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शिक्षा

नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा संपन्न

15-Dec-2025
एमसीबी ( शोर संदेश )।  मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय, कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा रविवार को उत्साहपूर्ण, शांतिपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। ठंड के मौसम की परवाह किए बिना ग्रामीण एवं शहरी अंचलों से बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को परीक्षा केंद्रों तक लेकर पहुंचे, जिससे परीक्षा को लेकर बढ़ती जागरूकता और रुचि स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
परीक्षा आयोजन के लिए जिले में कुल 11 केंद्र स्थापित किए गए थे। इनमें भरतपुर विकासखंड में 4, खड़गवां विकासखंड में 4 तथा मनेन्द्रगढ़ विकासखंड में 3 परीक्षा केंद्र शामिल थे। सभी केंद्रों पर प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा, अनुशासन तथा समय-प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
इस वर्ष नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के लिए जिले से कुल 3570 छात्र-छात्राओं ने पंजीयन कराया था। इनमें से 2877 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिसमें लगभग 81 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। चयन परीक्षा में शामिल सभी विद्यार्थी पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय, केनापारा, बैकुंठपुर में कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित अभिभावकों ने नवोदय विद्यालय की गुणवत्ता पूर्ण आवासीय शिक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह विद्यालय उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। इसी क्रम में कई अभिभावकों द्वारा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शीघ्र ही पृथक जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना किए जाने की मांग भी की गई, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अपने ही जिले में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त हो सके। कुल मिलाकर जिले में नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा का आयोजन सफल, सुव्यवस्थित और उत्साहवर्धक रहा, जो भविष्य में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

 

प्रधानमंत्री की ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ की शुरुआत, विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा संवाद का अवसर

14-Dec-2025
रायपुर,( शोर संदेश ) परीक्षा पे चर्चा 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित होगा। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम पीएम मोदी का एक इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है, जिसमें देश-विदेश के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा से जुड़े तनाव, अनुभव और सकारात्मक तैयारी पर चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन  MyGov पोर्टल (innovateindia1.mygov.in ) पर शुरू हो चुके हैं और इसकी अंतिम तिथि 11 जनवरी 2026 है। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थीए शिक्षक और अभिभावक ऑनलाइन डब्फ आधारित प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को सीधे संवाद करने का एक और सुनहरा अवसर मिल रहा है। प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी परीक्षा पे चर्चा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो इस श्रंखला का 9 वाँ संस्करण होगा। इस मंच के माध्यम से  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राज्यों से चयनित बच्चों द्वारा परीक्षा से संबंधित पूछे गए सवालों के जवाब देकर उनका मार्गदर्शन करेंगे और उनके तनाव को कम करने का प्रयास करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी माता-पिता और शिक्षकों के साथ बातचीत भी करते हैं, ताकि वे छात्रों के सभी सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उनकी मदद कर सकें और अपने बच्चों और छात्रों को एग्जाम के तनाव को दूर करने में मदद कर सकें।  परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में केवल कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र एवं कक्षा 6 से 12 छात्रों के पेरेंट्स रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन करके वे अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं। गौरतलब है कि पीपीसी 2025 के 8 वें संस्करण ने भारत और विदेशों में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से पंजीकरण के मामले में एक अभूतपूर्व मील का पत्थर स्थापित किया है। कार्यक्रम की अपार लोकप्रियता छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने और परीक्षाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में इसकी सफलता को उजागर करती है।
इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 12 वीं के विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपने प्रश्न अधिकतम 500 शब्दों में तैयार कर सकते हैं। प्रश्न अपलोड करने की सुविधा भारत सरकार के पोर्टल   http://innovateindia1.mygov.in  पर उपलब्ध है।  परीक्षा पे चर्चा विकल्प में प्रतिभागी पुरस्कारों से जुडी तिथियों और अन्य दिशा-निर्देशों की जानकारी देख सकते हैं। कार्यक्रम के लिए प्रश्न अपलोड करने की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और प्रतिभागी अपने प्रश्न 11 जनवरी 2026 तक जमा (अपलोड)कर सकते हैं।
 

स्कूलों के प्रति प्रेम और समर्पित शिक्षकों की जरूरत—संसाधनों की कोई कमी नहीं : मंत्री गजेन्द्र यादव”

12-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा है कि राज्य में शिक्षक एवं शैक्षणिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। जरूरत अपने स्कूल के प्रति प्रेम ओर समर्पण करने वाले और पढ़ाई में रूचि दिखाने वाले समर्पित शिक्षकों की है। राज्य सरकार अच्छे शिक्षकों को जहां पुरस्कृत करेगी वहीं लापरवाह शिक्षकों को सजा देने में भी कोई कोताही नहीं बरतेगी। यादव जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। यादव ने इस अवसर पर स्कूलों के निरीक्षण हेतु जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के उपयोग के लिए तैयार ऐप को भी लांच किया। 
मंत्री यादव नेे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्कूलों के निरंतर निरीक्षण पर जोर दिया। यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर संकुल समन्वयक तक निरंतर स्कूलों का दौरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परेदशी, समग्र शिक्षा की एमडी डॉ. प्रियंका शुक्ला, डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी शामिल थे।
मंत्री यादव ने सभी जिलों को अगले तीन वर्षों के लिए एक समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय अधोसंरचना के मजबूत विकास, शैक्षणिक माहौल के संवर्धन और शिक्षण गुणवत्ता में ठोस सुधार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और दीर्घकालिक योजनाएँ ही स्थायी सुधार की नींव बनेंगी।
शिक्षा मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिक्षक एवं कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की जाए। उन्होंने बताया कि समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विभाग द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही डीईओ, बीईओ और बीआरसी अधिकारियों को विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, दौरा चार्ट तैयार करने और उसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में सुधार हो सके।
वार्षिक परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने कक्षा 10 वीं का परिणाम 85 प्रतिशत तथा 12 वीं का परिणाम 90 प्रतिशत लाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल उत्तीर्ण तक सीमित नहीं रहे बल्कि विद्यार्थियों को उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण कराना है। उन्होंने सभी जिलों को मासिक परीक्षा की सतत निगरानी, ब्लूप्रिंट आधारित अध्ययन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और कुशल शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कमजोर बच्चों को चिन्हित कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने को कहा है।
मंत्री ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए धारा- प्रवाह हिंदी पढ़ने को बढ़ावा देने हेतु विशेष योजना तैयार करने को कहा। साथ ही माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की बेसिक गणित और अंग्रेजी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के अपार आईडी को 100 प्रतिशत पूरा करने पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूलों की यू-डाइस को भी अपडेट करने के निर्देश दिए।  बिलासपुर और सक्ति जिले में अपार आईडी के निर्माण की कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और इसमें अगले एक सप्ताह में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। ड्रॉपआउट रोकने को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही और समुदाय व पालकों के साथ नियमित संवाद को भी आवश्यक बताया।
बैठक में मंत्री यादव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्ति के दिन ही शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, पासबुक और स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेने के लिए कहा, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मंत्री ने भवनविहीन विद्यालयों के अधोसंरचना कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा इस वर्ष मॉडल स्कूलों के चयन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ के लिए लक्ष्य आधारित गोपनीय प्रतिवेदन प्रणाली लागू करने की बात कही। पीएम विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। इन विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षण के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने प्रयास किया जाए।
 मंत्री यादव ने स्कूल मरम्मत के छोटे-छोटे काम स्थानीय ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने को कहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में आमतौर पर शौचालय निर्माण, शौचालय मरम्मत, पोताई, बिजली, पानी के काम होते है। देखा गया है कि अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्य कराने पर काफी विलंब होता है। पंचायतों के माध्यम से काम होने से स्थानीय समुदाय का इसमें लगाव भी होता है और बहुत सारी समस्याएं अपने आप ठीक हो जाती है। उन्होंने 31 जनवरी तक शौचालय संबंधी सभी काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
 
 

माओवादी प्रभावित बच्चों के जीवन में नई रोशनी: आस्था आवासीय विद्यालय बना उम्मीद का केन्द्र

11-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में स्थित आस्था आवासीय विद्यालय आज उन बच्चों के लिए जीवन का नया अध्याय लिख रहा है, जो माओवादी हिंसा, असुरक्षा और ग़रीबी की वजह से शिक्षा से दूर थे। यह संस्थान न केवल अनाथ और निराश्रित बच्चों को सुरक्षित वातावरण दे रहा है, बल्कि उन्हें सक्षम, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में अनोखी पहल कर रहा है। संवेदनशीलता और आधुनिक शिक्षा का यह संगम आज जिले की पहचान बन चुका है।
आस्था आवासीय विद्यालय की शुरुआत वर्ष 2007-08 में जिला मुख्यालय में गुरुकुल आवासीय विद्यालय के रूप में हुई थी। सीमित साधनों से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे विस्तारित होकर अब जावंगा एजुकेशन सिटी के आधुनिक रूप में विकसित हो चुका है। विद्यालय में बच्चों का चयन जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, जिससे केवल पात्र और जरूरतमंद बच्चों को ही प्रवेश मिल सके। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि हर बच्चा न सिर्फ शिक्षा पाए, बल्कि उसे वह वातावरण भी मिल,े जिसकी उसे सबसे अधिक आवश्यकता है, एक सुरक्षित, संवेदनशील और प्रेरणादायी माहौल।
समय के साथ जावंगा एजुकेशन सिटी अत्याधुनिक सुविधाओं वाला शिक्षण केंद्र बन गया है, जहाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास का ध्यान रखा जाता है। विशाल एवं सुरक्षित परिसर, आधुनिक कक्षाएँ, सुव्यवस्थित पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब और खेल मैदान यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ हैं। संगीत और योग जैसी गतिविधियाँ बच्चों के मानसिक संतुलन और शारीरिक विकास को दिशा देती हैं। छात्रावास में पूर्णकालिक अधीक्षक बच्चों की सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करते हैं, जिससे बच्चे परिवार के स्नेह जैसा वातावरण महसूस कर सकें। यहाँ पढ़ने वाला हर बच्चा यह विश्वास कर पाता है कि वह सुरक्षित है और उसकी देखभाल ईमानदारी से की जा रही है।
संस्थान का मूल उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें एक संतुलित और अनुशासित जीवन जीना सिखाना भी है। संतुलित और पौष्टिक भोजन, समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ, स्वच्छ यूनिफॉर्म और दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुएँ प्रदान की जाती हैं, ताकि बच्चे बिना किसी चिंता के अपने अध्ययन और सपनों साकार करने मंे ध्यान दे सकें। यहाँ का वातावरण बच्चों को आत्मनिर्भर बनाता है और उनमें यह विश्वास विकसित करता है कि वे कठिनाईयों के बावजूद अपने लक्ष्य तक पहुँच सके।
आस्था आवासीय विद्यालय में कौशल विकास को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। कम्प्यूटर शिक्षा, मल्टीमीडिया प्रशिक्षण, कला-कौशल, शारीरिक शिक्षा और विभिन्न खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभाओं को उभारने का अवसर मिलता है। शैक्षणिक भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उनके व्यक्तित्व में नई चमक लाते हैं। अवकाश के समय आयोजित विशेष गतिविधियाँ बच्चों को नए अनुभवों से जोड़ती हैं, जो उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय में बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वाेपरि रखा जाता है। “स्वस्थ तन, स्वस्थ मन” योजना के अंतर्गत नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय जाँच और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराए जाते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे न केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट हों, बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ और सक्रिय रहें। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास संभव है और इस सिद्धांत को विद्यालय पूरी निष्ठा के साथ अपनाता है।
आस्था आवासीय विद्यालय ने कई ऐसे बच्चों की सफलता की कहानियाँ लिखी हैं, जो जिले के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। वर्ष 2024-25 में कक्षा 9 वीं के दो प्रतिभाशाली छात्र रविन्द्र नेताम और श्रेयांश भास्कर का चयन राज्य के प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय में हुआ। यह उपलब्धि न केवल विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है, बल्कि उन बच्चों की मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति का प्रतीक भी है। वर्तमान शिक्षण सत्र 2025-26 में यहाँ 100 बालक और 100 बालिकाएँ अध्ययनरत हैं, जो इस सशक्त योजना का लाभ उठाते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
आस्था आवासीय विद्यालय आज उस सत्य का जीवंत उदाहरण है कि संवेदनशीलता और सही दिशा मिल जाए तो कोई भी बच्चा अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर अपनी पहचान बना सकता है। यह संस्थान केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए एक नई उम्मीद है, जो कभी शिक्षा और सुरक्षित जीवन से दूर थे। यहाँ से निकलने वाला हर बच्चा यह संदेश देता है कि अवसर मिले तो बच्चे सिर्फ अपने जीवन को नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को भी बदल सकते हैं।

 
 

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएँ शुरू, मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ

10-Dec-2025
रायगढ़.( शोर संदेश )। स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में दिवंगत अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन के द्वारा किए गए प्रयासो के उपरांत शहर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ नितीश नायक ,यूरोसर्जन डॉ के.डी. खरे एवं नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मीना पटेल सप्ताह में एक दिन चिकित्सा परामर्श देकर इलाज करेंगे। 
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति को रायगढ़ मेडिकल कालेज में आने वाले मरीजों के लिए लाभदायक बताया है। उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि लोगों को उनके शहरों और गांवों के आसपास ही बेहतर और उच्च चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों ताकि उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी न तय करनी पड़े और त्वरित तथा बेहतर इलाज से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिले। 
अस्पताल अधीक्षक डॉ एम. के. मिंज ने बताया कि न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक  (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन),प्रत्येक मंगलवार प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक , यूरो सर्जन डॉ  के.डी. खरे  (मूत्ररोग विशेषज्ञ )शुक्रवार को चिकित्सालय के भूतल में सर्जरी विभाग की ओ.पी .डी .कक्ष क्रमांक 01 में और नेफ्रोलॉजिस्ट  डॉ मीना पटेल  (किडनी / गुर्दा रोग विशेषज्ञ ) चिकित्सालय के प्रथम तल में मेडिसिन विभाग के ओ. पी.डी. कक्ष क्रमांक 01 में सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार प्रातः (सुबह )10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक  चिकित्सा परामर्श के लिए उपलब्ध रहेगे । इसका लाभ रायगढ़ अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों के संबंधित मरीजों को मिलेगा। इससे इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी ।
डॉ. नितीश नायक  न्यूरोसर्जन (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन "मस्तिष्क की गांठ,  ब्रेन ट्यूमर,स्पाइनल इंज्यूरी,साईटिका, मस्तिष्क की गंभीर चोट, दिमाग का इन्फेक्शन होना, रक्त का थक्का (स्ट्रोक), कमर दर्द, लकवा की बीमारी, रीढ़ की हड्डी का दर्द, मांसपेशी (नसों) के दर्द चलने में कठिनाई, मांसपेशी का कमजोर होना, सिरदर्द, हाथ पांव में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी होना और मिर्गी चक्कर आना आदि गंभीर बीमारियों का परामर्श देकर इलाज करेंगे।
डॉ के.डी. खरे  यूरो सर्जन (मूत्ररोग विशेषज्ञ ) पुरुषों और महिलाओं की मूत्र प्रणाली (गुर्दे, मूत्राशय, मूत्रवाहिनी, मूत्रमार्ग) और पुरुषों के प्रजनन अंगों (प्रोस्टेट, लिंग, अंडकोश, वृषण) से जुड़ी बीमारियों का इलाज जैसे कि गुर्दे की पथरी, मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI), प्रोस्टेट की समस्याएँ, मूत्र असंयम, बांझपन, कैंसर (मूत्राशय, किडनी, प्रोस्टेट), और स्तंभन दोष (इरेक्टाइल डिसफंक्शन). इत्यादि गंभीर बीमारियों का परामर्श देकर इलाज करेंगे।
इसी तरह से डॉ.मीना पटेल नेफ्रोलॉजिस्ट (किडनी / गुर्दा रोग विशेषज्ञ) गुर्दे से जुड़ी बीमारियों, जैसे क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD), किडनी फेलियर, किडनी स्टोन, किडनी इन्फेक्शन, हाई ब्लड प्रेशर,डायलिसिस और मधुमेह और उच्च रक्तचाप से होने वाली किडनी समस्याओं से संबंधित गंभीर बीमारियों का परामर्श देकर इलाज करेंगी।









 

नेवरिया पारा प्राथमिक शाला में अध्यापन की व्यवस्था बेहतर

09-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। कोरबा जिले के विकासखंड पाली के ग्राम नेवरिया पारा में स्थित प्राथमिक शाला वर्ष 1974 से निरंतर ज्ञान का प्रसार कर रही है। लंबे समय से यह विद्यालय एकल-शिक्षकीय रूप में संचालित हो रहा था, जहाँ मात्र एक शिक्षक के सहारे 25 से अधिक बच्चों की शिक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही थी। इस स्थिति को सुधारने हेतु मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू की गई।
इसी प्रक्रिया के अंतर्गत सहायक शिक्षक विजय बहादुर सिंह को प्राथमिक शाला नेवरिया पारा में पदस्थापित किया गया। इससे विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। पूर्व से पदस्थ प्रधानपाठिका रोहिणी तिवारी के साथ अब विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियाँ अधिक सुचारू और सुव्यवस्थित रूप से संचालित हो रही हैं।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने बताया कि अब दो शिक्षकों के होने से पढ़ाई बेहतर ढंग से हो रही है और सीखने की गति भी बढ़ी है। नेवरिया पारा प्राथमिक शाला में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से न केवल छात्रों की पढ़ाई में सुधार हुआ है, बल्कि ग्राम में शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार हुआ है। 

रायपुर में 8 से 12 दिसंबर तक दस्तावेज़ सत्यापन, 430 पदों के लिए तीन गुना अभ्यर्थी होंगे शामिल…

04-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित प्रयोगशाला परिचारक भर्ती परीक्षा 2023 के चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया 8 से 12 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। यह सत्यापन कार्य विज्ञान महाविद्यालय परिसर, रायपुर स्थित क्षेत्रीय अपर संचालक (रूसा) कार्यालय में प्रतिदिन सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे तक दो पालियों में होगा।
उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन ने बताया कि 430 पदों के विरुद्ध तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इनमें-
सामान्य वर्ग: कुल 538 (164 महिला, 374 पुरुष)
ओबीसी वर्ग: कुल 190 (56 महिला, 134 पुरुष)
अनुसूचित जाति: कुल 159 (46 महिला, 113 पुरुष)
अनुसूचित जनजाति: कुल 419 (123 महिला, 296 पुरुष)
दिव्यांग वर्ग: 91 अभ्यर्थी
भूतपूर्व सैनिक: 206 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
दस्तावेज़ सत्यापन के लिए आठ समितियाँ बनाई गईं
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए कुल आठ समितियाँ गठित की हैं। प्रत्येक समिति में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियाँ निर्धारित तिथियों पर अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज़ों की जाँच और सत्यापन करेंगी।
इस संबंध में विस्तृत निर्देश विभाग की वेबसाइट www.highereducation.cg.gov.in पर उपलब्ध हैं।
 

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का मैनपुर में औचक निरीक्षण—विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षण गुणवत्ता की की विस्तृत समीक्षा

26-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने स्वयं बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की स्थिति और स्कूल व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।
शिक्षा मंत्री सबसे पहले प्राथमिक शाला धवलपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यालय की सभी गतिविधियों का विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर की जाँच की और नियमितता एवं समयपालन पर जोर दिया। मंत्री ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा पाठ्यपुस्तकों और गणवेश जैसी आवश्यक सामग्री से वंचित न रहे। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में पूछा तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद यादव हायर सेकेंडरी स्कूल धवलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने सभी कक्षाओं का निरीक्षण कर विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विशेषकर विज्ञान और गणित जैसे प्रमुख विषयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी संबंधी योजनाओं की जानकारी ली और समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने निर्देश दिए। मंत्री ने अधोसंरचना विकास और अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया तथा निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों के ऑनलाइन अवकाश प्रबंधन की भी जाँच की ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई छात्रों ने अपनी समस्याएँ और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। शिक्षा मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि सरकार बच्चों की शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है तथा शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने स्कूल से लौट रही हायर सेकेंडरी स्कूल मैनपुर की छात्राओं से भी बातचीत की। छात्राओं ने स्कूल भवन एवं विज्ञान विषय के शिक्षकों की आवश्यकता बताई। इस पर मंत्री यादव ने उनकी माँगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया।
 शिक्षा मंत्री के औचक निरीक्षण से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में सरकार के प्रति विश्वास और उत्साह और अधिक बढ़ा है। यह निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।














 

10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम का टाइम टेबल जारी, इस तारीख से शुरू होंगी परीक्षाएं, जानें पूरा शेड्यूल

22-Nov-2025
रायपुर (शोर संदेश)। बोर्ड एग्जाम के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बता दें छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CGBSE) ने नए साल से पहले 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम (CG Board Time Table) का पूरा टाइमटेबल जारी कर दिया है। बोर्ड सेक्रेटरी पुष्पा साहू ने बताया कि इस साल एग्जाम फरवरी के आखिरी हफ्ते में शुरू होंगे।
12वीं बोर्ड परीक्षा
शुरुआत: 20 फरवरी 2026
समाप्ति: 18 मार्च 2026
10वीं बोर्ड परीक्षा
शुरुआत: 21 फरवरी 2026
समाप्ति: 13 मार्च 2026
6 लाख छात्र-छात्राएँ होंगे शामिल
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि होली पर कोई एग्जाम नहीं है। इस साल, लगभग 6,00,000 स्टूडेंट्स 10वीं और 12वीं क्लास के एग्जाम देंगे। टाइम टेबल जारी होने के बाद, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने अपनी तैयारी तेज़ कर दी है। बोर्ड का कहना है कि एग्जाम शांति से और आसानी से कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।

बच्चे देश का भविष्य, इन्हें संवारना हम सबकी जिम्मेदारी” — सचिव आफरीन बानो

15-Nov-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) नालसा एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लान आफ एक्शन के तहत विशेष राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय दिवसों के अवसर पर आयोजित होने वाले शिविर व कार्यक्रम के तहत आज ’’बाल दिवस’’ के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर शिविर आयोजित किया गया। बाल दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव आफरीन बानो द्वारा शासकीय मिडिल स्कूल बरोंडा बाजार और व्यवहार न्यायालय बागबाहरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अविनाश टोप्पो द्वारा कार्मेल स्कूल बागबाहरा में कानून के प्रति जागरूकता विषयों पर अधारित शिविर आयोजित की गयी।      
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव आफरीन बानो ने कहा कि प्रतिवर्ष देशभर में 14 नवंबर के दिन बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है क्योकि उन्हें बच्चे बेहद प्रिय थे। उनका मानना था कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। वह अक्सर कहा करते थे कि बच्चे उन कलियों की तरह होते हैं जिन्हे पुरी तरह से खिलने के लिए देखभाल और पोषण की आवश्यकता होती है। बच्चे ही देश का कल है, बच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। बाल दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि एक अवसर है जब हमें बच्चों के अधिकारों उनके कल्याण और उनके भविष्य की सुरक्षा के बारे में सोचने हेतु प्रेरणा मिलता है। 
बच्चे देश और दुनिया का भविष्य हैं, ऐसे में उन्हें संवारना और आने वाले कल के लिए तैयार करना, पूरे समाज की जिम्मेदारी है। बाल दिवस का मकसद बच्चों को उनके अधिकारों, उनके कल्याण और उनकी खुशहाली के बारे में समाज को जागरूक करने का है। इसके अलावा बच्चों के साथ कानून से संबंधित सामान्य जानकारियों पर तर्कसंगत चर्चा की गई। बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बच्चों से संबंधित होने वाले अपराधों के बारे में बच्चों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी साथ ही नालसा हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से भी विधिक सलाह एवं सहायता पाने की जानकारी प्रदान की गई। इसी प्रकार आरक्षी केन्द्रों में पदस्थ अधिकार मित्रों के द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर बाल दिवस के अवसर पर शिविर आयोजित किये गये।





 

 



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