नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मैसूर में रामकृष्ण आश्रम द्वारा निर्मित स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वाल्मीकि रामायण और ‘स्टोरीज ऑफ वेदांत मंक्स’ के कन्नड़ अनुवाद भी जारी किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन अनुवादों के माध्यम से भारत की कालातीत आध्यात्मिक और साहित्यिक विरासत कन्नड़ भाषी पाठकों, विशेषकर युवाओं के करीब पहुंचेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन प्रकाशनों से युवा अपनी मातृभाषा के माध्यम से देश की सांस्कृतिक और दार्शनिक परंपराओं को समझने और उनसे जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराना नई पीढ़ी तक विरासत पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रामकृष्ण आश्रम की अपनी यात्रा और साधुओं से बातचीत की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में जाना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। प्रधानमंत्री ने समाज सेवा और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में आश्रम के प्रयासों की सराहना की।
अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने आश्रम के साधुओं से बातचीत की। उन्होंने समाज सेवा के लिए संस्था की ओर से किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने श्री रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं के माध्यम से मूल्यों, शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में रामकृष्ण आश्रम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विवेक स्मारक के उद्घाटन का स्वागत किया। उन्होंने इसे कर्नाटक के लिए ऐतिहासिक अवसर और स्वामी विवेकानंद की विरासत को श्रद्धांजलि बताया।
सूर्या ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी मैसूर ने एक और ऐतिहासिक अवसर देखा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस विवेक स्मारक का उद्घाटन किया है, वह 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूर यात्रा की स्मृति में बनाया गया है। उन्होंने इसे कर्नाटक के लिए गर्व का विषय बताया।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कार्यक्रम परम पूज्य श्री गौतम आनंद जी महाराज की उपस्थिति में हुआ और यह रामकृष्ण आश्रम की स्थायी विरासत को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध संदेश ‘उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त होने तक मत रुको’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि विवेक स्मारक देशभर के लाखों युवाओं को प्रेरित करेगा।
सूर्या ने कहा कि विवेक स्मारक केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इसके माध्यम से युवा भविष्य के भारत के निर्माण में योगदान देने और स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।