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जनप्रतिनिधि

प्रधानमंत्री मोदी का आज जन्मदिन, सभी जिलों में लगेगी भारत के विकास की प्रदर्शनी

17-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को 74 साल के हो जाएंगे। प्रदेश में उनका जन्मदिन ‘सेवा पखवाड़ा’ और स्वच्छता अभियान के रूप में मनेगा। सभी ज़िलों में प्रदर्शनी लगेगी। इसका विषय होगा- विकसित भारत : मोदी जी की संकल्पना। मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के उनके विजन को लेकर प्रदेश जिलों में विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
इन प्रदर्शनों में प्रधानमंत्री की प्रमुख योजनाओं, जैसे स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, और आत्मनिर्भर भारत को दर्शाया जा रहा है। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य जनता को जागरूक करना और उन्हें विकास के इस महायज्ञ में भागीदार बनाना है।
यह प्रदर्शनी ज़िलों में कलेक्टर के मार्गदर्शन और समन्वय पर लगेगी। जिला स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। हर जिले में प्रभारी मंत्री अब मंत्रियों को भी ज़िम्मेदारी और समन्वय की ज़िम्मेदारी दी गई है। मोदी वीडियो कान्फ्रेंसिंग से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराएंगें। प्रदेश में व्यापक स्तर पर सेवा पखवाड़ा और स्वच्छता अभियान चलेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की दी शुभकामनाएं

17-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। विश्वकर्मा पूजा की पूर्व संध्या पर राज्य के सभी श्रमवीरों को हार्दिक बधाई देते हुए साय ने कहा है कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता हैं। उन्होंने समाज में श्रम से सृजन की सार्थकता को स्थापित किया है। भगवान विश्वकर्मा को संसार के प्रथम वास्तुकार की संज्ञा दी भी गई है। साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विकास में श्रमवीर सार्थक भागीदारी निभा रहे हैं। विश्वकर्मा जयंती का दिन हमें श्रम के लिए संकल्पित होने और अपने कौशल को विकसित करने की प्रेरणा देता है। आशा है भगवान विश्वकर्मा की कुशल तकनीकी, कौशल और श्रमशीलता से श्रमवीर समृद्ध होंगे और अपना सक्रिय योगदान देते रहेंगे।
 

पूर्वजों के प्रति सम्मान, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है पितर पक्ष : मुख्यमंत्री

17-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 सितंबर से शुरू हो रहे पितृ पक्ष के अवसर पर जारी अपने संदेश में कहा है कि पितरों का सम्मान हमारी परम्परा, सभ्यता और संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। पितर पक्ष पूर्वजों के प्रति हमारे सम्मान, प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है। मान्यता है कि पितर पक्ष में पूर्वज अपने घर आते हैं। इस दौरान हम अपने पूर्वजों के मोक्ष और शांति के लिए श्राद्ध और दान करते हैं। उनसे जीवन में खुशहाली के लिए आशीर्वाद की कामना करते हैं। 
साय ने कहा कि हम अपने पूर्वजों को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित कर सकते है। पूर्वजों के नाम पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ अपने पूर्वजों की स्मृति को चिरस्थाई बना सकते हैं। पर्यावरण हमारी भावी पीढ़ी के लिए भी अनुपम उपहार होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गरीब और बेसहारा लोगों की मदद कर, कुपोषित और जरूरतमंद बच्चों को भोजन कराकर हम समाज में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं। सही मायनों में यह अपने पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ को मिलीं 240 ई-बसें

16-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन के लिए 240 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन बसों का संचालन राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई में किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा रायपुर के लिए 100, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं। 
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन सेवा की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। योजना के अंतर्गत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। विभिन्न राज्यों में शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी।
उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि भारत सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना राज्यों को मिलने वाली केंद्रीय सहायता को पारदर्शिता और उनके प्रदर्शन से जोड़ने की कोशिश का हिस्सा है। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले। योजना के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है। इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।
पीएम ई-बस सेवा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा। एजेंसी को केंद्रीय सहायता सुनिश्चित किलोमीटर संचालन के आधार पर दी जाएगी। अगर बसें इससे कम किलोमीटर चलती हैं तो केंद्रीय सहायता उसी के अनुपात में कम हो जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा शहरों के प्रदर्शन के आधार पर पैसा दिया जाएगा। पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत हर तीन महीने में बसों के संचालन का हिसाब-किताब देना होगा। योजना की सामान्य शर्तों में यह भी शामिल है कि प्रोजेक्ट के तहत दिए जाने वाले पैसे का थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य होगा, ताकि पूरी पारदर्शिता रहे।
 

मुख्यमंत्री ने दी भुवनेश्वरी जयंती की शुभकामनाएं

15-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भुवनेश्वरी जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर उन्होंने सबके सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि आदि शक्ति स्वरुपा मां भुवनेश्वरी देवी दस महाविद्याओं में से एक महा विद्या मानी जाती हैं। मान्यता है कि भुवनेश्वरी देवी की श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जन्म मरण के चक्र से मुक्ति मिलती है। साय ने कहा कि भुवेनश्वरी देवी आदिशक्ति शाकंभरी नाम से प्रसिद्ध हुई हैं। पुत्र प्राप्ति के लिए लोग भुवनेश्वरी देवी की अराधना करते है। भक्तों को अभय एवं सिद्धि प्रदान करना इनका गुण है। 

राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी होगी पढ़ाई

15-Sep-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हिन्दी दिवस पर बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में हिन्दी में भी पढ़ाई शुरू करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया है कि एमबीबीएस की पढ़ाई की व्यवस्था भी हम हिंदी में करेंगे। इस साल के प्रथम सत्र 2024-25 में एमबीबीएस की पढ़ाई की सुविधा हिंदी में भी उपलब्ध होगी। इसके लिए छात्र छात्राओं की संख्या अनुरूप आवश्यक पुस्तक उपलब्ध कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी दिवस की सार्थकता इस बात में है कि हम शासन प्रशासन और शिक्षा के हर स्तर पर हिंदी को लागू करें, हिंदी को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा हमें इस बात की खुशी है कि हमारे यशस्वी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2022 को उत्तरप्रदेश के उन्नाव की रैली में हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने की मंशा जाहिर की थी, हम उसका क्रियान्वयन करने जा रहे हैं।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में राज्य में 10 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय हैं। हिंदी में चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने का सबसे अधिक लाभ हमारे ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को होगा जो अधिकतर हिंदी मीडियम से होते हैं जो प्रतिभाशाली होते हैं लेकिन अंग्रेजी की वजह से उन्हें चिकित्सा पाठ्यक्रम में कुछ दिक्कत आती है। अब यह दिक्कत दूर हो जाएगी। इससे चिकित्सा छात्र छात्राओं का आधार भी मजबूत होगा और अच्छे चिकित्सक तैयार करने में इससे अधिक मदद मिलेगी। मातृभाषा में शिक्षा दिए जाने का यह सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इससे विषय की बारीक समझ  बनती है। इसे हम छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर कार्यान्वित करने के लिए कृत संकल्पित हैं।

विश्वकर्मा जयंती पर 17 को आयोजित होगा श्रमिक सम्मेलन

14-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिल रहा है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री साय 17 सितंबर विश्वकर्मा जयंती पर ‘श्रमिक सम्मेलन‘ में 57 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को 49 करोड़ 43 लाख 52 हजार 294 रूपए केन्द्रीकृत डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम आयोजित होगा।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के पंजीकृत श्रमिकांे एवं उनके परिवार के सदस्यों को श्रम विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सर्न्न्मिाण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 निर्माण श्रमिकों 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 6873 श्रमिकों को 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए एवं छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 2496 श्रमिकों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए की राशि डी.बी.टी. के जरिए वितरण करेंगे। इस तरह कुल 57 हजार 95 श्रमिकों को कुल राशि 49 करोड़ 43 लाख 5 हजार 229 रूपये का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत 47 हजार 726 लाभार्थियों को कुल 38 करोड़ 37 लाख 10 हजार 652 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत 5793 लाभार्थियों को 11 करोड़ 58 लाख 60 हजार रूपए, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के अंतर्गत 8181 लाभार्थियों को 3 करोड़ 3 लाख 8 हजार 652 रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 6171 लाभार्थियों को 2 करोड़ 15 लाख 34 हजार 288 रूपए, मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के अंतर्गत 125 लाभार्थियों को 9 लाख 79 हजार 600 रूपए, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9749 लाभार्थियों को 1 करोड़ 84 लाख 87 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 576 लाभार्थियों को 73 लाख 67 हजार 612 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाभार्थियों को 1 लाख रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के अंतर्गत 3653 लाभार्थियों को 54 लाख 79 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत 279 लाभार्थियों को 2 करोड़ 83 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के अंतर्गत 6517 लाभार्थियों को 13 करोड़ 3 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 708 लाभार्थियों को 1 करोड़ 41 लाख 60 हजार रूपए, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी सहायता राशि भुगतान योजना के अंतर्गत 5941 लाभार्थियों को 79 लाख 94 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत 28 लाभार्थियों को 28 लाख रूपए का डी.बी.टी. के माध्यम से वितरण करेंगे।
इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अंतर्गत 6873 लाभार्थियों को कुल 9 करोड़ 86 लाख 58 हजार 500 रूपए का वितरण किया जाएगा। जिसमें असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना के 3085 लाभार्थियों को 6 करोड़ 17 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार मृत्य एवं दिव्यांग सहायता योजना के 322 लाभार्थियों को 3 करोड़ 22 लाख रूपए, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना के 3463 लाभार्थियों को 46 लाख 8 हजार 500 रूपए, ई-रिक्शा सहायता योजना के 3 लाभार्थियों को 1 लाख 50 हजार रूपए का वितरण करेंगे।
छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अंतर्गत 2496 लाभार्थियों को 1 करोड़ 19 लाख 83 हजार 142 रूपए का वितरण करेंगे। जिसमें शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना के 504 लाभार्थियों को 22 लाख 42 हजार रूपए, निःशुल्क सायकल वितरण योजना के 1427 लाभार्थियों को 52 लाख 17 हजार 342 रूपए, निःशुल्क सिलाई मशीन वितरण योजना के 562 लाभार्थियों को 44 लाख 38 हजार 800 रूपए एवं खेलकूद प्रोत्साहन योजना के 3 लाभार्थियों को 85 हजार रूपए का वितरण केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा।
 

मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस पर दी शुभकामनाएं

14-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 14 सितम्बर को हिंदी दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि राजभाषा हिंदी राष्ट्रीय एकता और सद्भावना को बनाए रखने में मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हिंदी के सहज-सरल होने के कारण इसने देश को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई है। 
साय ने कहा है कि हिन्दी अत्यंत समृद्ध एवं जीवंत भाषा है, इसका स्वरूप समावेशी हैै। इसकी लिपि देवनागरी विश्व की सबसे पुरानी एवं वैज्ञानिक लिपियों में से है।  हिन्दी के गुण उसे भाषा के दर्जे से ऊपर एक संस्कृति के रूप में प्रतिष्ठित करतेे हैं। उन्होंने कहा है कि हिंदी दिवस हमें याद दिलाता है कि भाषा के माध्यम से हम अपनी पहचान और संस्कृति को संरक्षित कर सकते हैं। हमें चाहिए कि हम हिंदी को प्रोत्साहित करें और अधिक से अधिक इसका उपयोग करें। मातृभाषा की उन्नति बिना, किसी भी समाज की तरक्की संभव नहीं है। राजभाषा के गौरव और महत्व को और आगे ले जाने के लिए सब संकल्पित भाव से कार्य करें।

सीएम बोले- हत्या और डकैती के मामले 6 माह में नहीं सुलझे ये सही नही है

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दुर्ग रेंज पुलिस को निर्देश
दुर्ग पुलिस रेंज को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है,हत्या और डकैती के मामले 6 महीने में भी नहीं सुलझ पा रहे हैं, ये सही नही है
कई मामलों में आरोपी फरार है, इस पर जल्दी कार्रवाई होनी चाहिए 
किसान सम्मान निधि में धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, ऐसे गड़बड़ी भविष्य में दोबारा नहीं होनी चाहिए 
प्रतिबंधात्मक मामलों में देरी न हो और जिला बदर की कार्रवाई केवल कागजों पे ना हो बल्कि वास्तव में हो
नए कानून की जानकारी को बेहतर तरीके से स्वीकार करें और जरूरत के अनुसार ट्रेनिंग कर खुद को अपडेट करते रहें।

सीएम बोले- मिशन मोड पर काम करें कलेक्टर, कोताही बर्दाश्त नहीं

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कलेक्टर आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर संवेदनशीलता के साथ काम करें। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने काम की पुरानी शैली बदलें, मिशन मोड पर काम करें और शासन की योजनाएं गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसका पूरा ख्याल रखा जाए।
सीएम ने राजधानी रायपुर में आयोजित लगभग आठ घंटे तक चले कलेक्टर कांफ्रेंस में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सभी फ्लैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग का आम लोगों और किसानों से ज्यादा वास्ता है। राजस्व प्रकरणों का निराकरण बिना किसी लेट-लतीफी के किए जाने से शासन-प्रशासन की छबि बेहतर होती है। भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाणपत्र मिलने में परेशानी न हो। प्राथमिकता के साथ प्रमाणपत्र बनाया जाए। हमें भूमिहीन परिवारों की पीड़ा समझनी होगी।
वंचित तबके का आधार, पेंशन पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समाज के सर्वाधिक वंचित तबके के जीवनयापन का आधार पेंशन है। पेंशन वितरण को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। समय पर जरूरतमंदों को पेंशन मिल जानी चाहिए। दिव्यांगों के लिए विशेष विद्यालय और अस्पताल के लिए 6 महीनों में कार्ययोजना बनाएं। प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना करें।
सीएम ने कहा कि जनसमस्या निवारण पखवाड़े में प्राप्त आवेदनों का शत - प्रतिशत निराकरण किया जाए। अमृत मिशन 2.0 योजना समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि सभी पात्र हितग्राहियों का राशनकार्ड बनना चाहिए। पैक्स में माइक्रो एटीएम के माध्यम से ही हो धान उपार्जन का भुगतान करें। पैक्स में कंप्यूटरीकरण का काम जल्द पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने जरूरतमंदों को 15 दिनों के भीतर स्वेच्छानुदान की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। जन्म प्रमाणपत्र, जाति, निवास, आय और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज आसानी से लोगों को मिले इसका ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा से काेई भी युवा वंचित न हों। युवाओं के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाएं।
साय ने अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा है। छत्तीसगढ़ की विषम भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए बैंकिंग का क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जाए। दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाएं। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सुविधा मिले।



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