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पद्म से सम्मानित हुईं सविता पूनिया, हॉकी इंडिया ने दी बधाई

25-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया को पद्म से सम्मानित किए जाने पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सविता को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म से सम्मानित किया।
इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए हॉकी इंडिया ने सविता को भारतीय खेलों की “सच्ची आइकन” बताया। संगठन ने कहा कि यह सम्मान भारतीय हॉकी में एक दशक से अधिक समय तक दिए गए उनके असाधारण योगदान की उचित पहचान है। हॉकी इंडिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “एक सच्चे आइकन के लिए पद्म श्री। भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज खिलाड़ी सविता को भारतीय खेलों में उनके शानदार योगदान के लिए माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से पद्म श्री मिला। एक खिलाड़ी के लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है, जिसने एक दशक से ज्यादा समय तक भारत के गोल पोस्ट की रक्षा की है और अपनी प्रतिभा, साहस तथा नेतृत्व क्षमता से लाखों लोगों को प्रेरित किया है।”
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए सविता ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार और टीम के साथियों की भी है, जिन्होंने पूरे सफर में उनका साथ दिया। सविता ने कहा, “यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। जब मैंने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब कभी नहीं सोचा था कि मेरा सफर इतना लंबा होगा और मुझे इतना बड़ा व्यक्तिगत सम्मान मिलेगा। यह मेरे, मेरे परिवार और मेरी टीम के लिए गर्व का क्षण है।”
अपने करियर के संघर्षों को याद करते हुए सविता ने बताया कि कई बार ऐसे हालात आए जब उन्हें लगा कि शायद उन्हें खेल छोड़ना पड़ेगा, लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। उन्होंने कहा, “मेरे परिवार के समर्थन की वजह से ही मैं हॉकी में बनी रही। आज मेरा पूरा परिवार मेरे साथ है और सभी बेहद खुश हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की होने के नाते, माता-पिता से मिला समर्थन मेरे लिए बहुत खास रहा है।”
सविता ने कहा कि उनका सफर देशभर की युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने युवाओं से धैर्य, समर्पण और कड़ी मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा, “अगर सविता यह कर सकती है तो हमारी बेटियां भी कर सकती हैं। किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए पैशन, डेडिकेशन और सब्र जरूरी है। आज की पीढ़ी जल्दी परिणाम चाहती है, लेकिन खेलों में चुनौतियां और संघर्ष सफर का हिस्सा होते हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।”
भारतीय हॉकी इतिहास की सबसे सफल गोलकीपरों में गिनी जाने वाली सविता ने 20 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने खुद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपरों में स्थापित किया। वर्ष 2025 में वह पीआर श्रीजेश के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर बनीं। यह उपलब्धि उनके लंबे और सफल करियर की गवाही देती है।


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