रायपुर। ( शोर संदेश ) आरंग के पास महानदी पुल पर 7 जून को गौ-तस्करी के शक में हुई कथित मॉब लिंचिंग के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी प्रमुख एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया गया है। चालान पेश होने के बाद अब अदालत में मुकदमा शुरू हो जाएगा।
तनय लूनिया युवकों के उस ग्रुप का लीडर था, जो गौवंश से भरे ट्रक का पीछा कर रहे थे। यह पीछा रात में किया गया था और कुछ घंटे बाद पुल के नीचे सहारनपुर (यूपी) के दो युवकों चांद मियां और गुड्डू खान के शव मिले, जबकि तीसरा युवक सद्दाम गंभीर रूप से घायल पाया गया था। सद्दाम की भी एक हफ्ते बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि गौवंश से भरे ट्रक का पीछा किया गया था और पुल पर मारपीट भी हुई थी। जांच के मुताबिक, मारपीट और धमकी से डर कर संभवतः तीनों ने पुल से छलांग लगाई होगी, लेकिन तीनों पथरीली सतह पर गिरे। इसके बाद से माब लिंचिंग की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
माब लिंचिंग की आशंका को देखते हुए एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने एसआईटी का गठन किया था। मौतों के मामले में दफा 308 का केस रजिस्टर किया गया था। एसआईटी ने लगभग 15 दिन तक सारे सबूतों की पड़ताल के बाद गिरफ्तारियां शुरू की थीं।
एसआईटी प्रमुख एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि तफ्तीश जारी रहेगी और बाद में अन्य आरोपियों का पता चलेगा, तो उनकी भी गिरफ्तारी कर पूरक चालान पेश किया जा सकता है।
हर्ष मिश्रा - बैजनाथपारा, रायपुर से गिरफ्तार।
राजा अग्रवाल - पिथौरा से गिरफ्तार।
मयंक शर्मा - महासमुंद से गिरफ्तार।
नवीन ठाकुर - महासमुंद से गिरफ्तार।
तनय लूनिया - घटना का मुख्य आरोपी, तीन दिन पहले गिरफ्तार।