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नवा रायपुर में 1.5 एकड़ में बनेगी अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला

03-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुसार नवा रायपुर में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला सह एफडीए भवन के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्य बजट 2025-26 के प्रावधान के अनुरूप इस महत्वपूर्ण परियोजना से प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
नवीन इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला तथा नवीन एफ.डी.ए. भवन का रायपुर में स्थापना करने हेतु शासन द्वारा नया रायपुर में 1.5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। रायपुर स्थित वर्तमान प्रयोगशाला लगभग 5 हजार वर्ग फीट (भूतल, प्रथम एवं द्वितीय तल) में संचालित है। प्रस्तावित नवीन प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों (ड्रग एवं इनफोर्समेंट) से सुसज्जित होगा तथा 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में (भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल) में निर्मित होगा। इसके निर्माण से रासायनिक परीक्षणों की जांच क्षमता 500–800 नमूने प्रतिवर्ष से 7000–8000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगी। माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि) 2000 नमूने प्रतिवर्ष होंगे, मेडिकल डिवाइसेस (हाथ के दस्ताने, कैथेटर आदि) जिनका वर्तमान में परीक्षण नहीं किया जा रहा है उनका भी 500 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाएंगे। इसके साथ ही  फार्मास्यूटिकल्स नमूनों की जांच 50 से बढ़कर 1000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएंगे। 
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा के ढांचे को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि इससे जांच प्रक्रिया अधिक आसान, पारदर्शी और प्रभावी होगी। सरकार जनता को शुद्ध, प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद एवं दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में बनने वाली यह आधुनिक प्रयोगशाला राज्य के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।












 

अगले महीने रायपुर में होगा भव्य साहित्य उत्सव, देशभर के 100 से अधिक साहित्यकार होंगे शामिल

02-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) नए वर्ष की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ एक बार फिर साहित्यिक ऊर्जा से सराबोर होने को तैयार है। आगामी महीने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन नवा रायपुर में 23 से 25 जनवरी तक होगा, जिसमें देश भर से 100 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार शामिल होंगे। राज्य स्थापना के रजत वर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इस आयोजन की परिकल्पना की गई थी। उनकी यह परिकल्पना अब साकार रूप लेने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शंशाक शर्मा, जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वरिष्ठ साहित्यकार सुशील त्रिवेदी, डॉ. चितरंजन कर, गिरीश पंकज, डॉ. संजीव बक्शी, प्रदीप श्रीवास्तव और शकुंतला तरार उपस्थित थे।
लोगो अनावरण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर पूरा प्रदेश रजत महोत्सव मना रहा है, और रायपुर साहित्य उत्सव उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव न केवल छत्तीसगढ़ को, बल्कि पूरे देश के मूर्धन्य साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ उनके अनुभव, विचार और रचनात्मक धारा से अवगत होने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ को साहित्यिक जगत में एक नई पहचान प्रदान करेगा तथा जनसमुदाय को साहित्य, लेखन और पठन-पाठन की ओर प्रेरित करेगा। साथ ही यह उत्सव राज्य की विकास योजनाओं के लिए भी सकारात्मक सामाजिक चेतना और विमर्श का मंच बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संकल्पना पर आधारित इस आयोजन की व्यापक कार्ययोजना मात्र दो माह में तैयार की गई है। यह तीन दिवसीय महोत्सव 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को जनजातीय संग्रहालय के समीप आयोजित होगा।
इस उत्सव में कुल 11 सत्र शामिल होंगे। इनमें 5 समानांतर सत्र, 4 सामूहिक सत्र, और 3 संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साहित्यकारों एवं प्रतिभागियों के बीच सीधा संवाद और विचार-विमर्श होगा। 
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक-साहित्यिक विरासत का प्रतीक उत्सव का लोगो 
अगले महीने आयोजित होने जा रहे रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को एक प्रभावशाली प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है। यह लोगो न सिर्फ राज्य की पहचान को दर्शाता है, बल्कि बस्तर की जैव-विविधता, जनजातीय परंपराओं, और छत्तीसगढ़ की आत्मा माने जाने वाले सल्फी पेड़ की सांस्कृतिक महत्ता को भी सशक्त रूप में उजागर करता है।
लोगो में सल्फी के पेड़ को छत्तीसगढ़ राज्य के नक्शे का रूप देकर यह संदेश दिया गया है कि राज्य की सभ्यता, संस्कृति और साहित्य सदियों से इसी भूमि की जड़ों से पोषित होते आए हैं। सल्फी का यह पेड़ आदिकाल से चली आ रही पौराणिक परंपराओं, भाईचारे और एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। जनजातीय समाज के जीवन में गहराई से रचे-बसे इस पेड़ को साहित्य उत्सव के लोगो में शामिल करने से यह संदेश भी मिलता है कि छत्तीसगढ़ का जनजातीय साहित्य, लोकविश्वास और पारंपरिक ज्ञान-धारा आज भी समकालीन साहित्यिक प्रवाह के केंद्र में है।
लोगो में अंकित आदि से अनादि तक’वाक्य साहित्य की उस अटूट यात्रा को दर्शाता है, जिसमें आदिकालीन रचनाओं से लेकर निरंतर विकसित हो रहे आधुनिक साहित्य तक सभी रूप समाहित हैं। यह संदेश स्पष्ट रूप से प्रकट होता है कि साहित्य कालातीत है, वह समय, समाज, भाषा और पीढ़ियों को जोड़कर चलने वाली निरंतर धारा है। इसी प्रकार लोगो में शामिल *‘सुरसरि सम सबके हित होई’* वाक्य साहित्य को गंगा की तरह मुक्त, समावेशी और सर्वहितकारी शक्ति के रूप में स्थापित करता है। साहित्य सभी जाति, वर्ग, परंपरा और जीवन-रीतियों को अपनी व्यापकता में समाहित कर समाज को दिशा देता है और सबके हित का मार्ग प्रशस्त करता है।
रायपुर साहित्य उत्सव का यह लोगो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सांस्कृतिक गर्व का विषय है, क्योंकि इसमें राज्य की हजारों वर्षों पुरानी साहित्यिक जड़ें, जनजातीय परंपराएँ, सामाजिक समरसता और आधुनिक रचनात्मक दृष्टि-सभी का सुंदर, सार्थक और कलात्मक संगम दिखाई देता है। यह लोगो जनमानस तक यह सशक्त संदेश पहुँचाता है कि छत्तीसगढ़ की साहित्यिक यात्रा ‘आदि से अनादि’ तक अविचल, जीवंत और समृद्ध रही है और आगे भी इसी धारा में निरंतर विकास की नई कहानियाँ लिखती रहेगी। रायपुर साहित्य उत्सव के लोगो से छत्तीसगढ़ में आदि-अनादि काल से मजबूत साहित्य की जड़ों और उनसे जुड़ाव का सशक्त संदेश जनमानस तक पहुंचेगा।
 

अंतरराष्ट्रीय पोलो में छत्तीसगढ़ का परचम: इंफाल टूर्नामेंट में रचा इतिहास

02-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री  निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया।
छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन,भारतीय सेना (एनसीसी),दंतेवाड़ा जिला प्रशासन,कांकेर जिला प्रशासन,ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी,लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त),वेदिका शरण,चित्रभानु सिंह,सैमुअल विश्वकर्मा,गोलू राम कश्यप,सुभाष लेकामि,देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वा स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l
उल्लेखनीय है कि "खेल से शक्ति" पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया।
यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक सुश्री गीता दहिया उपस्थित रहे।
 

बस्तर में लौट रही स्थायी शांति—37 माओवादी आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री बोले: नया दौर शुरू

01-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ सरकार की मानवीय, संवेदनशील और परिणाम-उन्मुख पुनर्वास नीति के तहत बस्तर में एक और महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई। “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के अंतर्गत 37 माओवादियों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह आत्मसमर्पण न केवल व्यक्तिगत पुनर्जीवन की दिशा में कदम है, बल्कि बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज के आत्मसमर्पण का स्वागत करते हुए कहा कि बस्तर की धरती अब पुनः शांति, स्थिरता और विकास की ओर मजबूती से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई, प्रशासनिक समन्वय और सरकार की पुनर्वास-केंद्रित नीतियों के कारण माओवादी हिंसा के खिलाफ निर्णायक सफलता प्राप्त हो रही है।
छत्तीसगढ़ में अब तक 487 से अधिक नक्सली न्यूट्रलाइज, 1849 से ज्यादा गिरफ्तार, तथा 2250 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़े बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों में बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण हैं। लगातार बढ़ते आत्मसमर्पण से बस्तर में नई सुबह की शुरुआत हुई है, जहाँ अब शांति, प्रेम, भाईचारा और स्थायी समृद्धि का वातावरण निर्मित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस, सुरक्षा बल और प्रशासन की समन्वित कोशिशों ने बस्तर में सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया है, जिससे माओवादी हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। आज का आत्मसमर्पण इस निरंतर बदलती परिस्थिति और क्षेत्र में विश्वास के वातावरण को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री साय ने पुनः यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, पूना मारगेम और नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत हर आत्मसमर्पित व्यक्ति को सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास की पूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं बस्तर के सामाजिक ताने-बाने को मजबूती देने और हिंसा की छाया से बाहर निकालने का सशक्त माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर में जारी यह सकारात्मक परिवर्तन आगे भी जारी रहेगा और क्षेत्र स्थायी शांति, विकास, रोज़गार, शिक्षा एवं सामाजिक समरसता की नई पहचान बनाएगा।
 

राष्ट्रीय सुरक्षा चिंतन का केंद्र बना छत्तीसगढ़—डीजीपी कॉन्फ्रेंस ने गढ़ी नई रणनीतिक दिशा

01-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डीजीपी कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक संपन्न होना राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तथा देशभर के डीजीपी और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा, महत्व और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों तक देश के सर्वोच्च नेतृत्व एवं सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी छत्तीसगढ़ में उपस्थित रहे। राजधानी रायपुर में सम्पन्न यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षात्मक नीतियों, रणनीतियों और समन्वय तंत्र पर गहन चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बना है।  
मुख्यमंत्री साय ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और आतिथ्य व्यवस्था में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

 


मुख्यमंत्री से अखिल विश्व गायत्री परिवार का प्रतिनिधिमंडल मिला, 251 कुण्डीय महायज्ञ का दिया आमंत्रण

01-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को आगामी 09 दिसंबर से 12 दिसंबर तक सक्ती जिले के ग्राम हसौद में आयोजित होने वाले 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए गायत्री परिवार के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर निर्मल सिन्हा, कैलाश साहू, कृष्ण कुमार जायसवाल, आदर्श वर्मा, हेमंत पटेल एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

अमित शाह ने रायपुर में 60वीं DGP/IGP कॉफ्रेंस का किया उद्घाटन, कहा—नक्सलवाद अब अंत की कगार पर

29-Nov-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में तीन दिवसीय 60वीं DGsP/IGsP कॉफ्रेंस का उद्घाटन किया। अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में DGP/IGP कॉफ्रेंस समस्याओं के समाधान, चुनौतियों और रणनीतियों से नीति निर्धारण तक, देश की आंतरिक सुरक्षा के समाधान का फोरम बन कर उभरी है।
गृह मंत्री ने नक्सलवाद के समूल नाश के खिलाफ उठाए गए मोदी सरकार के एक्शनेबल प्वाइंट का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने विगत 7 वर्षों में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाकर सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाया है और इसी का परिणाम है कि 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी जो आज घटकर सिर्फ 11 रह गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अगली DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से पूर्णतः मुक्त हो जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि पिछले 40 साल से देश नक्सलवाद की समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के लिए नासूर बने 3 हॉटस्पॉट - नक्सलवाद, नार्थ-ईस्ट और जम्मू-कश्मीर - की समस्या के निराकरण के लिए मोदी सरकार ने स्थायी समाधान दिया है और जल्द ही ये देश के बाकी हिस्सों जैसे बन जाएंगे। गृह मंत्री ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) कानूनों को सुदृढ़ बनाया गया, तीन नए आपराधिक कानूनों के साथ ही नारकोटिक्स और भगोड़ों के लिए मजबूत कानून बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद भारत की पुलिसिंग विश्व में सबसे आधुनिक बन जाएगी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आतंकवाद और उग्रवाद पर मोदी सरकार की कार्रवाई का जिक्र कहते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रन्ट ऑफ इंडिया (PFI) पर बैन लगाने के बाद देशभर में उसके ठिकानों पर छापे मार कर गिरफ्तारियां की गईं, जो केंद्र - राज्य के समन्वय का उत्तम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों और पुलिस द्वारा Intelligence की Accuracy, Objective की clarity और Action की synergy के तीन बिंदुओं पर काम कर कट्टरता, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने दोहराया कि हमें नारकोटिक्स और organised क्राइम पर 360 डिग्री प्रहार कर ऐसा तंत्र बनाना है जिससे इस देश में नार्को व्यापारियों और अपराधियों को एक इंच जमीन भी न मिल पाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्यों की पुलिस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर नारकोटिक्स के राज्य, राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर के गिरोहों पर कड़ा प्रहार कर उनके आकाओं को जेल में डाले।
 

बच्चों का स्वर्णिम भविष्य गढ़ने में शिक्षा विभाग की बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री साय

29-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव  शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

28-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री साय ने संविधान दिवस पर प्रस्तावना का किया सामूहिक वाचन

27-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव सायआज 75वें संविधान दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित टाउन हॉल में आयोजित “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित जनसमूह के साथ संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा  व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने संविधान पर आधारित लघु फिल्म भी देखी और जनप्रतिनिधियों के साथ इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सेल्फी ली।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत सदैव संविधान में आस्था रखते हुए आगे बढ़ रहा है। संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के साथ अपनी बात रखने का अधिकार देता है और  अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि विधायक और सांसद जैसे पदों पर आम नागरिकों का पहुँचना संविधान की ही उदार, समावेशी और लोकतांत्रिक व्यवस्था का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्मात्री सभा में देश के सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के  संविधान निर्माण अमूल्य योगदान दिया को स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से भारत के संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठजनों का स्मरण करते हुए कहा कि  छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक भागीदारी आज भी गर्व का विषय है और इन महान जनप्रतिनिधियों की विचारशीलता, लोकतांत्रिक मूल्य और राष्ट्रनिर्माण की दृष्टि सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
इस अवसर पर विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 



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