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जनप्रतिनिधि

राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में आज किसान सम्मेलन एवं कृषि संगोष्ठी

21-Dec-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के गठन के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 दिसंबर को राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाना है। किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के लाभान्वित किसानों और प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया जाएगा। कृषि संगोष्ठी का भी आयोजन होगा। किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के साथ ही सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां किसानों को उनकी उपज का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है। राज्य सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर कर रही है। इसके साथ ही, समर्थन मूल्य और आदान सहायता को मिलाकर किसानों को प्रति क्विंटल धान का मूल्य 3100 प्रदान किया जा रहा है। बीते वर्ष छत्तीसगढ़ ने 145 लाख मेट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की थी। इस साल खरीफ की फसल के बेहतर उत्पादन के कारण 160 लाख मेट्रिक टन धान की खरीदी का अनुमान है। छत्तीसगढ़ केंद्रीय पूल में धान का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य है। छत्तीसगढ़ सर्वाधिक किसानों से धान खरीदने के मामले में देश में प्रथम स्थान पर है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को आदान सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के साथ ही भूमिहीन किसानों की सहायता के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर सहायता योजना के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प किसानों को सशक्त बनाना और राज्य की अर्थव्यवस्था को कृषि आधारित विकास के माध्यम से सुदृढ़ करना है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने ब्लॉक के किसान सम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं।
 

हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है: मुख्यमंत्री साय

20-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है।
अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।

आम जनता सहित उद्योग जगत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा निर्णय

20-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दलहन, तिलहन तथा गेहूं पर मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक पूर्णतः छूट प्रदान की है। राज्य सरकार इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों और दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों तथा व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों के संचालकों एवं व्यापारियों द्वारा प्रदेश के बाहर से प्रसंस्करण-विनिर्माण के लिए लाए गए दलहन, तिलहन एवं गेहूं पर मंडी शुल्क में छूट दिए जाने हेतू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आग्रह किया था। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर 17 दिसम्बर 2024 को अधिसूचना जारी कर 13 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की सभी मंडियों में इन शुल्कों में पूर्ण छूट प्रदान की गई है। 
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष अमर परवानी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह निर्णय प्रदेश के व्यापारिक और कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा है कि यह छूट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी और व्यापारियों किसानों के हितों की रक्षा करेगी। मंडी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क में छूट होने से व्यापारी पड़ोसी राज्यों से भी प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर व्यापार कर सकेंगे। इससे प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के इस फैसले का अभिनंदन करते हुए आमजनों व उद्योग जगत के लोगों ने आज मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन कर उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वित्तीय चुनौतियां होने के बावजूद प्रदेश की आम जनता के हक में उनकी सरकार ने यह फैसला किया है। इस फैसले से प्रदेश के 30 हजार परिवारों का संरक्षण होगा व आम जनता को भी कम कीमत पर रोजमर्रा की वस्तुएं मिलती रहेंगी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा  प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का उत्पादन मांग के अनुरूप कम है, जिससे प्रदेश के दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों को अपने मिलों के संचालन के लिए अन्य प्रदेशों से दलहन, तिलहन एवं गेहूँ का आयात करना पड़ता है। मंडी शुल्क से छूट दिये जाने पर प्रदेश की दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलें अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर पायेंगे और उपभोक्ताओं को कम कीमत पर दाले, तेल, आटा तथा मैदा प्राप्त होगा, जिससे घरेलू व्यय में बचत होगी और उपभोक्ता इस बचत से अपनी जीवनशैली में सुधार हेतु अन्य आवश्यक सामग्रियां क्रय करने में सक्षम हो सकेगा। साथ ही इन दाल मिल, तिलहन मिल तथा फ्लोर मिलों से लगभग 30 हजार परिवारों को रोजगार प्राप्त होता है, जिनका सीधा संरक्षण ये फैसला करता रहेगा। 
इस अवसर पर अमित चिमनानी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी ,रायपुर दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीत गोयल ,सचिव श्याम सुंदर गोयल, हरिमल सचदेव, फ्लोर मिल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष धरम अग्रवाल, समीर अग्रवाल उपस्थित थे।

राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर मरीन ड्राइव में "खुशहाल एक साल' कार्यक्रम का आयेाजन आज शाम को

17-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर शासन की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति नागरिकों को जागरूक करने जनसंपर्क विभाग द्वारा  मरीन ड्राइव, तेलीबांधा, रायपुर में 17 दिसंबर को खुशहाल एक साल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । यह कार्यक्रम शाम 6.30 बजे  से रात 9.30 बजे तक होगा जिसमें विभिन्न तरह की मनोरंजक गतिविधियों और गेम्स का आयोजन भी होगा। इसमें प्रत्येक आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं । कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पूछे गए रोचक प्रश्नों का सही उत्तर देने पर तत्काल गिफ्ट/गिफ्ट वाउचर मौक़े पर ही दिया जाएगा।
 

केन्द्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूर्णतया समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध : गृहमंत्री अमित शाह

17-Dec-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में वामपंथी उग्रवाद की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक उपस्थित थे। 

समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी बलों और एजेंसियों को मार्च, 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को पूर्णतया समाप्त करने के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में संयुक्त प्रयास करने को कहा।
बैठक के बाद अपने समापन संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य सुरक्षाबलों ने बहुत अच्छे और समन्वित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे सुरक्षाबलों के कारण पिछले एक साल में नक्सलियों को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा है जो एक बहुत बड़ी सफलता है। शाह ने कहा कि मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में अभी हमें काफी काम करना बाकी है और इसमें NIA की बहुत प्रमुख भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि CRPF, ITBP, BSF, छत्तीसगढ़ पुलिस और DRG मिलकर एक साल में बहुत बड़े लक्ष्य की ओर बढ़े हैं और निश्चित रूप से मार्च, 2026 से पहले ही हम नक्सलवाद को समाप्त कर देंगे।

इससे पहले, आज केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बीजापुर में गुण्डम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस का दौरा किया और बलों की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
अमित शाह ने जवानों को 2024 में नक्सलवाद के खिलाफ मिली अप्रत्याशित सफलता पर बधाई दी और उन्हें इसी जोश के साथ नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे मार्च, 2026 तक देश को पूरी तरह से इस समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को किया स्मृतिचिन्ह भेंट

16-Dec-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सर्किट हाउस जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्मृति चिन्ह के रूप में धनुष बाण भेंट किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री  विजय शर्मा उपस्थित थे।

विजिटर बुक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा-सुरक्षा बलों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा

16-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका पहुंचकर अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अमर जवान स्तम्भ में पुष्प चक्र अर्पित कर नक्सल अभियान के दौरान शहीद जवानों की शहादत को नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण किया। उन्होंने परिसर में पीपल का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने विजिटर बुक में व्यक्त किए अपने विचार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत विजिटर बुक में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने लिखा कि सुरक्षाबलों के जवानों की शहादत के लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।

जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, नक्सलवाद का करेंगे खात्मा : केंद्रीय गृहमंत्री शाह

16-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज अमर वाटिका में नक्सली हमले में शहीद जवानों और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिजनों से चर्चा करते हुए कहा कि एक लम्बी और वेदनापूर्ण लड़ाई में आपने अपने परिजनों को खोया है, इस दर्द को कम नहीं किया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार आपके साथ है। शहीदों के त्याग और बलिदान को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार उनकी पुण्य स्मृतियों को सहेजने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि आप सभी ने जैसे अपने परिजनों को खोया है, वैसे किसी और को खोना न पड़े। मैं नक्सली हमलों में शहीद हुए जवानों और जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मां दंतेश्वरी की धरती से नक्सलवाद को पूर्णतः समाप्त कर देंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस के जवान मजबूती के साथ नक्सल मोर्चे पर काम कर रहे हैं। पिछले एक साल की सटीक रणनीति से नक्सलवाद का दायरा सिमटा है और ढेर सारे विकास के कार्यों को गति देने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिये सरकार तीनों मोर्चाे पर काम कर रही है। माओवादी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर आत्म सर्मपण करने वालों का स्वागत किया जा रहा है। नक्सल अभियान के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया जा रहा है और जो दूसरे की जान लेने पर आमादा हैं, उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों की समस्या सुनने के लिए पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में सप्ताह में एक दिन नियत किया गया है। उन्होंने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईजी कार्यालय में कलेक्टर भी मौजूद रहें और इस मुहिम का हिस्सा बने। केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द कोई कम नहीं कर सकता किंतु हम कुछ ऐसी व्यवस्था बनाएंगे, जिससे आपकी पीड़ा को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि आपके परिजनों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार साथ मिलकर आपके हितों का ध्यान रखेगी। आप सभी के लिए जो बेहतर होगा वह कार्य करने के लिए हम सभी दृढ़संकल्पित हैं। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और शहीदों को नमन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि हर बार जब हमारे जवानों को नक्सल मोर्चे पर सफलता मिली है केंद्रीय गृह मंत्री जी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई है और उनकी पीठ हमेशा थपथपाई है। आज भी वे आपकी हौसला अफजाई के लिए आये हैं और आपके साहस और संकल्प के लिए आपके अभिनंदन के लिए आये हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शहीद जवानों की स्मृतियों को सहेजने केे लिए उनके गांवों में प्रतिमा की स्थापना करेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति व उन्नति के लिए शहीद हुए जवानों और नक्सली हिंसा में पीड़ित परिवार के परिजनों से हम लोग मिलना चाह रहे थे। आप सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं और अपनों को खोने का यह दुःख हम सभी को समान पीड़ा दे रहा है।
इस अवसर पर शहीद जवानों के परिजन और नक्सली हिंसा से पीड़ित नागरिकों के परिजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार से अधिक आवासों को बनाने को मंज़ूरी दी : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह

16-Dec-2024
रायपुर  ( शोर संदेश )  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने रविवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के उन लोगों से मुलाकात की जो हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

मुलाकात के बाद अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 2019 में कश्मीर, उत्तरपूर्व और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में देश के युवा हथियार लेकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे, हिंसा कर रहे थे और पूरे क्षेत्र को विकास से दूर रखते थे। उन्होंने कहा कि उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ये तय किया गया था कि जो लोग हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ये मौका दिया जाए।  शाह ने कहा कि 2019 से 2024 तक सिर्फ नॉर्थईस्ट में ही 9000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर सरेंडर किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में भी कई युवाओं ने सरेंडर किया है और अब भारत सरकार ऐसे लोगों और नक्सलवाद से पीड़ित लोगों के कल्याण के लिए समग्र योजना बना रही है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार मकान बनाने को मंज़ूरी दी है। इसके साथ ही, नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में हर परिवार को एक गाय या भैंस देकर डेयरी कोऑपरेटिव बनाने की शुरूआत भी की जा रही है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि हिंसा रास्ता नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने हथियार उठा रखे हैं, उन्हें मेनस्ट्रीम में वापिस लाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  ने सबसे अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है और इसे पूरे देश में रेप्लिकेट करके हथियार छोड़ने वाले युवाओं को समाज में पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
अमित शाह ने हिंसा में लिप्त युवाओं से अपील की कि वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आ जाएं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के बारे में बात करते हुए कहा कि बस्तर के होनहार बच्चे भारत का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 2025 से 2036 के ओलंपिक तक बस्तर के बच्चों को पदक जीतने के योग्य बनाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। शाह ने कहा कि जब बस्तर की एक बच्ची 2036 के ओलंपिक में पदक जीतेगी, वो नक्सलवाद को एक मज़बूत जवाब और पूरी दुनिया को संदेश होगा कि हिंसा रास्ता नहीं है बल्कि विकास रास्ता है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब बहुत कम क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जो हिंसा में लिप्त हैं, वे भी हमारे अपने ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को स्कूल, दवाखाने, अस्पताल, मुफ्त अनाज, बिजली, शौचालय, पानी चाहिए और इन सभी सुविधाओं को आपके गांवों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की सबसे पहली प्राथमिकता बस्तर है। उन्होंने कहा कि हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी जी पर भरोसा किया है और उनका ये भरोसा टूटेगा नहीं और ऐसे लोगों को देखकर कई युवा हथियार छोड़कर विकास की यात्रा में शामिल होंगे।
 

 


बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

16-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को जिले के जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक आने वाले दिनों में बस्तर के विकास की यशोगाथा बनेगा और शांति, सुरक्षा, विकास और नई उम्मीद की नींव डालने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि हम देश से नक्सलवाद को पूर्ण रूप से 31 मार्च 2026 तक समाप्त करेंगे। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त होने पर यहां कश्मीर से ज्यादा पर्यटक आएंगे। मां दंतेश्वरी की कृपा से बस्तर को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का वरदान मिला है। हम यहां पर पर्यटन को आगे बढ़ाएंगे। हम यहां पर छोटे-छोटे उद्योगों को आगे बढ़ाकर रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। उन्होंने बस्तर के युवाओं से कहा कि हार मानने वाला कभी नहीं जीतता। जीतता वह है जो कभी हार नहीं मानता। बस्तर के अंदर अनेक संभावनाएं हैं। यहां जो 3000 बच्चे मेरे सामने बैठे हैं उसमें से कोई बच्चा अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक में गोल्ड मेडल लेकर आएगा तो पूरा भारत इस पर गर्व करेगा। 

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ हमने दोनों मोर्चे पर काम किया है। एक ओर वह नक्सली जो सरेंडर नहीं हुए और जो हिंसा करते थे उनके खिलाफ सुरक्षा बलों को खड़ा करके उनको मार गिराने का काम किया। जो सरेंडर हुए उनको बसाने का काम किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जो विकास से पिछड़ गए थे, उनको विकसित करने का अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आशीर्वाद से राज्य में डबल इंजन की सरकार बनी और नक्सलवाद के खिलाफ हमारा अभियान तेज हुआ और नक्सल उन्मूलन की दिशा में हमें लगातार सफलता मिल रही है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तरवासियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी ने पूरे उत्साह के साथ बस्तर ओलंपिक में भाग लेकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाया है। इस आयोजन में 1 लाख 65 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रबंधन करना एक चुनौती थी, बस्तर संभाग के सातों जिलों की पूरी टीम ने इसे बखूबी पूरा किया, इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूँ। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है कि बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से हम सभी बस्तर अंचल के युवाओं की ऊर्जा को खेल के माध्यम से एक सकारात्मक दिशा देने में सफल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का यह आयोजन केवल खेल नहीं है, बल्कि बस्तर की संस्कृति, उत्साह, और प्रतिभा का उत्सव है। यह आयोजन एक संदेश देता है कि बस्तर का असली चेहरा इसकी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता है, न कि माओवाद की हिंसा।
इस आयोजन के माध्यम से हमने युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़कर विकास के कार्याें में सहभागी बनने की ओर उन्मुख किया है। आज जब लाखों युवा इस ओलंपिक में भाग लेते हैं और अपनी ऊर्जा को खेलों में लगाते हैं, तो यह हमारे लिए एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक का सफल आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि बस्तर के युवाओं की क्षमता और उनकी शक्ति को अगर सही दिशा में प्रेरित किया जाए, तो विकास और खुशहाली का रास्ता कोई नही रोक सकता है। ओलंपिक में शामिल खिलाड़ियोें ने यह संदेश भी दिया कि बस्तर में बदलाव की बयार चल पड़ी है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से हमने न केवल बस्तर के युवाओं की छुपी प्रतिभा को देखा, बल्कि उन आत्मसमर्पित भाइयों और बहनों की प्रतिभा को भी देखा, जिन्होंने हिंसा की माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की। नक्सलवाद का समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा, खेल, रोजगार और सकारात्मक अवसर प्रदान करने से होगा और बस्तर ओलंपिक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। आज आपके चेहरों पर जो मुस्कान है, वह एक खुशहाल और शांतिपूर्ण बस्तर का प्रतीक है। 
उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों ने भी इन खेलों में हिस्सा लिया। उनकी हिम्मत और जज्बा ने दिखा दिया है कि बस्तर के लोग कभी हार नहीं मानते। बस्तर ने लम्बे समय से माओवाद के दंश को झेला है। लेकिन आज, बस्तर शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह उपलब्धि हमारे केंद्रीय गृह मंत्री जी के सतत मार्गदर्शन और हर संभव सहयोग के कारण संभव हो पाई है। उनके बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय और निरंतर प्रोत्साहन से हम माओवाद को जड़ से समाप्त करने की ओर अग्रसर हैं। बस्तर ओलंपिक में बच्चों-युवाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया, और बुजुर्गों ने भी इन खेलों का आनंद लेकर अपने बचपन और स्कूली जीवन की यादें ताजा कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में माओवाद की जड़ें कमजोर हुई हैं, और यह सब हमारे सुरक्षा बलों की बहादुरी, बेहतर रणनीति, और आप सभी की लोकतांत्रिक आस्था के कारण संभव हुआ है। पिछले एक साल में माओवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। इस दौरान 220 से अधिक माओवादियों को ढेर किया गया है, 937 माओवादी गिरफ्तार हुए तथा 812 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अभी हाल ही मैंने बस्तर के सुरक्षा कैंप में जवानों के साथ रात गुजारी। यह मेरे जीवन का सबसे सुखद अनुभव था। जवानों का बढ़ा हुआ हौसला और आत्मविश्वास देखकर मैंने भी अपने भीतर नयी ऊर्जा का महसूस की है।
हमारे नक्सल पीड़ित परिवारों के परिजन भी इस मौके पर यहां मौजूद हैं। मैं उनके साहस की भी प्रशंसा करना चाहूंगा। उन्होंने रायपुर से दिल्ली तक आज हर फोरम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इनके माध्यम से दुनिया को पता चला कि माओवाद का वास्तविक चेहरा कितना क्रूर है।
हमारी एक बड़ी कामयाबी यह भी है कि हम ’नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बस्तर के अंदरूनी गांव तक लोकतंत्र और विकास की किरणों को पहुंचाने में सफल हुए। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी, पेयजल, बिजली, मोबाइल टॉवर जैसी अधोसंरचनाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचा रहे हैं। वर्षाें से बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है। वनवासी भाईयों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए हमने किया है। 

आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की भी बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है।  उनको मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विविध कौशल विकास का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। 
प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें एक सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने 15,000 पक्के आवासों के निर्माण का लक्ष्य प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण में निर्धारित किया है। 

नई औद्योगिक नीति में भी हमने बस्तर के विकास के साथ ही नक्सल पीड़ित तथा आत्म समर्पित लोगों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। आज डबल इंजन की सरकार में बस्तर सहित पूरे प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी में तेजी से विस्तार हुआ है। नगरनार स्टील प्लांट और रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे से बस्तर अंचल के विकास को नई गति मिलेगी। पूरे अंचल में वाणिज्य और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नये मौके भी सृजित होंगे। पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कांगेर घाटी में स्थित गांव धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के अपने अपग्रेड प्रोग्राम फॉर बेस्ट टूरिज्म विलेज के अंतर्गत पर्यटन के विकास के लिए चुन लिया है। हमारे लिए गौरव की बात यह है कि भारत का यह एकमात्र गांव है, जिसे 60 देशों के 20 गांवों की सूची में स्थान मिला है। इसके साथ ही विश्व पर्यटन के नक्शे में छत्तीसगढ़ और बस्तर का स्थान सुनिश्चित हो गया है। 

आने वाले दिनों में पर्यटन भी बस्तर की बड़ी ताकत बनेगा। रोजगार के नये मौके खुलेंगे। लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। हम यहां पर्यटन के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और कहना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। 

उन्होंने कहा कि बस्तर की मिट्टी में जो साहस, सामर्थ्य और जज्बा है, वह इस क्षेत्र को विकास और शांति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। नक्सलवाद का अंत सुनिश्चित है, और बस्तर की यह जीत खेलों के माध्यम से एक नए युग का आगाज है।

      बस्तर ओलंपिक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें 300 से अधिक नुवा बाट (आत्म समर्पित माओवादी) ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इसके साथ ही 18 से अधिक माओवादी हिंसा में प्रभावित दिव्यांग खिलाड़ी भी शामिल हुए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद बस्तर महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, बड़ी संख्या में आम नागरिक और खेल प्रेमी उपस्थित थे।


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