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पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान

13-Jun-2026
 रायपुर,  (शोर संदेश) कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है। 
कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है। 
योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं। 
पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।






 

फिल्में समाज में सकारात्मक बदलाव की सशक्त माध्यम हैं - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

13-Jun-2026
रायपुर (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में संस्कृति विभाग एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज की सोच, संस्कृति और संवेदनाओं को दिशा देने वाली सशक्त विधा हैं। एक अच्छी फिल्म समाज में जागरूकता पैदा करती है और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय सिनेमा ने समय-समय पर सामाजिक बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मदर इंडिया जैसी फिल्मों ने भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों, त्याग और आत्मसम्मान की भावना को सुदृढ़ किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा का गौरवशाली इतिहास रहा है। पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कही देबे संदेश ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सार्थक संदेश दिया था। आज छालीवुड की फिल्में मनोरंजन के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म के विस्तार से फिल्मों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक हुई है, ऐसे में जिम्मेदार, सकारात्मक और मूल्याधारित सिनेमा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को नई पहचान दिलाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम को पुनः सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष जनवरी में 150 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का भूमिपूजन किया गया है। इस परियोजना से राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, हजारों कलाकारों, तकनीशियनों एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा फिल्म पर्यटन को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम एवं संस्कृति विभाग को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सराहनीय पहल है। ऐसे सम्मान समारोह कलाकारों और रचनाकारों का मनोबल बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में 11 देशों में सम्मानित छत्तीसगढ़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्म "छत्तीसगढ़ का भीम - चिंताराम" का विशेष प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन को जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर उन्होंने गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र स्थित गिधनी पाठ में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये तथा धमतरी में सेन समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा की।
इस अवसर पर सर्व सेन समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुनीत सेन, वरिष्ठ फिल्म निर्माता मोहन सुंदरानी, छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन पर संसदीय स्थायी समिति की रायपुर में बैठक आयोजित

12-Jun-2026
रायपुर,  (शोर संदेश)  राज्यसभा सांसद एवं वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष डोला सेन की अध्यक्षता में आज रायपुर के एक निजी होटल में समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समिति के 10 से 12 जून 2026 तक अहमदाबाद, रायपुर एवं भुवनेश्वर के अध्ययन दौरा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का मूल्यांकन विषय पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें व्यापार, निवेश, निर्यात-आयात तथा दोनों देशों के मध्य आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। अध्ययन दौरे का उद्देश्य संबंधित हितधारकों एवं अधिकारियों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त कर विषय पर एक व्यापक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार करना है।
बैठक के दौरान कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादकों, प्रसंस्करणकर्ताओं एवं निर्यातकों तथा उनके संबंधित उद्योग संघों एवं वाणिज्य मंडलों की क्षेत्रीय शाखाओं के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), अखिल भारतीय खाद्य प्रसंस्करण संघ (एआईएफपीए), अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ (एआईआरईए), भारतीय खाद्य एवं पेय संघ (आईएफबीए), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा वाणिज्य विभाग के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया और विषय से संबंधित अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए। समिति द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, निर्यात संवर्धन तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्य सांसद अमरा राम, बिश्वजीत सिन्हा (राहुल सिन्हा), रमेश अवस्थी, अतुल गर्ग, धनंजय भीमराव महाडिक, रेणुका चौधरी, रोजी सैलो दामोदरन, लामनेई सिंगसित, दिलीप यादव, सदानंद महालू शेट तानवड़े, अनीता शुभदर्शिनी, डॉ. शिवपाल सिंह पटेल, आनंद भदौरिया, डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले, डॉ. संगीता बलवंत, विजया एस. राजशेखर, राजेन्द्र कुमार तथा गिरधारी यादव उपस्थित थे। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा विषय से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संभावित उपायों पर विचार-विमर्श किया गया।

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

11-Jun-2026
रायपुर, (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।
साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।














 

 


सीएम हेल्पलाइन 1076 का शुभारंभ : अब एक कॉल पर सुनी जाएगी जनता की हर समस्या

10-Jun-2026
रायपुर, (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।




 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन

10-Jun-2026
रायपुर (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव   पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।










 

सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

09-Jun-2026
रायपुर (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।
बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पीएम स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।
बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

समृद्ध, संगठित और शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

08-Jun-2026
रायपुर,  (शोर संदेश) संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।
उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक  ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, लालबहादुर चंद्रवंशी, पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।




 

 


चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

08-Jun-2026
रायपुर  (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।
उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।
अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, विनोद चंद्राकर, पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।








 

बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

07-Jun-2026
रायपुर, (शोर संदेश) सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।
जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।
जनचौपाल में सांसद कमलेश जांगड़े, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
 


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