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जनप्रतिनिधि

धर्म और देश की रक्षा हेतु गुरु तेगबहादुर जी का सर्वोच्च बलिदान : मुख्यमंत्री साय

21-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु  तेगबहादुर सिंह जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर सिंह जी ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। यह हमारा सौभाग्य है कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर आयोजित कीर्तन यात्रा का दर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए बड़े सौभाग्य और गर्व का विषय है। आज हम नगर कीर्तन यात्रा के दर्शन कर रहे हैं, जो गुरु तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर असम के गुरुद्वारा धुबरी साहिब से प्रारंभ होकर देश के अनेक स्थानों से होते हुए छत्तीसगढ़ पहुँची है। लगभग 10 हजार किलोमीटर की यात्रा तय कर यह नगर कीर्तन यहां पहुँचा है। हमारे प्रदेशवासियों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण और पुण्य अवसर है कि हमें इस यात्रा का स्वागत करने और इसमें भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु तेगबहादुर जी की शहादत के बारे में हम सभी भलीभांति जानते हैं। वे मुगलों के सामने कभी नहीं झुके और अपने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। आज भी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब गुरु तेगबहादुर जी की शहादत का अमर प्रतीक है। हम गुरु तेगबहादुर जी को नमन करते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत भी अद्वितीय है। साहिबजादों ने मुगलों के सामने झुकने के बजाय धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने साहिबजादों की इस वीरता को नमन करते हुए हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वीर बाल दिवस को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, बलदेव सिंह भाटिया, गुरचरण होरा, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में सिख धर्म के अनुयायी एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

जशपुर को विकास की नई सौगात : सीसरिंगा–महलंग–सहसपुर सड़क को 6.91 करोड़ की मंजूरी

21-Sep-2025
रायपुर ।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच और विकास के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि जशपुर जिले को एक और बड़ा तोहफ़ा मिला है। राज्य सरकार ने सीसरिंगा से महलंग होकर सहसपुर तक 6.5 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
बरसात में कीचड़ भरे रास्ते और गर्मियों में धूल से परेशान ग्रामीणों को अब सुविधा और सुरक्षित परिवहन की सौगात मिलेगी। स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को होने वाली समस्याएं काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी। नई सड़क के बनने से क्षेत्र में सुगम आवागमन एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। किसानों की फसलें और ग्रामीण उत्पाद अब तेजी से बाजार तक पहुंच पाएंगे। इसके साथ ही व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। राज्य शासन के द्वारा दी गई इस स्वीकृति से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में खुशी की लहर है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस सड़क से विकास की गति तेज होगी और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धेय शांताराम सर्राफ को दी श्रद्धांजलि

20-Sep-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शु्क्रवार को राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित शांता राम सर्राफ जी की श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री साय ने शांता राम सर्राफ जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख को  सहन करने की शक्ति प्रदान करे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव एवं  विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, दयालदास बघेल,श्याम बिहारी जायसवाल,गजेन्द्र यादव, टंकराम वर्मा, लक्ष्मी रजवाड़े सहित अन्य गणमान्यजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।









 

नक्सल प्रभावित गांवों में लौट रही बसाहट, आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिल रहा रोजगार

20-Sep-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को सुदर्शन चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में साक्षात्कार के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को समाप्त करना, लोगों का विश्वास जीतना और विकास की दिशा में आगे बढ़ना हमारी सरकार के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस उद्देश्य को धरातल पर उतारने के लिए नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का कार्य कर रही है। अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अनेक गांव पुनः आबाद हो चुके हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। नक्सलियों की गतिविधियों से निर्दोष लोगों की मौत हो रही थी, आम लोगों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। हमारी सरकार ने नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। सरकार बनने के बाद ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर नक्सलवाद को समाप्त करने का प्रयास जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बस्तर के लोगों को मिल रहा है। वनांचल में तेंदूपत्ता खरीदी का कार्य सहकारी समितियों के माध्यम से किया जा रहा है। नक्सलवादी विचारधारा से लोगों को बाहर निकालकर विकास की धारा में जोड़ने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार लोग शामिल हुए, जिससे यह साबित हुआ कि बस्तरवासी विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा के बारे में बताया कि यह यात्रा अत्यंत सफल रही। जापान में छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से 24 से 31 अगस्त तक हमें राज्य की कला, संस्कृति और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है और उन्हें नई उद्योग नीति से भी अवगत कराया गया है। नई उद्योग नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावनाएँ हैं। यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा उपलब्ध है। आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में भी यहाँ विशाल संभावनाएँ हैं क्योंकि राज्य का लगभग 44 प्रतिशत हिस्सा वनों से आच्छादित है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ वनांचलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विकास हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हो चुकी है।
मुख्यमंत्री साय ने लोगों से आग्रह किया कि गायों को लावारिस न छोड़ा जाए। लावारिस पशुओं के कारण सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। गौवंश की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोचर भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
विकसित भारत के संकल्प के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है। यह संकल्प सबकी सहभागिता से ही पूरा होगा और इसे साकार करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ ही अंजोर विजन-2047 (छत्तीसगढ़ विजन) डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य के सर्वांगीण विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में सहयोग करना चाहिए।













 

जनता के स्वास्थ्य हित में बड़ा फैसला: एनएचएम कर्मचारी कल से लौटेंगे काम पर

20-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगें पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस लिए जाने के निर्णय से उन्हें अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कल से प्रदेशभर में एनएचएम कर्मचारी काम पर लौटेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों द्वारा हड़ताल समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय और राज्यहित में उठाया गया कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर कर्मचारी को अपने परिवार का हिस्सा मानती है और उनकी जायज़ मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा कि जनता का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार ने सदैव इस दिशा में ठोस पहल की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों के इस निर्णय से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएँ और मज़बूत होंगी तथा जनता को उत्कृष्ट और सुलभ चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ एक और बेहतर, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होगा।
उल्लेखनीय है कि एनएचएम कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे। राज्य सरकार ने इनमें से चार मांगों को पूरा कर दिया है। तीन अन्य मांगों पर समिति गठित कर कार्यवाही प्रारंभ की गई है, जबकि संविलयन, पब्लिक हेल्थ केडर और आरक्षण संबंधी मांगों पर भारत सरकार से निर्णय लिया जाना है।
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर हड़ताल समाप्त होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य का प्रत्येक कर्मचारी परिवार का सदस्य है और एनएचएम कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर राज्यहित में सराहनीय निर्णय लिया है।
इस अवसर पर विधायक किरण देव, छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ से डॉ अमित मिरी, डॉ रविशंकर दीक्षित, पूरन दास, कौशलेश तिवारी, हेमंत सिन्हा, दिनेश चंद्र, संतोष चंदेल, प्रफुल्ल पाल, डॉ देवकांत चतुर्वेदी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

सूरजपुर की 75 पंचायतें बनीं ‘बाल विवाह मुक्त’, छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास

19-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 75वें जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। सूरजपुर जिले की 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत” घोषित किया गया है। विगत दो वर्षों में इन पंचायतों में बाल विवाह का एक भी प्रकरण दर्ज न होने के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई।
इस उपलब्धि के पीछे राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की सतत पहल, सक्रिय मार्गदर्शन और नेतृत्व को निर्णायक माना जा रहा है।उनके नेतृत्व में विभाग ने गाँव-गाँव तक जागरूकता अभियान चलाया, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को सक्रिय किया तथा समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की।
राजवाड़े ने कहा, कि सूरजपुर जिले की यह पहल केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का कार्य करेगी। प्रधानमंत्री जी के अमृत महोत्सव वर्ष में यह उपलब्धि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त संदेश है।
सामुदायिक भागीदारी की सराहना
जिला प्रशासन ने इस पहल की सफलता में महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय की संयुक्त भूमिका की सराहना की। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सुनिश्चित हुआ कि शिक्षा और जागरूकता को प्राथमिकता मिले और कोई भी बाल विवाह न हो।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” की शुरुआत हुई थी। यह अभियान यूनिसेफ के सहयोग से और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।राज्य सरकार ने बाल विवाह उन्मूलन को सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में रखा है और विभाग लगातार जनजागरूकता, निगरानी और सामाजिक सहभागिता को मजबूत कर रहा है।
सूरजपुर की इस सफलता से प्रेरित होकर अब छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी पंचायतों और नगरीय निकायों को “बाल विवाह मुक्त” घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन जिलों में विगत दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, वहां शीघ्र ही प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।














 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया श्रम विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन, श्रमिकों को मिला बड़ा लाभ

18-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बु्धवार को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में श्रम विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती और विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग द्वारा 12 से 19 सितम्बर तक प्रदेश के सभी जिलों में 55 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क दवा वितरण, श्रमिक पंजीयन और नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निर्माण श्रमिकों के कौशल उन्नयन के लिए महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव जिलों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। अन्य जिलों में भी श्रमिकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासम्मेलन स्थल पर श्रमिकों के लिए सुरक्षा संबंधी सामग्री और विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। वहीं श्रम कल्याण मंडल द्वारा श्रमिकों को निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया।
श्रमिक महासम्मेलन में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत श्रमिकों को करोड़ों रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के तहत 1.77 लाख से अधिक श्रमिकों को 58.32 करोड़ रुपये, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के तहत 3,839 श्रमिकों को 4.77 करोड़ रुपये तथा श्रम कल्याण मंडल के तहत 3,332 श्रमिकों को 2.06 करोड़ रुपये की सहायता राशि हितग्राहियों के खातों में सीधे अंतरित की गई। इसमें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, सिलाई मशीन सहायता योजना और सायकल सहायता योजना सहित कई कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत राशि सीधे श्रमिकों के खातों में जमा की गई।

मुख्यमंत्री साय की सौगात : ईब नदी पर बनेगा उच्च स्तरीय पुल, फरसाबहार को मिलेगा नया संपर्क मार्ग

17-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती जा रही है। जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धौरासांड से दाईजबहार मार्ग पर ईब नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 9 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय मंजूरी प्रदान की है। यह निर्माण कार्य निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। पुल बन जाने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षों बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही।
मिलेगी आवागमन की बड़ी सुविधा
इस उच्च स्तरीय पुल के निर्माण के बाद फरसाबहार क्षेत्र के दाईजबहार, बरकशपाली, साजबहार, बामहनमारा, तपकरा से धौरासांड, खुटगांव, बनगांव, हेटघिंचा और तुबा जैसे गांवों की दूरी काफी कम हो जाएगी। ग्रामीणों को अब लंबी दूरी का आवागमन नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की भी बचत होगी।
ओडिशा और झारखंड राज्य से होगा सीधा संपर्क
 ईब नदी पर बनने वाला यह उच्च स्तरीय पुल केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। यह मार्ग छत्तीसगढ़ को सीधे ओडिशा और झारखंड राज्यों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग बन जाएगा, इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार
फरसाबहार क्षेत्र के ग्रामीणों ने ईब नदी में पुल निर्माण की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह पुल न केवल उनके जीवन को आसान बनाएगा बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।



 

जशपुर में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा : जिला प्रशासन और विज्ञान भारती में एमओयू

14-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) ।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में शनिवार को जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य जिले के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना तथा उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जोड़ना है। इस पहल के अंतर्गत विद्यालयों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न अभिनव कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्सुकता और जिज्ञासा को नए आयाम मिलेंगे तथा शिक्षा का स्वरूप अधिक व्यावहारिक और प्रयोगशील बनेगा।
उल्लेखनीय है कि विज्ञान भारती पूर्व से ही जिले में कई गतिविधियों में सहयोग कर रही है। इनमें “स्पेस ऑन व्हील” कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान का अनुभव कराना, विज्ञान क्लबों की स्थापना द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासा और नवाचार को बढ़ावा देना तथा विद्यार्थी विज्ञान मंथन जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करना शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह समझौता जिले के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोलेगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लैस नई पीढ़ी ही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञाननिष्ठ समाज की नींव रखेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और विज्ञान को समाज में परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन मानती है और इस दिशा में सभी प्रयासों को प्रोत्साहन देती रहेगी। जशपुर जिला प्रशासन एवं विज्ञान भारती का यह संयुक्त प्रयास न केवल विद्यालयीन शिक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार की दुनिया में नई उड़ान भी देगा। इस साझेदारी से जशपुर जिले में शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा तथा आने वाली पीढ़ी विज्ञान और प्रौद्योगिकी की रोशनी से अपने भविष्य को और अधिक सशक्त बना सकेगी।

 


मुख्यमंत्री ने तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का किया शुभारंभ

13-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे। पिछले 20 महीनों में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया है।
मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दंत चिकित्सा और दांतों की देखभाल से जुड़े उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बनने के पहले दिन से ही हमने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है, साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के साथ ही हम प्रगति की भी बात कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पान मसाला, गुटखा और तंबाकू की वजह से मुँह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि  दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में दंत चिकित्सकों की अहम भूमिका है।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएँ।
उन्होंने भावुक होकर अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि 1999 में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उस समय एम्स दिल्ली पर पूरे देश के मरीजों का दबाव था। तब हमने संसद में निवेदन किया था कि छत्तीसगढ़ में भी एम्स की स्थापना हो। सौभाग्य से 1 नवम्बर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया और 10 मिशन बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में हम पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है, मेहनतकश किसान और परिश्रमी जनता इसकी असली ताकत हैं। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश 2047 तक अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा।
जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जीएसटी के स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप किया गया है। इससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा व्यावसायिक गतिविधियाँ सरल होंगी। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाता है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि “मानव की मुस्कान सबसे कीमती है और उसे सुरक्षित रखने व सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दंत चिकित्सक मुँह और दाँत से जुड़ी बीमारियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उनके उपचार की दिशा में नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और नक्सल प्रभावित व दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और यह हमारे प्रयासों का प्रमाण है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के साथ अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे। इसके अलावा बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है।
कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेंटल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. राजीव सिंह, कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. वैभव तिवारी सहित बड़ी संख्या में देशभर से आए दंत चिकित्सक उपस्थित रहे।
 


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