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शिक्षा

धरमजयगढ़ विकासखंड के लामीखार और गोढ़ी विद्यालय बने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रेरक मॉडल

17-Feb-2026
रायपुर ( शोर संदेश ) रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत देउरमार के आश्रित ग्राम लामीखार स्थित शासकीय प्राथमिक शाला तथा ग्राम गोढ़ी में संचालित शासकीय आदर्श आदिवासी कन्या आश्रम को जिला प्रशासन द्वारा शैक्षणिक भ्रमण सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान दोनों संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमें सीमित संसाधनों के बावजूद संचालित नवाचारों, शिक्षण वातावरण एवं समग्र विकास आधारित गतिविधियों की सराहना की गई। जिला प्रशासन ने जिला शिक्षा अधिकारी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव संबंधित संचालनालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राज्य स्तर पर अन्य जिलों के शिक्षक एवं विद्यार्थी भी अध्ययन भ्रमण हेतु यहां आ सकें।
लामीखार प्राथमिक शाला में प्रिंट-रिच वातावरण, “कबाड़ से जुगाड़” आधारित विज्ञान मॉडल, किचन गार्डन एवं 128 प्रजातियों के पौधों से युक्त शैक्षणिक परिसर विकसित किया गया है। “मुस्कान पुस्तकालय” के अंतर्गत लगभग 1500 पुस्तकों का संचालन विद्यार्थी स्वयं करते हैं। वर्ष 2025 में यहां के 8 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में चयन हुआ। गोढ़ी आदिवासी कन्या आश्रम में छात्राओं को पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक एवं नैतिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। दोनों संस्थान वनांचल क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रेरक मॉडल के रूप में उभर रहे हैं।
 

सरस्वती सायकल योजना से आसान हुई छात्रा अदिति की शिक्षा की राह

14-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश )।   सरकार की सरस्वती सायकल योजना छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की सशक्त मिसाल बन रही है। इसी योजना के अंतर्गत शासकीय कन्या स्कूल, मुंगेली की कक्षा नवमी की छात्रा अदिति कुर्रे को निःशुल्क सायकल प्रदान की गई, जिसने उसकी पढ़ाई की राह को आसान और सुरक्षित बना दिया। घर से स्कूल की दूरी अधिक होने के कारण अदिति कुर्रे को रोज़ाना आना-जाना कठिन हो गया था। समय की कमी, थकान और रास्ते की परेशानियों के चलते उनके मन में कई बार पढ़ाई छोड़ने का विचार भी आया। लेकिन सरस्वती सायकल योजना के तहत मिली सायकल ने उनकी मुश्किलों को दूर कर दिया।
अदिति कुर्रे ने बताया कि अब वह कम समय में, बिना थके और सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंच पा रही हैं। सायकल मिलने से न सिर्फ आने-जाने में सुविधा हुई है, बल्कि पढ़ाई के लिए समय भी बढ़ गया है। अब वह पूरे मन से विद्यालय जाती हैं और नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल हो रही हैं। अदिति के परिवार ने भी इस योजना के लिए शासन का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह सायकल केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनकी बेटी के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया मजबूत कदम है। जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी.डाहिरे ने बताया कि जिले के तीनों विकासखण्डों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 अंतर्गत 05 हजार 274 सायकल वितरण का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य के अनुरूप शतप्रतिशत सायकल वितरण कर छात्राओं को लाभान्वित किया जा चुका है।


 

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा महंगी: नियमित परीक्षा शुल्क 460 से बढ़कर 800 रुपये

06-Feb-2026
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इस संबंध में मंडल की सचिव पुष्पा साह साहू ने आदेश जारी किया है। आदेश में वित्त समिति की 14 अक्टूबर 2025 तथा कार्यपालिका समिति की 23 दिसंबर 2025 की बैठक का हवाला देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से परीक्षा शुल्क बढ़ाने का निर्णय बताया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, माशिमं ने न सिर्फ परीक्षा शुल्क बल्कि परीक्षा से पहले और बाद की प्रक्रियाओं तथा आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े शुल्क में भी वृद्धि की है।
नियमित परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी
अब हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की नियमित परीक्षा के लिए कुल शुल्क 460 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये कर दिया गया है। इसमें अंकसूची शुल्क 100 रुपये और प्रायोगिक परीक्षा शुल्क प्रति विषय 80 रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा:
नामांकन शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये
अतिरिक्त विषय शुल्क 110 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है।
विषयवार व अन्य शुल्क में इजाफा
मंडल द्वारा जारी आदेश में विभिन्न श्रेणियों के लिए शुल्क इस प्रकार तय किए गए हैं:
एक विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 280 से बढ़ाकर 400 रुपये
दो विषय (द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा): 340 से बढ़ाकर 600 रुपये
दो से अधिक विषय (क्रेडिट योजना): 640 से बढ़ाकर 1000 रुपये
छत्तीसगढ़ राज्य व राज्य के बाहर के स्वाध्यायी छात्रों के लिए पंजीयन एवं अनुमति शुल्क सहित: 1540 से बढ़ाकर 2000 रुपये
स्वाध्यायी एससी/एसटी छात्रों के लिए: 560 से बढ़ाकर 800 रुपये
स्वाध्यायी संपूर्ण विषय परीक्षा: 1230 से बढ़ाकर 1600 रुपये
स्वाध्यायी एक विषय: 280 से बढ़ाकर 500 रुपये
स्वाध्यायी दो विषय: 340 से बढ़ाकर 600 रुपये
ग्राह्यता शुल्क: 310 से बढ़ाकर 500 रुपये
परीक्षा केंद्र परिवर्तन शुल्क: 240 से बढ़ाकर 400 रुपये
विषय/माध्यम/संकाय परिवर्तन (प्रति विषय): 200 से बढ़ाकर 400 रुपये
विलंब शुल्क (स्वाध्यायी): 770 से बढ़ाकर 1000 रुपये
विशेष विलंब शुल्क: 1540 से बढ़ाकर 2000 रुपये
विलंब से आवेदन पर भारी शुल्क
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमित आवेदन पत्र निर्धारित समय में जमा नहीं करने पर प्रति परीक्षा 31 दिसंबर तक 2000 रुपये शुल्क देना होगा।
माशिमं ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मदों में शुल्क वृद्धि नहीं की गई है, वे पूर्ववत रहेंगे। नई बढ़ी हुई दरें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।


 

परीक्षा पे चर्चा 2026‘: परीक्षा को उत्सव के रूप में मनाने की राष्ट्रीय पहल

05-Feb-2026
रायपुर,( शोर संदेश )। विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा मानसिक एवं भावनात्मक कल्याण को प्रोत्साहित करते हुए परीक्षा के तनाव को कम करने और परीक्षा के अनुभव को एक उत्सव के रूप में साझा करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा विगत 9 वर्षों से ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों के साथ संवाद का एक सशक्त और प्रेरणादायी माध्यम बन चुका है।
परीक्षा पे चर्चा 2026’ का मुख्य कार्यक्रम 6 फरवरी 2026, गुरूवार को प्रातः 10 बजे से होगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों से सीधे संवाद कर परीक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वर्ष 2026 में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं पालकों के कुल 4.50 करोड़ पंजीयन हुए हैं। यह अभूतपूर्व सहभागिता कार्यक्रम की लोकप्रियता, विश्वसनीयता तथा इसके व्यापक सकारात्मक प्रभाव का परिणाम है।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश-विदेश में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किया जाएगा। इसमें यूट्यूब, फेसबुक लाइव जैसे सोशल मीडिया माध्यमों के साथ-साथ दूरदर्शन, पीएम ई-विद्या टीवी, रेडियो चौनल तथा प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। 
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिले के सार्वजनिक एवं निजी स्थलों पर सामूहिक रूप से कार्यक्रम देखने की व्यवस्था करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रचार-प्रसार हेतु आवश्यक वीडियो एवं पोस्टर के नमूने जिलों को उपलब्ध कराए गए हैं।
गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ राज्य ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों द्वारा प्रश्न भेजे गए। विशेष रूप से पालकों द्वारा किए गए पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि में ‘अंगना में शिक्षा कार्यक्रम’ के अंतर्गत राज्य स्रोत दल द्वारा राज्य की माताओं के समूहों को सक्रिय करने के परिणामस्वरूप पूरे देश में पालकों के पंजीयन में छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य के महासमुंद जिले की छात्रा कुमारी सृष्टि साहू ने दिल्ली में आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए प्रधानमंत्री जी से प्रत्यक्ष रूप से प्रश्न पूछने का अवसर प्राप्त किया। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है।



 

स्कूली विद्यार्थियों ने किया लोकभवन का भ्रमण, राज्यपाल रमेन डेका से की भेंट

31-Jan-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य, विशेषकर विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर मठपारा के 50 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों के साथ शनिवार को लोकभवन का भ्रमण किया। 
विद्यार्थियों ने लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी उद्यान तथा सचिवालय की विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया। बच्चों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सामूहिक फोटोग्राफी कराई। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
सभी विद्यार्थियों को पौधे भेंट किए गए और उन्हें घर, स्कूल तथा गांव में पौधारोपण कर उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया गया।

SEAT-26 परीक्षा को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई, व्यापम ने की पुलिस शिकायत

28-Jan-2026

 रायपुर। ( शोर संदेश ) सहायक शिक्षक एवं व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2026 (SEAT-26) को लेकर सोशल मीडिया पर एक फर्जी निर्देश पत्र वायरल होने से हड़कंप मच गया है। इस भ्रामक दस्तावेज़ के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

सोशल मीडिया पर फैलाया गया फर्जी दस्तावेज़
SEAT-26 परीक्षा से संबंधित इस कथित निर्देश पत्र को अज्ञात व्यक्ति या समूह द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। दस्तावेज़ में परीक्षा तिथि, नियमों और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को लेकर गलत और भ्रामक जानकारी दी गई थी, जिससे बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। व्यापम अधिकारियों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह निर्देश पत्र पूरी तरह फर्जी है और इसे आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया है।
कंट्रोलर हिमांशु अग्रवाल ने दर्ज कराई FIR
व्यापम के कंट्रोलर हिमांशु अग्रवाल ने इस मामले में नया रायपुर स्थित थाना राखी में औपचारिक FIR दर्ज कराई है। शिकायत में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने और उसे सार्वजनिक मंचों पर वायरल कर परीक्षार्थियों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने आईटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फर्जी निर्देश पत्र के स्रोत व प्रसार में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
परीक्षार्थियों से सतर्क रहने की अपील
CG व्यापम ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दस्तावेज़ों पर विश्वास न करें। परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएं केवल CG व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणित सूचना माध्यमों के जरिए ही जारी की जाएंगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि SEAT-26 से संबंधित अधिकृत दिशा-निर्देश शीघ्र जारी किए जाएंगे।
व्यापम ने चेतावनी दी है कि इस तरह की फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।
 

छत्तीसगढ़ में 5वीं और 8वीं की परीक्षा होगी सख्ती से, प्रशासनिक व तकनीकी निगरानी तय

21-Jan-2026

 रायपुर( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत वार्षिक परीक्षा 2026 को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बार परीक्षा को केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं माना जाएगा, बल्कि इसे प्रशासनिक सख्ती, तकनीकी निगरानी और स्पष्ट जवाबदेही के साथ आयोजित किया जाएगा।

जिला स्तर पर मजबूत संचालन व्यवस्था
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संचालन समिति गठित की गई है। समिति में डाइट प्राचार्य, सहायक संचालक, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल समन्वयक, प्राचार्य और प्रधान पाठक शामिल होंगे। यह समिति परीक्षा संचालन, निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगी।
सभी शासकीय स्कूल परीक्षा केंद्र
कक्षा 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा के लिए राज्य के सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूल इस व्यवस्था में शामिल नहीं होंगे। संस्कृत और मदरसा बोर्ड के विषयों के लिए अलग व्यवस्था की गई है।
निष्पक्षता के लिए बाहरी केंद्राध्यक्ष
हर परीक्षा केंद्र में केंद्राध्यक्ष की नियुक्ति पास के अन्य स्कूल से की जाएगी। यह नियुक्ति विकासखंड शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर जिला स्तरीय समिति द्वारा होगी, जिससे निष्पक्षता बनी रहे।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रश्नपत्रों को संकुल स्तर पर सीलबंद कर संबंधित थाने में रखा जाएगा। परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने के एक घंटे पहले केंद्राध्यक्ष को सौंपे जाएंगे। गलत दिन का प्रश्नपत्र खुलने की स्थिति में उसे तत्काल सील कर थाना में जमा कराया जाएगा और उसी दिन वैकल्पिक व्यवस्था से परीक्षा कराई जाएगी।
रोजाना निरीक्षण और उड़नदस्ता सक्रिय
परीक्षा अवधि में जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और संकुल समन्वयक रोजाना कम से कम तीन परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। उड़नदस्ता दल भी बनाए गए हैं, जो अचानक निरीक्षण कर सकेंगे।
मूल्यांकन दूसरे विकासखंड में
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन उसी विकासखंड में नहीं, बल्कि दूसरे विकासखंड में किया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा गोपनीय रूप से किया जाएगा। प्रत्येक विषय के लिए मुख्य मूल्यांकनकर्ता नियुक्त होगा, जो कम से कम 5 प्रतिशत कॉपियों की क्रॉस चेकिंग करेगा।

मानदेय तय
कक्षा 5वीं की प्रति उत्तर पुस्तिका पर 2 रुपये और कक्षा 8वीं की प्रति उत्तर पुस्तिका पर 3 रुपये मानदेय तय किया गया है। मुख्य मूल्यांकनकर्ता को 100 रुपये प्रतिदिन और मूल्यांकन केंद्राध्यक्ष को 150 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
30–70 के फॉर्मूले से बनेगा रिजल्ट
अंतिम परीक्षा परिणाम छमाही परीक्षा के 30 प्रतिशत और वार्षिक परीक्षा के 70 प्रतिशत अंकों के आधार पर तैयार किया जाएगा।

परीक्षा कार्यक्रम घोषित
कक्षा 5वीं की परीक्षा 16 से 25 मार्च 2026 तक और कक्षा 8वीं की परीक्षा 17 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगी। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से होंगी।
परीक्षा तिथियां
कक्षा 5वीं (9 से 11 बजे तक)
16 मार्च – गणित
19 मार्च – अंग्रेजी
23 मार्च – हिंदी
25 मार्च – पर्यावरण
कक्षा 8वीं (9 से 12 बजे तक)
17 मार्च – गणित
20 मार्च – हिंदी
24 मार्च – अंग्रेजी
30 मार्च – सामाजिक विज्ञान
2 अप्रैल – विज्ञान
6 अप्रैल – संस्कृत/उर्दू
30 अप्रैल को आएगा परिणाम, पूरक परीक्षा का भी अवसर
उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 15 अप्रैल तक पूरा होगा। 30 अप्रैल 2026 को राज्य स्तर पर एक साथ परिणाम घोषित किए जाएंगे। अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को 1 जून 2026 से पूरक परीक्षा का अवसर मिलेगा। पूरक में असफल होने पर भी कक्षा उन्नति का लाभ दिया जाएगा।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
शासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संचालन या मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, गड़बड़ी या गोपनीयता भंग होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर, इस बार 5वीं और 8वीं की केन्द्रीकृत परीक्षा शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता की भी बड़ी परीक्षा साबित होने जा रही है।
 

छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 1 फरवरी को, व्यापम ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

19-Jan-2026
जशपुर।  ( शोर संदेश ) व्यापम छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 20 (T ET26) में अभ्यर्थियों के लिए जारी निर्देशों व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना है। आप सभी के सहयोग से व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। व्यापम द्वारा 20 जिलों में दिनांक 01 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 (TET26) का आयोजन दो पाली में किया जा रहा है। प्रथम पाली (प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 1 लाख 19 हजार तथा द्वितीय पाली (माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 2 लाख 05 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। यद्यपि यह परीक्षा 20 जिलों में आयोजित किया जा रहा है तथापि इस परीक्षा में राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल हो रहे है। जिलेवार अभ्यर्थियों एवं परीक्षा केन्द्रों की संख्या संलग्न सूची के अनुसार है। सभी जिले अभ्यर्थियों के हित में उनके लिए जारी निम्न निर्देशों का व्यापक प्रचार प्रसार परीक्षार्थी, परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र को अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लेवें ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो।
परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (थ्तपेापदह) एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके।
परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 9.30 बजे से प्रारंभ हो रहा है अतः मुख्य द्वार प्रातः 9.00 बजे बंद कर दिया जावेगा। द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 3.00 बजे प्रारंभ हो रहा है इसलिए मुख्य द्वार दोपहर 2.30 बजे बंद कर दिया जावेगा।
हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, गैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपडे पहनना वर्जित होगा।
केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी।
फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें।
कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।
परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक पड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है।परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जावेगी। परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पॉइंट लेकर आए ।

 

झोपड़ी से पक्के भवन तक: बकनागुलगुड़ा में शिक्षा का नया सवेरा

18-Jan-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि जुड़ गई है। बीजापुर जिले के दूरस्थ ग्राम बकनागुलगुड़ा में निर्मित नवीन प्राथमिक शाला भवन का पूजा-अर्चना के साथ भव्य उद्घाटन हो गया। यह क्षण न केवल विद्यालय परिवार, बल्कि संपूर्ण ग्रामवासियों के लिए ऐतिहासिक एवं उल्लासपूर्ण रहा। ग्रामीणों ने नवीन विद्यालय भवन को क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त किया।
वर्षों तक झोपड़ी में संचालित यह प्राथमिक विद्यालय अब एक सुसज्जित, सुरक्षित एवं पक्के भवन में संचालित होगा। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। बच्चों में शिक्षा के प्रति ललक बढ़ेगी। यह परिवर्तन शासन-प्रशासन द्वारा शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने का प्रमाण है।
गौरतलब है कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत अंदरूनी एवं दूरस्थ अंचलों में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना का तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है। जहां एक ओर ग्रामीणों के आवश्यक दस्तावेज सरलता से बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों से वंचित शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को धरातल पर साकार किया जा रहा है। बकनागुलगुड़ा के प्राथमिक शाला का यह नवनिर्मित भवन शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान-वाणिज्य शिक्षा को बढ़ावा देने साय सरकार की विशेष पहल

16-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के प्रति रुचि बढ़ाने एवं शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से शासन द्वारा विशेष पहल शुरू की गई है।
सरकार द्वारा आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत दुर्ग एवं जगदलपुर में 500-500 सीटर विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केंद्र स्थापित किए गए है। जिससे इन विशेष शिक्षण केंद्रो के माध्यम से इन वर्गाे के विद्यार्थियों को विशेष अवसर मिल रहा है। 
आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 से शुरू की गई इस योजना के तहत स्नातक स्तर पर गणित एवं विज्ञान विषय हेतु 80-80 सीटें और वाणिज्य विषय हेतु 40 सीटें आरक्षित हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान हेतु 80 तथा वाणिज्य हेतु 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। बी.एड. कार्यक्रम के लिए कुल 200 सीटें स्वीकृत हैं। 500 स्वीकृत सीटों में 80 प्रतिशत सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं । अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में चयनित विद्यार्थियों को शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाने वाली प्री.बी.एड. और टी.ई.टी. परीक्षा हेतु मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में अब प्रवेश और चयन के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के माध्यम से रुचि और भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में विज्ञान-वाणिज्य विकास केन्द्र दुर्ग में 452 बालिकाओं ने प्रवेश लिए थे। इसी प्रकार विज्ञान वाणिज्य विकास केन्द्र जगदलपुर में 168 बालकों ने प्रवेश लिया था। इस वर्ष विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या 49 रही। 
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 473 और बालक केन्द्र जगदलपुर में 199 हो गई, जबकि विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या इस वर्ष 10 रही। वही वर्ष 2025-26 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में 477 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ, वहीं बालक शिक्षण केन्द्र जगदलपुर में 275 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
राज्य शासन की इस पहल से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के न केवल विज्ञान और वाणिज्य विषयों में रुचि में वृद्धि हो रही है, बल्कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के योग्य विद्यार्थियों को शिक्षकों के रूप में विशेष अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनके करियर और सामाजिक विकास दोनों को मजबूती मिल रही है।

 


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