नई दिल्ली, ( शोर संदेश )। केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत 2018 से तपेदिक (टीबी) के 1.35 करोड़ मरीजों को कुल 4,322 करोड़ रुपए की पोषण सहायता दी गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ (राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम) को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।
पटेल ने कहा कि 1 अप्रैल 2018 से शुरू की गई निक्षय पोषण योजना का उद्देश्य टीबी मरीजों को इलाज के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत सभी अधिसूचित टीबी मरीजों को प्रति माह 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। पहले यह सहायता 500 रुपए प्रति माह थी।
उन्होंने बताया कि निक्षय मित्र पहल के तहत सितंबर 2022 से अब तक 20.3 लाख टीबी मरीजों को कुल 45.66 लाख खाद्य टोकरियां वितरित की गई हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल समुदाय-संचालित है, जिसमें व्यक्ति, संस्थान और गैर-सरकारी संगठन ‘निक्षय मित्र’ के रूप में टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण, नैदानिक तथा व्यावसायिक सहायता सहित अतिरिक्त सहयोग प्रदान करते हैं। यह सहायता मरीजों को अपना इलाज पूरा करने, जेब से होने वाले खर्च को कम करने और 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मंत्री ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक नए दृष्टिकोण को लागू किया जा रहा है, ताकि बिना पहचाने रह जाने वाले टीबी मामलों और टीबी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके तथा नए संक्रमणों को रोका जा सके। इस दृष्टिकोण में संवेदनशील आबादी की पहचान, सीने के एक्स-रे से जांच, सभी संदिग्ध मामलों के लिए न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (NAAT), शीघ्र और उचित उपचार की शुरुआत, उच्च जोखिम श्रेणी के मरीजों के लिए विभेदित देखभाल, पोषण सहायता और घरेलू संपर्कों व पात्र आबादी के लिए निवारक उपचार शामिल हैं।