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कलेक्टर मिशन मोड में कार्य करें: मुख्यमंत्री

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि कलेक्टर्स आम जनता के हितों को केन्द्र में रखकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो। शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। इन योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए मिशन मोड पर जुट कर काम करें। प्रशासन के कार्यों से जनता के मन में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास का भाव उत्पन्न हो।
मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर में लगातार 8 घंटों तक चली कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में ये दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। लंच ब्रेक को छोड़कर मुख्यमंत्री लगातार बैठक में उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, बसवराजु एस., राहुल भगत तथा सभी संबंधित विभागों के सचिव सहित सभी संभागों के आयुक्त, सभी जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायतों के सीईओ और नगर निगमों के आयुक्त भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे कार्यों की सराहना होगी और कार्य में लापरवाही बरतने पर कड़ा रूख भी अपनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों के परफार्मेंस की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी और जिलों की रैंकिंग तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी जिम्मेदारी आपको सौंपी गई है उसकी मॉनिटरिंग की जाती है। फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के कार्यों पर हमारी नजर रहती है। जिले में होनी वाली घटनाओं पर जिला प्रशासन कितनी तत्परता से काम करता है, यह भी देखा जाता है। कलेक्टरों की पहली जिम्मेदारी दंडाधिकारी के रूप में कानून व्यवस्था बनाए रखने की है। विभिन्न संगठनों के साथ संवाद के दौरान यदि असंतोष की कोई बात सामने आती है, तो उसका समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर में गुरूवार को जनदर्शन आयोजित किया जाता है। इसमें अनेक ऐसी छोटी-छोटी समस्याएं आती हैं जिनका समाधान तहसील और जिला स्तर पर किया जा सकता है। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि रायपुर में होने वाले जनदर्शन में ऐसी समस्याएं ही आएं जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो सकता है। जिलों में आम जनता की समस्या के समाधान के लिए कलेक्टर जनदर्शन का कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किया जाए। नागरिकों तक शासन की योजनाओं की सुगम पहुंच से शासन की छवि बनती है। कलेक्टर यह भी सुनिश्चित करें कि भूमिहीन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत न आए। प्राथमिकता के साथ इन परिवारों का जाति प्रमाण पत्र बनाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की पीड़ा को मैंने करीब से महसूस किया है। पीएम जनमन योजना इन जनजातियों के लिए आशा की नई किरण है। इसका क्रियान्वयन पूरी गंभीरता से करते हुए योजनाओं का हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बीच जाकर मैं स्वयं पीएम जनमन योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण करूंगा। प्रधानमंत्री जी ने हाल ही में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रदेश में 8 लाख 46 हजार आवासों की स्वीकृति दी है। जिससे गरीब परिवारों के स्वयं के घर का सपना अब पूरा होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पहली बार पैरेंट्स टीचर मीटिंग और जनभागीदारी से न्योता भोज की पहल की गई है। स्थानीय भाषा में बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की गई है। शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ स्कूलों की इमारत की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में बच्चों के स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ हो। राजस्व मामलों को हल करने में अमला जितनी तत्परता दिखायेगा, सरकार की छवि भी उतनी ही अच्छी बनेगी। हम जितना तकनीकी नवाचार को बढ़ाएंगे, राजस्व संबंधी भ्रष्टाचार उतना ही घटेगा। डिजिटल क्राप सर्वे, भू नक्शे की जियो-रिफ्रेंसिंग आदि के माध्यम से इस क्षेत्र में पारदर्शिता आयेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से अधिकतम रोजगार के अवसर सृजित हों। जल संचय के कार्यों को बढ़ावा दिया जाए। छत्तीसगढ़ में तालाबों की सुन्दर परंपरा रही है। नये तालाब बनाए जाएं, इससे जल स्तर बेहतर होगा, खेती-किसानी के लिए पानी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा प्रारंभ की गई अमृत सरोवर योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। बस्तर, सरगुजा और मैदानी क्षेत्रों के ऐसे गांव जो मानसून में कट जाते हैं, उन क्षेत्रों के लिए सड़कों का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र भेजें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो, निजी अस्पतालों में भी मरीजों का आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने में कोई दिक्कत न आए। पीएम जनऔषधि केन्द्र प्राइम लोकेशन पर हो, यहां दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता हो। प्रदेश की बड़ी आबादी शासकीय अस्पतालों पर निर्भर हैं, इसकी व्यवस्था दुरूस्त हो। हेल्थ बजट का उचित उपयोग हो और बुनियादी स्वास्थ्य अधोसंरचनाएं तैयार करने में जीवन दीप समितियों और डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जाए। डेंगू और मलेरिया को लेकर सतत अभियान चलाया जाए। सिकल सेल के मरीजों को चिन्हांकन और इलाज की समुचित व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों में तकनीकी वजहों से कुछ हितग्राहियों को महतारी वंदन योजना की राशि मिलने में दिक्कत आती है, इस पर कलेक्टर नजर रखें। कुपोषण दूर करने के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दलहन-तिलहन और मिलेट्स का रकबा बढ़ाया जाए। उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम हो। शहरी क्षेत्रों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के क्रियान्वयन, पेयजल, सीवरेज सिस्टम साफ-सफाई के काम पर पूरा फोकस रखें। शहरों में आबादी तेजी से शिफ्ट हो रही है। यहां नागरिक सुविधाओं को नये सिरे से तैयार किया जाए। वनाधिकार पत्रों के आवेदनों पर तेजी से काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पीडीएस का माडल पूरे देश ने अपनाया है। धान खरीदी से लेकर भंडारण, मिलिंग से उपभोक्ताओं को पीडीएस दुकानों में राशन की उपलब्धता तक हर स्तर पर बारीक मानिटरिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। आम आदमी की शिकायतों को हल करने का जितना बेहतर तंत्र हम बना सकेंगे, उससे ही शासन की छवि बनेगी। मुख्यमंत्री जनदर्शन में आये सभी आवेदनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। जिले में उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुसार स्किल डेवलपमेंट के लिए कार्य हांे। नियोक्ताओं तक स्किल लेबर की पहुंच सुनिश्चित करें। समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन में किसी तरह की दिक्कत न हो, यह भी सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन के कार्यों की मानिटरिंग करते रहें। यदि किसी तरह की दिक्कत आ रही हो तो इसकी जानकारी दी जाए।
 

कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री 13 सितम्बर को करेंगे कानून व्यवस्था की समीक्षा

13-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 13 सितम्बर को राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे। राजधानी रायपुर में आयोजित कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।
 

सीएम साय की पहल पर सीएम मांझी ने दिए हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने के निर्देश

12-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हालिया लगातार बारिश के कारण हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के मद्देनजर त्वरित कदम उठाए हैं। रायगढ़ जिले के कई गांवों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए, उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से तुरंत संपर्क साधा और हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का अनुरोध किया, ताकि संभावित आपदा से बचाव हो सके।
मुख्यमंत्री साय की पहल के जवाब में, ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों प्रदेशों के हितों को ध्यान में रखकर आवश्यक मात्रा में हीराकुंड बांध से पानी छोड़ने का आदेश जारी किया। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों में जन-धन की संभावित हानि से बचाव संभव हो सका।
मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी का आभार व्यक्त करते हुए उनकी इस संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की है।
यह उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हर साल भारी बारिश के कारण हीराकुंड बांध के डुबान क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के कई गांवों को बाढ़ का सामना करना पड़ता था। इस साल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की जनहितैषी सरकारों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होने से पहली बार समय पर उचित निर्णय लिए गए, जिससे बाढ़ की विपदा को टाला जा सका।
दोनों राज्यों के बीच इस प्रकार के तालमेल और सहयोग का यह सकारात्मक परिणाम है कि इस वर्ष बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किसी बड़ी आपदा की स्थिति नहीं उत्पन्न हुई।
 

सीएम साय की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस: कलेक्टरों स्थानीय स्तर की निपटाए समस्याएं

12-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  CM विष्णु देव साय की कलेक्टर कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है. मुख्य सचिव, विभागीय सचिवों सहित सभी संभागायुक्त और कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मौजूद। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। सभी फलैगशिप योजनाओं में सैचुरेशन के लक्ष्य को ध्यान में रखकर करें कार्य। बीते 9 महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप प्रदेश को संवारने की दिशा में प्रयास किया गया है, किन्तु विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों में आम जनता और स्कूली छात्रों से दुर्व्यवहार की घटनाओं पर जताई सख्त नाराजगी।  भाषा के संयम को लेकर दी विशेष हिदायत, कहा आपके अधिकारियों से भाषा का संयम चुका तो करें कार्यवाही, आपसे ऐसी गलती हुई तो मैं करूंगा कार्यवाही। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याएं वहीं निपटे, छोटी छोटी समस्याओं को लेकर लोगों को राजधानी न आना पड़े. जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई जन समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाएं। 

मुख्यमंत्री 12-13 सितम्बर को लेंगे कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस

12-Sep-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 12 और 13 सितम्बर को राजधानी रायपुर में कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कॉन्फ्रेंस लेंगे। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री 12 सितम्बर को जिलों के कलेक्टर और संभाग के कमिश्नर से राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वहीं कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री कलेक्टर और संभागायुक्त के साथ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक के साथ जिलों में कानून व्यवस्था सहित विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करेंगे।  कलेक्टर कॉन्फ्रेंस राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रातः 10 बजे से शुरू होगी।

ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रमों का हो सफल आयोजन : साय

12-Sep-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कल शाम यहां अपने निवास कार्यालय 75 दिन तक मनाये जाने वाले देश के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इस दौरान बस्तर दशहरा पर्व की गरिमा के अनुरूप सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सर्व संबंधितों को सौंपे गए दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वहन किये जाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि 75 दिन तक चलने वाला बस्तर दशहरा पर्व हरेली अमावस्या के दिन पाट जात्रा पूजा विधान के साथ 4 अगस्त 2024 से शुरू हो गया है, जो कि 19 अक्टूबर 2024 तक मनाया जाएगा। यह दशहरा पर्व विभिन्न जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। 
मुख्यमंत्री साय को इस दौरान बस्तर दशहरा उत्सव समिति द्वारा इसमें तिथिवार विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी। जिसमें बताया गया कि ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के दौरान 15 अक्टूबर 2024 को मुड़िया दरबार का आयोजन होगा। इसी तरह बस्तर दशहरा को भव्य रूप देने के लिए बस्तर मड़ई, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स मीट, एक पेड़ बस्तर के देवी-देवताओं के नाम, बस्तर टूरिस्ट सर्किट, दसरा पसरा, नगरगुड़ी टेंट सिटी, टूरिज्म ट्रेवलर्स आपरेटर मीट, देव सराय, स्वच्छता पखवाड़ा जैसे विविध कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। बस्तर दशहरा पर्व में लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष यात्री बसों के संचालन के सम्बंध में भी चर्चा की गई। 
4 अगस्त को पाट जात्रा पूजा विधान से शुरू हुए ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व 2024 के अंतर्गत 2 अक्टूबर को काछनगादी पूजा विधान, रेलामाता पूजा विधान। 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा विधान, रथ परिक्रमा पूजा विधान। 12 अक्टूबर को मावली परघाव विधान, 15 अक्टूबर को काछन जात्रा पूजा विधान और मुरिया दरबार, 16 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान, 19 अक्टूबर को मावली माता जी की डोली की विदाई पूजा विधान आयोजित है।
गौरतलब है कि मुरिया दरबार में विभिन्न जनजातीय समुदायों के प्रमुख, नेता और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर संस्कृति, परंपरा और प्रथाओं को सहेजने और सामुदायिक मांग तथा समस्याओं पर विचार करते हैं। इस वर्ष 15 अक्टूबर 2024 को मुरिया दरबार का आयोजन किया जायेगा।मुरिया दरबार आयोजन के 10 दिन बाद बस्तर संभाग के मांझी, चालकी, मेम्बर, मेम्बरीन, पुजारी, कोटवार, पटेल, मातागुड़ी के मुख्य पुजारियों का सम्मेलन आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कई अभिनव पहल की जा रही है। द बस्तर मड़ई के अंतर्गत बस्तर की प्राकृतिक सौन्दर्य, एतिहासिक एवं पुरातत्विक स्थलों, एडवेंचर स्थलों, सांस्कृतिक स्थलों से पर्यटकों को अवगत कराने के लिए प्रशासन द्वारा "द बस्तर मड़ई" की अवधारणा तैयार की गयी है।
बस्तर मड़ई के अंतर्गत 21 सितम्बर को सामुहिक नृत्य कार्यक्रम, 21 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक बस्तर हाट-आमचो खाजा, 24 सितम्बर को सिरहासार परिसर मैदान में बस्तर नाचा, 27 सितम्बर को पारंपरिक लोक संगीत, 29 सितम्बर को बस्तर की कहानियां एवं हास्य कवि सम्मेलन, 30 सितम्बर को बस्तरिया नाचा जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन होगा। 2 अक्टूबर से बस्तर दशहरा 2024 की समाप्ति तक बस्तर के पारंपरिक व्यंजन के स्टॉल लगाए जाएंगे।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप तथा विधायक द्वय किरण सिंहदेव व सुश्री लता उसेंडी और मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानन्द, बसवराजू एस, राहुल भगत और सचिव अन्बलगन पी, आयुक्त बस्तर डोमन सिंह, बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम, एसपी शलभ सिन्हा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर बहादुर वनकर्मियों और पर्यावरण संरक्षकों के बलिदान को किया नमन

11-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर  पर बहादुर वनकर्मियों और पर्यावरण संरक्षकों के बलिदान को नमन किया है। वन शहीदों के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए साय ने कहा है कि राष्ट्रीय वन शहीद दिवस हर साल 11 सितंबर को वनों तथा वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु अपने जीवन का बलिदान करने वाले बहादुर वनकर्मियों और पर्यावरण संरक्षकों की याद में मनाया जाता । इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के बिश्नोई समाज द्वारा पेड़ों की कटाई के विरोध में अपने प्राणों की आहुति और पर्यावरण संरक्षण के लिए शहीद हुए लोगों की विरासत को सम्मान देने के लिए राष्ट्रीय वन शहीद दिवस की शुरुआत की गई। साय ने कहा कि यह दिवस उन वनकर्मियों के साहस और बलिदान को सम्मानित करने का है, जो जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की परवाह किये बिना शहीद हो गए। यह दिन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की धरोहर को संरक्षित रखा जा सके।
 

अबूझमाड़ में आर्मी कैंप पर सीएम बोले- किसी को संदेह नहीं, अमित शाह ने जारी की है नक्सलवाद के खात्मे की डेट लाइन

09-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से लड़ने के लिए आर्मी के कैंप खुलने को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि इसका नक्सलवाद से कोई संबंध नहीं है। सबको पता है पूरे देश को पता है। नक्सलवाद के साथ हम मजबूती के साथ लड़ रहे हैं। 
गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 में नक्सलवाद के खात्मा का डेट लाइन घोषित कर दिया है, इसमें किसी को संदेह नहीं होना चाहिए।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में इंडियन आर्मी का कैंप खोलने की तैयारी है। यह पहली बार होगा, जब बस्तर में आर्मी अपना बेस कैंप खोलेगी। इसके लिए जमीन का सर्वे भी किया जा चुका है। अबूझमाड़ इलाके को नक्सलियों का सबसे मजबूत ठिकाना माना जाता है।
रायगढ़ दौरे को लेकर सीएम साय ने कहा चक्रधर समारोह का शुभारंभ किया। संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह के यादगार में समारोह होता है। रायगढ़ के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल हुए। स्थानीय विधायक और वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। गरिमामय वातावरण में समारोह का शुभारंभ किया। कल शुभारंभ में पद्मश्री हेमा मालिनी का राधा रास बिहारी का कार्यक्रम हुआ। बेहद अद्भुत था लोगों ने बेहद पसंद किया।

मुख्यमंत्री निवास में विराजे भगवान गणेश, सीएम ने पूजा अर्चना कर खुशहाली की कामना की

07-Sep-2024
रायपुर,  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर अपने रायपुर निवास में पूरे विधि विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना की। मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वन एवं जल वायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित निवास कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी इस अवसर पर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का 7 एवं 8 सितंबर को रायगढ़ प्रवास

07-Sep-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 7 एवं 8 सितम्बर 2024 को रायगढ़ प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय 7 सितम्बर को दोपहर 2.15 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रायपुर से प्रस्थान कर अपरान्ह 3.15 बजे शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम रायगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री साय अपरान्ह 3.30 से 4.15 बजे तक शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय गढ़उमरिया के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सर्किट हाऊस रायगढ़ पहंचेंगे। मुख्यमंत्री साय शाम 5.30 बजे से रामलीला मैदान में आयोजित चक्रधर समारोह-2024 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय रात्रि 8.35 बजे नटवर स्कूल मैदान में आयोजित महाराष्ट्र मंडल के 85वें सार्वजनिक गणेशोत्सव में शामिल होंगेे। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम रायगढ़ में करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 8 सितम्बर को प्रातः 10.35 बजे हेलीकॉप्टर से ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपैड जाएंगे और वहां से पूंजीपथरा स्थित बंजारी माई धाम में पूजा तथा मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय पूर्वान्ह 11.40 बजे थाना परिसर पूंजीपथरा में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री साय दोपहर 12.30 बजे ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी हेलीपेड से हेलीकॉप्टर से प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे रायपुर लौट आयेंगे। 
मुख्यमंत्री साय 8 सितंबर को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में संध्या 4 से 5 बजे तक राजधानी रायपुर आयोजित अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह एवं उल्लास मेला में शामिल होंगे।
 



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