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जनप्रतिनिधि

मलेरिया-डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाएं : मुख्यमंत्री साय

14-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम और बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश स्वास्थ्य महकमा और संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में मलेरिया, डायरिया, जनजनित बीमारी सहित मौसमी बीमारियों की जानकारी मिलने पर त्वरित रूप से स्वास्थ्य अमला स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावितों का उपचार करें। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त भण्डारण सुनिश्चित कर सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों को आवश्यक दवाओं के साथ त्वरित रूप से रवाना कर उपचार सुनिश्चित करे, जिससे संभावित जनहानि को बचाया जा सके।
मुख्यमंत्री साय के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा गत दिवस कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखण्ड के सुदूर वनांचल ग्राम चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल, सोनवाही का भ्रमण कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने ग्राम सोनवाही पहुंचकर ग्रामीणों सहित डायरिया पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात की और राज्य शासन से हर संभव दिलाने के लिए भरोसा दिलाया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सोनवाही में गत दिवस हुई दो ग्रामीणों की आकस्मिक मृत्यु पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने ग्राम सोनवाही के आदिवासी बालक छात्रावास में बनाएं गए अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और मरीजों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वनांचल सहित मैदानी क्षेत्रों में मौसमी बीमारी, डायरिया, उल्टी दस्त और जलजनित बीमारियों का संक्रमण ना हो इसके लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने कलेक्टर को वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने और और मलेरिया, डायरिया सहित मौसमी बीमारियों के बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सुदूर वनांचल क्षेत्र चिल्फी, झलमला और तरेगांव जंगल के शासकीय अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन डीएमफ़ से शीघ्र क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनांचल के सभी गांवो में स्वास्थ्य शिविर, जल स्त्रोतो का क्लोनिएशन कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि बोड़ला एसडीएम और सीएमएचओ को घर-घर पहुंच कर सर्वें करने के निर्देश दिए गए थे। सोनवाही में पांच ग्रामीणों की मौत अलग-अलग कारणों से और अलग-अलग जगह में हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बीएल राज ने बताया कि सोनवाही में डायरिया की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला के चिकित्सक और स्वास्थ्य अमला 10 जुलाई को पहुंचकर गांव के आदिवासी बालक आश्रम छात्रावास में अस्थायी रूप से स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण का काम शुरू किया गया। दूसरे दिन 11 जुलाई को कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तर और चिल्फी के और अतिरिक्त स्वास्थ्य टीम को भेजकर ग्राम सोनवाही में तैनात किया गया।
सीएमएचओ डॉ राज ने बताया कि सोनसिंह अपने खेत से काम कर घर लौटा था, उन्होने अपने तबियत खराब होने की जानकारी अपने घर वालो को दी। इसके बाद उन्होने उल्टियां शुरू हुई और तीन से चार घंटे के दौरान उनकी घर पर ही मृत्यु हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक इसी प्रकार महिला फूलबाई की मृत्यु भी उल्टी से हुई। दो ग्रामीणों की अकास्मिक मृत्यु के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की गई। जांच और पूछताछ के प्रथम दृष्टयता  जहरीले मशरूम खाने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अभी नहीं आई है, रिपोर्ट आने के बाद कारण स्पष्ट हो जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्थाई स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और उपचार कराने आए मरीजों से चर्चा की। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि ग्राम सोनवाही में 194 घर है, जिसकी कुल आबादी 580 है। इस गांव में 12 कुंआ और 02 हैंडपंप है। एक मितानिन भी कार्यरत है। उन्होंने बताया कि बीमारी के लक्षण मिलने पर गांव में लोगों का लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। 11 जुलाई को 194 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था, जिसमें 08 लोगों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती किया गया, इनमें 07 लोगों को मौसमी बुखार के लक्षण और 01 को उल्टी हो रही थी। इसी प्रकार 12 जुलाई को 144 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 12 को मौसमी, सर्दी बुखार के लक्षण पाएं गए है, जिनकों सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य उपचार करने के निर्देश दिए।

राम मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम

13-Jul-2024
रायपुर,   ( शोर संदेश )  अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति  के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने आज अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जबअपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।
फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है।  हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।
उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की  है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही किरण देव,अजय जामवाल एवं पवन साय भी मौजूद रहे।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरयू नदी में की पूजा-अर्चना

13-Jul-2024

 रायपुर/अयोध्या।   ( शोर संदेश )  सरयू नदी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूजा-अर्चना की। बता दें कि आज स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से सीएम समेत सभी मंत्री अयोध्या रवाना हुए थे। वे महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम पहुंचे। यहां शाम 5 बजे तक श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम में श्री रामलला के दर्शन और मंदिर का भ्रमण करेंगे। इसके बाद शाम 5.15 बजे अयोध्या धाम एयरपोर्ट से रायपुर के लिए वापसी होगी। शाम 6.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर लौट आएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने रामलला दर्शन योजना भी शुरू की है। इसके तहत प्रदेशभर के श्रद्धालु आस्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या धाम के साथ काशी के भी दर्शन करने जाते हैं। इस योजना से हजारों श्रद्धालु अब तक रामलला के दर्शन कर चुके हैं। योजना की शुरुआत के समय ही मुख्यमंत्री ने कहा था कि जल्द ही कैबिनेट के साथ अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करने जाएंगे।

 

माता शबरी के बेर लेकर रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या रवाना हुआ साय कैबिनेट

13-Jul-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  रामलला के दर्शन करने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में पूरा मंत्रिमंडल अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन के लिए निकले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनके कैबिनेट के सहयोगियों का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। राम काज और राम भक्ति की गहरी भावना के साथ ननिहाल का स्नेह और भक्ति लेकर मुख्यमंत्री ने इस यात्रा की योजना बनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि के लिए प्रभु श्री राम से कामना करना है। उन्होंने बताया कि प्रभु राम के प्रति भक्ति और समर्पण ही उन्हें इस यात्रा पर ले आया है।
मुख्यमंत्री साय माता शबरी के पवित्र धाम शिवरीनारायण से मीठे बेर और पानी प्रभु श्री राम के लिए उपहार स्वरूप लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपहार माता शबरी की भक्ति और समर्पण की भावना को दर्शाता है।
प्रभु श्री राम को विशेष भोग अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री ने विष्णु भोग चावल, सीताफल और मिष्ठान्न के लिए अईरसाऔर करी लड्डू तैयार किया है। इन सभी भोगों का महत्व राम कथा से जुड़ा हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है।
प्रभु श्री राम की वस्त्र सज्जा के लिए मुख्यमंत्री ने स्थानीय कोसे से बने वस्त्र भी अर्पित करने का निर्णय लिया है। इन वस्त्रों का विशेष महत्व है क्योंकि ये स्थानीय कारीगरों की मेहनत और संस्कृति को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने जो उपहार की थाली तैयार की है, उसमें सभी पदार्थ राम कथा से संबंधित हैं। चाहे विष्णु भोग हो या सीताफल, सभी से प्रभु के छत्तीसगढ़ प्रवास का दिव्य स्मरण होता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का यह दौरा न केवल राम भक्ति का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और समर्पण की भावना को भी उजागर करता है।

अब सांय-सांय जाएगी मितानिन बहनों के खाते में राशि : विष्णुदेव साय

12-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना पर काम करना शुरू कर दिया है और इसकी शुरूआत स्वस्थ छत्तीसगढ़ की बात के साथ की है। मुख्यमंत्री साय ने शुक्रवार को रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में राज्य भर से आई हुई हजारों मितानिन बहनों के सामने कहा कि उनकी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और वो राज्य मे सुशासन की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके इस सफर में राज्य भर में काम कर रही लगभग 72 हजार मितानिन बहनों का भी अमूल्य योगदान है जिनके दम पर राज्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में अभूतपूर्व सुधार हासिल करने मे कामयाब हुआ है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने मितानिन बहनों को नवा सौगात देते हुए उन्हें हर माह उनके प्रोत्साहन राशि को सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करने की शुरूआत की। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर राज्य स्तर से मितानिन प्रोत्साहन राशि का सीधे बैंक खाते में अंतरण किया। इस अंतरण से राज्य भर की मितानिन  बहनों के खाते में 90 करोड़ 8 लाख 84 हजार 20 रुपए का अंतरण हुआ। इस राशि में केंद्र एवं राज्य के अंश के साथ ही मितानिन प्रोत्साहन राशि भी शामिल है। ये राशि 69 हजार 607 मितानिन बहनें, 3 हजार 448 मितानिन प्रशिक्षक, 289 ब्लॉक समन्वयक, 176 स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, 26 शहरी क्षेत्र समन्यवक एवं 285 मितानिन हेल्प डेस्क समन्वयक को राज्य स्तर से एक साथ भुगतान की गई।
मुख्यमंत्री ने मितानिन बहनो को संबोधित करते हुए कहा कि पहले उन्हें कई चरणों में अटक अटक कर राशि मिलती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा और हर महीने सांय सांय उनके खाते में पैसे आएंगे। उन्होंने कहा कि मितानिन बहनें छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था का आधार हैं जो सुदूर क्षेत्रों में जाकर भी इमानदारी से काम करती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मितानिन बहनों के लगन और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मितानिन राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं जिन्होंने ग्रामीण अंचलों के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य की बागडोर संभाल रखी है। उन्होंने कहा कि पहले भी मितानिनों को बैंक में राशि दी जाती थी, लेकिन ये राशि ब्लाक स्तर अनियमित अंतराल पर आती थी और उसमें केंद्र, राज्य तथा स्वयं के अंश की जानकारी नहीं होती थी। नई व्यवस्था में मितानिन बहनों को प्रतिमाह राशि उनके बैंक खाते में मिलेगी जिसमें उनके केंद्र, राज्य और स्वयं के प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी मितानिन पासबुक के माध्यम से मिलेगी। जायसवाल ने कहा कि मितानिन बहनों की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ मे संस्थागत प्रसव की दर लगातार बढ़ रही है और लोगों में जागरुकता फैल रही है, उन्होंने कहा कि मितानिन बहनों के कारण पूरे देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र मे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हो रहा है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से आई हुई मितानिन बहनों से बात भी की और उन्हें मितानिन पासबुक देकर शाल एवंश्री फल से सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, विधायक गुरू खुशवंत साहेब, विधायक इंद्र कुमार साहू, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में मितानिन कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

मितानिन दीदियों के साथ सीएम साय ने चखा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद

12-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मितानिन दीदियों को प्रोत्साहन राशि वितरण के लिए आयोजित ‘नवा सौगात‘ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मितानिन बहनों के साथ दोपहर का भोजन किया।
मुख्यमंत्री साय पंगत में बस्तर दरभा से आयी मितानिन दीदियों जयमनी नाग और कवर्धा की बैगा जनजाति की दसनी बाई के साथ भोजन करने बैठे। भोजन में विशुद्ध छत्तीसगढ़िया व्यंजन जैसे दही मिर्ची, लाई बड़ी, बिजौरी, चावल पापड़, चना, लाल भाजी, जिमीकांदा, मुनगा की सब्जी, इडहर कड़ी, भरवा करेला, चावल, कोदो चावल, रोटी, मीठे में रागी लड्डू, अंदरसा, गुलगुला, पीड़िया, मठ्ठा आदि परोसे गए। भोजन के प्रारंभ में फ्रूट सलाद भी सर्व किया गया।
मुख्यमंत्री ने मितानिन दीदियों के साथ बड़े चाव के साथ भोजन किया। इस दौरान उन्होंने जयमनी नाग और दसनी बाई से बड़ी ही आत्मीयता के साथ उनका कुशल क्षेम पूछा और कहा कि अब उनके बैंक खाते में हर महीने प्रोत्साहन राशि सीधे मिल जाया करेगी। मुख्यमंत्री ने जयमनी नाग से बातचीत के दौरान कहा कि बस्तर तो कई बार गया हूं, लेकिन चापड़ा चटनी का स्वाद चखने का मौका नहीं मिला। जयमनी नाग ने कहा कि अब जब बस्तर आएं तो खट्टी-चटपटी चापड़ा चटनी का स्वाद अवश्य चखें।
मितानिन बहनों के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वन एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, विधायक गुरु खुशवंत साहब स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने भोजन किया।
 

छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेन्स में मॉडल राज्य बनाने होगा काम

12-Jul-2024
रायपुर:   ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ की नयी सरकार ने सुशासन का संकल्प लिया है। सुशासन यानि लोगों की बेहतरी के लिए प्रशासन में पारदर्शिता, कार्यों का समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा होना, अच्छा प्रबंधन, जनभागीदारी, जवाबदेही, कुशलता और कानून का पालन जैसी बातें शामिल हैं। यह किसी भी जनकल्याणकारी राज्य की प्रथम आवश्यकता होती है। नयी सरकार सुशासन की स्थापना के लिए आई.टी. को प्रमुख टूल के रूप में अपनाएगी। इसकी बानगी वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में देखी जा सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि छत्तीसगढ़ ई-गवर्नेंस की दृष्टि से माडल राज्य बने। उनकी मंशा के अनूरूप योजनाओं की ई-मानीटरिंग के साथ-साथ पारदर्शी प्रशासन और आईटी आधारित कर प्रणाली विकसित की जाएगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ सेंटर फॉर स्मार्ट गवर्नेन्स की स्थापना का उल्लेख बजट में किया गया है। बजट में सभी विभागों में आई.टी. के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक उपकरण एवं आधुनिक सॉफ्टवेयर इत्यादि की व्यवस्था के लिए 266 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के 168 नगरीय निकायों में ई.गवर्नेन्स के तहत बजट एण्ड अकाउंटिंग मॉड्यूल स्थापित किया जायेगा। 47 नगरीय निकायों में प्रॉपर्टी सर्वे किये जाने हेतु GIS आधारित सॉफ्टवेयर निर्माण किया जायेगा। इससे प्रॉपर्टी टैक्स की प्राप्तियों में पारदर्शिता आयेगी। इन कार्यों के लिए 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विभागवार महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटल रूप में तैयार करके छत्तीसगढ़ वेब अभिलेखागार में जन.सामान्य को सुविधा के लिए उपलब्ध कराया जायेगा, इसके लिए बजट में 03 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
राज्य शासन द्वारा संचालित सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की एकजाई मॉनिटरिंग अटल डैशबोर्ड के माध्यम से की जायेगी। इसके लिए 05 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शासकीय धन के आय.व्यय की दैनिक निगरानी के लिए एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली (IFMIS- 2.0) प्रारंभ की जायेगी। एकीकृत ई.प्रोक्योरमेंट परियोजना के नवीन संस्करण हेतु 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति.2020 को तत्परता से लागू किया जायेगा। डिजिटल एवं ए.आई. आधारित इको सिस्टम के माध्यम से शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी।
भारत नेट परियोजना के तहत राज्य की 9,804 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाईबर केबल से जोड़ा जा चुका है। इसके रख-रखाव एवं संचालन के लिए 66 करोड़ की पूल निधि के गठन का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वाई-फाई के माध्यम से हॉट-स्पॉट स्थापित कर प्रदेश भर में इंटरनेट की पहुंच बढ़ायी जायेगी। इस हेतु प्रथम चरण में 1,000 ग्राम पंचायतों में वाई.फाई की सुविधा के लिए पी.एम.वाणी परियोजना अंतर्गत 37 करोड़ का प्रावधान किया गया है। शासन के विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग किये जा रहे ई.परिसंपत्ति, मोबाईल एप, एवं वेबसाईट की सायबर सुरक्षा हेतु आवश्यक जांच एवं सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जायेगी। 

सीएम साय ने मंत्री कश्यप को संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व मिलने पर दी बधाई

12-Jul-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शुक्रवार को उनके निवास कार्यालय में वनमंत्री केदार कश्यप ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कश्यप को संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कश्यप के लम्बे संसदीय अनुभव का लाभ विधानसभा में कार्य संचालन में मिलेगा।
 

छत्तीसगढ़ में मिल सकता है 500 रुपए में सिलेंडर, निकाय इलेक्शन में गेमचेंजर होगा सरकार का दांव

11-Jul-2024
रायपुर।     ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव से पहले लोगों को 500 रुपए में घरेलू गैस सिलेंडर मिल सकता है। इसका इशारा खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया है। दरअसल, बुधवार को रायपुर में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक थी। मंच से CM साय ने जल्द इस योजना को शुरू करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने यह बात तब कही जब वे नगर निगम चुनावों के लिए कमर कसने की अपील कार्यकर्ताओं से कर रहे थे। माना जा रहा है कि जल्द ही इसके लिए कागजी कार्रवाई शुरू की जाएगी ताकि लोगों को इसका बड़ा फायदा मिल सके और दिसंबर में होने वाले निकाय चुनाव में इस योजना से पार्टी को फायदा मिल सके।
जमीनी कार्यकर्ताओं को पार्षद-मेयर का टिकट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकाय चुनाव में जमीनी कार्यकर्ताओं को मौका दिए जाने की बात भी कही। यानी पार्षद और महापौर का टिकट आम कार्यकर्ताओं को दिया जाएगा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जिन कार्यकर्ताओं का परफॉर्मेंस बेहतर था, जो बूथ, मंडल जिताने में कामयाब रहे, वार्ड में जिनकी पकड़ अच्छी है, उन्हें पार्टी टिकट देने जा रही है।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने सौजन्य मुलाकात की

11-Jul-2024
रायपुर   ( शोर संदेश )  । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कक्ष में 16 वें वित्त आयोग के चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने आयोग के सभी सदस्यों के छत्तीसगढ़ आगमन पर खुशी जाहिर की और उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का वित्त आयोग के सदस्यों के साथ परिचय हुआ और विभिन्न विषयों पर संक्षिप्त चर्चा भी हुई। साय ने छत्तीसगढ़ से जुड़ी कुछ खास बातें उनके साथ साझा की। आयोग के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ आगमन के उद्देश्य और प्रवास की पूरी जानकारी दी।
गौरतलब  है कि बीते कल देर शाम 16 वें वित्त आयोग का दल छत्तीसगढ़ राज्य प्रवास पर पहुंचा है। इसी कड़ी में आज वित्त आयोग के चेयरमैन डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। अपने प्रवास के दौरान वित्त आयोग के सदस्य राज्य के मंत्रीगणों  तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे। आयोग के सदस्य नवा रायपुर तथा जगदलपुर का भी भ्रमण करेंगे। 
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, आयोग के सदस्य अजय नारायण झा, एन्नी जार्ज मैथ्यू, डॉ. मनोज पांडा, डॉ. सौम्यकांति घोष, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, 
वित्त आयोग के सचिव रित्विक पांडे, सयुंक्त सचिव कमल कुमार मिश्रा, संयुक्त संचालक राघवेंद्र सिंह सहित दल के सदस्य भी उपस्थित रहे।
 



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