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जनप्रतिनिधि

237 पदों पर भर्ती की मंजूरी

22-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दे रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के प्रस्ताव को हरी झण्डी दी गई है। इसके तहत राष्ट्रीय आजीविका मिशन में 237 पदों पर नई भर्ती की जाएगी। 
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें राज्य स्तर के कुल 09 और जिला स्तरीय 228 पद शामिल हैं। राज्य स्तरीय पदों में सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन), सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (फार्म आजीविका), प्रोग्रामर व लेखापाल के एक-एक पद एवं भृत्य के दो पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय द्वारा हाल में ही पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों और स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।
जिला मिशन प्रबंधन इकाई के 228 पदों में जिला मिशन प्रबंधक के 02, जिला कार्यक्रम प्रबंधक के विभिन्न 21, विकासखंड परियोजना प्रबंधक के 23 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय समन्वयक के 98, लेखापाल के 10 एवं लेखा सह एमआईएस सहायक के 49, कार्यालय सहायक, ऑपरेटर के 17 और भृत्य के 8 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से मिशन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।

भर्तियों की सुनामी : साय सरकार में युवाओं के दुख भरे दिन बीते

22-Sep-2024
 रायपुर, ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दे रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री साय द्वारा स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में रिक्त पदों की भर्ती के प्रस्ताव को हरी झण्डी दी गई है। इसके तहत राष्ट्रीय आजीविका मिशन में 237 पदों पर नई भर्ती की जाएगी। 
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती के प्रस्ताव को वित्त विभाग ने मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें राज्य स्तर के कुल 09 और जिला स्तरीय 228 पद शामिल हैं। राज्य स्तरीय पदों में सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (वित्तीय प्रबंधन), सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (फार्म आजीविका), प्रोग्रामर व लेखापाल के एक-एक पद एवं भृत्य के दो पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। 
जिला मिशन प्रबंधन इकाई के 228 पदों में जिला मिशन प्रबंधक के 02, जिला कार्यक्रम प्रबंधक के विभिन्न 21, विकास खण्ड परियोजना प्रबंधक के 23 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय समन्वयक के 98, लेखापाल के 10 एवं लेखा सह एमआईएस सहायक के 49, कार्यालय सहायक, ऑपरेटर के 17 और भृत्य के 8 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इन पदों पर भर्ती होने से मिशन की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण समुदायों को सीधा लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री साय द्वारा हाल में ही पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों और स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है।

लोहारीडीह कांड पर सीएम विष्णुदेव का ऐक्शन, डीएम एसपी को हटाया

21-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवर्धा जिले में ग्राम लोहारीडीह में 15 सितंबर 2024 को शिवप्रसाद साहू की मृत्यु के उपरांत घटित आगजनी में रघुनाथ साहू की मृत्यु की दुर्भाग्यजनक घटना के मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने इस घटना के परिप्रेक्ष्य में पुलिसकर्मियों द्वारा ग्रामीणों से मारपीट किए जाने की घटना के चलते रेंगाखार थाने के निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक सहित वहां पदस्थ कुल 23 पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर कबीरधाम जिले के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया है।
कबीरधाम के कलेक्टर जन्मेजय महोबे के स्थान पर गोपाल वर्मा को कबीरधाम जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। कबीरधाम जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव को हटाकर उनके स्थान पर राजेश कुमार अग्रवाल को पुलिस अधीक्षक पदस्थ किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के रूप में पदस्थ आईपीएस विकास कुमार को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश के परिपालन में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कबीरधाम द्वारा अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी निर्भय कुमार साहू को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें 30 दिवस के भीतर निर्धारित बिन्दुओं पर जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा कि भविष्य में इस तरह की किसी भी प्रकार की घटना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रपति भवन में बस्तर के नक्सल पीड़ितों ने रखी अपनी पीड़ा, साय की संवेदनशील पहल का हुआ उल्लेख

21-Sep-2024
नई दिल्ली/रायपुर।  ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति भवन में 20 सितंबर का दिन बस्तर के नक्सल पीड़ितों के लिए उम्मीदों भरा था। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र से आए 70 लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल के तहत, अपनी पीड़ा को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचा। उनके चेहरे पर वर्षों से झेले गए अत्याचार की छाप थी, लेकिन उनकी आंखों में अब उम्मीद की किरण भी नजर आ रही थी।
राष्ट्रपति से मुलाकात का उद्देश्य साफ था — नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों की समस्याओं को देश की सर्वोच्च शक्ति के सामने रखना और बस्तर को माओवाद के आतंक से मुक्त कराने की अपील करना। मुलाकात के दौरान पीड़ितों ने बताया कि कैसे माओवादी हमलों ने उनके जीवन को तबाह कर दिया है। 
बस्तरवासियों की व्यथा
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को अवगत कराया कि पिछले चार दशकों से बस्तरवासी माओवादी आतंक का दंश झेल रहे हैं। माओवादी हमलों में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों लोग अपंग हो चुके हैं। बारूदी सुरंगों और बम विस्फोटों ने उनके जीवन को तहस-नहस कर दिया है। विस्फोटों से न केवल शरीर को नुकसान पहुंचा है, बल्कि मानसिक रूप से भी वे पूरी तरह टूट चुके हैं। 
प्रतिनिधियों ने बताया कि माओवादियों ने उनके घर, जमीन और संस्कृति को भी बर्बाद कर दिया है। बस्तर में 8,000 से अधिक लोग पिछले ढाई दशकों में माओवादी हिंसा के शिकार हुए हैं। आज भी कई लोग नक्सलियों के डर के साये में जीने को मजबूर हैं। जहां देश के अन्य हिस्सों में लोग स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं, वहीं बस्तर के लोग अपनी जमीन और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल
प्रतिनिधिमंडल ने जब राष्ट्रपति के समक्ष अपनी बात रखी, तो उन्होंने खास तौर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को सराहा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल और नेतृत्व के कारण बस्तर में शांति बहाली और विकास के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उनके नेतृत्व में बस्तर में न केवल नक्सल उन्मूलन के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं, बल्कि लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उनके द्वारा शुरू की गई योजनाओं ने बस्तरवासियों में एक नई आशा जगाई है।
शांति और पुनर्निर्माण की अपील
बस्तर शांति समिति के प्रतिनिधिमंडल के नेताओं मंगऊ राम कावड़े और जयराम दास ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि बस्तर में शांति बहाल करने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांतिपूर्ण जीवन के लिए जाना जाता था, लेकिन माओवादी आतंक ने इस स्वर्ग को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं, ताकि वहां फिर से शांति और सामान्य जीवन लौट सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नक्सल पीड़ितों की व्यथा गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के बेहतर भविष्य के प्रति सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी।

पीएचई में इंजीनियर्स सहित 181 पदों पर भर्ती का मार्ग प्रशस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर वित्त विभाग ने दी स्वीकृति

21-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में इंजीनियर्स सहित अन्य पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से 181 रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। नई भर्ती से विभाग के कामकाज की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ पेयजल व्यवस्था भी बेहतर होगी।
पीएचई विभाग में उप अभियंता, अनुरेखक, सहायक ग्रेड-3 सहित विभिन्न रिक्त पदों को भरने के प्रस्ताव को वित्त विभाग से स्वीकृति मिल गई है। इसमें उप अभियंता (सिविल) के 118, उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10, अनुरेखक के 37, सहायक ग्रेड-3 के 02, केमिस्ट के 12 और वाहन चालक के 02 पद शामिल हैं।
नई भर्तियां न केवल विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि इससे नागरिक सेवाओं में भी सुधार होगा एवं योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकेगा। पेयजल की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था भी बेहतर होगी। नल जल जैसी फ्लैगशिप योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को निरंतर एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में सुगमता होगी।
 

मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई कर दिए, जीरो टॉलरेंस के स्पष्ट संकेत

21-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर कान्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस को लेकर सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए थे। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार को लेकर कड़ाई जमीनी स्तर पर भी उतनी ही सख्त नजर आ रही है। इसकी बानगी एक बार फिर सरकार की त्वरित कार्रवाई से दिखती है। बीते दिनों छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई शैक्षणिक सत्र 2024-25 की नई किताबों को कबाड़ में बेचे जाने का मामला सामने आया था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिलयारी स्थित रियल बोर्ड पेपर मिल में छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा छापी गई वर्ष 2024-25 सत्र की नई किताबें के कबाड़ में बेचे जाने की घटना के प्रकाश में आने पर तत्काल गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले को इस घटना की जांच के निर्देश दिए थे। जांच के उपरांत छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा की प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर एसपी कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाने के बाद मुख्यमंत्री ने  निलंबन की इस कार्यवाही से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही उन्हें बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं होगी।
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का मामला सामने आने पर इस घटना की जाँच का दायित्व मुख्य सचिव के पश्चात सबसे वरिष्ठ अधिकारी को देना यह स्पष्ट करता है कि इस राज्य में अब प्रशासनिक ढिलाई के दिन बीत चुके हैं । यदि किसी ने लापरवाही या भ्रष्टाचार किया, तो उस पर कार्यवाही अवश्य होगी। 

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों सीएम के रौद्र रूप कई प्रशासनिक निर्णयों में दृष्टिगोचर हुए हैं। सीएम शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों में बिलकुल भी लापरवाही नहीं चाहते। मुख्यमंत्री श्री साय ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले लापरवाह अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि  यह सुशासन की सरकार है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के द्वारा अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी तथा लापरवाह अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाएगी।
 

युवाओं के कौशल विकास और सशक्तीकरण के लिए प्रदेश में तेजी से हो रहा है कार्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

21-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए ना की जॉब सीकर। निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है । 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासीबहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं।
सीएम साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है। साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मजबूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा। 
इस अवसर पर संजय जैन, अनुजा भंडारी, गौरव अग्रवाल, श्वेता सहित सीआईआई छत्तीसगढ़ के पदाधिकारी उपस्थित थे।

सीएम साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक शुरू, अहम मुद्दों पर होगी चर्चा...

20-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा, पार्टी सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट बैठक के बाद निगम-मंडलों में नियुक्ति की पहली सूची जारी होने की संभावना है। हालांकि निगम-मंडलों में नियुक्ति करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और यह कैबिनेट के एजेंडे का हिस्सा नहीं है, फिर भी चर्चा है कि इस मुद्दे पर अनौपचारिक विचार-विमर्श हो सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले विष्णुदेव कैबिनेट की अंतिम बैठक 7 अगस्त को हुई थी, जिसमें गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से संबंधित निर्णय लिया गया था। इसके बाद से राज्य कैबिनेट की कोई बैठक नहीं हुई है। इस बैठक को लेकर राज्य के सरकारी कर्मचारियों की नजरें भी टिकी हुई हैं, क्योंकि कर्मचारी महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं और उन्होंने 27 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा भी कर रखी है। ऐसे में संभावना है कि कैबिनेट में डीए के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए तेजी से हो रहे कार्य : विष्णु देव साय

20-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )    मुख्यमंत्री साय ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित युवा उत्सव 3.0 को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है और वे हमेशा कहते हैं कि युवाओं को जॉब गिवर बनना चाहिए न की जॉब सीकर। निश्चित रूप से विकसित भारत बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं पर है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की युवाशक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है ।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आपने प्रधानमंत्री के विकसित भारत की संकल्पना को अपने आयोजन की थीम बनाया है। युवा उत्सव के दौरान अलग-अलग विषयों को लेकर पैनल डिस्कशन होंगे, जिसमें युवाओं के लिए उद्यम में अवसर पर बात होगी। सीआईआई और यंग इंडियन्स की इस पहल से वर्तमान और भावी पीढ़ी को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत नए जमाने की प्रौद्योगिकी और रोजगार जरूरतों के मुताबिक स्किल डेवलपमेंट करने और शिक्षा देने की बात पर जोर दे रहा है। इसी कड़ी में हम प्रदेश के आदिवासीबहुल क्षेत्र के युवाओं को अब रोबोटिक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे तकनीकी विषय पढ़ा रहे हैं। प्रदेश के स्कूलों में स्किल डेवलपमेंट का कोर्स शामिल करने से पढ़ाई के साथ ही बच्चे हुनरमंद भी हो रहे हैं।
साय ने कहा कि हमारे साथ उद्योग जगत के लोग बैठे हैं। आप सभी जानते है कि प्रदेश में प्रशिक्षित कुशल इंजीनियरों की बहुत अधिक मांग है। इस मांग को पूरी करने हम छत्तीसगढ़ में नए प्रौद्योगिकी संस्थान आरंभ करने जा रहे हैं। इस बजट में हमने आईआईटी की तर्ज पर पांच सीआईटी आरंभ करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के मौके पैदा कर रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 650 पदों पर मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। एक हफ्ते पहले हमने पुलिस में विभिन्न पदों में भर्तियों के लिए स्वीकृति दी है। नालंदा की तर्ज पर हम सभी नगरीय निकायों में हाईटेक लाइब्रेरी बनवा रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सिंगल विण्डो सिस्टम 2.0 लागू किया है और नई उद्योग नीति भी ला रहे है। छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना के माध्यम से हम युवा उद्यमियों को बढ़ावा देंगे। इसके लिए प्रदेश के युवाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश मूलतः कृषि आधारित होने से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग क्षेत्र में विकास की बड़ी संभावनाएं है। छत्तीसगढ़ फूड प्रोसेसिंग का वैश्विक केंद्र बनेगा। हवाई कार्गाे सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि इन उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरगुजा और बस्तर को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर अर्थव्यवस्था को विस्तार दे रहे हैं। इन दोनों ही संभागों में आप लोगों के लिए बड़ी संभावनाएं हैं। दोनों ही जगहों में जैविक उत्पाद और लघु वनोपज को लेकर भी बड़ा काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम प्रदेश में कार्य कर रहे हैं। हमने अपना बजट वर्ष 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्यों को देखते हुए तैयार किया है। साय ने कहा कि मुझे उम्मीद है हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित देशभर का युवा राष्ट्र की मज़बूती में अपना योगदान देने में पीछे नहीं रहेगा।
 

खेल के विकास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: टंकराम वर्मा

20-Sep-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )   खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए खेल युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तीसरे दिन में शामिल हुए। इस दौरान रग्बी, कुराश एवं फेंसिंग खेल का आनंद लिया साथ ही विजयी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए पुरस्कृत किए। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुमन योगेश वर्मा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा जिंदगी एक खेल की तरह है और हमें खेल खेलना चाहिए। खेल के एक नहीं अनेक फायदे होते हैं। खेल में हार-जीत लगी रहती है। एक बार जीत से कोई सिकंदर नहीं बन जाता एवं एक बार हार से फकीर नहीं बन जाते है। हार और जीत सोच पर भी निर्भर करती है, मान लो तो हार है, ठान लो तो जीत है। हमारी सरकार खेल एवं खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबध्द है। जब से हमने खेलों के विकास करते हुए खिलाड़ियों के सम्मान में सन 2019-20, 2020-21, 2021-22 एवं 2022-23 के खेल अलंकरण पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके साथ ही हमने युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ खेल युवा रत्न पुरस्कार देने की घोषणा किए है। 
बलौदाबाजार-भाटापारा जिला न केवल धर्म और संस्कृति के लिए जाना जाता है बल्कि अब खेलो के लिए भी जाना जाएगा। खेलो इंडिया के तहत फुटबाल प्रशिक्षण केन्द्र प्रारंभ किया गया है, साथ ही आने वाले समय में इसी स्टेडियम को 14 करोड़ की लागत से इंडोर स्टेडियम में तब्दील किए जा रहे है। 
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने बताया कि राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी संभाग के 840 खिलाड़ी एवं कोच  शामिल हो रहे हैं। चार दिवसीय राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रग्बी बालक एवं बालिका 14 वर्ष, कुराश बालक एवं बालिका 14, 17, 19 वर्ष, फेन्सिग बालक एवं बालिका 14, 17, 19 वर्ष के 144 खिलाड़ी प्रत्येक संभाग से आये हुये है। रग्बी की प्रतियोगिताएं इसी आउटडोर स्टेडियम में, कुराश की प्रतियोगिताएं इसी इंडोर स्टेडियम में और फेन्सिग प्रतियोगिताएं नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित की जा रही है।


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