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  राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

राज्योत्सव पर विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

01-Nov-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ की पहचान देश के धान के कटोरे के रूप में है। यहां की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार कृषि और किसान हैं। किसानों की समृद्धि को प्रदेश के विकास का आधार मानते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते तीन वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, खेती को आधुनिक बनाने और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। बीते तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में धान खरीदी के महत्व को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में लगभग 144.92 लाख मीट्रिक टन और वर्ष 2024-25 में लगभग 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2025-26 में भी लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ। इन तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई और किसानों को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
किसानों के हित में मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को पुनः पंजीयन से छूट दी गई है। उन्हें धान विक्रय के लिए समिति में ऋण पुस्तिका लाने     की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इस वर्ष 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी होगी।

किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,904.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को अब तक 12,267.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।

कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए वर्ष 2024-25 से अब तक 8,567 कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 678 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 46,615 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार हुआ है और किसानों को 201.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। एग्रीस्टैक के माध्यम से 19,751 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी की जा चुकी है और 43 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया है।
दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 29 जिलों के 273 केंद्रों से अरहर, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी कर किसानों को 219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत 94,615 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार और 10 तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी 2025-26 में 16.70 लाख से अधिक किसानों ने बीमा कराया तथा 1 लाख 40 हजार 730 किसानों को 292.43 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया। उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीफ 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 18.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया। कालाबाजारी और जमाखोरी के विरुद्ध भी निरीक्षण एवं कार्रवाई की गई है।
लगभग 40 लाख कृषक परिवारों और 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों वाले छत्तीसगढ़ में कृषि का विकास सीधे ग्रामीण समृद्धि से जुड़ा है। राज्योत्सव के अवसर पर किसानों के हित में किए गए ये प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी, आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक, सिंचाई और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अन्नदाता की खुशहाली, खेती की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

 


स्वास्थ
रायगढ़ जिला अस्पताल में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

रायगढ़ जिला अस्पताल में निःशुल्क कैंसर जांच शिविर, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

24-Oct-2026
रायगढ़।( शोर संदेश ) कैंसर की समय पर पहचान, जांच और उचित उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को किरोड़ीमल शासकीय जिला चिकित्सालय, रायगढ़ में निःशुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित शिविर में रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया। शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर में बताया गया कि कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी हो सकता है। शरीर में गांठ या सूजन, लंबे समय तक ठीक न होने वाला घाव, मुंह में सफेद या लाल धब्बे, बिना कारण वजन कम होना, खून आना या लगातार खांसी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शिविर में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि जायसवाल, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हेमेटोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नवीन जैन तथा सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. रुचिर धाकड़, डॉ.राहुल पाण्डेय, डॉ.सुरेन्द्र पटेल एवं डॉ.उमेश चंद्रा ने मरीजों को परामर्श दिया। चिकित्सकों ने मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार जांच की और जरूरत के मुताबिक आगे की जांच, उपचार के विकल्पों तथा उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी। यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
सिविल सर्जन डॉ.दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने से उपचार की दिशा तय करने में मदद मिलती है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पात्र हितग्राही नियमानुसार उपचार की सुविधा का लाभ ले सकते हैं। कैंसर के उपचार के लिए विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर जांच कराएं और चिकित्सकीय परामर्श लें, ताकि बीमारी की पहचान कर उचित उपचार शुरू किया जा सके। इस अवसर पर  जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

 

जनता
  भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

05-Sep-2026
रायपुर। (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का भी अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार युगों-युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ के महामंत्र से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री साय ने भी भक्तवृंद के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। हमारे गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत है। इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं, वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को समृद्ध करते हैं। राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आस्था हमारे समाज की बड़ी शक्ति है। आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस भावना के साथ राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद छत्तीसगढ़ के लोगों में अपने आराध्य के दर्शन को लेकर अपार उत्साह है। राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जीवन के इस पड़ाव पर तीर्थ दर्शन की उनकी अभिलाषा पूरी होते देखना सरकार के लिए भी संतोष का विषय है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से हमारी विरासत का संरक्षण तो होता ही है, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन बढ़ता है और स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों तथा कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर निर्मित होते हैं। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं।
उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 03 से 05 सितम्बर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारीगण, संतजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
 

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