रायपुर । शोर संदेश छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर कहा कि “हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।”
उन्होंने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।
 

ओसाका इन्वेस्टर कनेक्ट : छत्तीसगढ़ में जापानी कंपनियों ने दिखाया भरोसा

26-Aug-2025
रायपुर। शोर संदेश  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान ओसाका में आयोजित प्रतिष्ठित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, प्रतिभाशाली मानवबल और उद्योग-अनुकूल नीतियों का सशक्त संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत और जापान विश्वास एवं साझा मूल्यों की गहरी डोर से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने जापानी साझेदारों से आह्वान किया कि वे नवाचार, अवसर और साझा समृद्धि से आगे बढ़ रही छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरताज फूड्स, ओसाका को छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए 11.45 मिलियन डॉलर (₹100 करोड़) का निवेश प्रस्ताव दिया। यह परियोजना राज्य के फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को नई ऊँचाई देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगी और किसानों को नए अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने मोराबु हंशिन कंपनी के प्रेसिडेंट एवं रिप्रेजेंटेटिव डायरेक्टर नाओयुकी शिमाडा से भी भेंट की। यह कंपनी कुशल इंजीनियरों, सिस्टम डेवलपमेंट और वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अग्रणी है। बैठक में कौशल प्रशिक्षण और वर्कफोर्स एक्सचेंज के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा और राज्य का कौशल तंत्र और अधिक सशक्त बनेगा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने राज्य की प्रतिस्पर्धात्मक विशेषताओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रचुर खनिज संपदा, सक्रिय सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम, विश्वस्तरीय औद्योगिक ढाँचा और वैश्विक निवेशकों को सहज वातावरण उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। राज्य में किए जा रहे सुधारों और निवेशकों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं की जापानी प्रतिनिधियों ने सराहना की। विशेषकर फूड प्रोसेसिंग, प्रौद्योगिकी और उन्नत वर्कफोर्स सॉल्यूशंस के क्षेत्र में निवेश की इच्छुक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ को उपयुक्त अवसरों का प्रदेश बताया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ वैश्विक साझेदारों को अवसर और सहयोग दोनों मिलते हैं। जापान के साथ हमारी साझेदारी विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है। ओसाका में हुई चर्चाएँ न केवल निवेश लेकर आएँगी, बल्कि हमारे किसानों को सशक्त बनाएँगी, युवाओं के लिए रोजगार उत्पन्न करेंगी और विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को और अधिक मजबूत करेंगी।”



















 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में 3 सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य की मिली स्वीकृति

25-Aug-2025
रायपुर,। शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और कृषि उत्पादन को बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर जिले में तीन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। 9 करोड़ 49 लाख 23 हजार  की लागत के इन तीन सिंचाई योजनाओं के मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य पूर्ण हो जाने से सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इससे कृषि उत्पादन क्षमता बढ़ने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। 
मुख्यमंत्री साय कि पहल पर जिन कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है उनमें विकासखंड फरसाबहार में 03 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपए लागत से कोनपारा ( दलटोली डेम) का मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य,  03 करोड़ 46 लाख 14 हजार रुपए की लागत के विकासखंड बगीचा में सोरो  व्यपवर्तन योजना का मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य और 2 करोड़ 55 लाख 88 हजार रुपए की लागत से विकासखंड फरसाबहार की अंकिरा तालाब योजना का मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार कार्य शामिल है। 
 इन कार्यों के पूर्ण हो जाने पर सिंचाई की सुविधा में बढ़ोतरी होगी। किसानों को वर्षभर फसलों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा जिससे सूखे की स्थिति में भी फसलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इन कार्यों के पूरा हो जाने से न केवल किसानों की आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अंचल की कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुँचे छत्तीसगढ़ पैवेलियन : वर्ल्ड एक्सपो 2025 में दिखी प्रदेश की संस्कृति और समृद्धि की अद्भुत झलक

25-Aug-2025
रायपुर। शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ओसाका (जापान) में चल रहे वर्ल्ड एक्सपो 2025 के भारत मंडपम के अंतर्गत स्थापित छत्तीसगढ़ पैवेलियन पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आधुनिक प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन किया।उल्लेखनीय है कि उद्घाटन दिवस पर ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन में 22 हजार से अधिक दर्शक पहुँचे। यहाँ आने वाले लोग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आदिवासी लोककला, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक देखकर उत्साहित हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के साथ दुनिया के सामने उभर रहा है। “हमारी पहचान केवल धरोहर और लोकसंस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और वैश्विक सहयोग की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
पवेलियन में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, बुनाई, हस्तनिर्मित उत्पाद, हर्बल आइटम्स और पर्यटन स्थलों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
जापान और अन्य देशों से आए आगंतुकों ने छत्तीसगढ़ के पैवेलियन की सराहना करते हुए विशेष रूप से हस्तशिल्प और बांस उत्पादों, बस्तर आर्ट और लोकसंगीत पर आधारित प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। इससे अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच प्रदेश की एक सकारात्मक छवि बनी।
मुख्यमंत्री साय ने पवेलियन में मौजूद मेहमानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और साझेदारी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्रदेश के साथ जुड़कर विकास की नई दिशा में कदम बढ़ाने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “वर्ल्ड एक्सपो जैसे वैश्विक मंच पर हमारी भागीदारी यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ केवल भारत का ही नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारी का भी एक मजबूत केंद्र बन सकता है।”
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न देशों से आए निवेशकों और प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। औद्योगिक विकास, पर्यटन संवर्द्धन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित इन मुलाकातों ने भविष्य में सहयोग के नए अवसर खोले।
छत्तीसगढ़ पवेलियन की भव्यता और उसमें प्रदर्शित सामग्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश न केवल अतीत की सांस्कृतिक धरोहर से समृद्ध है, बल्कि आने वाले कल का भविष्य-रेडी हब भी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह प्रवास छत्तीसगढ़ को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


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