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डौंडीलोहारा में मरार समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

10-Nov-2025
रायपुर,( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का मुख्य आधार है। इसलिए हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि आने वाली पीढ़ी को उच्च शिक्षित और ज्ञानवान बनाएं। मुख्यमंत्री साय ने बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम संबलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने सर्वप्रथम शाकंभरी माता, भगवान श्रीराम, महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कोसरिया मरार समाज को धरती माता की सेवा करने वाला मेहनतकश समाज बताते हुए समाज के कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं शाकंभरी महोत्सव को समाज का महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वजातीय जनों के बीच मेल-मिलाप और एकता को भी प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री साय ने समाज द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह समारोह की भी सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल अनावश्यक खर्च को रोकते हैं, बल्कि समाज के कमजोर तबके को आर्थिक संबल भी प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने समाज एवं राष्ट्र के विकास में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा केवल शासकीय सेवाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के सभी परिवारों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की समुचित शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने नशा को समाज की अवनति का प्रमुख कारण बताते हुए समाज के लोगों से नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सभी समाजों की प्रगति ही छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश की प्रगति का आधार है। मरार समाज की उन्नति में ही प्रदेश की उन्नति निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज का यह आयोजन निश्चित रूप से कोसरिया मरार समाज की एकता और प्रगति को नई दिशा देगा। साय ने कहा कि मरार समाज खेती-किसानी और सब्ज़ी उत्पादन के माध्यम से न केवल समाज के सभी वर्गों की सेवा कर रहा है, बल्कि राज्य और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार अन्नदाता किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए प्रति क्विंटल 3100 रुपए की दर से धान खरीदी कर रही है। साथ ही राज्य में सिंचाई के रकबे में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।  इसके अतिरिक्त राज्य में पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन में वृद्धि हेतु भी ठोस व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कोसरिया मरार समाज द्वारा प्रकाशित युवक-युवती परिचय माला पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने शाकंभरी महोत्सव के दौरान आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में परिणय-सूत्र में बंधने वाले नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखी एवं सफल दांपत्य जीवन की शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में संजारी-बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख उपस्थित थे।

रायपुर में गूँजा स्पीड का रोमांच: राष्ट्रीय सुपरक्रॉस चैंपियनशिप-2025 का शानदार आयोजन

10-Nov-2025
रायपुर,( शोर संदेश )। राजधानी रायपुर के बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में आज रोमांच, ऊर्जा और साहस से भरपूर राष्ट्रीय सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप-2025 का आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित  करते हुए कहा कि यह आयोजन खेल  युवा शक्ति, अनुशासन, साहस और जिम्मेदारी का उत्सव है। देशभर से आए 100 से अधिक प्रोफेशनल राइडर्स और हजारों दर्शकों की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जैसे रजत जयंती महोत्सव के दौरान एयरोबेटिक शो ने आसमान में देशभक्ति का जोश जगाया, वैसे ही यह सुपरक्रॉस चैंपियनशिप ज़मीन पर युवाओं के जुनून को नई उड़ान दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि अनुशासन, जिम्मेदारी और सुरक्षा का पाठ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन अनमोल है, इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, स्पोर्ट्स टूरिज़्म और मोटर स्पोर्ट्स जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रही है और युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे सुरक्षित रेस करें, अपने कौशल का प्रदर्शन करें और दर्शक जिम्मेदारी के साथ इस खेल का आनंद लें। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्ज्वल दीपक, अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना ने बचाई किसान की जान, मिला नया जीवन

09-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अब उन परिवारों के लिए संजीवनी बन चुकी है, जिनके लिए गंभीर बीमारियों का खर्च उठाना संभव नहीं होता। इस योजना ने एक बार फिर जशपुर जिले के बगीचा निवासी 48 वर्षीय किसान गणेशराम यादव को नई ज़िंदगी दी है।
गणेशराम की दोनों किडनियाँ खराब हो चुकी थीं। कई महीनों से डायलिसिस पर चल रहे गणेशराम की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें किडनी प्रत्यारोपण की सलाह तो दी, लेकिन उपचार का खर्च सुनकर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं। एक किसान परिवार के लिए इतना बड़ा खर्च उठाना असंभव था - परिवार असहाय खड़ा था, और हर दिन जीवन की आस धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही थी।
इसी कठिन समय में उन्हें कुनकुरी सदन के माध्यम से मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली। परिवार ने तत्परता से पहल की, आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए गए, और बिना किसी जटिल प्रक्रिया के योजना के अंतर्गत उनका पूरा उपचार निःशुल्क स्वीकृत हो गया।
गणेशराम को रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती कराया गया। उनके उपचार के लिए उनकी 64 वर्षीय माता सरस्वती यादव ने अपने बेटे के लिए निःसंकोच किडनी दान कर दी — इस प्रकार एक माँ ने अपने बेटे को दूसरी बार जीवनदान दिया।
किडनी प्रत्यारोपण सफल रहा, और गणेशराम अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। घर लौटने के बाद उनका परिवार पुनः खुशियों से भर उठा है।
स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के पश्चात् गणेशराम अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित निवास में मिले। उनकी आँखों में कृतज्ञता और भावनाओं की नमी थी। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए गणेशराम ने कहा कि“अगर यह योजना नहीं होती, तो शायद मैं आज ज़िंदा नहीं होता। सरकार ने हमारी  जीवन की टूटी हुई आस को फिर से लौटा दिया।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गणेशराम और उनके परिवार से आत्मीय मुलाकात करते हुए उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि, “प्रदेश का प्रत्येक नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाने का अधिकारी है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे — यही सच्चे अर्थों में जनसेवा है।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मानवीयता और करुणा को नया आयाम दे रही है।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की सौजन्य भेंट

09-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। उप राज्यपाल सिन्हा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को माता वैष्णो देवी का पवित्र प्रसाद भेंट किया। मुख्यमंत्री साय ने उपराज्यपाल सिन्हा का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

 


कर्तव्य ही भारत माता की सर्वोच्च आराधना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

08-Nov-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रगीत वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वाल्मीकि रामायण में मातृभूमि को स्वर्ग से भी श्रेष्ठ बताया गया है — “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी”। उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने हमें जन्म दिया, पालन-पोषण किया और पहचान दी, उसकी सेवा ही हमारे जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। भारत माता की आराधना केवल शब्दों में नहीं, अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के माध्यम से होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब हम भारत माता की पूजा करते हैं, तो पूजा में दक्षिणा देना भी आवश्यक होता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि को अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए। यही हमारी मातृभूमि के प्रति सच्ची देशभक्ति और सबसे महत्वपूर्ण दक्षिणा होगी।

सिंचाई परियोजनाओं की गति तेज करें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

08-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेश में संचालित सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हों तथा निर्माण कार्यों की गति में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री साय ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन परियोजनाएँ प्रदेश के सर्वांगीण विकास की धुरी हैं। उन्होंने कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सिंचाई परियोजनाओं का निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी निर्माणाधीन एवं प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में गति लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री को पावर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से प्रदेश की निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल: बैगा-गुनिया-हड़जोड़ व्यक्तियों को हर साल मिलेंगे 5,000 रुपए

08-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप अनुसूचित जनजाति वर्ग के बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ के चिन्हित व्यक्तियों को प्रति वर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को ‘मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना (अनुसूचित जनजाति) वर्ष 2025’ के नाम से जाना जाएगा। योजना के संबंध में 6 नवम्बर को आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय बाहुल्य ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत रूप से वनौषधीय चिकित्सा संबंधी कार्यों में संलग्न बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ लोगों की परंपरागत वनौषधीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित करने और उनके सेवा एवं योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से, जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर 2024 के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रति चिन्हित व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान सह-प्रोत्साहन निधि प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में उल्लेखित है कि ‘मुख्यमंत्री बैगा, गुनिया-हड़जोड़ सम्मान योजना’ का उद्देश्य जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के अंतर्गत परंपरागत रूप से वनौषधियों के ज्ञान में दक्ष बैगा, गुनिया और हड़जोड़ व्यक्तियों के पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करना, उसे आगामी पीढ़ियों तक हस्तांतरित करना और उनके वनौषधीय चिकित्सकीय अनुभवों का अभिलेखीकरण कर उनकी आजीविका एवं सेवा को सुदृढ़ बनाना है।
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनजाति समाजों में वनौषधीय चिकित्सा संबंधी अनुभव परिवारों में पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। अनुसूचित क्षेत्रों के ग्रामों में ऐसे बैगा, गुनिया एवं हड़जोड़ व्यक्ति जो विगत तीन वर्षों से वनौषधीय चिकित्सा सेवा कार्य में संलग्न हैं, उन्हें संरक्षित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष 5,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग के स्त्री, पुरुष एवं तृतीय लिंग (ट्रांसजेंडर) व्यक्ति, जो बैगा, गुनिया या हड़जोड़ के रूप में कम से कम 30 वर्षों से अपने स्थानीय क्षेत्र में सेवाएँ दे रहे हैं तथा जिनके परिवार में कम से कम दो पीढ़ियों से वनौषधीय चिकित्सा का ज्ञान स्थानांतरित हुआ है, पात्र माने जाएंगे। साथ ही, जो व्यक्ति पादप औषधि बोर्ड, आयुष विभाग, वन विभाग या लघु वनोपज संघ जैसी पंजीकृत संस्थाओं से जुड़े हुए हैं, उनका चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ग्राम स्तर पर किया जाएगा।
ग्राम सभा एवं ग्राम पंचायत द्वारा प्रेषित नामों की अनुशंसा ग्राम स्तर पर ग्राम सचिव, सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन तथा प्राथमिक अथवा माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक द्वारा अनुमोदित की जाएगी। इस अनुशंसा के आधार पर संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास स्तर पर गठित समिति — जिसमें संबंधित जनपद अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक जनपद सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत) एवं मंडल संयोजक शामिल होंगे — द्वारा अनुशंसित नामों का परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। सत्यापित सूची आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास कार्यालय को प्रेषित की जाएगी। समिति द्वारा किसी मान्यता प्राप्त संस्था से प्रशिक्षण प्राप्त सदस्यों का विशेष रूप से उल्लेख किया जाएगा।
ग्राम सभा/ग्राम पंचायत से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तथा जनपद स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के उपरांत सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास द्वारा कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर प्रस्ताव आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास को भेजा जाएगा। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार जिलों को आवश्यक धनराशि का आबंटन किया जाएगा। तत्पश्चात सहायता राशि का वितरण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा तथा सम्मान निधि प्राप्त व्यक्तियों की सूची संबंधित ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़ी जाएगी।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराएं हमारे सांस्कृतिक वैभव और प्राचीन ज्ञान का जीवंत प्रतीक हैं। बैगा, गुनिया और हड़जोड़ हमारे समाज के वे सम्मानित जन हैं, जिन्होंने सदियों से वनौषधीय चिकित्सा की लोकपरंपरा को जीवित रखा है। उनकी इस अनमोल सेवा और ज्ञान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार ने “मुख्यमंत्री बैगा गुनिया हड़जोड़ सम्मान योजना” प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से हम न केवल उनके योगदान को मान्यता दे रहे हैं, बल्कि उनकी परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी निभा रहे हैं।" - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 

राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी को मिला तृतीय पुरस्कार

07-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  ।  छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 5 नवम्बर तक नवा रायपुर अटल नगर, तूता स्थित पंडित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर मेला स्थल में राज्योत्सव का आयोजन किया गया। राज्योत्सव में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा “25 वर्षों की विकास यात्रा” थीम पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे जनता द्वारा काफी सराहना मिली। इस पांच दिवसीय राज्योत्सव के दौरान ज्यूरी समिति द्वारा मूल्यांकन उपरांत, वन विभाग की इस प्रदर्शनी को तृतीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया। राज्योत्सव के समापन समारोह में उप राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के हाथों वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने विभाग की इस उपलब्धि पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण का परिणाम है। पुरस्कार मिलने से विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उत्साहित हैं। राज्योत्सव में आने वाले आगंतुकों ने इस स्टॉल को रोचक, आकर्षक और ज्ञानवर्धक बताया। यह प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ की हरित सोच, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सशक्त प्रतीक बनी।
उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में 25 वर्षों की उपलब्धियों की जीवंत झलक वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, एवं हरित विकास से जुड़े मॉडल और योजनाओं की जानकारी आकर्षक रूप में दिखायी गई। राज्य स्थापना वर्ष 2000 से वर्ष 2025 तक लागू की गई विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रभाव को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
प्रदर्शनी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अब तक 6.41 करोड़ पौधारोपण का उल्लेख,शहरों में विकसित मियावाकी सूक्ष्म वन,ग्रीन गुफा परियोजना, घोटुल संस्कृति प्रदर्शन,गज संकेत ऐप एवं गजरथ यात्रा द्वारा मानव-हाथी संघर्ष में कमी को प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से वन उत्पादों का मूल्यवर्धन,राज्य के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों जैसे हांदावाड़ा जलप्रपात, कांगेर घाटी की कुटुमसर गुफा, बारनवापारा अभयारण्य की जानकारी भी दी गई। प्रदर्शनी में विशेष तौर पर यह प्रदर्शित किया गया कि राज्य में वन्य जीव संरक्षण प्रयासों के फलस्वरूप काला हिरण की संख्या 77 से बढ़कर 190 हुई। इसी तरह बाघों की संख्या वर्ष 2021 में 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 में 35 पहुँची।









 

लखपति दीदी: महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि का राष्ट्रीय मॉडल – उपराष्ट्रपति

06-Nov-2025
रायपुर,( शोर संदेश )। राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में देश के उपराष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना और नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की।
इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि लखपति दीदी आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक हैं। यह केवल आय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज में उनके बढ़ते प्रभाव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन चुका है, जहां महिलाएं आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अग्रसर हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ आज बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन दिखाता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो परिवर्तन की गाथाएं स्वयं लिखती हैं।
अपने संबोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जीवंत तस्वीर है। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संकल्प और आत्मबल से कैसे समृद्धि का नया अध्याय लिखा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज हर जिले में महिलाएं स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। बलरामपुर में महिलाएं बाड़ी विकास और विपणन में, बस्तर में वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार करने में, और कोण्डागांव में फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
राजनांदगांव जिले में ही लगभग 40 हजार लखपति दीदियां बनी हैं, जिनमें से 208 दीदियां सालाना 5 लाख रुपए से अधिक और 26 दीदियां 10 लाख रुपए से अधिक का व्यवसाय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर दीदी की कहानी प्रेरणा है। जब संकल्प और सामूहिक प्रयास जुड़ते हैं, तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहती, वह हकीकत बन जाती है।
राज्यपाल ने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव जैसी महिलाओं के कार्यों को आदर्श बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से नारी सशक्तिकरण का मार्ग और सशक्त हुआ है। 
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए देशभर में अनेक योजनाएं चल रही हैं, और छत्तीसगढ़ ने उन्हें ज़मीन पर उतारकर एक “सशक्त भारत, सशक्त छत्तीसगढ़” की मिसाल पेश की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 7 लाख 82 हजार लखपति दीदी बनाने का है, जिनमें से अब तक 4 लाख 93 हजार दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन नारी शक्ति की पहचान और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले ने विकास की दिशा में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं  चाहे वह पीएम आवास निर्माण हो, जल संरक्षण या कुपोषण उन्मूलन का अभियान।
उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने हेतु पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के योगदान की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला स्वसहायता समूह की दीदियां उपस्थित थीं।

राज्योत्सव पर वायुसेना का शानदार एयर शो, ‘सूर्यकिरण’ टीम ने दिखाए अद्भुत करतब

06-Nov-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा।
एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। 
"सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है।
एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। 
वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है।
एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी।
'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। 
सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं।
सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।



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