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  औद्योगिक नीति 2024-30 से प्रदेश में निवेश और रोजगार को नई गति, अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

औद्योगिक नीति 2024-30 से प्रदेश में निवेश और रोजगार को नई गति, अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

20-Sep-2026
रायपुर ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और जो सक्षम हैं, वे जरूरतमंद लोगों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन जी के इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल सफल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थाेपार्जन के साथ परमार्थ की भावना इस समाज की विशिष्टता रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों, धर्मशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं तथा अनेक जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज निरंतर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आया है।
कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, तब अग्रवाल समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता की। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना हो अथवा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की मदद करना हो, समाज ने सेवाभाव का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जहां व्यापार और उद्योगों का विस्तार हो, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को और अधिक व्यावहारिक एवं जनोपयोगी बनाने में सहायक रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां और बहनें परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई शक्ति प्रदान कर रही है।
उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का एक विशाल संसार है। युवाओं को अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे स्वयं को केवल नौकरी खोजने तक सीमित न रखें, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। 
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की उद्यमशीलता को नई दिशा देने के उद्देश्य से हाल ही में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इससे युवाओं को नई तकनीकों, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं से जुड़ें और अपने अनुभव तथा उद्यमशीलता के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और छोटे उद्यमियों को भी आगे बढ़ने में सहयोग करें। बड़े और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य एवं योग जैसे विषयों को शामिल किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कार्य की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है तथा स्वस्थ समाज ही निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और सम्मानित होने वाली सभी विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को अग्र महाकुंभ-2026 के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कामना की कि अग्रवाल समाज की उद्यमिता, सेवा, सहयोग और परोपकार की गौरवशाली परंपरा इसी तरह निरंतर आगे बढ़ती रहे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अग्र महाकुंभ हमारी सामूहिक चेतना, संगठन शक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और भविष्य की दिशा पर विचार करने का महत्वपूर्ण अवसर है। महाराजा अग्रसेन जी ने जिस सामाजिक व्यवस्था की कल्पना की थी, उसके मूल में समानता, सहयोग, संवेदनशीलता और सहभागिता की भावना थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अग्र महाकुंभ के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ट्रेड फेयर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने मेले में लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उद्यमियों से उनके उत्पादों तथा गतिविधियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मंच से ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में  सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज, बसना विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री अमर अग्रवाल, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित देशभर से अग्रवाल समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय स्तर के अनेक पदाधिकारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्वास्थ
 समय पर हुई पहचान, सफल सर्जरी से जन्मजात हृदयरोग से मुक्त हुआ भाव्यांश

समय पर हुई पहचान, सफल सर्जरी से जन्मजात हृदयरोग से मुक्त हुआ भाव्यांश

19-Sep-2026
​रायपुर,19 सितंबर 2026/ समय पर ली गई एक सही स्वास्थ्य जांच किसी मासूम का पूरा भविष्य संवार सकती है, इसका जीवंत उदाहरण धमतरी के नन्हें भाव्यांश साहू की यह सफलता की कहानी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित 'चिरायु योजना' ने जन्मजात हृदयरोग से जूझ रहे इस बच्चे को न केवल समय पर सही इलाज दिलाया, बल्कि उसके परिवार के जीवन में खुशियों की एक नई रोशनी भी बिखेर दी।
​कहानी की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब शहरी चिरायु टीम धमतरी ने जालमपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में बच्चों के स्वास्थ्य का नियमित परीक्षण किया। जांच के दौरान डॉक्टरों की सजग नजरों ने भाव्यांश में जन्मजात हृदयरोग के लक्षणों को तुरंत पहचान लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने बिना कोई समय गंवाए बच्चे को आगे के उच्च स्तरीय उपचार के लिए सत्य साईं अस्पताल, नया रायपुर रेफर किया और पूरे मार्गदर्शन तथा सहयोग के साथ परिजनों की हिम्मत बढ़ाई।
​अस्पताल में विशेषज्ञों की गहन जांच और परामर्श के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। 31 अगस्त 2026 को भाव्यांश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 2 सितंबर को विशेषज्ञ कार्डियाक सर्जनों की टीम द्वारा उसकी सफल हृदय सर्जरी संपन्न हुई। चिकित्सकों की निरंतर देखरेख और सही देखभाल का ही परिणाम था कि मासूम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आया और 9 सितंबर को उसे पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।
​राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम का मुख्य ध्येय जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात विकृतियों, गंभीर बीमारियों और पोषण संबंधी कमियों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क और सर्वश्रेष्ठ उपचार उपलब्ध कराना है। चिरायु टीम की तत्परता और विशेषज्ञ चिकित्सकों के इस समन्वय से आज भाव्यांश पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट आया है। उसकी खिलखिलाती मुस्कान इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि सरकार की यह संवेदनशील योजना प्रदेश के जरूरतमंद बच्चों के लिए नवजीवन का वरदान साबित हो रही है।
 
जनता
  भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

05-Sep-2026
रायपुर(शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का भी अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार युगों-युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं।
इस अवसर पर मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ के महामंत्र से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री साय ने भी भक्तवृंद के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। हमारे गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत है। इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं, वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को समृद्ध करते हैं। राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आस्था हमारे समाज की बड़ी शक्ति है। आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस भावना के साथ राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद छत्तीसगढ़ के लोगों में अपने आराध्य के दर्शन को लेकर अपार उत्साह है। राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जीवन के इस पड़ाव पर तीर्थ दर्शन की उनकी अभिलाषा पूरी होते देखना सरकार के लिए भी संतोष का विषय है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से हमारी विरासत का संरक्षण तो होता ही है, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन बढ़ता है और स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों तथा कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर निर्मित होते हैं। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं।
उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 03 से 05 सितम्बर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारीगण, संतजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
 

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