नई दिल्ली (शोर संदेश)। श्रीलंका में आर्थिक और राजनीतिक संकट के कारण सब कुछ तितर-बितर हो गया है। पिछले कुछ दिनों में सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध अब चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को निवर्तमान प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद देश भर में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया। पीएम के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद गुस्साई भीड़ ने मेदामुलाना, हंबनटोटा में राजपक्षे परिवार के पैतृक घर को आग लगा दी। यही नहीं बेकाबू प्रदर्शनकारियों ने कई नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया, जिसपर अमेरिका की प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका ने सोमवार को कहा कि वह प्रदर्शनकारियों द्वारा मंत्रियों के घरों को जलाने के बाद श्रीलंका में अस्थिर स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
पीएम राजपक्षे के इस्तीफे के बाद भारी हिंसा भड़क उठी। इसमें सत्ता पक्ष के सांसद अमरकीर्ति अथुकोराला ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली। हालिया सप्ताहों की इस जबर्दस्त हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा घायल हो गए। पूरे श्रीलंका में बुधवार तक कर्फ्यू लगा दिया गया है, इसके बावजूद तनाव कायम है, क्योंकि भारी आर्थिक संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। देश भारी आर्थिक व राजनीतिक संकट में फंस गया है। विपक्ष का आरोप है कि देश का सबसे शक्तिशाली राजनीतिक परिवार इस संकट का जिम्मेदार है। श्रीलंका में संकट से राजपक्षे परिवार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। पीएम के अलावा उनके भाई राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के भी इस्तीफे की मांग उठ रही है।
इन नेताओं के घर प्रदर्शनकारियों ने बोला हमला
देशभर में जगह-जगह पर हो रहे विरोध प्रदर्शन में कई नेता सोमवार को उग्र भीड़ के गुस्से का शिकार हुए, जिसमें श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के सांसदों बंडुला गुनावर्धने, प्रसन्ना रणतुंगा, चन्ना जयसुमना, कोकिला गुणवर्धना, अरुंडिका फर्नांडो, थिसा कुटियाराची, कनका हेराथ, पवित्रा वन्नियाराची के घरों पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया गया है। वहीं सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने श्रीलंका के मोरातुवा मेयर समन लाल फर्नांडो और सांसदों सनथ निशांत, महिपाल हेराथ, थिसा कुट्टियाराची, रमेश पथिराना, और निमल लांजा के आधिकारिक आवासों को भी आग के हवाले कर दिया। इस बात की जानकारी स्थानीय मीडिया ने दी।
देशभर में बड़ी हिंसा
देशभर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। आर्थिक तंगी की मार झेल रहे लोगों का गुस्सा अपने चरम पर पहुंच चुका है जिससे अब रोकना बेहद मुश्किल हो गया है। इंटर-यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स फेडरेशन (आइयूएसएफ) सहित बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए, जिन्होंने श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना के सांसदों पर हमला कर दिया है । सूत्रों के अनुसार, वीरकेतिया प्रदेशीय सभा के अध्यक्ष के आवास पर दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और पांच अन्य बुरी तरह से घायल हो गए हैं।