नई दिल्ली।(शोर संदेश) युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय (एमसीए) ने प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना के पात्रता मानदंडों का विस्तार किया है। अब स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकेंगे।
अंतिम वर्ष के छात्रों को मिलेगा उद्योग का अनुभव
प्रधानमंत्री प्रशिक्षण योजना (पीएमआईएस) के तहत यह बदलाव छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही शीर्ष कंपनियों में सशुल्क प्रशिक्षण का अवसर देगा। इससे उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी।
18-25 वर्ष के युवा कर सकेंगे आवेदन
18 से 25 वर्ष की आयु के पात्र छात्र पीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, उन्हें योजना के मौजूदा पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
एनओसी अनिवार्य, संस्थान से लेनी होगी अनुमति
आवेदन के दौरान छात्रों को अपने शिक्षण संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जमा करना होगा। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षण से उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों को मिलेगा बल
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के उस उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, जिसमें कौशल विकास, उद्योग से जुड़ाव और शिक्षा से रोजगार में सुगम बदलाव पर जोर दिया गया है।
रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर फोकस
योजना के जरिए छात्रों को समस्या-समाधान, संचार, टीमवर्क और अनुकूलन क्षमता जैसे जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा, जो आधुनिक कार्यस्थल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हर महीने मिलेगी वित्तीय सहायता
पीएमआईएस के तहत चयनित प्रशिक्षुओं को प्रति माह कम से कम 9,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहयोग भी मिलेगा।
300 से ज्यादा कंपनियां दे रहीं अवसर
योजना के पायलट चरण में 300 से अधिक कंपनियां भाग ले रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। फिलहाल इसका तीसरा चरण जारी है।
शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी होगी कम
इस पहल का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि छात्र डिग्री पूरी करते ही नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।