सचिन पायलट के आगे कुआं, पीछे खाई! उपमुख्यमंत्री का क्या होगा अगला कदम?
जयपुर (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश में पर्याप्त संख्याबल के साथ सरकार बनाने के बावजूद आपसी बगावत की वजह से सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस पार्टी अब राजस्थान में उलझ गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावत के बाद अशोक गहलोत सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री पद के लिए बगावत का रास्ता अपनाया है, लेकिन सबके मन में यही सवाल है कि क्या मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी कांग्रेस सत्ता गंवा देगी? लेकिन हम आपको बता दें कि सवाल जितना सीधा है। उसका जवाब उतना ही जटिल है। 00 क्या मध्य प्रदेश का फॉर्मूला अपनाएंगे सचिन पायलट? : मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की संख्या में अंतर काफी कम था. दूसरी तरफ राजस्थान में कांग्रेस के पास 107 सीटें तो भाजपा के 75 विधायक हैं. 200 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए भाजपा को कांग्रेस पार्टी के करीब 50 विधायकों से इस्तीफा दिलवानी पड़ेगी, जो किसी भी सूरत में आसान नहीं है. सचिन पायलट खुद यह दावा कर रहे हैं कि उनके पास 30 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में अगर वह अपने समर्थक विधायकों से इस्तीफा दिलवाते हैं तो भी बात नहीं बनेगी. Also Read - देश में आर्थिक संकट पर शरद पवार बोले- भारत को इस समय एक मनमोहन सिंह की जरूरत
00 सचिन पायलट के सामने क्या है विकल्प? : कांग्रेस पार्टी ने दावा किया है कि सचिन पायलट की बगावत के बावजूद अशोक गहलोत सरकार के पास पर्याप्त बहुमत है. रविवार देर रात कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडे ने कहा कि 109 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समर्थन किया है. दूसरी तरफ बगावत पर आमदा सचिन पायलट का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर सभी लोग कयास लगा रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि सचिन भाजपा के साथ जा सकते हैं. लेकिन यह आसान नहीं है. भाजपा का स्थानीय नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे क्या उनको स्वीकार करेगी. क्या भाजपा सचिव को सीएम पद देगी. ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब जानने के लिए इंतजार करना होगा.