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शिक्षा

शिक्षा में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने राज्यभर में सामाजिक अंकेक्षण शुरू

08-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत शालाओं का सामाजिक अंकेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस अंकेक्षण का आयोजन राज्य के सभी 58 हजार शालाओं में 6 से 8 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेश के सभी जिला एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सामाजिक अंकेक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा की वास्तविक स्थिति जानने और उसे सुधारने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुदाय की भागीदारी सक्रिय हो और अंकेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाया जाए। शिक्षा मंत्री  यादव ने यह भी कहा कि यह अभियान शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी अपेक्षित है। 
इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के घटकों का त्वरित क्रियान्वयन कर बच्चों की सीखने की उपलब्धियों में सुधार लाना है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर शिक्षा की गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
2 अक्टूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण के आयोजन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। इसके बाद प्रत्येक शाला के लिए सामाजिक अंकेक्षण टीमों का गठन किया गया है, जिनमें निकटवर्ती विद्यालय के शिक्षक को टीम लीडर तथा स्थानीय समुदाय से शिक्षा में रुचि रखने वाले सदस्यों को शामिल किया गया है।
सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई-हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने और प्रशिक्षण देने का कार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया है। समग्र शिक्षा इस कार्यक्रम के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है।
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान समुदाय से कुल 20 प्रश्नों पर जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बच्चों की पठन क्षमता, गणितीय कौशल, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, परीक्षा परिणाम, स्थानीय भाषा के उपयोग जैसे पहलू शामिल हैं। इसी के साथ समुदाय से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा।
विद्यालयों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की तिथि तय कर समुदाय के सदस्यों को उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। विशेष रूप से, यदि कोई परिवार अपने सगे-संबंधी की स्मृति में “न्यौता भोज” आयोजित करना चाहे तो वह भी इसी दिन किया जा सकता है। जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान समुदाय की उपस्थिति और आयोजित न्यौता भोजों की संख्या को भी आकलन में शामिल किया जाएगा।
अंकेक्षण के बाद भरे गए प्रपत्रों पर समुदाय के हस्ताक्षर लेकर उन्हें विकासखंड स्तर पर जमा किया जाएगा, जहाँ ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची तैयार की जाएगी। इन शालाओं का निरीक्षण जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पाई जाएगी, वहाँ समुदाय से इच्छुक प्रतिभागियों की सूची बनाकर उनके सहयोग से सुधार कार्य आरंभ किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की क्षमता वृद्धि तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर 20 अक्टूबर 2025 तक जिलों को कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को स्कूल आबंटित किए जाएंगे ताकि वे सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर सकें।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत किया जा रहा यह सामाजिक अंकेक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समुदाय को भी विद्यालयों की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है।

खेल भावना और एकता का संगम: रायगढ़ में शुरू हुई राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता

06-Oct-2025

रायपुर  ( शोर संदेश ) रायगढ़ स्टेडियम में आज खेल भावना,अनुशासन और एकता के संदेश के साथ 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की आराधना कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।

इस राज्य स्तरीय आयोजन में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग से चयनित 632 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में वॉलीबॉल, सॉफ्टबॉल, खो-खो और क्रिकेट शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन रायगढ़ एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
सांसद सिंह ने कहा कि खेल केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और प्रेरणा पाने का माध्यम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्रिय युवा ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का अवसर दिया जाएगा। नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और एकता का प्रतीक हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आग्रह किया।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.वी. राव ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल संचालन हेतु सभी विभागों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उद्घाटन समारोह में आकर्षक मार्चपास्ट और लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ हुईं।
पहले दिन के मुकाबलों में सॉफ्टबॉल बालक वर्ग में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर विजेता रहे। क्रिकेट बालिका वर्ग में रायपुर ने दुर्ग को 117 रनों से, जबकि सरगुजा ने बस्तर को 82 रनों से हराया। वॉलीबॉल वर्ग में बिलासपुर और बस्तर की टीमों ने जीत दर्ज की। यह प्रतियोगिता 8 अक्टूबर तक चलेगी, जिसके लिए खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। 
 

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों का विस्तार – रायपुर जिले के आरंग में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय

06-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने रायपुर जिले के आरंग में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री साय ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय न केवल आरंग क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि आस-पास के ग्रामीण अंचलों में भी शिक्षा की नई चेतना जागृत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी अंचलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने, स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग प्रारंभ हो रहा है।











 

10-12वीं की परीक्षाओं के लिए स्वाध्यायी विद्यार्थी 31 तक जमा कर सकते है आनलाइन आवेदन

04-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने चालू शैक्षणिक सत्र की 10-12 वीं की परीक्षाओं के लिए स्वाध्यायी विद्यार्थियों से आवेदन लेना 1 अक्टूबर से शुरु कर दिया है। आवेदन मंडल की वेबसाइट पर आनलाइन ही जमा किया जा सकेगा। आवेदन, सामान्य शुल्क के साथ 31 अक्टूबर तक और विलंब शुल्क के साथ 1-16 नवंबर और विशेष विलंब शुल्क पर 17-30 नवंबर तक जमा किए जा सकते हैं।









 

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का दुर्ग जिले के स्कूलों में औचक निरीक्षण

26-Sep-2025
रायपुरशोर संदेश )  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को दुर्ग जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। शासकीय प्राथमिक शाला गनियारी में शाला संचालन को सही पाया गया। वहीं, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला/हाईस्कूल गनियारी में मुख्य विषय के कालखंड में शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे पाए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि किसी भी एन.जी.ओ. या बाहरी व्यक्ति को जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय में प्रवेश न दिया जाए। प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरोहित के कार्यों पर भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नगपुरा में शाला संचालन और विद्यार्थियों से संवाद के बाद मंत्री ने प्रशंसा व्यक्त की। संस्था प्रमुख की मांग पर डोम निर्माण और बालक-बालिका के लिए पृथक-पृथक शौचालय निर्माण की घोषणा की गई तथा रिक्त पदों पर परीक्षण कर भर्ती कराने का आश्वासन दिया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्री धमधा में भौतिक और रसायन विषयों के प्रायोगिक कार्य अधूरे पाए जाने पर मंत्री ने प्रभारी प्राचार्य मनिराम  मनडारे और भौतिक शास्त्र के व्याख्याता कल्पना शुक्ला के कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की और सुधार हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
पूर्व माध्यमिक शाला, हिर्री में प्रधानपाठक हरिहरनो द्वारा संचालित अध्यापन व्यवस्था की मंत्री ने प्रशंसा की। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लिटिया में पात्र छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरित की गई और डोम निर्माण की घोषणा की गई। विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछने पर डॉक्टर, इंजीनियर, आई.ए.एस., और शिक्षक बनने की आकांक्षाएँ सामने आईं, जिस पर मंत्री ने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, शाला संचालन, प्रायोगिक कार्य और छात्राओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया तथा सभी विद्यालयों में सुधार, आवश्यक निर्माण कार्य और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






 

छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग में होगी भर्ती, ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 20...

25-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गत उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) पदों की भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है।
इन पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 20 जून 2025 तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है।
इन पदों के लिए अभ्यर्थी को ऑनलाईन आवेदन के समय परीक्षा शुल्क का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के पात्र स्थानीय निवासी को नियमानुसार परीक्षा में उपस्थिति होने पर परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा।
अभ्यर्थी को परीक्षा शुल्क की वापसी केवल उसी बैंक खाते में की जाएगी जिससे शुल्क का भुगतान किया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी एवं आवेदन के लिए उम्मीदवार वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।

युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में सुधार : अब हर बच्चे को विषयवार पढ़ाई

25-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और राज्य सरकार की हर शाला में शिक्षक, हर बच्चे को शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लागू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया सकारात्मक परिणाम दे रही है। इसका उदाहरण बलरामपुर जिले के प्राथमिक शाला यादवपारा में देखने को मिलता है, जहाँ अब बच्चों को विषयवार पढ़ाई, खेल-आधारित गतिविधियों और व्यक्तिगत ध्यान का लाभ मिल रहा है।
वर्ष 2022 से प्राथमिक शाला यादवपारा एकल शिक्षकीय विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा था। कक्षा 1 से 5वीं तक की सभी कक्षाओं को एक ही शिक्षक संभाल रहे थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण नीति के तहत इस विद्यालय में 2025 में सहायक शिक्षिका की पदस्थापना की।
सहायक शिक्षिका आनंदी पल्हे बताती हैं कि अब बच्चों को विषयवार पढ़ाई, गृहकार्य और समूह आधारित गतिविधियों के जरिए शिक्षा दी जा रही है। कहानियों, खेल, चित्रों और पहेलियों के माध्यम से बच्चों की रुचि बढ़ रही है। पहले जहाँ एक ही शिक्षक पर पूरा भार था, वहीं अब बच्चों को समझने योग्य और उच्च गुणवत्ता की पढ़ाई मिल रही है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि पहले बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी, छोटे बच्चों को कुछ समझ नहीं आता था और बड़े बच्चे भी पीछे रह जाते थे। लेकिन अब बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वे नियमित विद्यालय आने लगे हैं और पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद मानने लगे हैं।
राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश भर के विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना हुई है। बच्चों को अब व्यक्तिगत ध्यान, गृहकार्य की समीक्षा और खेल-खेल में सीखने का अवसर मिल रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है और बच्चों का समग्र विकास संभव हो रहा है।



 

सरगुजा के विद्यार्थियों को मिला एडवांस ड्रोन तकनीक सीखने का अवसर

22-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश )।  छत्तीसगढ़ के सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल के विद्यार्थियों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर के पीएम स्कूल में आज प्रशिक्षण की शुरूआत की। इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर 30 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिससे प्रदेश का आने वाला भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को नई दिशा देकर रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर व प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। 
पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 53 बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया और विद्यालय में नए वाटर कूलर का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

युक्तियुक्तकरण से केरवाद्वारी स्कूल में बदला माहौल

20-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती।
विद्यालय के प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 
 

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने तिफरा में सेवा पखवाड़ा का किया शुभारंभ

19-Sep-2025
 रायपुर।  ( शोर संदेश )   केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर के तिफरा स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के विजेता दिव्यागजनों को सम्मानित किया। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग जनों को सशक्त करने विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक धरम लाल कौशिक ने की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने दिव्यांग बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान कुल 62 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। विभिन्न प्रतियोगिता में विजेता 17 प्रतिभागियों और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट 17 छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। रजत महोत्सव कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए रंगोली, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। मुख्य अतिथि तोखन साहू द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सम्मान प्रदान किये गये। इस दौरान 05 ब्रेल किट, 05 श्रवण यंत्र एवं 10 स्मार्ट केन वितरित किए गए। तोखन साहू ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दिए गए उपकरण उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहायक होंगे तथा बिलासपुर जिले में किसी भी दिव्यांगजन को सहायक उपकरण की कमी नहीं होने दी जाएगी।








 


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