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पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान

पीएम स्वनिधि योजना से स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान

13-Jun-2026
 रायपुर,  (शोर संदेश) कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है। 
कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है। 
योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं। 
पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।






 

स्वास्थ
     रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स रायपुर में राष्ट्रीय ऑन्कोलॉजी शिखर सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ का आयोजन करेगा

रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स रायपुर में राष्ट्रीय ऑन्कोलॉजी शिखर सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ का आयोजन करेगा

12-Jun-2026
रायपुर (शोर संदेश) मध्य भारत के अग्रणी स्वास्थ्य संस्थानों में से एक, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स, रायपुर, अपने प्रमुख शैक्षणिक ऑन्कोलॉजी सम्मेलन ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ का आयोजन 13 और 14 जून 2026 को होटल बैबिलोन इंटरनेशनल, रायपुर में करेगा। यह सम्मेलन देशभर से प्रमुख ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य पेशेवरों को एक मंच पर लाएगा, जहाँ कैंसर देखभाल के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और नवाचारों पर चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में भारत के प्रतिष्ठित ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ भाग लेंगे, जो उभरती उपचार पद्धतियों, जटिल क्लिनिकल मामलों और कैंसर के निदान एवं उपचार को पुनर्परिभाषित करने वाले महत्वपूर्ण नवाचारों पर विचार-विमर्श करेंगे।
कैंसर देखभाल में प्रगति केवल चिकित्सा उपलब्धियों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विशेषज्ञता और अनुभव के निरंतर आदान-प्रदान से भी संभव होती है। अपने प्रमुख शैक्षणिक पहल ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ के माध्यम से, रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल्स विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने, बहु-विषयक सहयोग को प्रोत्साहित करने और कैंसर उपचार के मानकों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दो दिवसीय सम्मेलन में वैज्ञानिक सत्र, मुख्य व्याख्यान, बहु-विषयक पैनल चर्चाएँ और केस-आधारित शिक्षण शामिल होंगे। इनमें मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजिकल मैलिग्नेंसी, प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी और रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह आयोजन सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे रोगियों के परिणामों में सुधार हो सके।
सम्मेलन से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए, डॉ. संदीप दवे, प्रबंध निदेशक एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, रामकृष्ण CARE अस्पताल, के साथ डॉ. रवि जायसवाल (वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. मौ रॉय (वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. नवीन जैन (वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट), डॉ. गौरव गुप्ता (वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट) और डॉ. नीरू केरकेट्टा (वरिष्ठ सलाहकार – न्यूक्लियर मेडिसिन) उपस्थित थे।
डॉ. संदीप दवे ने कहा, “भारत में कैंसर देखभाल के क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जो चिकित्सा विज्ञान, तकनीक और व्यक्तिगत उपचार पद्धतियों में प्रगति के कारण संभव हुआ है। साथ ही, बढ़ते कैंसर भार के चलते निरंतर सीखने, सहयोग और बहु-विषयक उपचार की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ देश के अग्रणी ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करता है, जहाँ वे क्लिनिकल अनुभव साझा कर सकते हैं, नवाचारों पर चर्चा कर सकते हैं और कैंसर उपचार के मानकों को आगे बढ़ा सकते हैं। ऐसे शैक्षणिक मंच यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि ज्ञान का सही उपयोग मरीजों के बेहतर परिणामों में हो।”
डॉ. रवि जायसवाल ने कहा, “ऑन्कोलॉजी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। प्रिसिजन मेडिसिन, इम्यूनोथेरेपी, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स और टार्गेटेड थेरपी में प्रगति ने कैंसर के निदान और उपचार की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ चिकित्सकों और विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच होगा, जहाँ वे जटिल क्लिनिकल मामलों पर चर्चा कर सकेंगे और नए उपचार तरीकों से अपडेट रह सकेंगे, जिससे मरीजों के परिणाम बेहतर होंगे।”
विशेषज्ञों ने बताया कि ‘ऑन्कोस्फीयर 2.0’ स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए ज्ञान साझा करने, चुनौतीपूर्ण क्लिनिकल मामलों पर चर्चा करने और कैंसर निदान एवं उपचार के भविष्य को आकार देने वाले नवाचारों का पता लगाने के लिए एक अनूठा मंच साबित होगा।
इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों से ऑन्कोलॉजिस्ट, चिकित्सक, सर्जन, रेडिएशन विशेषज्ञ, स्वास्थ्य पेशेवर और स्नातकोत्तर छात्र बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है।

 

जनता
  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में हुए शामिल

11-May-2026
रायपुर ,(शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित हरिनाम संकीर्तन नामयज्ञ में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने हरिनाम संकीर्तन की परंपरा को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को आध्यात्मिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ समाज में भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देते हैं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

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