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ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई क्षमता, विपक्ष अफवाह फैलाने में व्यस्त था: पीएम मोदी

04-Jul-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और प्रयास भारी पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पैदा हुए संकट के बावजूद भारत ने दूरदर्शिता, प्रभावी रणनीति और कूटनीतिक प्रयासों के दम पर स्थिति का सफलतापूर्वक सामना किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर 21वीं सदी के नए भारत की इच्छाशक्ति और भारत के प्रयास भारी पड़े हैं।” उन्होंने कहा कि भारत ने समय रहते संकट का आकलन किया, सही फैसले लिए, संसाधनों का संतुलित उपयोग किया और कूटनीतिक शक्ति का सकारात्मक इस्तेमाल कर इस चुनौती से पार पाया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ ताकतें सार्वजनिक रूप से अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थीं। उन्होंने कहा, “उस समय किस स्तर पर दिन-रात काम हो रहा था, किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था, वह मेहनत, प्रयास, धैर्य और नीतिगत व कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए संवेदनशील कदम इतिहास में दर्ज होंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी करीब 60% एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें से लगभग 90% आपूर्ति खाड़ी देशों से होर्मुज मार्ग के जरिए होती थी। युद्ध के कारण यह आपूर्ति लगभग बाधित हो गई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने संकट शुरू होते ही रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दिया और औद्योगिक गैस बनाने वाली रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन के लिए तैयार किया। इसके परिणामस्वरूप सात दिनों के भीतर एलपीजी उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिन रिफाइनरियों ने पहले कभी एलपीजी का उत्पादन नहीं किया था, उन्हें भी इसके लिए तैयार किया गया। साथ ही रसोई गैस पर दबाव कम करने के लिए बड़े पैमाने पर पीएनजी कनेक्शन दिए गए और कम समय में 11 लाख से अधिक घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि संकट के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हालात ऐसे थे कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2,000 रुपए तक पहुंच सकती थी और कई विशेषज्ञ भी यही अनुमान लगा रहे थे। लेकिन सरकार के प्रयासों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर अभी भी 950 रुपए से कम में उपलब्ध है, जबकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को यह 650 रुपए से भी कम कीमत पर मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि दो दिन पहले सरकार ने वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी कटौती की है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बालोतरा में लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़क, रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली ट्रांसमिशन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न परियोजनाएं शामिल हैं। 



 


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