रायपुर (शोर संदेश) वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई किये जाने से विचाराधीन बंदीयों को जेल से न्यायालय लाने की आवश्यकता नही पड़ी। विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभिरक्षाधीन अभियुक्तों के कुल 86 प्रकरण सुनवाई में लिये गये, उक्त प्रकरणों में कुल 106 बंदी विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए और कुल 14 प्रकरणों में गवाहों के बयान दर्ज कराये गये, जिसमें विचाराधीन बंदीयों ने जेल के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में रहकर अपने प्रकरण की कार्यवाही में भाग लिया तथा न्यायाधीश, अधिवक्तागण एवं गवाह ने न्यायालय कक्ष में उपस्थित रहकर कार्यवाही में भाग लिया। जिला न्यायालय एवं बाह्य न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई के लिए प्रत्येक न्यायालय में माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के द्वारा ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के अंर्तगत वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा के लिए आवश्यक संसाधन, उपकरण उपलब्ध कराये गये है। जेलों में भी इस के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष बनाये गये हैं। इससे जेल में बंद बंदियों के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किए जाने की व्यवस्था की गई है। न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई किये जाने से विचाराधीन बंदियों को न्यायालय में लाये बिना उन्हें सुनवाई में उपस्थित रहने का मौका मिलेगा तथा उन्हे न्यायालय लाने एवं ले जाने में लगने वाला व्यय, उनकी सुरक्षा में लगने वाले पुलिस बल की बचत होगी तथा न्यायालयों में विचाराधीन बंदियों को नहीं लाये जाने पर न्यायालीन कार्यवाही बाधित होने वाली स्थिति से बचा जा सकेगा तथा प्रकरण का शीघ्र निराकरण होगा। भविष्य में इसी प्रकार दिन नियत किया जाकर नियमित रूप से वीडियो कांफ्रेंसिंग की जावेगी, जिसे बाद मे पूर्णतः वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया जावेगा। गत दिवस 1 अगस्त को इसी प्रकार प्रदेश भर के न्यायालयों में विचाराधीन बंदियों के आपराधिक प्रकरणों की सुनवाई की गई है।