नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत और केंद्र शासित प्रदेश दमन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सूरत और दमन में कुल ₹21,770 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और आधारशिला रखेंगे।
– दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे और वहां चल रहे औद्योगिक तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जायजा लेंगे।
– शाम करीब 4:15 बजे सूरत में ₹18,800 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
– इस मौके पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
– वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
– NH-56 के चार लेन वाले हिस्सों की आधारशिला (आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच बढ़ाने के लिए)
– 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल
– बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार
– दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR), सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) अपशिष्ट उपचार संयंत्र, जंबूसर बल्क ड्रग पार्क लेआउट सुविधाएं आदि शामिल हैं।
– शाम करीब 6:15 बजे प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे।
– NAMO हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे
– NAMO अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
– शाम 7:15 बजे ₹2,970 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
– लक्षद्वीप के लिए ₹885 करोड़ की 4 महत्वपूर्ण परियोजनाओं (बंदरगाह विकास) की आधारशिला रखेंगे।
– Iconic Bridge, दमन कन्वेंशन सेंटर, NIFT परिसर
– NAMO हवाई अड्डा टर्मिनल और NAMO अस्पताल (₹1,340 करोड़)
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को गुजरात और दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव के समग्र विकास को नई गति देने वाली माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह दौरा विकास कार्यों को तेजी देने और जनता से सीधा संवाद करने की प्रधानमंत्री की निरंतर रणनीति का हिस्सा है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए भी लगभग ₹885 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय जेटी के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों की साल भर गोदी (berthing) करने की सुविधा मिलेगी।
ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित और कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी, साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ की आपूर्ति और नाव की मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहलें समुद्री संपर्क को मज़बूत करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।