ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: अब बस्तर समेत पूरे प्रदेश को मिलेगी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

04-Sep-2025
रायपुर,शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।
इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव  अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी श्री जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।
यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।
सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।

नवा रायपुर में पावर कंपनियों का संयुक्त मुख्यालय भवन शिलान्यास

03-Sep-2025
रायपुर, ।  शोर संदेश 03 सितंबर 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री  पौधरोपण किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा। नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

















 

मुख्यमंत्री के नवा रायपुर स्थित निवास में 3 सितम्बर को करमा तिहार की छटा बिखरेगी

03-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नवा रायपुर स्थित नवीन शासकीय निवास कार्यालय में 3 सितम्बर को एकादशी करमा तिहार परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। इस आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। करमा तिहार का आयोजन छत्तीसगढ़ कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई टाटीबंध रायपुर द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस आयोजन के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
करमा तिहार के आयोजन में वनमंत्री मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब अति विशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति की संरक्षक  कौशल्या साय, कंवर समाज विकास समिति टाटीबंध रायपुर के प्रदेश अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, अध्यक्ष कंवर समाज महानगर इकाई रायपुर मनोहर सिंह पैकरा, पूर्व राज्यसभा सांसद नंद कुमार साय एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक पैकरा विशिष्ट अतिथि होंगे। 
एकादशी करमा तिहार के कार्यक्रमों का आयोजन मुख्यमंत्री निवास स्थित जनदर्शन चौपाल में संध्या 4 बजे से शुरू होगा। इसके तहत करम डार स्वागत पूजा, करम डार उपासिन पूजा, करम कहानीकार, पारंपरिक सामूहिक करमा नृत्य एवं करमा गीत व रात्रि जागरण एवं करम डार विसर्जन पूजा के कार्यक्रम होंगे। 





 

दिल्ली में मुख्यमंत्री साय की अमित शाह से मुलाकात, नक्सल उन्मूलन पर चर्चा

03-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान एवं विकास कार्यों से संबंधित जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक सुरक्षा बलों की आक्रामक रणनीति के परिणामस्वरूप 453 माओवादी न्यूट्रलाइज हुए हैं, 1616 गिरफ्तार किए गए हैं और 1666 ने आत्मसमर्पण किया है। इस अवधि में 65 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। सड़क, पुल-पुलिया और मोबाइल नेटवर्क जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने बस्तर में आई बाढ़ और चल रहे राहत कार्यों की जानकारी भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दी। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार तक मदद पहुंचाना और उनका पुनर्वास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में नक्सल उन्मूलन के साथ ही विकास और शांति की स्थापना के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










 

आदि कर्मयोगी अभियान : जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल

03-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश देश की आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब किसी सरकार ने जनजातीय समाज के जीवन स्तर को उपर उठाने के लिए देशव्यापी अभियान छेड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार जैसे मूलभुत सुविधाओं से जोड़ने और इनका लाभ दिलाने के लिए आदि कर्मयोगी अभियान की शुरूआत की है। यह अभियान देशभर के 30 राज्यों में संचालित किया जा रहा है। यह अभियान देश भर के 550 से ज्यादा जिलों और 1 लाख से अधिक आदिवासी बहुल गांवों में बदलाव के लिए काम करेगी। 
बता दें कि जब भारत 2047 में अपनी आज़ादी के 100 वर्ष पूरा करेगा। उस समय तक विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए यह जरूरी है कि समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। आदिवासी समाज को आगे बढ़ाए बिना यह सपना अधूरा रहेगा। आदि कर्मयोगी अभियान इस अंतर को भरने के लिए एक ठोस कदम है। यह अभियान शासन और समाज के बीच की दूरी को कम करेगा, पारदर्शिता लाएगा और योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अभियान को सेवा पर्व का रूप दिया है। उनका कहना है कि यह केवल योजनाओं की जानकारी देने का प्रयास नहीं, बल्कि समाज और शासन को जोड़ने वाला पुल है। छत्तीसगढ़ में इस अभियान के लिए वृहद स्तर पर आदिकर्म योगियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये कर्मयोगी जनजातीय परिवारों से घर-घर संपर्क कर उनकी आवश्यकताओं और जरूरतों को समझेंगे तथा केंद्र और राज्य सरकार  की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेंगे, राज्य और जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। राज्य सरकार के सभी विभागों के अधिकारी इस कार्य में संवेदनशीलता के साथ सीधे जुड़ेंगे।
आदिकर्मयोगी अभियान का महत्व राष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी है क्योंकि भारत की जनजातीय आबादी लगभग 10 करोड़ से अधिक है। इतने बड़े समुदाय को मुख्यधारा में लाए बिना 2047 तक विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा। यह अभियान प्रधानमंत्री की उस सोच से जुड़ा है, जिसमें हर क्षेत्र, हर समाज और हर नागरिक को विकसित भारत” की यात्रा में समान अवसर देना है। भारत का विकास केवल शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह सकता। एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र वही कहलाएगा, जहाँ समाज के हर तबके को समान अवसर मिले और उसकी संस्कृति को उचित सम्मान दिया जाए। इसी सोच को मूर्त रूप ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के जरिए दिया जा रहा है। यह वस्तुतः जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।
छत्तीसगढ़ देश का वह राज्य है जहाँ सर्वाधिक जनजातीय जनसंख्या निवास करती है। इसीलिए इस अभियान का यहां विशेष महत्व है। आदिवासी समाज की असली चुनौती यही रही है कि अनेक योजनाएँ होते हुए भी उनकी जानकारी और लाभ ज़रूरतमंदों तक समय पर नहीं पहुँच पाते। ऐसे में लाखों कर्मयोगी स्वयंसेवक योजना और समाज के बीच सेतु बन सकेंगे। यह अभियान राज्य के 28 जिलों और 138 विकासखंडों के 6 हजार 650 गांवों में 1 लाख 33 हजार से अधिक वालंटियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में यह अभियान 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक पूरे राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाया जाएगा। 
आदिम जाति कल्याण मंत्री राम विचार नेताम में अधिकारियों को पंचायतों में आदि सेवा केंद्र स्थापित करने और जनजातीय परिवारों को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति, रोजगार, कौशल विकास जैसी सुविधाओं के लिए मार्गदर्शन और योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि इस अभियान को सेवा पर्व के रूप में मनाया जाए और जनजातीय योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने का ठोस प्रयास किया जाए।
आदि कर्मयोगी अभियान के पीछे एक गहरी सामाजिक सोच है। जब कोई स्थानीय युवा, महिला या स्वयंसेवक अपने ही गाँव में जाकर योजनाओं की जानकारी देता है, तो लोग उस पर भरोसा करते हैं और यह विश्वास ही बदलाव की असली ताकत है। अभियान का असर शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर आजीविका तक हर क्षेत्र में दिखेगा। जब एक वालंटियर किसी परिवार को यह बताता है कि उनकी बेटी को छात्रवृत्ति मिल सकती है, या बुजुर्ग को पेंशन का हक़ है, तो यह केवल सूचना नहीं होती, बल्कि उस परिवार की ज़िंदगी बदलने वाला अवसर होता है।

विक्रम’ प्रोसेसर लॉन्च : स्वर्णिम भारत की नई तकनीकी पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

03-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप आज भारत ने तकनीक के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। Semicon India 2025 सम्मेलन में देश का पहला स्वदेशी 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर ‘विक्रम’ लॉन्च किया गया है। यह उपलब्धि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और नवाचार क्षमता का सशक्त प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘विक्रम’ प्रोसेसर का निर्माण पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। यह प्रोसेसर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के स्पेस लॉन्च व्हीकल्स के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इससे न केवल भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को मजबूती मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का परिचय देगा।
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत ने अर्धचालक निर्माण (Semiconductor Manufacturing) के क्षेत्र में जिस तीव्रता से प्रगति की है, वह विकसित भारत की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि भारत की युवा इंजीनियरिंग प्रतिभा और वैज्ञानिक समुदाय की मेहनत का भी परिणाम है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर का निर्माण यह संदेश देता है कि भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता और वैश्विक तकनीकी नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को यह सफलता और अधिक गति प्रदान करेगी। स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान बल्कि रक्षा, संचार और अन्य उच्च तकनीकी क्षेत्रों में भी उपयोगी सिद्ध होगा। यह भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव जी को हार्दिक बधाई और अभिनंदन दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता स्वर्णिम भारत की नई पहचान है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
















 

जापान और दक्षिण कोरिया के सफल विदेश दौरे से वापस लौटे मुख्यमंत्री

31-Aug-2025
रायपुर ( शोर संदेश )।  31अगस्त 2025 अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं। साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं। 
इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे - मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे। 
जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति - 
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है। 
ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी -
 मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली। 
पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल -
मुख्यमंत्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

 


रायपुर में राष्ट्रीय कार्यशाला: शिक्षा में मेंटरशिप पर मंथन

29-Aug-2025
रायपुर।  शोर संदेश ) नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में Fostering Mentorship in Education: A Pathway to Equity विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की भावना को मूर्त रूप देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मेंटरशिप की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श कर राष्ट्रीय फ्रेमवर्क बनाना है। विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और हितधारकों ने शिक्षा में समानता लाने, ड्रॉपआउट दर घटाने और युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए अपने अनुभव साझा किए। 
मेंटॉरशिप युवाओं को सशक्त करने की कुंजी है”: ओ. पी. चौधरी
विशेष अतिथि के रूप में वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा में समानता और सशक्तिकरण की दिशा में मेंटरशिप की भूमिका निर्णायक है। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। यह साझा राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने का अवसर है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनसांख्यिकीय ताकत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की औसत आयु 28 वर्ष है, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु मात्र 24 वर्ष है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, हमें युवाओं को अर्थव्यवस्था से जोड़ना होगा, ताकि वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दे सकें।
वित्त मंत्री चौधरी ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए  कहा कि मैंने गांव के सरकारी स्कूल में 10वीं और 12वीं तक पढ़ाई की, जहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। 17 वर्षों की औपचारिक शिक्षा के बाद भी अनेक युवाओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि जीवन में आगे क्या करना है। कैरियर गाइडेंस और मेंटरशिप इस कमी को दूर कर सकती है। उन्होंने स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्र के बच्चों के जीवन का जुड़ाव जंगलों और झरनों से है। उन्हें इसी के अनुरूप अक्षर ज्ञान देना चाहिए। एनईपी 2020 का स्थानीय बोलियों पर फोकस सही दिशा है।
वित्त मंत्री ने सरकारी स्कूलों की चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि समुदाय की भागीदारी घट रही है, हमें नवोदय विद्यालय जैसे मॉडल अपनाने होंगे। नीति आयोग को देशभर की इनोवेटिव प्रैक्टिस को साझा प्लेटफॉर्म पर लाना चाहिए, ताकि शिक्षा में समानता सुनिश्चित की जा सके।
हर बच्चे को मेंटरशिप मिलना उसका अधिकार है: डॉ. वी. के. पॉल
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का आधार है और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रॉपआउट दरों को साझा करते हुए बताया कि  प्राथमिक स्कूलों में 93 प्रतिशत नामांकन है, लेकिन अपर प्राइमरी में तीन प्रतिशत बच्चे छूट जाते हैं। सेकेंडरी स्तर पर केवल 56 प्रतिशत और 12वीं कक्षा तक मात्र 23 प्रतिशत छात्र ही पहुंचते हैं। 2019 से 2023 तक केंद्रीय विश्वविद्यालयों से 15,000 ओबीसी, एससी, एसटी छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी, जबकि आईआईटी और आईआईएम से 4,000 से अधिक छात्र बाहर हुए। यह व्यक्तिगत ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षति भी है। 
डॉ. पॉल ने कहा कि मेंटरशिप से छात्रों को व्यक्तिगत मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और जीवन कौशल मिलते हैं। हमें शिक्षकों का माइंडसेट बदलना होगा, छात्रों को सशक्त बनाना होगा और तकनीक के माध्यम से सीधी पहुँच सुनिश्चित करनी होगी। विषाक्त वातावरण और नशे जैसी समस्याएं ड्रॉपआउट को बढ़ाती हैं। हर बच्चे को ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होकर चुनौतियों का सामना करने का अवसर मिलना चाहिए, यह उसका मानवाधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारा देश मानव-केंद्रित दर्शन से समृद्ध है। हमें ऐसा सिस्टम बनाना होगा, जिसमें हर बच्चे को मेंटरशिप मिले, हमें एनईपी 2020 यही रास्ता दिखाती है। 
कार्यशाला में योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नीति आयोग के संयुक्त सचिव  के. एस. रेजिमोन, नीति आयोग के फेलो डॉ. आई. वी. सुब्बा राव, आईएएस (सेवानिवृत्त), राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा तथा नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार, सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।













 

आयुष्मान भारत से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मानवीय पहल

29-Aug-2025
रायपुर। शोर संदेश )  जीवन में किसी एक सदस्य की गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। इलाज के खर्चे जब लाखों में पहुँच जाते हैं तो आमजन के लिए यह बोझ असहनीय हो जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना बड़ी राहत देती है, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है, लेकिन जब बीमारी का खर्च इस सीमा से भी अधिक हो जाता है, तब मरीज और परिवार चिंता में घिर जाते हैं। इसी विकट परिस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदनशील पहल करते हुए मदद का हाथ आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के 72 गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए 2 करोड़ 85 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि सीधे संबंधित अस्पताल के बैंक खाते में चेक या एनईएफटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।
इस राशि से मरीजों को कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट जैसे जटिल व महंगे उपचार कराने में मदद मिली। समय पर सहायता पहुँचने से मरीजों का जीवन सुरक्षित हो सका और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत मिली। मरीजों और परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस कदम के लिए आभार जताया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है। आवेदन पत्र सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। इसके साथ मरीज का आधार कार्ड,बीमारी से संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेज,जिस अस्पताल में उपचार कराया जाना है, वहां से जारी प्राकलन (स्टिमेट) रिपोर्ट देना जरूरी  है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

सियोल में KITA से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अहम मुलाकात

28-Aug-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account