ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

2026 तक नक्सलवाद का खात्मा डबल इंजन सरकार का संकल्प – मुख्यमंत्री साय

25-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 और नियद नेल्ला नार योजना ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर अंचल में नया विश्वास जगाया है। माओवादी हिंसा के झूठे नारों से भटके लोग अब विकास और शांति की राह चुन रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर संभाग में चलाए जा रहे पूना मारगेम अभियान तथा दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर हाल ही में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 30 नक्सलियों पर 50 हजार से 8 लाख रुपये तक का कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पण हमारी नीतियों की प्रभावशीलता और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर जीवन की शुरुआत के लिए 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और भरोसेमंद वातावरण के कारण अब तक 1770 से अधिक माओवादी मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। डबल इंजन की सरकार का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और आत्मसमर्पित साथियों को सम्मानजनक पुनर्वास एवं बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब बस्तर बदल रहा है और नक्सलवाद का अंधियारा छंट रहा है। यह परिवर्तन बस्तर के उज्ज्वल भविष्य और शांति की ओर बढ़ते कदमों का सशक्त संकेत है।
 

जीएसटी बचत उत्सव: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर बाजार में किया पैदल भ्रमण

24-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश )। नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की।
बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने शारदा चौक स्थित शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।
इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है।मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।
जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।
मुख्यमंत्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।
मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।
मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा।  यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अमित  चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘मनरेगा दर्पण’ का शुभारंभ, पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

24-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को धमतरी जिले के करेली बड़ी गांव में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम में मनरेगा दर्पण नागरिक सूचना पटल का विधिवत शुभारंभ‘ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मनरेगा दर्पण से आम जनता को मनरेगा कार्यों की पूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मनरेगा दर्पण छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल है, जो न केवल पारदर्शिता की नई मिसाल है बल्कि हर ग्रामीण को योजनाओं से सीधे जोड़ने का माध्यम भी है। क्यूआर कोड और जीआईएस तकनीक आधारित यह कदम गांवों में डिजिटल सशक्तिकरण और सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। 
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल क्रांति की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में नागरिक सूचना पटल लगाए गए हैं। इन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी ग्रामीण पिछले तीन वर्षों में किए गए कार्यों का विवरण, व्यय की जानकारी और प्रगति रिपोर्ट देख सकता है।
इस प्रणाली से अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा के तहत उसके इलाके में कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए हैं, कितनी राशि खर्च हुई है और काम की वर्तमान स्थिति क्या है। फाईल और दस्तावेज हटकर अब हर सूचना मोबाइल पर उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीणों को जानकारी के लिए किसी कार्यालय या अधिकारी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मनरेगा दर्पण पोर्टल और सूचना पटल के माध्यम से सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। इससे योजनाओं पर अनावश्यक भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनता खुद निगरानी कर पाएगी। इस पहल से ग्रामीणों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। पारदर्शी व्यवस्था से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा बल्कि ग्रामीणों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चन्द्राकर, सचिव निहारिका बारिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।




 

 


धमतरी के कुरूद विधानसभा क्षेत्र को मिला विकास का महा-उपहार

23-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 77 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री कराम वर्मा, लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, धमतरी नगर निगम के महापौर रामू रोहरा पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक अजय चन्द्राकर सहित सचिव निहारिका बारीक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे।
महिला सशक्तिकरण - नए भवनों का शिलान्यास 
साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे।
औद्योगिक विकास
ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
शिक्षा एवं कौशल विकास
मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया। साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे।
सड़क और अधोसंरचना
मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी। 
स्वास्थ्य सुविधाएँ
मुख्यमंत्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी।
पेयजल एवं सिंचाई
साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।
विज्ञान एवं पर्यटन
मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा।
सामाजिक विकास
आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

छत्तीसगढ़ को महिला केंद्रित विकास का मॉडल बनाएंगे महतारी सदन : सीएम साय

23-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक अजय चन्द्राकर सहित सचिव निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौलश्री का पौधा भी रोपा। 
मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।














 

व्यापार ही नहीं, सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी है अग्रवाल समाज : मुख्यमंत्री

23-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में भगवान अग्रसेन जयंती के अवसर पर अग्रवाल महासभा द्वारा आयोजित “अग्रसेन जयंती महोत्सव 2025” समारोह में शामिल हुए। उन्होंने भगवान अग्रसेन की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों तथा प्रतिभाशाली बच्चों को मुख्य मंच से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्रवाल समाज की दानशीलता की परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और परोपकार के लिए अग्रवाल समाज हमेशा ही अग्रणी रहा है। समाज व्यापार एवं व्यवसाय से जुड़ा हुआ है, जो कठिन परिश्रम और लगन से कार्य करते हुए निरंतर मानवता की सेवा में जुटा रहता है। अग्रवाल समाज को व्यापारिक कुशलता के लिए जाना जाता है, लेकिन आज यह समाज सामाजिक कार्यों में भी उतना ही अग्रणी है और अपने सेवा कार्यों के माध्यम से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने 21 महीनों में प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के अंतर्गत अधिकांश वादों को पूरा किया है। हमारी सरकार ने व्यापार और संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में कार्य किया है। हमने नई औद्योगिक नीति अपनाई है, जो सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि आज बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। आज से ही प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की शुरुआत हुई है। इस प्रकार आज एक साथ अनेक उत्सवों का संगम हो रहा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कल राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों से धूमधाम से जीएसटी बचत उत्सव मनाने की अपील की थी। जीएसटी में किए गए ये सुधार व्यापारी बंधुओं की मांग और उनके सुझावों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। इससे न केवल कारोबारियों को, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब जीएसटी के चार स्लैब की जगह केवल दो स्लैब रह जाने से कर संबंधी जटिलताएँ कम होंगी। इससे व्यापारी जहां अपना व्यापार सरलता से कर सकेंगे, वहीं प्रक्रिया सहज होने से उन्हें टैक्स देने में भी आसानी होगी। इससे राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप 2047 में विकसित भारत के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को पाने में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने सभी को शारदीय नवरात्रि और अग्रसेन जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस मौके पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लगभग 5000 वर्ष पूर्व महाराज अग्रसेन का अवतरण हुआ था। उन्होंने वैश्य धर्म को अपनाया और बलि प्रथा का अंत कर समाज सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज समाज को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने की आवश्यकता है। शिक्षा और स्वास्थ्य से ही विकसित समाज का निर्माण होगा और विकसित समाज से ही विकसित राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने भी सभी स्वजन बंधुओं को शारदीय नवरात्रि और अग्रसेन जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर सीआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, समाज अध्यक्ष विजय अग्रवाल सहित समाज के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय करेंगे 51 महतारी सदनों का लोकार्पण

23-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 23 सितम्बर को धमतरी जिले के ग्राम करेलीबड़ी में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण कार्यक्रम मेें 51 महतारी सदनों को मातृशक्ति को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धमतरी जिले को 245 करोड़ 80 लाख की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री राम विचार नेताम, मंत्री टंकराम वर्मा अतिविशिष्ट अतिथि होंगे। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी एवं भोजराज नाग, विधायक अजय चन्द्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा, जनपद अध्यक्ष विरेन्द्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। 
करेलीबड़ी धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र का गांव है। धमतरी जिले में महतारी सदन निर्माण योजना के अंतर्गत 4 महतारी सदनों का निर्माण क्रमशः ग्राम पंचायत भेंड्री, मेधा, खरेंगा और करेलीबड़ी में कराया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने, सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में महतारी सदन का निर्माण कराया जा रहा है।
महतारी सदन निर्माण की इस योजना के तहत प्रथम चरण में वर्ष 2024-25 अंतर्गत कुल 202 महतारी सदन के लिए कुल 50 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। लगभग 2500 वर्गफीट में निर्मित होने वाले प्रत्येक महतारी सदन की लागत 24.70 लाख रूपए है, जिससे प्रत्येक महतारी सदन में एक हॉल, कमरा, किचन, स्टोर, दुकान, बाउड्रीवाल, प्रसाधन एवं बोरवेल का निर्माण कराया गया है। 
महतारी सदन के लोकार्पण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य की महिला स्व-सहायता समूह की 2 लाख सदस्य महिलाएं वर्चुअल रूप से शामिल होंगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य में ग्राम पंचायतों महतारी सदन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य में द्वितीय चरण में वर्ष 2025-26 अंतर्गत कुल 166 महतारी सदन के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 50 करोड़ रूपए की मंजूरी दी गई है। द्वितीय चरण में निर्मित होने वाले प्रत्येक महतारी सदन की लागत 30 लाख रूपए है।

प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से मिला माहरा समाज को एससी का दर्जा : मुख्यमंत्री

22-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को जगदलपुर के गुरु गोविंद सिंह वार्ड में एक करोड़ 63 लाख रुपए की लागत से निर्मित माहरा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय का पारंपरिक मोहरी बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया। माहरा समाज के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री साय को पारंपरिक माहरा पाटा पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री साय ने फीता काटकर भवन का विधिवत उद्घाटन किया और इस ऐतिहासिक क्षण में आमंत्रण एवं आत्मीय स्वागत के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में माहरा समाज के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि जगदलपुर की स्थापना जगतू माहरा तथा धरमपुरा की स्थापना धरमू माहरा द्वारा की गई थी। उन्होंने भूमकाल जैसे आंदोलनों में समाज की सक्रिय भूमिका और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध संघर्ष को विशेष रूप से रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से माहरा समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है। इस ऐतिहासिक निर्णय से समाज के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़े अवसर प्राप्त होंगे और उनका भविष्य उज्ज्वल होगा।
मुख्यमंत्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मुख्य लक्ष्य गरीबों का कल्याण और किसानों का आर्थिक विकास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है। किसानों से 21 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदा जा रहा है, जिसके लिए 3100 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को नौकरी मिले और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लिए तेजी से कार्य कर रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में  सड़कों का निर्माण, बिजली की आपूर्ति और मोबाइल टावरों की स्थापना जैसे विकास कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें और लोगों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ जनहितकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में नियद नेल्लानार योजना दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो रही है।
कार्यक्रम में  माहरा समाज के संभाग अध्यक्ष राजू बघेल ने स्वागत उद्बोधन दिया। शांति नाग ने प्रतिवेदन का वाचन किया तथा समाज के संरक्षक बिच्चेम पोंदी ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, छत्तीसगढ़ बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, महापौर संजय पांडे, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक महेश गागड़ा, लच्छूराम कश्यप, बैदूराम कश्यप, सुभाऊ कश्यप, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, माहरा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

 

धरती आबा ग्राम उत्कर्ष और प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी क्षेत्रों में बहेगी विकास की गंगा : मुख्यमंत्री साय

22-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए कटिबद्ध है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आदिवासी बहुल गांवों के विकास में किसी प्रकार की कमी न हो, धन की कोई समस्या न हो—इस दृष्टि से धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना शुरू की है। इस योजना के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना प्रारंभ की गई है, जिससे इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन सभी सार्थक प्रयासों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी और हमारे जनजातीय समुदाय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के संभाग स्तरीय नुआखाई मिलन समारोह और नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर उन्होंने धुरवा समाज हेतु 05 स्थानों पर पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए की लागत से डोम निर्माण के लिए कुल 75 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही, धुरवा समाज के 36 सरपंचों द्वारा ग्राम पंचायतों के विकास हेतु प्रस्तुत प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतीकात्मक गुड़ी में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना की और धुरवा समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन "ओलेख" का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धुरवा समाज के वीर नायक शहीद गुंडाधुर को नमन करते हुए कहा कि आज का यह ऐतिहासिक नुआखाई मिलन समारोह हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का संवाहक है। यह हमारे जनजातीय समाज की महान परंपरा है कि हम किसी भी अनाज या फल को ग्रहण करने से पूर्व अपने देवी-देवताओं की पूजा कर उन्हें अर्पित करते हैं और फिर ग्रहण करते हैं। यह परंपरा आज भी कायम है और आने वाली पीढ़ियों तक इसे बनाए रखा जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज को सामाजिक भवन "ओलेख" के लोकार्पण की बधाई देते हुए कहा कि यह नवीन भवन समाज के विकास की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और समाज के सभा-सम्मेलनों के लिए काम आएगा।

उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि अटलजी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार में पृथक से जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया।  उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि अटलजी का जन्मशताब्दी वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग के विकास के लिए विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इन क्षेत्रों के विकास की चिंता करते हुए दोनों विशेष आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरणों का गठन किया था, जिससे योजनाओं के अतिरिक्त भी इन इलाकों में आवश्यक विकास कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही आवास और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कर रही है। हर पात्र व्यक्ति को जनहितकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धुरवा समाज के सदस्यों को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज का यह समन्वित प्रयास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए उन्हें निरंतर संजोए रखते हैं, तो समाज की एकता और संस्कृति मजबूत होती है। कार्यक्रम को वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप और विधायक जगदलपुर किरण देव ने भी संबोधित करते हुए धुरवा समाज को नुआखाई मिलन समारोह की शुभकामनाएं दीं।
आरंभ में धुरवा समाज के संभागीय अध्यक्ष पप्पू नाग ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया और समाज की गतिविधियों से अवगत कराया। समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक छतड़ी, धुरवा तुवाल एवं कोटी सहित तीर-धनुष भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। अन्य अतिथियों का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।इस अवसर पर चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम आटामी, छत्तीसगढ़ ब्रेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा समूचे बस्तर संभाग से आए धुरवा समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री साय ने नन्हीं भूमिका को खिलाया महुआ लड्डू, समारोह में झलकी आत्मीयता

22-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )।धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।
जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"
यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण  स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।
मुख्यमंत्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account