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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बागबहार को सौगात, विश्राम गृह निर्माण को मिली मंजूरी

29-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ), 29 सितंबर 2025 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। उनकी घोषणा अनुरूप जिले के बागबहार में विश्राम गृह भवन के निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 1 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि इस कार्य हेतु मंजूरी मिली है, जिसका निविदा प्रक्रिया पूर्ण होते ही निर्माण कार्य जल्द शुरू की जाएगी। 
गौरतलब है कि जिले के फरसाबहार में भी विश्राम गृह निर्माण के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए मंजूरी मिल चुकी है। बागबहार क्षेत्र में लंबे समय से विश्राम गृह की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, अब इस भवन के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी,बल्कि विभिन्न सरकारी-अर्धसरकारी कार्यक्रमों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। लगातार सड़कों, पुल-पुलियों, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में बागबहार को यह सौगात मिली है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बागबहार में विश्राम गृह बनने से क्षेत्र का गौरव बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही सुविधा की कमी पूरी होगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा पर हो रहा है तत्काल अमल
यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा की गई घोषणाओं पर तत्काल अमल हो रहा है। यही कारण है कि जिले में एक के बाद एक विकास कार्यों को मंजूरी मिल रही है और आमजन सीधे तौर पर इसका लाभ मिल रहा है।

संत बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

29-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल देर रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।मुख्यमंत्री साय ने गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।
संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।
बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अनिल थौरानी, ललित जयसिंह, श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।



 

जीएसटी सुधारों से आमजन को मिली बड़ी राहत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

29-Sep-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स "धन्यवाद मोदी जी" कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीएसटी रिफॉर्म्स से आर्थिक क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। जीएसटी दरों में कटौती से 140 करोड़ देशवासियों के जीवन में खुशी आई है। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के पद्मश्री सम्मान प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन व्यापार प्रकोष्ठ, आर्थिक प्रकोष्ठ और व्यवसायी प्रकोष्ठ के तत्वावधान में किया गया था। रायपुर संभाग के छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की भी आयोजन उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी रिफॉर्म्स का निर्णय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा लिया गया ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लगातार ऐसे निर्णय हुए हैं जिनके बारे में यह कहा जाता था कि ये कभी नहीं हो सकते। चाहे वह धारा 370 हटाना हो या ट्रिपल तलाक बिल लाने का निर्णय। इसी कड़ी में जीएसटी रिफॉर्म्स लोगों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं लोगों के बीच जाकर जीएसटी दरों में कटौती से मिले लाभ की जानकारी ले रहा हूँ। पिछले दिनों जब मैं दैनिक जरूरत का सामान खरीद रहे लोगों से मिलने एक मार्ट में गया तो वहां मुझे गृहणियों ने बताया कि इन सुधारों से हमारे किचन के बजट में कमी आई है। जब मुझे गृहणियां प्रत्येक वस्तु के कम हुए दाम बता रही थीं तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी। इन सुधारों से किसानों को बड़ी राहत मिली है। मैं ट्रेक्टर शोरूम भी गया जहां मुझे पता चला कि ट्रैक्टर के दाम में 65 हजार से 1 लाख रुपये की कमी आयी है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रदेश के व्यापारियों का बड़ा योगदान होगा। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को निवेशकों द्वारा बहुत पसन्द किया जा रहा है। अभी मैंने जापान और कोरिया की यात्रा की जहां इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम भी हुए। एशिया महाद्वीप के कई निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश में रुचि दिखाई है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। 
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो जीएसटी सुधार किए हैं वे ‘न भूतो न भविष्यति’ हैं। यह कदम आम आदमी को ताकतवर बना रहा है। जहां एक ओर दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमत कम होने से लोगों को लाभ मिल रहा है तो वहीं देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। जीएसटी रिफॉर्म्स को लेकर जनता की ओर से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया आ रही है। 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री प्राप्त विभूतियों और राष्ट्रीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें जॉन मार्टिन नेल्सन, डॉ राधेश्याम बारले, उषा बारले, डॉ पुखराज बाफना,फुलबासन बाई यादव, शमशाद बेगम, डॉ भारती बंधु, अनुज शर्मा, मदन सिंह चौहान, सबा अंजुम, अजय कुमार मंडावी,हेमचन्द मांझी, पंडी राम, जागेश्वर यादव,  राजेन्द्र प्रसाद, राजेश चौहान,नीता डुमरे शामिल रहे। 
इस अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू,अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससीएल के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी, अखिलेश सोनी, श्रीचंद सुंदरानी, लाभचंद बाफना, यशवंत जैन, नवीन मार्कण्डेय, रमेश ठाकुर, जयंती पटेल, हर्षिता पांडेय, अजय भसीन सहित रायपुर संभाग के छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी उपस्थित थे।









 

उत्तम क्षमा’ से वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

29-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को राजधानी रायपुर में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित मैत्री महोत्सव में शामिल हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित गुरु शरणम् – मैत्री महोत्सव – क्षमादान उत्सव में विधायक राजेश मूणत, जैन समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने मंच पर पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में जैन समाज की पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया तथा आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था के लोगो का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैत्री महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और शुद्धिकरण का पावन अवसर है। भारत की पुण्यभूमि केवल सभ्यता और संस्कृति की जननी ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता की जीवंत प्रयोगशाला भी रही है। यहाँ धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला है।
उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया। हाल ही में मनाए गए क्षमादान पर्व का सार यही है कि ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’—यही बड़प्पन है और यही वसुधैव कुटुम्बकम का वास्तविक संदेश है। जैन धर्म ने इस भावना को सबसे सुंदर और गहन रूप में प्रस्तुत किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज परोपकारी समाज है और इसके सेवा भाव का लाभ छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत के सिद्धांत समरस समाज की आधारशिला हैं। मैं पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज के पावन स्मरण और पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में उन सभी संतों को नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने संयम, तप और साधना से समाज को दिशा दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी का जीवन-दर्शन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सिखाया कि सच्चा धर्म त्याग, सेवा और आत्मसंयम में है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आचार्य जी ने अपने कठोर साधना के अनेक वर्ष यहाँ व्यतीत किए और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधि ली।
साय ने कहा कि जैन धर्म के तीर्थंकरों के दिए आदर्श—अहिंसा परमो धर्मः, अनेकांतवाद, सत्य और संयम—केवल जैन समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आत्मा हैं।
कार्यक्रम में सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष विनोद बड़जात्या ने आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था द्वारा संचालित आचार्य विद्यासागर कल्याण योजना की जानकारी दी और समाज के सभी लोगों से इस योजना से जुड़ने की अपील की। सीआईआई के अध्यक्ष संजय बड़जात्या ने भी सभा को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री साय ने जैन तीर्थों के निर्माण और संरक्षण के लिए मनीष जैन, आयुर्वेद सेवा के लिए विजय गोधा तथा समाज सेवा के लिए सुनील संगोलिया को सम्मानित किया। उन्होंने चांदी पर उत्कीर्ण गुरु-स्मृति तथा आचार्य विद्यासागर द्वारा रचित हाइकू, जिसे चांदी पर उत्कीर्ण किया गया है, का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इनमें सर्वश्री नरेन्द्र जैन, यशवंत जैन, रतनलाल बड़जात्या, सुधीर बाकलीवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल थे।

झारखंड से सीधे जुड़ेगा छत्तीसगढ़, व्यापार और सामाजिक संपर्क को मिलेगा बल

28-Sep-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।

धान का कटोरा छत्तीसगढ़: जीएसटी सुधार से किसानों को सीधी राहत

27-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।
मुख्यमंत्री साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा।
ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।”
जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत
इसके बाद मुख्यमंत्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी। गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।”
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।













 

 


सिलतरा फैक्ट्री हादसा: 6 श्रमिकों की मौत, कई घायल – CM साय ने जताया शोक

27-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश ) । राजधानी रायपुर के सिलतरा स्थित फैक्ट्री में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की मृत्यु हो गई तथा कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।
मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

ओलंपिक खिलाड़ियों को मिलेगा 21 लाख का प्रोत्साहन – सीएम साय की बड़ी घोषणा

27-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान बैठक में वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन, वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट प्रस्तुतिकरण एवं अनुमोदन, वर्ष 2025-26 हेतु ऑडिटर की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा पर चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ से ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और निखारने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। हमने पूर्व में बंद हुए खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ किया है और जल्द ही उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान समारोह भी प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया के नए परिसरों की शुरुआत की गई है। कुछ महीने पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का भी छत्तीसगढ़ आगमन हुआ था, जहां हमने उनसे खेल अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। विशेषकर ओलंपिक खेलों को लेकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु हमने विशेष तैयारी की है। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेताओं को तीन करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है। स्वाभाविक रूप से इससे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि खेलों का बजट बढ़ाया जाए और कॉरपोरेट क्षेत्र की सहभागिता को भी प्रेरित किया जाए। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2036 में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ओलंपिक खेलों के लिए भारत की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है और अहमदाबाद शहर को इसके लिए प्रस्तावित किया गया है। स्वाभाविक रूप से केंद्र सरकार का पूरा ध्यान देश में खेलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर है, ताकि एक दशक के भीतर हम खेलों के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभर सकें। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी हमें राष्ट्रीय स्तर के खेलों के आयोजन हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री एवं संघ के उपाध्यक्ष केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर ओलंपिक जैसी खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई है, जिससे सुदूर वनांचल की खेल प्रतिभाओं को एक सुनहरा मंच मिला है।
इस अवसर पर सचिवीय प्रतिवेदन का वाचन महासचिव विक्रम सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी, गजराज पगारिया एवं कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा सहित खेल संघ से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

जनता की सेवा ही प्रशासनिक अधिकारियों का धर्म: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

26-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में  ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
 

व्यक्तिगत स्वार्थ से परे किया हर कार्य है राष्ट्रसेवा : मुख्यमंत्री साय

25-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। हमारे प्रदेश में भी एक लाख से अधिक विद्यार्थी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। आज जिन स्वयंसेवकों को उनके श्रेष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जा रहा है, उन्हें हम हार्दिक बधाई देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय यह माना जाता था कि स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग देना ही राष्ट्रसेवा है। आज जब देश स्वतंत्र हो चुका है, तो राष्ट्रसेवा का अर्थ है सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना समग्र योगदान देना। एनएसएस के स्वयंसेवक इस दिशा में बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रसेवा का स्वरूप समझाते हुए कहा कि जब हम एक पेड़ लगाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। जब हम किसी को अस्पताल तक पहुँचाते हैं तो राष्ट्रसेवा करते हैं। किसी की आर्थिक मदद करना, किसी को पढ़ने-लिखने में सहयोग करना भी राष्ट्रसेवा ही है। हर कार्य जो हम अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से परे होकर करते हैं, वही सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। उन्होंने कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक पूरे मनोयोग से सेवा करते रहें और शिक्षा के प्रचार-प्रसार में योगदान दें ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों में रोजगार देने वाले उद्यमियों को सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस निवेश से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल दूसरों की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी की भावना को आकार देने का माध्यम भी है। युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ही समाज और राष्ट्र की असली पूंजी है। एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से सेवा कार्य कर रहे हैं, वह हमारी युवा शक्ति का परिचायक है। स्वच्छ भारत अभियान की सफलता में एनएसएस स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और विकसित भारत क्विज कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, सभी जिलों के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आए स्वयंसेवक उपस्थित थे।



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