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मुख्यमंत्री ने की रावणभाठा दशहरा मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा

13-Oct-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विजयादशमी पर्व के अवसर पर दूधाधारी मठ रावणभाठा के दशहरा मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई को त्याग कर सत्य की राह अपनाने प्रेरित करता है । मुख्यमंत्री ने रावण भाठा दशहरा मैदान के सौंदर्यीकरण और उसे व्यवस्थित करने के लिए 50 लाख रुपये की राशि की घोषणा की। रावण दहन कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री साय ने भगवान बालाजी की आरती में हिस्सा लिया। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आज रावण भाठा के विशाल मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में उपस्थित आप सभी लोगों के साथ-साथ पूरे प्रदेश की जनता को विजयादशमी पर्व की बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मैं सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति का इस कार्यक्रम में आमंत्रण के लिये आभार व्यक्त करता हूँ । मुझे यहां आकर बहुत प्रसन्नता हो रही है। मुझे जानकारी दी गयी है कि इस मैदान पर दशहरा पर्व पर रावण दहन कार्यक्रम का यह 170वां वर्ष है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का त्योहार असत्य पर सत्य की जीत का त्योहार  है। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान राम का ननिहाल है। इस वर्ष विजयादशमी पर्व बहुत खास है क्योंकि इस बार भगवान श्री राम भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विजयादशमी पर्व पर हमें काम, क्रोध, लोभ, मद और मत्सर रूपी  मन के रावण का वध करने की जरूरत है।  विश्व मे शांति और भाईचारे की स्थापना के लिए आवश्यक है कि हम अपने अंदर के रावण का वध करें । हमें छत्तीसगढ़ में राम-राज स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विजयादशमी पर्व में सम्मिलित होते हुए दूधाधारी मठ रावण भाठा के दशहरा मैदान के सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित करने के लिए 50 लाख रुपये की राशि प्रदाय करने की घोषणा की। 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रावण भाठा में यह 170 साल पुराना दशहरा मैदान है। यह गौरवशाली और वैभवशाली दशहरा पर्व है जिसे दूधाधारी मठ द्वारा हर वर्ष आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि हम हमारे देश की पुरानी विरासत को सहेजते हुए विकास के पथ पर अग्रसर हों। नौ दिन नवरात्रि पर्व मनाया गया है। माता दुर्गा और प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में खुशहाली लायें। 

असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है दशहरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

13-Oct-2024
रायपुर ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के मैदान में दशहरा पर्व के अवसर पर हजारों की संख्या में जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। हम लोग हर साल रावण का वध करते है, परंतु इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी रावण, जो हमारे मन में है, उसका वध करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि माता कौशल्या की नगरी और भांचा श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में रावण रूपी जो भी बुराई है, उसको हम सब मिलकर दूर करने का संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भगवान श्रीराम के जयकारे के बीच रिमोट का बटन दबाकर रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाथ के विशालकाय पुतले का दहन किया। 
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विजयादशमी पर्व की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीते 53 वर्षों से डब्ल्यूआरएस कालोनी में रावण वध का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इस साल का यह कार्यक्रम हम सब लोगों के लिए विशेष है क्योंकि 500 सालों के बाद छत्तीसगढ़ के भांचा भगवान श्रीराम जो भव्य मंदिर में प्रतिष्ठित हुए है। यह हम सबके लिए गौरव और प्रसन्नता की बात है। 
रावण वध का कार्यक्रम पारंपरिक ढंग आयोजित हुआ। इस मौके पर भगवान राम और रावण की युद्ध गाथा का मंचन हुआ और अंत में रावण के विशालकाय पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर आतिशबाजी और उत्सव का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने रावण दहन के बाद हर्षाेल्लास के साथ एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाई दी।
कार्यक्रम को रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक  कुलदीप सिंह जुनेजा, जयंती भाई पटेल, तोशेन्द्र देव साय, आयोजन समिति के प्रमुख जी.स्वामी, कलेक्टर  गौरव कुमार सिंह, एसएसपी  संतोष सिंह, आयोजन समिति प्रमुख के पदाधिकारीगण सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही सरकार का मुख्य ध्येय: मुख्यमंत्री साय

12-Oct-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बाबा गुरु घासीदास जी की कर्मभूमि एवं गुरु अमरदास जी की तपोभूमि तेलासीपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन मेला कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास एवं गुरु अमरदास जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पूजा-अर्चना कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों क़ी मांग पर तेलासी गुरुद्वारा बाड़ा विकास हेतु 3 करोड़ 18 लाख रुपये देने, मुख्य मंदिर से मुख्य सडक तक सीसी रोड एवं गैतरा मेन रोड से बोहारडीह नाला तक सडक निर्माण, गुरु अमरदास जलाशय का सौंदर्यीकरण तथा अनुसचित जाति छात्रावास तेलासी में 50 अतिरिक्त सीट हेतु भवन निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सत्य की विजय एवं बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन रावण के पुतले का दहन किया जाता है। लेकिन हमें काम, क्रोध, मद, लोभ रूपी बुराई पर विजय प्राप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में छुआछूत और असमानता को दूर करने 18 वीं सदी में बाबा गुरु घासीदास जी अवतरित हुए। उन्होंने दुनिया को मनखे-मनखे एक सामान का सन्देश दिया। हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। समाज में अनपढ़ व्यक्ति भी जीवन जीता है लेकिन शिक्षित और अनपढ़ के जीवन में काफी अंतर होता है। शिक्षित समाज से ही प्रदेश और राष्ट्र का विकास होगा। हमारी सरकार नई राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मोदी जी की गारंटी को लगातार पूरा कर रही है, जिसमें 21 क्विंटल प्रति एकड़ एवं 3100 रुपये में धान खरीदी, किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 18 लाख प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, तेंदूपत्ता खरीदी दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया। महतारी वंदन योजना, रामलाला दर्शन योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि सतनामी समाज में विजयादशमी के दिन गुरु दर्शन की परम्परा है। गुरु के दर्शन से प्रेरणा लेकर सतनामी समाज आगे बढ़ रहा है। समाज शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े, सामजिकजन समाज हित में काम करने भावी पीढ़ी को जागृत करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी का उपदेश समाज को जोड़ने और एकरूपता लाने वाला है। देश में गुरु परम्परा प्रचलित है। गुरुओं के दर्शन से सन्मार्ग मिलता है और सन्मार्ग से ही प्रदेश सुखमय और समृद्ध होगा।
कार्यक्रम को सर्वाेच्च गुरु आसमदास साहेब जांजगीर-चाम्पा सांसद कमलेश जांगड़े, मुंगेली विधायक पुन्नुलाल मोहले ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर दीपक सोनी ने स्वागत भाषण में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्याे एवं नवाचारों की जानकारी दी।
मेधावी छात्रों को सम्मान एवं युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र - 
कार्यक्रम में सतनामी समाज के 12 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया एवं 21 युवाओं को रोजगार हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के 2 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन एवं 3 हितग्राहियों को राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा 10 लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अहिवारा विधयाक  डोमनलाल कोर्सेवाड़ा,पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सनम जांगड़े, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, सतनामी समाज के राजमहंत सहित समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर 12.34 करोड़ श्रम सम्मान राशि भुगतान हेतु आवंटित

11-Oct-2024
रायपुर ( शोर संदेश ) । वनमंत्री केदार कश्यप ने दैनिक वेतन भोगी संगठन के पदाधिकारियों से सौहाद्रपूर्ण माहौल में चर्चा के उपरांत उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके, श्रम सम्मान राशि से वंचित श्रमिकों के लिए राशि आवंटन हेतु आश्वस्त किया था। संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के प्रति त्वरित कार्यवाही करने विभागीय मंत्री को निर्देश दिए थे।
वन मंत्री के निर्देश के परिपालन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा राशि रूपये 12.34 करोड़ श्रम सम्मान राशि भुगतान हेतु आवंटित कर दिये हैं। इसके पूर्व इसी वित्तीय वर्ष में राशि रूपये 09.21 करोड़ आवंटित की गई थी। वर्तमान में वन विभाग में सभी 6100 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रतिमाह राशि 4 हजार रूपये की दर से श्रम सम्मान राशि का भुगतान किया जायेगा। ज्ञातव्य है कि वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारी संघ श्रम सम्मान राशि से वंचित कर्मचारियों के लिए श्रम सम्मान राशि भुगतान करने की मांग वनमंत्री से विगत दिवस की थी। वनमंत्री केदार कश्यप की इस पहल से विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों में हर्ष एवं खुशी का माहौल है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की दी बधाई

11-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी और महानवमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर साय ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा है कि शक्ति की उपासना का महापर्व नवरात्रि पूरे देश में नौ दिनों तक भक्तिभाव से मनाया जाता है। इस दौरान देवी के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन माता शक्ति के आठवें स्वरूप माता महागौरी और नवमी पर देवी सिद्धिदात्रि स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्ति का यह पर्व हमें मातृशक्ति की आराधना और सम्मान की प्रेरणा देता है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि नारी का सम्मान हमारी परम्परा और संस्कृति का हिस्सा होने के साथ ही हमारे मूल्यों में रचा बसा है। इन मूल्यों को जीवंत बनाए रखना हम सबकी महती जिम्मेदारी है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की

10-Oct-2024
रायपुर।( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर 24 स्थित अपने निवास कार्यालय में विधिवत कामकाज की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और बसवराजु  एस. ने उनका नए कार्यालय में स्वागत किया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों का अनुमोदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।
 

मुख्यमंत्री साय ने रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया

10-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा के निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।
साय ने आज गुरुवार सुबह अपने शाेक संदेश में कहा कि रतन टाटा ने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे। उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
 

15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती पर सीएम साय होंगे शामिल

10-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) आदिवासी क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को है। छत्तीसगढ़ सरकार इस दिन एक भव्य कार्यक्रम करने की तैयारी में जोरशोर से जुटी है। खास बात ये है कि इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इस आयोजन के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन को भव्य रूप दिया जा सके। उल्लेखनीय है कि,  पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की थी।
माना जा रहा है कि इसी दौरान साय ने प्रधानमंत्री मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं। मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से मंगलवार की शाम रांची लाया गया। इसके बाद '1099 मुक्तांजलि' शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम बुधवार की सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।
15 नवंबर को क्रांतिकारी बिरसा मुंडा जयंती है। वे भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं, जिन्होंने अपने क्रांतिकारी चिंतन से 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में भारत के झारखंड में आदिवासियों की दशा और दिशा बदलकर नवीन सामाजिक तथा राजनीतिक युग का सूत्रपात किया था। आज भी बिरसा मुंडा को बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ उड़ीसा, और पश्चिम बंगाल में भगवान की तरह पूजा जाता है तथा महान देशभक्तों में उनकी की गिनती की जाती है। बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के एक आदिवासी परिवार में सुगना और करमी के घर हुआ था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से कर्नाटक से पहुंचा मृतक संजय का शव

10-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  कर्नाटक के मंगलुरु में बोट से गिरने के कारण से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तपकरा के ग्राम सूंडरु निवासी संजय की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने त्वरित पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मृतक संजय के परिजनों ने दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शव को उनके गृह स्थान सूंडरु पहुंचाया गया। 
इस कठिन समय में मुख्यमंत्री साय की मदद से परिजनों को संबल मिला। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।
मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से मंगलवार की शाम रांची लाया गया। इसके बाद ’1099 मुक्तांजलि’ शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम बुधवार को सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।

गुरुवार 10 अक्टूबर को होने वाला जनदर्शन स्थगित

09-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 10 अक्टूबर को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।



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