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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग को भारत के अवसंरचना इतिहास का ‘स्वर्ण अध्याय’ बताया

09-Jun-2026

नई दिल्ली। (शोर संदेश)केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला सुरंग परियोजना को भारत के अवसंरचना विकास के इतिहास में ‘स्वर्ण अध्याय’ बताया है। मंगलवार को जोजिला सुरंग से जुड़े कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने कहा कि 14 किलोमीटर लंबी यह सुरंग लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के लिए जीवन रेखा साबित होगी। यह सुरंग साल भर हर मौसम में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करेगी, जो पहले बर्फबारी के कारण कई महीनों तक कट जाता था।

https://x.com/nitin_gadkari/status/2064289159183802401?s=20
जोजिला सुरंग की खासियतें
– देश की सबसे महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में से एक
– 3,000 मीटर की ऊंचाई पर शून्य से नीचे तापमान में निर्माण
– लगभग 80% स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी
– वैश्विक सुरक्षा मानकों के अनुरूप निर्माण
गडकरी ने परियोजना में लगे इंजीनियरों, श्रमिकों और एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सुरंग चुनौतीपूर्ण भू-भाग और कठिन मौसम में भी सफलतापूर्वक बनाई गई है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जोजिला सुरंग कश्मीर और लद्दाख के बीच निरंतर संपर्क सुनिश्चित करके पर्यटन, व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आवागमन को मजबूती देगी।
इसी के साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लद्दाख में कई नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की:
– लेह साउथ बाईपास (48 किमी) – ₹1,000 करोड़
– लेह नॉर्थ बाईपास (7.6 किमी) – ₹200 करोड़
– फातु ला ट्विन-ट्यूब सुरंग (2.6 किमी) – काम तीन महीने में शुरू
– टेला पास सुरंग – ₹3,500 करोड़, अंतिम DPR चरण में, अगले साल मार्च तक टेंडर संभावित
– श्रीनगर-गुमरी सड़क का चौड़ीकरण और उन्नयन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हिमालयी क्षेत्र में अवसंरचना विस्तार और दूरस्थ सीमावर्ती इलाकों में साल भर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के अनुरूप उत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।





 

 



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