ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई गूंज : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा को दी 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

14-Apr-2026
रायपुर,  शोर संदेश । नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।
मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।
मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।
एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।
इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद महेश कश्यप, मुख्य सचिव विकास शील, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

स्वाभिमान की नई पहचान: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर

12-Apr-2026
रायपुर,(शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब आंकड़ों में दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी गौरव वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को प्रारंभ इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की सहायता मिल रही है। अब तक 26 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 881 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, वहीं इस योजना के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
राज्य में महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 368 सदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।
मातृत्व सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 3 लाख 73 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं तथा 235 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2023-24 में जहां 1 लाख 75 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार से अधिक हो गई। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख 4 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत से अधिक है।
पोषण अभियान में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पोषण माह 2024 के दौरान प्रति केंद्र प्रदर्शन में प्रदेश को प्रथम स्थान तथा कुल गतिविधियों में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं न्योता भोज जैसे नवाचारों के तहत 9 हजार 700 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1 लाख 83 हजार से अधिक बच्चों को लाभ मिला।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है तथा लखपति दीदी योजना के माध्यम से उन्हें व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 38 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है, जहां 14 हजार 300 से अधिक प्रकरणों में से 8 हजार 900 से अधिक का निराकरण किया जा चुका है।
स्पष्ट है कि “महतारी गौरव वर्ष” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने वाला अभियान है। विष्णु देव साय और लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं और राज्य को नई दिशा दे रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का किया विमोचन

11-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री जागेश्वर यादव के जीवन पर आधारित पुस्तक “बिरहोर जननायक” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पद्मश्री जागेश्वर यादव का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन समाज के प्रति समर्पित रहा है और उनके कार्य विशेष रूप से जनसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के रूप में विख्यात जागेश्वर यादव ने बिरहोर आदिवासी समाज के उत्थान के लिए जो कार्य किए हैं, वे अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनका सरल व्यक्तित्व और समाज के प्रति अटूट प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि सच्चा नेतृत्व सेवा और संवेदनशीलता से ही जन्म लेता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “बिरहोर जननायक” पुस्तक उनके संघर्ष, समर्पण और सेवा की उस प्रेरक यात्रा को सामने लाती है, जो नई पीढ़ी को समाज के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनने की दिशा देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक होगी।
इस अवसर पर पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने बताया कि इस पुस्तक की रचना आदिम जनजातियों, विशेषतः बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए जागेश्वर यादव द्वारा किए गए समर्पित प्रयासों से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस कृति में उनके जीवन संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

10-Apr-2026
रायपुर, शोर संदेश । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का  अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। 
 

 

 


छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

07-Apr-2026
रायपुर, ।  शोर संदेश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए।  इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का  संदेश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।
उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
इसअवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संयोगिता सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, उपेंद्र यादव, सुनील अग्रवाल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।








 

एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने निकली छत्तीसगढ़ की बेटी, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

07-Apr-2026
रायपुर,।  शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले की युवा पर्वतारोही अमिता श्रीवास को उनके आगामी माउंट एवरेस्ट अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में पर्वतारोही अमिता श्रीवास से मुलाकात के दौरान कहा कि आगामी 9 अप्रैल को अमिता विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने के संकल्प के साथ काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। यह केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि की यात्रा नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं, साहस और आत्मविश्वास की ऊंची उड़ान है।
उन्होंने कहा कि अमिता का यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अटल हो, तो कोई भी ऊंचाई असंभव नहीं रहती। प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए मानक स्थापित कर रही हैं और छत्तीसगढ़ को नई पहचान दे रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अमिता श्रीवास ने वर्ष 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माउंट किलिमंजारो को फतह कर पहले ही अपनी क्षमता और दृढ़ता का परिचय दिया है। उनका यह सतत प्रयास न केवल उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए एक जीवंत प्रेरणा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अमिता अपने इस साहसिक अभियान में सफलता प्राप्त कर विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर देश का तिरंगा फहराएंगी और छत्तीसगढ़ सहित पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री ने अमिता श्रीवास को इस महत्वपूर्ण अभियान के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




 

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

04-Apr-2026
रायपुर, 04 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है।
समारोह में मुख्यमंत्री साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी।
समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने  सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया।श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की। साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया।  उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। 
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मेरीकॉम और फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। साथ ही केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में देश भर से आए खिलाड़ी उपस्थित थे।

अटल परिसर से विकास का नया अध्याय: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में 26 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

30-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं। 
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा का शुभारंभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरी पहली नाइट फ्लाइट

30-Mar-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए।
उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया।  इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की। 
समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और विधायक धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया। 
इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसपी रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गोवा के खेल एवं जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर की सौजन्य भेंट

27-Mar-2026
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोवा के खेल एवं युवा मामले तथा जनजातीय कल्याण मंत्री रमेश तावड़कर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए तावड़कर का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह एवं जशपुर के स्थानीय उत्पाद भेंट किए।
मुख्यमंत्री साय ने तावड़कर से जनजातीय कल्याण और खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और राज्य में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह आयोजन न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रमेश तावड़कर के नेतृत्व में गोवा सरकार का प्रतिनिधिमंडल ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में सहभागिता हेतु छत्तीसगढ़ प्रवास पर है। यह प्रतिनिधिमंडल खेल आयोजन में भागीदारी के साथ-साथ छत्तीसगढ़ मुक्तांगन, आदिवासी संग्रहालय सहित राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विरासत से जुड़े विभिन्न स्थलों का अवलोकन भी करेगा।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account