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अरुणाचल मॉडल पर बस्तर में सड़क निर्माण की मांग, मुख्यमंत्री साय ने केंद्र से किया आग्रह

01-Aug-2026
नई दिल्ली, । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क संपर्क मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष प्रावधान करने का आग्रह किया। बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। इस दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर सहित प्रदेश में ग्रामीण विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के अनेक गांव घने जंगलों, पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित हैं। वर्तमान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत केवल 500 मीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है। इस व्यवस्था के कारण बस्तर के अनेक छोटे और दूरस्थ गांव सड़क सुविधा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि अरुणाचल प्रदेश की तरह बस्तर में भी 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की विशेष अनुमति दी जाए, ताकि अधिक से अधिक गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के दौर से निकलकर तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, सुरक्षा और समृद्धि की आधारशिला हैं। इसलिए बस्तर की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जानी चाहिए।
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इस पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बस्तर जैसे दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है और राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीरामजी योजना के तहत मुक्तिधाम और शौचालय निर्माण जैसे कार्य प्रभावी ढंग से हो रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों का निर्माण एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में विकास कार्य और अधिक गति से आगे बढ़ेंगे।
 

 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा

31-Jul-2026
रायपुर ,31 जुलाई 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप बस्तर आज व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाला यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, आजीविका, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।
मुख्यमंत्री साय ने राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी का किया अनुरोध
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार के स्तर की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता और बेहतर होगी। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए मांगी विशेष सहायता
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी विद्युत आपूर्ति से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और लघु उद्यमों के विस्तार को गति मिलेगी तथा दूरस्थ अंचलों में विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।
रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना  का किया अनुरोध
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।
5,542 गांवों तक पहुंच रहा विकास, लगभग 39 लाख लोगों को लाभ
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में शासन की योजनाओं और सेवाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राशन, आयुष्मान भारत, जनधन खाते, वनाधिकार, प्रधानमंत्री आवास सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ और पूर्व में अत्यधिक संवेदनशील रहे गांवों में प्रशासन की पहुंच बढ़ने से शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
421 बंद स्कूल फिर खुले, ओरछा और जगरगुंडा में बनेंगी एजुकेशन सिटी
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। जिन गांवों में कभी बच्चों के लिए नियमित शिक्षा तक पहुंच बड़ी चुनौती थी, वहां अब स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू हुई है।
उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच
मुख्यमंत्री साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुरूप उन्हें चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में चिकित्सा अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार नए मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही बस्तर की तस्वीर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के स्थायी विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टि से सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य आगे बढ़ रहा है। इस रेल संपर्क से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति तथा इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में प्रयास
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता से स्थापित करने के लिए अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के संरक्षण के साथ किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।
बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने दिया बदलाव का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है और शांति, विश्वास तथा सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की नई पहचान खेल, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, उद्यमिता और विकास से निर्मित हो रही है।
छत्तीसगढ़ को मिले लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में तेजी से बदल रहे औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अनेक परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेशों से राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी निर्मित होंगे।
निवेश अनुकूल वातावरण में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने उद्योगों और उद्यमियों के लिए जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी आधार प्रदान किया है। इससे निवेशकों को निश्चितता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित व्यवस्था मिल रही है।
10.42 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री साय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन से तकनीक आधारित सुशासन की ओर छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शासन की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
वित्तीय अनुशासन के साथ जनकल्याण, राजस्व वृद्धि में छत्तीसगढ़ का मजबूत प्रदर्शन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति और राजस्व वृद्धि से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य में जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खनिज क्षेत्र में नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
तकनीक और पारदर्शिता से नागरिक-केंद्रित सुशासन को नई गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में निरंतर सुधार कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और लाखों आवेदनों का समयबद्ध निराकरण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था भी विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व प्रशासन में व्यापक डिजिटल सुधार करते हुए रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की व्यवस्था लागू की गई है। आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मूल उद्देश्य शासन को नागरिकों के और निकट लाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सहज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के समग्र कायाकल्प से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े राज्य के इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ को शांति, समृद्धि और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

31-Jul-2026
रायपुर।(शोर संदेश)मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद संतोष पांडे उपस्थित थे।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं - सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) - को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।
 

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी : बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

30-Jul-2026
रायपुर,।(शोर संदेश) बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया।
प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है।
राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।
बस्तर पंडुम ने संस्कृति को दिलाई नई पहचान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम  छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। 
राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
बस्तर विकास और शांति की नई पहचान बन रहा है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है।
उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री बोले – यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।
राष्ट्रपति को भेंट की गई बस्तर की 300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' की अनुपम कलाकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा 'झिटकू-मिटकी' पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है।
लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को 'खोड़िया राजा' तथा मिटकी को 'गप्पा देई' के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव  रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

29-Jul-2026
रायपुर।(शोर संदेश) पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर : पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायपुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं। ऐसे समर्पित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है।
मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित 'जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और सेवा भावना का सम्मान है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर विशेष आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा से करते हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि पुलिस बल के जवान सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास की गति को बाधित किया। प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र हिंसा और भय के कारण अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आज बस्तर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का अभियान था। हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन जंगलों में अभियान चलाया और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का कार्य किया। यह विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अध्याय बनेगी।
मुख्यमंत्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की सेवा का अदम्य संकल्प दिखाई देता था। वे कहते थे कि स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे और नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आया और इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता प्राप्त कर सका।
मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर जनविश्वास को मजबूत करता है। पुलिस विभाग के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सेवा भावना को समाज के सामने लाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान किया जाना अत्यंत सराहनीय पहल है। पत्रकारिता समाज के सामने आदर्श स्थापित करती है और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देती है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें समाज की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।
डीजीपी गौतम ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति से सबसे अधिक राहत उन परिवारों को मिली है, जिनके बेटे, बेटियां, पति या पिता वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कर रहे थे। यह उपलब्धि पूरे पुलिस बल के साहस, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
'जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026' के अंतर्गत पुलिसिंग में नवाचार, सामुदायिक पुलिसिंग, संवाद से समाधान, सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला सुरक्षा, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य अधिकारीगण, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल

29-Jul-2026
रायपुर।(शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन श्री जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि
छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।
मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

25-Jul-2026
रायपुर।(शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु श्री मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।
मुख्यमंत्री ने सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।
 

अमलीपदर की रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

24-Jul-2026
रायपुर।(शोर संदेश) अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।  भगवान श्री जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।
बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल
क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद
रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
 

साय कैबिनेट के अहम निर्णय: अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण

22-Jul-2026
रायपुर, 22 जुलाई 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक
1.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। 
इस उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग एवं कैबिनेट मंत्री, वित्त विभाग को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।
कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी। 
2.    मंत्रिपरिषद् की बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद् ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों - पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।
यह निर्णय मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।
इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात: 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई चर्चा

22-Jul-2026
रायपुर 22 जुलाई 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा। 
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर,  प्रांत अध्यक्ष सी. पी. दुबे, पुरुषोत्तम पटेल, अनिल बाकलीवाल, तूलिका पांडे एवं प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
 


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