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भारत ने शंघाई सहयोग संगठन के न्याय मंत्रियों के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की*

17-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्यों देशों के न्याय मंत्रियों की सातवीं बैठक की मेजबानी विधि एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा की गई। भारतीय गणराज्य के विधिएवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद, कजाकिस्तान गणराज्य के न्याय मंत्री एम.बी. बेकेतायेव, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के न्याय मंत्री तांग यिजुन, किर्गिज़ गणराज्य के न्याय मंत्री एम. टी. दज़मांकुलोव, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्रालय की अधिकृत प्रतिनिधि सुश्री अंबरीन अब्बासी, रूसी फेडरेशन के न्याय मंत्री के.. चुइचेंको, ताजिकिस्तान गणराज्य के न्याय मंत्री एम.के. अशरियोन, उज्बेकिस्तान गणराज्य के न्याय मंत्री आर.के. डेवलेटोव नेन्याय मंत्रियों की इस बैठक में भाग लिया। विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधिक मामले विभाग के सचिव अनूप कुमार मेंदिरत्ता ने न्याय मंत्रियों की इस बैठक में मुख्य संबोधन और समापन वक्तव्य दिया। एससीओ के सदस्य देशों के न्याय मंत्रियों की इस सभा को संबोधित करते हुए विधि एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सभी को सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के हाशिए के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए प्रो बोनो लीगल सर्विसेज शुरू करने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 2017 में शुरू की गई टेली-लॉ सेवाओं के माध्यम से अब तक 3.44 लाख मुफ्त कानूनी परामर्श गरीब लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिए गए हैं। उन्होंने पारंपरिक ईंट और मोर्टार वाले स्थापत्य से लैस कोर्ट से प्रक्रियागत स्वचालन की ओर सरकार के सफल रूपांतरण के एक हिस्से के तौर पर वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा वाली -कोर्ट परियोजनाओं और वर्चुअल कोर्ट्स की शुरुआत पर प्रकाश डाला। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के विभिन्न न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 25 लाख से अधिक सुनवाई हुई है, जिसमें से 9,000 आभासी सुनवाई अकेले सुप्रीम कोर्ट में हुई है। उन्होंने व्यवसायिक न्यायालय अधिनियम एवं मध्यस्थता कानून समेत सरकार द्वारा व्यापार को बढ़ावा देने वाले कानून एवं नियम बनाने को उच्च प्राथमिकता दिए जाने के निर्णय से सभा को अवगत कराया ताकि भारत को निवेश तथा व्यापार का एक पसंदीदा गंतव्य बनाया जा सके। केन्द्रीय मंत्री ने एससीओ सदस्य देशों से, न्याय मंत्रियों के फोरम की गतिविधियों के हिस्से के तौर पर, इस मंच के माध्यम से चिन्हित किए गए क्षेत्रों में विचारों, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष तौर परफोरम में और आम तौर पर एससीओ में की जा रही विविध गतिविधियों को और व्यापक बनाने पर जोर दिया। 



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